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मेरे पूरे देश में बसे परिवारजनों को राम नवमी की अनंत शुभकामनाएं।

Metroheadlines मार्च 26, 2026 0

मेरे पूरे देश में बसे परिवारजनों को राम नवमी की अनंत शुभकामनाएं। त्याग, तप और संयम से परिपूर्ण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जीवन हमें हर परिस्थिति का पूरी शक्ति से सामना करने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श अनंत काल तक मानवता और भारतवासियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। मैं कामना करता/करती हूं कि प्रभु श्रीराम की कृपा से सभी का कल्याण हो और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि का मार्ग प्रशस्त हो।

 

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MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

  Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में?   Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं.    मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में.   मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ?   मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए.    'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी.   पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी.    नवरात्र के दूसरे दिन खास योग!   चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है.   धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है.    मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)   नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें.   मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है.    मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)   या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥   इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है.  माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.    मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.    ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)   जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी।   रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

ये हैं सबसे गलत और खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, आयुर्वेद में भी है इनका जिक्र

  Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है   Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए.      क्या कहता है आयुर्वेद?     आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.     किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?     kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं.   गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया.     किन चीजों का सेवन करना चाहिए?     आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.  

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देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी? सरकार ने बताया कितने दिनों का बचा भंडार

  🛢️ भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं: सरकार ने अफवाहों पर लगाया विराम     देश में हाल के दिनों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) की सप्लाई को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। कुछ पोस्ट्स में दावा किया जा रहा था कि आने वाले समय में ईंधन की भारी कमी हो सकती है, जिसके चलते लोगों में चिंता और घबराहट का माहौल बनता दिखा। इस स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित, स्थिर और नियंत्रण में है। न केवल मौजूदा स्टॉक पर्याप्त है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भी कोई संकट नहीं है।     📊 सप्लाई की स्थिति: क्या है जमीनी हकीकत?   सरकार के अनुसार, भारत में सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है। देशभर में चल रही आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से काम कर रही है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से उत्पादन कर रही हैं सप्लाई चेन (transportation & logistics) सुचारू रूप से संचालित हो रही है पेट्रोल पंपों पर स्टॉक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है LPG सिलेंडर की डिलीवरी में कोई बाधा नहीं है इसका मतलब साफ है कि आम जनता को ईंधन को लेकर घबराने या अतिरिक्त स्टॉक करने की जरूरत नहीं है।     🚫 अफवाहों का सच: क्यों फैल रही हैं गलत खबरें?   मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने के लिए एक “कोऑर्डिनेटेड कैंपेन” चलाया जा रहा है। संभावित कारण: सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट – बिना पुष्टि के लोग खबरें शेयर कर रहे हैं पैनिक बायिंग (घबराहट में खरीदारी) – अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगते हैं भ्रामक वीडियो और मैसेज – पुराने या एडिट किए गए वीडियो को नए हालात से जोड़कर फैलाया जाता है सरकार का मानना है कि ऐसे कैंपेन का उद्देश्य लोगों में डर और अस्थिरता पैदा करना होता है।     🧠 जनता के लिए सरकार की अपील   मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी से व्यवहार करें और अफवाहों पर विश्वास न करें। क्या करें: ✔ केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें ✔ सोशल मीडिया पर आने वाली खबरों की पुष्टि करें ✔ बिना जांचे कोई मैसेज या पोस्ट शेयर न करें क्या न करें: ❌ पेट्रोल या LPG का अनावश्यक स्टॉक न करें ❌ फर्जी खबरें फैलाने वालों का समर्थन न करें ❌ डर के माहौल में निर्णय न लें     ⛽ भारत की ऊर्जा सुरक्षा कितनी मजबूत है?   भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं में से एक है, लेकिन इसके बावजूद देश ने अपनी सप्लाई चेन को मजबूत बनाया है। प्रमुख कारण: विभिन्न देशों से क्रूड ऑयल आयात मजबूत रिफाइनिंग क्षमता रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Reserves) डिजिटल सप्लाई मॉनिटरिंग सिस्टम इन सभी कारणों से भारत किसी भी आपात स्थिति में भी ईंधन की कमी से निपटने में सक्षम है।     🌍 क्या अंतरराष्ट्रीय हालात का असर पड़ सकता है?   अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है। युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव या उत्पादन में कमी जैसे कारण कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सप्लाई रुक जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि: वर्तमान में कोई सप्लाई संकट नहीं है भविष्य के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है भारत ने वैकल्पिक स्रोतों को भी मजबूत किया है   📦 LPG सप्लाई पर विशेष अपडेट   एलपीजी को लेकर भी लोगों में चिंता देखी जा रही थी, खासकर घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर। मंत्रालय ने बताया: LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है डिलीवरी सिस्टम सुचारू रूप से काम कर रहा है किसी भी क्षेत्र में कमी की सूचना नहीं है इसलिए उपभोक्ताओं को बुकिंग या डिलीवरी को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।     ⚠️ अफवाहों का असर: क्यों खतरनाक है पैनिक?   अफवाहें केवल भ्रम ही नहीं फैलातीं, बल्कि असली समस्या भी पैदा कर सकती हैं। संभावित नुकसान: पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ सप्लाई सिस्टम पर दबाव जरूरतमंद लोगों को परेशानी बाजार में कृत्रिम संकट का माहौल यानी, अगर लोग अफवाहों पर विश्वास करके ज्यादा खरीदारी करते हैं, तो असली समस्या खुद पैदा हो सकती है।     📢 सरकार की रणनीति   सरकार ने ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं: लगातार निगरानी (Monitoring) राज्यों के साथ समन्वय सप्लाई चेन की रियल-टाइम ट्रैकिंग अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई  

Metroheadlines मार्च 26, 2026 0

मेरे पूरे देश में बसे परिवारजनों को राम नवमी की अनंत शुभकामनाएं।

दो तरह के मौसम कहीं बादल तो कहीं तपिश, 38 डिग्री के पार पारा,27-28 मार्च को फिर बदलेगा मिजाज

आरजीपीवी की कैंटीन में स्टूडेंट को परोस दी छिपकली:कर्मचारी ने बताया शिमला मिर्च का टुकड़ा; छात्रों ने वीडियो बनाया, प्रबंधन से जांच की मांग

भोपाल नगर निगम की बैठक में गोमांस पर हंगामा नेता प्रतिपक्ष-महापौर में हुई नोंक झोंक, बीजेपी पार्षदों ने भी जताया विरोध ?

  भोपाल नगर निगम की बैठक में गोमांस पर हंगामा         भोपाल नगर निगम की बैठक में गोमांस को लेकर हंगामा चल रहा है। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने गोमांस और स्लॉटर हाउस पर पहला प्रश्न किया। इस पर एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने जवाब दिया। इस दौरान महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोंक-झोंक हुई।   बीजेपी के सीनियर पार्षद सुरेंद्र बाडिका और विलास राव घड़गे ने भी गोमांस के मुद्दे पर विरोध जताया। सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे है।       विपक्ष की नेता शबिस्ता जकी ने गोमांस का मुद्दा उठाया।     पुराने वादे अधूरे, आज फिर नए होंगे आज पुराने अधूरे वादों के बीच भोपाल ‘शहर सरकार’ फिर नए वादे करेगी। भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग में करीब 3500 करोड़ रुपए का बजट पेश होगा। इसमें शहर के विकास से जुड़े कई मुद्दे रखे जाएंगे, जबकि पिछले 2 साल से किए जा रहे 7 हेरिटेज गेट, गीता भवन बनाने जैसे वादे अब भी अधूरे हैं।   1 साल में सिर्फ दो हेरिटेज गेट के लिए भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे और होशंगाबाद रोड पर भूमिपूजन हुआ है। इधर, गोमांस, नई बिल्डिंग और लोकायुक्त की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष की जिम्मेदारों को घेरने की रणनीति है।   मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था।     इन मुद्दों पर भी प्रदर्शन की तैयारी इस बार बजट मीटिंग में 3 बड़े मुद्दे छाए रह सकते हैं। इनमें गोमांस, नई बिल्डिंग और लोकायुक्त की हाल ही हुई कार्रवाई शामिल हैं। निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने के मामले में पिछली बैठक में भी कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया था।   वहीं, लिंक रोड नंबर-2 पर 40 करोड़ रुपए से बनी नई बिल्डिंग की अधूरी तैयारियों के बीच शुरुआत होने, बिल्डिंग से गिरकर एक बुजुर्ग की मौत होने का मामला भी गरमाएगा।     मेट्रो स्टेशन के नीचे पार्किंग नहीं है। इनके नीचे पार्किंग का प्रस्ताव बैठक में लाया जाएगा।     14 पार्किंग का मुद्दा भी आएगा बैठक में 14 नई पार्किंग को लेकर प्रस्ताव आएगा। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रस्तावित की गई है। जहां 40 फोर व्हीलर और 250 टू व्हीलर्स खड़े किए जा सकेंगे। 16 मार्च को हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। अब परिषद में यह प्रस्ताव आएगा। पार्किंग को लेकर निगम ने पुलिस की भी सहमति ली है।   जानिए पिछले बजट में क्या था…   भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स में 10% का इजाफा, जलकर में 15 फीसदी की बढ़ोतरी पिछले बजट में परिषद ने जल, प्रॉपर्टी और ठोस एवं अपशिष्ट पर टैक्स बढ़ाने के साथ कुछ ऐसे फैसले भी लिए थे, जिन्होंने सबको चौंका दिया था। शहर सरकार ने जनता पर टैक्स का बोझ डाला था तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि यानी, पार्षद, एमआईसी मेंबर, अध्यक्ष और महापौर की सालाना निधि दोगुनी कर दी गई थी।   महापौर मालती राय ने सिटी बसों के लिए महापौर स्मार्ट पास शुरू करने की घोषणा की थी, जो एक साल में भी शुरू नहीं हो पाई। भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की बढ़ोतरी की गई। इससे भोपाल के पौने 3 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं।

Metroheadlines मार्च 23, 2026 0

हाई-प्रोटीन डाइट शौकीन असलम का जेल में वजन घटा:22 घंटे की रिहाई के बाद NSA में दोबारा जेल भेजा गया; नई पहचान बंदी नंबर 500

भोपाल में कटारा हिल्स में आग, लेट पहुंची दमकल:रजाई-गद्दे की दुकान में घटना; 20 फीट तक ऊपर उठी आग की लपटें

हुमायूं कबीर वाली सीट पर किसे मिला मौका ममता बनर्जी

ट्रंप की धमकी नहीं आई काम, होर्मुज पर किसी ने नहीं दिया साथ, गुस्से में बोले- 'मुझे किसी की जरूरत नहीं'

  US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू के भरोसे ईरान से जंग शुरू की थी, लेकिन अब इजरायल के अलावा कोई देश उनकी मदद नहीं कर रहा. मानो जैसे वो भीड़ में अकेले पड़ गए हैं.     अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों पर भड़ास निकाली है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रही जंग में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा सुरक्षित और खोलने के लिए वॉरशिप भेजने की अपील की, लेकिन ज्यादातर देशों ने मना कर दिया. ट्रंप ने कहा, 'हमें किसी की जरूरत नहीं. हम दुनिया का सबसे मजबूत राष्ट्र हैं. हमारी मिलिट्री सबसे ताकतवर है.'     सहयोगी देशों को चेतावनी देते हुए बिफरे ट्रंप ट्रंप ने बताया कि उन्होंने करीब 7 देशों से बात की और उनसे वॉरशिप भेजने को कहा, ताकि तेल के जहाज सुरक्षित गुजर सकें, लेकिन जर्मनी, स्पेन, इटली जैसे देशों ने साफ मना कर दिया. ब्रिटेन ने भी शुरू में दो एयरक्राफ्ट कैरियर देने से इनकार किया था, बाद में जंग खत्म होने के बाद ऑफर किया, जिसे ट्रंप ने ठुकरा दिया.   ट्रंप ने कहा, 'मैं कुछ मामलों में ये इसलिए कर रहा हूं कि देखूं वो कैसे रिएक्ट करते हैं. मैं सालों से कहता आ रहा हूं कि अगर हमें कभी उनकी जरूरत पड़ी तो वो नहीं आएंगे.' उन्होंने NATO पर भी निशाना साधा और कहा कि अगर सहयोगी मदद नहीं करेंगे तो NATO का भविष्य 'बहुत बुरा' होगा.   ट्रंप ने ब्रिटेन पर हैरानी जताई और कहा कि उन्होंने शुरू में मदद नहीं की, लेकिन जंग खत्म होने के बाद ऑफर किया, 'मैंने कहा, जंग खत्म होने के बाद मुझे कैरियर की जरूरत नहीं.'   हॉर्मुज की क्या स्थिति है? स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्ता है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल गुजरता है. ईरान ने जंग शुरू होने के बाद इसे बंद कर दिया है. ईरान ने 15 से ज्यादा जहाजों पर हमले किए हैं, जिससे तेल के जहाजों का आना-जाना लगभग बंद हो गया है. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने कहा है कि स्ट्रेट बंद रहेगा. ईरानी मिलिट्री ने चेतावनी दी कि तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं.     आखिर यह जंग कितनी लंबी चलेगी? ट्रंप ने पहले कहा था कि जंग जल्द खत्म होगी, लेकिन इस हफ्ते नहीं. अब वो सहयोगियों पर दबाव डाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका अकेले ही अपनी नेवी से जहाजों को एस्कॉर्ट करेगा. कुछ देशों से बात चल रही है, लेकिन ज्यादातर 'कम उत्साही' हैं. ट्रंप ने कहा, 'मैं उन पर हार्ड सेल नहीं करता, क्योंकि मेरा एटीट्यूड है, हमें किसी की जरूरत नहीं.'   ये सब 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़ा हमला 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' किया. इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और कई बड़े अधिकारी मारे गए. ईरान ने जवाब में इजरायल और अमेरिकी बेस पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए, जिससे जंग पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गई.

Metroheadlines मार्च 17, 2026 0

LPG Crisis In MP: अब गांवों में 45 दिन बाद LPG सिलेंडर की बुकिंग, रसोई गैस पर नया नियम!

ईरान पर जारी अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मुज्तबा खामेनेई और नईम कासिम को लेकर उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि कुछ अप्रत्याशित घटनाएं होंगी.

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Metroheadlines मार्च 20, 2026 0

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