करियर और शिक्षा

कभी भी जारी हो सकता है 10वीं-12वीं रिजल्ट पर बड़ा अपडेट

  UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 2026 जल्द जारी हो सकता है. जिन्हें छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाकर चेक कर सकते हैं   उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है. माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश जल्द ही कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 2026 जारी करने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट मुताबिक बोर्ड ने रिजल्ट की तैयारी पूरी कर ली है और इसे इस सप्ताह कभी भी घोषित किया जा सकता है. ऐसे में छात्रों और अभिभावकों की नजर अब सिर्फ रिजल्ट डेट और टाइम पर टिकी हुई है. नतीजे आने के बाद उन्हें upmsp.edu.in पर देखा जा सकेगा.   मीडिया रिपोर्ट्स और बोर्ड सूत्रों के अनुसार, कॉपियों की जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. करीब डेढ़ लाख शिक्षकों ने लाखों कॉपियों का मूल्यांकन किया है. इसके साथ ही स्कूलों द्वारा इंटरनल और प्रैक्टिकल मार्क्स भी पहले ही अपलोड किए जा चुके हैं.अब रिजल्ट पूरी तरह तैयार है और 22 से 25 अप्रैल के बीच किसी भी दिन इसे जारी किया जा सकता है.     एक साथ जारी होंगे 10वीं और 12वीं के रिजल्ट   हर साल की तरह इस बार भी 10वीं और 12वीं दोनों क्लास के रिजल्ट एक साथ जारी होने की संभावना है. रिजल्ट की घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए की जाएगी, जिसमें टॉपर्स लिस्ट और पास प्रतिशत जैसी जानकारी भी साझा की जाएगी.   कहां जारी होगा रिजल्ट? upmsp.edu.in upresults.nic.in   कैसे चेक करें UP Board Result 2026 सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं. “UP Board 10th Result 2026” या “UP Board 12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें. अपना रोल नंबर और स्कूल कोड दर्ज करें. सबमिट बटन पर क्लिक करें. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. भविष्य के लिए इसे डाउनलोड या प्रिंट कर लें.

Metroheadlines अप्रैल 21, 2026 0
बिहार बोर्ड ने बढ़ाई इंटर कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन की तारीख, नंबर बढ़वाने का आखिरी मौका

  Bihar Board 12th Compartment Exam 2026 : इस साल 12वीं बोर्ड की परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक हुई थी. जिसमें कुल 13.17 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया.     Bihar Board 12th Compartment Exam 2026 : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक जरूरी अपडेट जारी किया है. इस साल 12वीं बोर्ड की परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक हुई थी. जिसमें कुल 13.17 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया, इसमें 6.75 लाख छात्राएं और 6.42 लाख छात्र शामिल थे. 23 मार्च 2026 को रिजल्ट घोषित किया गया और इस साल 85.19 प्रतिशत छात्र पास हुए.   हालांकि, कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो किसी एक या दो विषयों में फेल हो गए या अपने नंबर बढ़ाना चाहते हैं. ऐसे छात्रों के लिए बीएसईबी ने इंटरमीडिएट कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षा का आयोजन किया है. बोर्ड ने अब इन परीक्षाओं के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 कर दिया है.  छात्र अब भी अपना साल बचाने का मौका पा सकते हैं .      कंपार्टमेंटल परीक्षा और विशेष परीक्षा क्या है?   कंपार्टमेंटल परीक्षा उन छात्रों के लिए होती है जो किसी एक या दो विषयों में फेल हो गए हों. इस परीक्षा में बैठकर छात्र अपना साल बचा सकते हैं और पासिंग नंबर हासिल कर सकते हैं. यह छात्रों को दूसरा मौका देती है ताकि उनका अकादमिक करियर प्रभावित न हो. विशेष परीक्षा उन छात्रों के लिए होती है जो किसी कारण के मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए. यह परीक्षा आमतौर पर कंपार्टमेंटल परीक्षा के साथ आयोजित की जाती है. दोनों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपना साल बचाने का मौका देना है.      आवेदन की लास्ट डेट क्या है   बीएसईबी ने आवेदन की लास्ट डेट बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 कर दी है. परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्रों को अपने स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा. बिहार बोर्ड की कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षा के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों को परीक्षा देने के लिए कुल 260 रुपये का शुल्क देना होगा, जबकि कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क अलग से 150 रुपये तय किया गया है.    आवेदन कैसे करें   1. इसके लिए सबसे पहले अपने स्कूल के माध्यम से बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट intermediate.biharboardonline.com पर जाएं. 2. इसके बाद कंपार्टमेंट परीक्षा के लिंक पर क्लिक करें. 3. अब रोल कोड और रोल नंबर जैसी जरूरी जानकारी भरें. 4. जानकारी भरने के बाद तय फीस का भुगतान करें.  5. लास्ट में फॉर्म सबमिट कर दें. 

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
छात्रों का इंतजार खत्म, CBSE बोर्ड 10वीं का रिजल्ट इस तारीख को हो सकता है जारी

  CBSE Board 10th Result 2026 : CBSE जल्द ही कक्षा 10वीं का रिजल्ट जारी कर सकता है. रिपोर्ट्स और बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 10वीं का परिणाम 14 अप्रैल 2026 के आसपास घोषित होने की संभावना है.     CBSE Board 10th Result 2026 : देशभर के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही कक्षा 10वीं का रिजल्ट जारी कर सकता है. रिपोर्ट्स और बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 10वीं का परिणाम 14 अप्रैल 2026 के आसपास घोषित होने की संभावना है. वहीं 12वीं के छात्रों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि उनकी परीक्षाएं अभी जारी हैं और 10 अप्रैल 2026 को खत्म होंगी.     पिछले कुछ सालों में CBSE ने 10वीं और 12वीं के नतीजे एक साथ जारी किए थे, लेकिन इस बार स्थिति अलग है. 10वीं की परीक्षाएं पहले ही खत्म हो चुकी हैं,12वीं की परीक्षाएं अभी चल रही हैं. ऐसे में कॉपियों की जांच में समय लगता है. इसी वजह से बोर्ड पहले 10वीं का रिजल्ट जारी कर सकता है, ताकि छात्र आगे की पढ़ाई समय पर तय कर सकें. तो आइए जानते हैं कि CBSE बोर्ड 10वीं का रिजल्ट किस डायरेक्ट लिंक से चेक करें.      CBSE 10वीं रिजल्ट 2026 ऐसे करें ऑनलाइन चेक   1. CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं. 2. इसके बाद CBSE 10th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें.  3. अब अपना रोल नंबर, जन्म तिथि, स्कूल नंबर और अन्य जानकारी भरें. 4. सभी जानकारी को सही से भरने के बाद Submit  बटन पर क्लिक करें. 5. इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. इसे डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.    DigiLocker से मार्कशीट कैसे डाउनलोड करें?   1. आप अपनी डिजिटल मार्कशीट DigiLocker से भी देख सकते हैं. 2. इसके लिए सबसे पहले DigiLocker वेबसाइट या ऐप खोलें. 3. अब 6 अंकों का एक्सेस कोड, रोल नंबर और स्कूल कोड डालें. 4. इसके बाद OTP से मोबाइल नंबर वेरीफाई करें. 5. वेरिफिकेशन के बाद Issued Documents सेक्शन में जाएं और CBSE 10वीं की मार्कशीट डाउनलोड करें.    बिना इंटरनेट ऐसे देखें रिजल्ट   अगर आपके पास इंटरनेट नहीं है, तो भी आप अपना रिजल्ट SMS के जरिए देख सकते हैं. इसके लिए मैसेज बॉक्स में cbse10 , रोल नंबर, स्कूल नंबर और सेंटर नंबर टाइप करें और 7738299899 पर भेजें. कुछ ही समय में आपके मोबाइल पर रिजल्ट आ जाएगा. 

Metroheadlines अप्रैल 2, 2026 0
बच्चा या टीचर गैरहाजिर तो पैरेंट्स को जाएगा SMS, पंजाब के स्कूलों में 1 अप्रैल से नई व्यवस्था

  Punjab School System: नई व्यवस्था में स्कूल खुलने के बाद तय समय में छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा. जैसे ही छात्र एब्सेंट मार्क होगा, उसी समय पैरेंट्स के मोबाइल पर SMS पहुंच जाएगा.   Punjab school SMS alert system: पंजाब में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार 1 अप्रैल से नया सिस्टम लागू करने जा रही है. इसके तहत अगर कोई छात्र स्कूल नहीं आता है तो उसके माता-पिता को तुरंत एसएमएस के जरिए सूचना मिल जाएगी. खास बात यह है कि यह व्यवस्था सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि टीचर की गैर हाजिरी की जानकारी भी पैरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इस कदम का मकसद स्कूलों में उपस्थित बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है. इस व्यवस्था को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि शिक्षा को मजबूत करने के लिए जवाबदेही जरूरी है. इस दिशा में यह एसएमएस अलर्ट सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जिससे पैरेंट्स को बच्चों की पढ़ाई से सीधी जोड़ा जा सके.     कैसे काम करेगा एसएमएस अलर्ट सिस्टम? नई व्यवस्था के तहत स्कूल खुलने के बाद तय समय में छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा. जैसे ही किसी छात्र को एब्सेंट मार्क किया जाएगा, उसी समय उसके माता-पिता के मोबाइल पर एसएमएस पहुंच जाएगा. अगर कोई छात्र लगातार 2 दिन तक स्कूल नहीं आता तो स्कूल स्टाफ परिवार से सीधे कांटेक्ट करेगा और एब्सेंट रहने का कारण जानने की कोशिश करेगा. इसके लिए ई-पंजाब पोर्टल पर नया हाजिरी मॉड्यूल जोड़ा गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया रियल टाइम में संचालित होगी.     टीचर्स की एब्सेंस पर भी नजर   इस सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें टीचर की अनुपस्थिति पर भी निगरानी रखी जाएगी. अगर कोई टीचर अनुपस्थित रहता है तो उसकी जानकारी भी पैरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इससे स्कूलों में जवाबदेही बढ़ाने और पैरेंट्स का भरोसा मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.     मेगा पीटीएम के जरिए दी गई जानकारी   इस पहल की जानकारी राज्य भर में आयोजित मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान दी गई है. इस कार्यक्रम में करीब 18 लाख से ज्यादा पैरेंट्स ने हिस्सा लिया. पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह ने बताया कि यह देश के सबसे बड़े स्कूल समुदाय जुड़ाव अभियानों में से एक हैं. इस दौरान स्कूलों में सिर्फ रिपोर्ट कार्ड ही नहीं बांटे गए, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही छात्रों के प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी और स्वास्थ्य से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गए. इस नई व्यवस्था में स्कूल के प्रिंसिपल को नोडल अधिकारी बनाया गया है. उनकी जिम्मेदारी होगी कि सभी टीचर समय पर हाजिरी दर्ज करें और पैरेंट्स के मोबाइल नंबर पोर्टल पर सही तरीके से अपडेट रहें. लगातार एब्सेंट रहने वाले छात्रों के मामले में भी स्कूली स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.     यह पहल शिक्षा सुधार की बड़ी योजना का हिस्सा   यह कदम पंजाब सरकार की व्यापक शिक्षा सुधार अभियान का हिस्सा है. इस पहल से सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और प्राइवेट स्कूलों के बराबर लाना है. इसके लिए शिक्षा बजट में भी बड़ा प्रावधान किया गया है और कई नई योजनाएं शुरू की गई है. वहीं इस बदलाव के साथ पंजाब अब उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां स्कूलों में उपस्थिति पर नजर रखने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है.  

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0
राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द, जानें कब और कैसे देखें अपना स्कोर

  RBSE 12th Result 2026: राजस्थान बोर्ड 12वीं के छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है.जल्द ही रिजल्ट जारी किया जाएगा, जिसे छात्र घर बैठे ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट rajresults.nic.in⁠ पर चेक कर सकते हैं.   राजस्थान बोर्ड की 12वीं परीक्षा देने वाले लाखों छात्र इस समय अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.अच्छी खबर यह है कि बोर्ड अब रिजल्ट जारी करने की तैयारी लगभग पूरी कर चुका है और कभी भी परिणाम घोषित किया जा सकता है.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट मार्च के आखिरी दिनों में जारी किया जा सकता है. हालांकि बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई फाइनल तारीख और समय घोषित नहीं किया गया है. ऐसे में छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे ऑफिशियल अपडेट पर नजर बनाए रखें.   कहां चेक कर पाएंगे रिजल्ट? रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इसे ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें राजस्थान बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट  rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाना होगा. वहीं से रोल नंबर डालकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं.     रिजल्ट में क्या जानकारी मिलेगी? जब आप अपना रिजल्ट खोलेंगे तो उसमें आपकी जरूरी जानकारी दी होगी, जैसे आपका नाम, रोल नंबर, हर विषय के नंबर, कुल अंक और पास या फेल का स्टेटस. ध्यान रखें कि ऑनलाइन दिखने वाला रिजल्ट अस्थायी होगा, असली मार्कशीट आपको बाद में स्कूल से मिलेगी.     वेबसाइट स्लो हो तो क्या करें ?  रिजल्ट के दिन एक साथ बहुत सारे छात्र वेबसाइट खोलते हैं, जिससे साइट स्लो हो जाती है या कभी-कभी बंद भी हो जाती है. अगर आपके साथ ऐसा होता है तो घबराने की जरूरत नहीं है, थोड़ी देर बाद फिर से कोशिश करें. ऐसे करें  RBSE 12th Result 2026 रिजल्ट चेक  सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rajresults.nic.in⁠ पर जायें.  वहां “RBSE 12th Result 2026” का लिंक  पर क्लिक करें. इसके बाद अपना रोल नंबर डालें और सबमिट बटन दबाएं. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं.   इस बार क्या खास है? राजस्थान बोर्ड की 12वीं परीक्षाएं इस साल 12 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च तक चली थीं. इस परीक्षा में करीब 9 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया और पूरे राज्य में लगभग 6,170 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. जानकारी के मुताबिक, 10वीं के रिजल्ट के दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने यह संकेत दिया था कि 12वीं के तीनों स्ट्रीम आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के नतीजे 31 मार्च 2026 तक जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर बहुत जल्द रिजल्ट की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा कर सकता है.

Metroheadlines मार्च 30, 2026 0
12वीं के बाद क्या चुनें? ये ट्रेंडिंग कोर्स दिलाएंगे शानदार करियर आप्शन....?

  Best Courses After 12th: 12वीं के रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपने भविष्य को लेकर सोच में पड़ जाते हैं.यहां जानिए 10 ऐसे कोर्स जिनमें एडमिशन लेकर आप अच्छा करियर और बढ़िया सैलरी हासिल कर सकते हैं.   इन दिनों देशभर में 12वीं के बोर्ड रिजल्ट तेजी से जारी हो रहे हैं. जैसे ही रिजल्ट आता है, ज्यादातर छात्रों के मन में यही सवाल होता है कि अब आगे क्या करें. सही कोर्स का चुनाव ही आपके करियर की दिशा तय करता है.आज के समय में सिर्फ पारंपरिक पढ़ाई ही नहीं, बल्कि कई ऐसे नए और हाई डिमांड वाले कोर्स मौजूद हैं जिनमें एडमिशन लेकर छात्र अच्छा भविष्य बना सकते हैं.अगर आपने भी 12वीं पास कर ली है, तो आप इन कोर्स में रजिस्ट्रेशन करके अपने करियर की नई शुरुआत कर सकते हैं.   अगर आपको कंप्यूटर, ऐप या टेक्नोलॉजी में रुचि है तो बीटेक कंप्यूटर साइंस आपके लिए बेहतरीन है. इसमें कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सिखाया जाता है इस कोर्स के बाद आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर या डेटा साइंटिस्ट बन सकते हैं और अच्छी सैलरी पा सकते हैं.   मशीनों और ऑटोमोबाइल में दिलचस्पी रखने वाले छात्रों के लिए बीटेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) शानदार विकल्प है. इसमें मशीन डिजाइन, प्रोडक्शन और टेक्निकल काम सिखाया जाता है. इस कोर्स के बाद ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नौकरी मिल सकती है.   अगर आपका सपना हवाई जहाज या स्पेस टेक्नोलॉजी में काम करने का है, तो बीटेक (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) चुन सकते हैं. इसमें विमान और रॉकेट से जुड़ी पढ़ाई होती है. इस क्षेत्र में करियर बनाकर आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम कर सकते हैं.   मोबाइल, नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कैसे काम करते हैं, यह इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में सिखाया जाता है. 5G और नई टेक्नोलॉजी के चलते इस फील्ड में जॉब के मौके लगातार बढ़ रहे हैं.   अगर आप आईटी फील्ड में जाना चाहते हैं लेकिन इंजीनियरिंग नहीं करना चाहते, तो BCA (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) अच्छा विकल्प है. इसमें प्रोग्रामिंग और वेब डेवलपमेंट सिखाया जाता है. इसके बाद आप सॉफ्टवेयर या ऐप डेवलपर बन सकते हैं.   मैनेजमेंट और बिजनेस में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए BBA (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) बढ़िया है.इसमें मार्केटिंग, फाइनेंस और बिजनेस स्किल्स सिखाई जाती हैं.आगे चलकर एमबीए करके बड़े पदों पर नौकरी पाई जा सकती है.  

Metroheadlines मार्च 26, 2026 0
रिंकू सिंह बने रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर, कितनी मिलेगी सैलरी? जानिए पूरी डिटेल

  Rinku Singh Salary: उत्तर प्रदेश के स्टार क्रिकेटर रिंकू सिंह को रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर पद पर नियुक्त किया गया है. जानिए इस पद पर उनको क्या मिलेगी सैलरी और जिम्मेदारियां क्या होंगी.   उत्तर प्रदेश के उभरते क्रिकेट स्टार रिंकू सिंह को राज्य सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया है. यह फैसला राज्य में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. रिंकू सिंह की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके करियर के लिए बड़ी है, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है.     रिंकू सिंह को मिला बड़ा सरकारी पद   टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह को यह सम्मान मिला है. उनके साथ कुल 14 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया, जो अलग-अलग खेलों से जुड़े हैं.सरकार का यह कदम खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा को पहचान देने का एक प्रयास है. रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का पद ग्रुप-बी गजेटेड कैटेगरी में आता है, जिसे एक सम्मानजनक और जिम्मेदारी भरा सरकारी पद माना जाता है.     क्या होता है रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का काम?   रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का मुख्य कार्य अपने क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना होता है. इसमें जिला और क्षेत्र स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करना, खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग कैंप लगाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है. इसके अलावा स्टेडियम और खेल मैदानों की देखरेख, खेल से जुड़े संसाधनों का प्रबंधन और नई प्रतिभाओं की खोज करना भी इस पद की जिम्मेदारी होती है. प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ यह पद खिलाड़ियों और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है.     कितनी मिलेगी सैलरी?   रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर अच्छी-खासी सैलरी दी जाती है. इस पद पर नियुक्त अधिकारी को लेवल-10 पे स्केल के तहत लगभग 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये तक मासिक वेतन मिलता है. इसके अलावा अनुभव और सेवा अवधि के आधार पर वेतन में वृद्धि भी होती रहती है. कुल मिलाकर यह एक स्थिर और आकर्षक सरकारी नौकरी मानी जाती है.     मिलेंगी ये खास सुविधाएं   इस पद के साथ कई तरह की सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं. इनमें हाउस रेंट अलाउंस , ट्रैवल अलाउंस, मेडिकल सुविधाएं और सरकारी वाहन जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं, जिससे यह पद आर्थिक रूप से भी काफी मजबूत माना जाता है.     खेल क्षेत्र को मिलेगा नया बल   रिंकू सिंह की इस नियुक्ति से उत्तर प्रदेश के खेल क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है. उनके अनुभव और खेल की समझ से युवा खिलाड़ियों को सही दिशा और मार्गदर्शन मिलेगा. इससे प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा और खेलों का स्तर भी सुधरेगा. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को इसका ज्यादा फायदा मिल सकता है.   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह फैसला खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है. इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे. आने वाले समय में ऐसे और फैसले खेलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0
बिना परीक्षा कंडक्टर बनने का मौका, UPSRTC भर्ती में महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर

  यूपी रोडवेज में महिलाओं के लिए बड़ी भर्ती जारी की गई है जिसमें 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका है इच्छुक उम्मीदवार जल्द से जल्द आवेदन कर सकते हैं.     अगर आप 12वीं पास हैं और नौकरी की तलाश कर रही हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है. उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निग ने महिलाओं के लिए कंडक्टर के हजारों पदों पर भर्ती निकाली है.खास बात यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी और चयन सीधे मेरिट के आधार पर किया जाएगा.   कुल पद कितने हैं? इस भर्ती अभियान के तहत कुल 2,584 कंडक्टर पदों को भरा जाएगा. सरकार का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को रोजगार का मौका दिया जाए और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए. यह भर्ती खास तौर पर महिलाओं के लिए रखी गई है ताकि वे आसानी से नौकरी हासिल कर सकें और अपने पैरों पर खड़ी हो सकें.   क्या चाहिए योग्यता? इस नौकरी के लिए आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवार का कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ ही उम्मीदवार के पास CCC  का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है. इसके अलावा एक और जरूरी शर्त यह है कि उम्मीदवार किसी न किसी रूप में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन या कौशल विकास मिशन से जुड़ी होनी चाहिए.   कैसे होगा चयन? इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी.चयन पूरी तरह से मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा, जो कि 12वीं के नंबरों के हिसाब से तैयार होगी. यानी जिन उम्मीदवारों के इंटर में ज्यादा अंक होंगे, उनके चयन के चांस भी ज्यादा होंगे. इससे उम्मीदवारों को तैयारी के तनाव से राहत मिलती है.अगर किसी उम्मीदवार के पास NCC ‘B’ सर्टिफिकेट, NSS सर्टिफिकेट या भारत स्काउट्स एंड गाइड्स में राज्य या राष्ट्रीय स्तर का अवॉर्ड है, तो उन्हें मेरिट में 5% अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा. इससे ऐसे उम्मीदवारों को चयन में बढ़त मिलेगी और उनके सिलेक्शन के मौके और मजबूत हो जाएंगे.   सैलरी कितनी होगी? इस नौकरी में चयनित उम्मीदवारों को 2.16 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा.अगर कोई उम्मीदवार महीने में 22 दिन काम करके 5,000 किलोमीटर की ड्यूटी पूरी करती है, तो उसे 3,000 रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव भी मिलेगा.इसके अलावा कर्मचारियों को EPF  फ्री ट्रैवल पास और नाइट ड्यूटी अलाउंस जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी.    भर्ती प्रक्रिया कैसे होगी? भर्ती को आसान बनाने के लिए विभाग की तरफ से रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे. ये मेले 25 मार्च से 1 अप्रैल के बीच आयोजित होंगे.उम्मीदवार लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, झांसी, गोरखपुर और सहारनपुर जैसे शहरों में जाकर सीधे इसमें भाग ले सकती हैं.   महिलाओं के लिए खास सुविधा परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इस भर्ती में महिलाओं की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है. चयनित उम्मीदवारों को उनके होम डिस्ट्रिक्ट या आसपास के डिपो में ही पोस्टिंग दी जाएगी, ताकि वे अपने परिवार के साथ रहकर आराम से नौकरी कर सकें. यह सुविधा महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी.

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0
इंतजार खत्म होने वाला है, शिक्षा मंत्री ने बताई राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट की तारीख!

  राजस्थान बोर्ड 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है.शिक्षा मंत्री ने कहा कि रिजल्ट 31 मार्च 2026 को जारी किया जा सकता है. जाने कैसे चेक कर सकते रिजल्ट..     माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की तरफ से आज 10वीं क्लास का रिजल्ट जारी किया गया है. ऐसे में अब 12वीं क्लास के छात्र-छात्राओं को रिजल्ट का इंतजार है. रिपोर्ट्स के मुताबिक नतीजे मार्च माह में आ सकते हैं. हालांकि राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से कहा गया है कि 12वीं बोर्ड का रिजल्ट 31 मार्च 2026 को संभव है. नतीजे जल्द जारी हों इसके लिए कार्य किया जा रहा है.   10 वीं के बाद अब 12 वीं के रिजल्ट का इंतजार   इस साल के 10वीं बोर्ड रिजल्ट में सीकर जिले की रहने वाली चेष्टा शर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 99.00 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं और पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है. अब सभी की नजर 12वीं के रिजल्ट पर है. छात्र और अभिभावक दोनों ही इसके जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड इस बार भी रिजल्ट समय पर जारी करेगा, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बिना किसी देरी के हो सके. ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अपडेट्स पर नजर बनाए रखें.   परीक्षा कब हुई थी? राजस्थान बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं इस साल 12 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थीं. परीक्षा खत्म होने के बाद से ही छात्र रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.   रिजल्ट कैसे करें चेक?   सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. “RBSE Result 2026” लिंक पर क्लिक करें. रोल नंबर दर्ज करें. सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा. मार्कशीट डाउनलोड कर लें.   SMS से भी कर सकते हैं चेक  अगर वेबसाइट स्लो चल रही हो या खुल नहीं रही हो, तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. यह तरीका काफी आसान और तेज होता है.इसके लिए छात्र को अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं. नया मैसेज टाइप करें RJ12 <स्पेस> आपका रोल नंबर अब इस मैसेज को 5676750 या बोर्ड द्वारा दिए गए नंबर पर भेज दें.कुछ ही सेकंड में आपके मोबाइल पर रिजल्ट आ जाएगा.   Digi lockerसे भी कर सकते हैं चेक  रिजल्ट सबसे पहले DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या वेबसाइट पर जाएं. अपना मोबाइल नंबर या आधार से अकाउंट लॉगिन/साइनअप करें. “Education” या “Board Results” सेक्शन में जाएं. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) चुनें. अपनी कक्षा सेलेक्ट करें. रोल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करें. आपकी डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी. इसे डाउनलोड या सेव कर लें.  

Metroheadlines मार्च 24, 2026 0
राजस्थान बोर्ड कल जारी करेगा 10वीं क्लास का रिजल्ट, ऐसे कर सकेंगे चेक ?

  राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जल्द जारी होने वाला है. छात्र वेबसाइट, SMS और DigiLocker के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. जानें कैसे करें चेक ?     SMS के जरिए ऐसे पाएं रिजल्ट अगर वेबसाइट स्लो हो जाए या खुल न रही हो, तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं. मोबाइल में मैसेज बॉक्स खोलें और टाइप करें RJ10 स्पेस रोल नंबर. इसे 5676750 या 56263 पर भेज दें. कुछ ही समय में रिजल्ट आपके मोबाइल पर आ जाएगा.   DigiLocker से कैसे चेक करें छात्र DigiLocker ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करके भी अपनी मार्कशीट देख सकते हैं. इसके लिए DigiLocker में लॉगिन करें और RBSE सेक्शन में जाकर 10वीं का रिजल्ट चुनें. यहां से आप अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं.   पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी? RBSE 10वीं परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को हर विषय में और कुल मिलाकर कम से कम 33% अंक लाने जरूरी हैं. इससे कम अंक होने पर छात्र को फेल माना जाएगा.   पिछले साल का रिजल्ट कैसा रहा? पिछले साल यानी 2025 में RBSE 10वीं का रिजल्ट 28 मई को जारी हुआ था. उस साल कुल पास प्रतिशत लगभग 93.03% रहा था. लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा था और उनका पास प्रतिशत ज्यादा था.   अगर फेल हो जाएं तो क्या करें? अगर कोई छात्र एक या दो विषय में फेल हो जाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है. बोर्ड द्वारा कंपार्टमेंट परीक्षा आयोजित की जाती है, जिससे छात्र उसी साल पास हो सकता है.लेकिन अगर दो से ज्यादा विषयों में फेल होते हैं, तो फिर पूरे साल की पढ़ाई दोबारा करनी पड़ सकती है.   क्या री-एवैल्यूएशन का विकल्प है? अगर किसी छात्र को अपने नंबरों पर संदेह है, तो वह रिजल्ट जारी होने के बाद री-एवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकता है. इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध रहती है.

Metroheadlines मार्च 23, 2026 0
SECL में निकली भर्ती, युवा कैंडिडेट्स ऐसे कर सकते हैं अप्लाई, ये है लास्ट डेट

  SECL ने अप्रेंटिसशिप के बंपर पदों पर भर्ती निकाली है, जिसमें युवा बिना किसी फीस के 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैंडिडेट्स कैसे आवेदन कर सकते हैं     साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने अप्रेंटिसशिप के कई पदों पर भर्ती का एलान किया है. खास बात यह है कि इस भर्ती में आवेदन करने के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं रखी गई है, जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा इसमें हिस्सा ले सकते हैं.   इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं. इच्छुक उम्मीदवार 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को अप्रेंटिसशिप पोर्टल nats.education.gov.in पर जाना होगा.   कौन कर सकता है आवेदन   इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है. इसमें कई तरह की योग्यता रखने वाले युवा शामिल हो सकते हैं. अगर आपने 4 साल की इंजीनियरिंग डिग्री की है, या 10वीं के बाद 3 साल का डिप्लोमा किया है, या फिर 12वीं के बाद 2 साल का डिप्लोमा किया है, तो आप इस भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे. इसके साथ ही उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए. उम्र की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी.   कितना मिलेगा स्टाइपेंड   अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को हर महीने स्टाइपेंड भी दिया जाएगा. अलग-अलग पदों के अनुसार यह राशि तय की गई है. ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप के लिए चुने गए उम्मीदवारों को लगभग 12,300 रुपये प्रति माह मिलेंगे. वहीं टेक्नीशियन अप्रेंटिसशिप के लिए चयनित उम्मीदवारों को करीब 10,900 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाएगा.   कैसे होगा चयन   अब सवाल आता है कि चयन कैसे होगा. इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं ली जाएगी. उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर किया जाएगा. सबसे पहले मेरिट लिस्ट तैयार होगी. जो उम्मीदवार इस सूची में जगह बनाएंगे, उन्हें अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद दस्तावेजों की जांच (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) और मेडिकल जांच होगी. इन दोनों चरणों को पूरा करने के बाद ही अंतिम चयन किया जाएगा.   आवेदन कैसे करें   इस भर्ती में आवेदन करने की प्रक्रिया भी आसान रखी गई है. सबसे पहले उम्मीदवारों को NATS 2.0 पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन करके जरूरी जानकारी भरनी होगी और ऑनलाइन आवेदन फॉर्म पूरा करना होगा. सबसे अच्छी बात यह है कि इस भर्ती के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं देनी है. ज्यादा डिटेल्स के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट की मदद ले सकते हैं.  

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0
यूपी बोर्ड में पहली बार स्टेप मार्किंग से मिलेंगे नंबर, 18 मार्च से चेक होंगी कॉपियां

  UP Board Result 2026 Date: यूपी बोर्ड की ओर से 18 मार्च 2026 से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. राज्यभर में बनाए गए 249 केंद्रों पर करीब करोड़ कॉपियों की जांच की जाएगी.   उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद  10वीं और 12वीं की परीक्षाएं खत्म होने के बाद अब लाखों छात्रों को अपने रिजल्ट का इंतजार है. इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मूल्यांकन  प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया है. इस बार बोर्ड ने कॉपियों की जांच में पारदर्शिता और छात्रों को राहत देने के लिए पहली बार स्टेप मार्किंग प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही कॉपियों की चेकिंग भी डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे न सिर्फ गलतियों की गुंजाइश कम होगी बल्कि रिजल्ट भी पहले जारी किया जा सकेगा.   बोर्ड के इस फैसले को छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, खासकर उन छात्रों के लिए जिन्हें गणित और साइंस जैसे सब्जेक्ट में लंबे सवालों और जटिल फॉर्मूलों से डर लगता है. नई व्यवस्था के तहत अब छात्रों की मेहनत को ज्यादा महत्व दिया जाएगा और केवल अंतिम उत्तर के आधार पर पूरे अंक काटने की पुरानी व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है.      18 मार्च से शुरू होगा मूल्यांकन  यूपी बोर्ड की ओर से 18 मार्च 2026 से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. राज्यभर में बनाए गए 249 केंद्रों पर करीब करोड़ कॉपियों की जांच की जाएगी. इसके लिए लगभग 1.5 लाख शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है. बोर्ड का लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक या अप्रैल के पहले सप्ताह तक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए.      क्या है स्टेप मार्किंग?  सिस्टम स्टेप मार्किंग एक ऐसी प्रणाली है जिसमें छात्र की ओर से हल किए गए हर सही स्टेप के लिए अंक दिए जाते हैं. यानी अगर कोई छात्र पूरा उत्तर सही नहीं कर पाता है लेकिन उसने शुरुआत या कुछ स्टेप सही लिखे हैं तो उसे उन स्टेप्स के अनुसार अंक मिलेंगे. उदाहरण के लिए अगर कोई सवाल 5 अंकों का है और उसमें तीन स्टेप सही किए है तो उसे 3 अंक दिए जाएंगे. इससे उन छात्रों को फायदा होगा, जो अंतिम चरण में छोटी सी गलती कर बैठते हैं.      अब डिजिटल तरीके से होगी कॉपियों की जांच  इस बार यूपी बोर्ड ने कॉपियों की जांच प्रक्रिया को भी हाईटेक बना दिया है. उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर सर्वर पर अपलोड किया जाएगा और शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर लॉगिन करके उनकी जांच करेंगे. इस डिजिटल सिस्टम से नंबरों को जोड़ने में गलती से किसी उत्तर का छूट जाना या गलत टोटल जैसी समस्याएं खत्म होगी. साथ ही टीचर की ओर से दिए गए अंक सीधे बोर्ड के डेटाबेस में सेव हो जाएंगे, जिससे रिजल्ट तैयार करने में कम समय लगेगा.   वहीं बोर्ड ने टीचरों को भी निर्देश दिए हैं कि वह मूल्यांकन के दौरान उदारवादी रवैया अपनाएं और छात्रों के हर सही प्रयास को अंक दें. गणित और विज्ञान विषयों में स्टेप मार्किंग लागू की गई है, जबकि भाषा विषयों में ही भाषा संबंधी गलतियों पर ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा की अंग्रेजी माध्यम की कॉपी केवल अंग्रेजी विषय के योग्य शिक्षक ही जांचें.

Metroheadlines मार्च 18, 2026 0
MDS 2026 के लिए आवेदन शुरू, डेंटल पीजी में दाखिले का मौका; 30 मार्च तक करें रजिस्ट्रेशन

  NEET MDS 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और उम्मीदवार 30 मार्च 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं.   डेंटल क्षेत्र में आगे पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अहम खबर है. नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट - मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (NEET MDS 2026) के लिए आवेदन प्रक्रिया अब जारी है. राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (चिकित्सा विज्ञान) ने इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. देशभर के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट nbe.edu.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. बोर्ड के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 14 मार्च से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार तय समय सीमा के भीतर अपना फॉर्म भर सकते हैं.   परीक्षा बोर्ड ने उम्मीदवारों को आवेदन के लिए लगभग दो सप्ताह का समय दिया है. इच्छुक छात्र 30 मार्च 2026 रात 11:55 बजे तक अपना आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें. कई बार आखिरी दिन वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक होने के कारण तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं.   2 मई को होगी परीक्षा   NEET MDS 2026 परीक्षा का आयोजन 2 मई 2026 को किया जाएगा. यह परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में होगी. परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी, जो दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी. इस तरह उम्मीदवारों को सवाल हल करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाएगा. परीक्षा के बाद बोर्ड द्वारा 2 जून 2026 को परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है.   कौन कर सकता है आवेदन   इस परीक्षा में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) से मान्यता प्राप्त संस्थान से बीडीएस (BDS) की डिग्री प्राप्त की हो. इसके अलावा उम्मीदवार के पास DCI या किसी राज्य डेंटल काउंसिल से जारी प्रोविजनल या स्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र होना भी जरूरी है. साथ ही उम्मीदवारों को 31 मई 2026 तक 12 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करनी होगी. तभी वे इस परीक्षा के लिए पात्र माने जाएंगे.  

Metroheadlines मार्च 14, 2026 0
NEET UG 2026: आवेदन फॉर्म में गलती सुधारने का मौका, 14 मार्च तक खुली करेक्शन विंडो; फटाफट करें फॉर्म चेक

  NEET UG 2026 के लिए आवेदन कर चुके छात्रों को अब अपने फॉर्म में सुधार करने का मौका मिल गया है. NTA ने correction window खोल दी है, जो 14 मार्च 2026 रात 11:50 बजे तक खुली रहेगी.जानें   अगर आपने NEET UG 2026 के लिए आवेदन किया है और फॉर्म भरते समय कोई गलती हो गई है, तो आपके लिए राहत भरी खबर है. NTA ने NEET UG 2026 के आवेदन फॉर्म में सुधार करने के लिए करेक्शन विंडो खोल दी है.अब उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने फॉर्म में जरूरी बदलाव कर सकते हैं.   जिन उम्मीदवारों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, वे अब अपने फॉर्म में हुई किसी भी गलती को ठीक कर सकते हैं. कई बार फॉर्म भरते समय जल्दबाजी में या जानकारी सही से न होने की वजह से कुछ गलतियां हो जाती हैं. ऐसे में NTA छात्रों को सुधार का मौका देता है ताकि आगे एडमिशन के समय कोई परेशानी न हो करेक्शन विंडो अभी खुल चुकी है और 14 मार्च 2026 रात 11:50 बजे तक उपलब्ध रहेगी.इसके बाद फॉर्म में किसी भी तरह का बदलाव करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने आवेदन फॉर्म को ध्यान से जांच लें और अगर कोई गलती है तो उसे तुरंत ठीक कर लें.   कब होगी NEET UG 2026 परीक्षा NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। इसी परीक्षा के जरिए देश के मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश मिलता है. NTA के अनुसार, NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की जाएगी. परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा.यह परीक्षा ऑफलाइन यानी पेन और पेपर मोड में आयोजित होगी. देशभर के कई शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, वहीं कुछ केंद्र विदेशों में भी होंगे ताकि वहां रहने वाले छात्र भी आसानी से परीक्षा दे सकें.

Metroheadlines मार्च 13, 2026 0
यूपीएससी की फर्जी रैंक वाला मामला

      बिहार की आकांक्षा के बाद यूपी की शिखा गौतम का भी IAS बनने का दावा फर्जी, UPSC ने खोली पोल   उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से सामने आया है, जब एक छात्रा ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 113 वीं रैंक हासिल करने का दावा किया था, लेकिन प्रशासनिक जांच में यह दावा गलत पाया गया.   यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देश के सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. हर साल रिजल्ट आने के बाद सफल उम्मीदवारों की सफलता की कहानी चर्चा में रहती है. हालांकि, इस बार परीक्षा को लेकर झूठे दावे भी सामने आए हैं जो विवाद का कारण बने हैं. हाल ही में एक मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से सामने आया है, जब एक महिला ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 113 वीं रैंक हासिल करने का दावा किया था, लेकिन प्रशासनिक जांच में यह दावा गलत पाया गया. इससे पहले बिहार में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां आकांक्षा सिंह नाम की महिला ने 301 वीं रैंक मिलने का दावा किया था, जिसे बाद में आयोग ने गलत बताया था.   बुलंदशहर के शिखा गौतम के दावे की खुली पाेल   सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा गौतम ने दावा किया है कि उन्होंने 113 वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन आईएएस के लिए हुआ है. इसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई और स्थानीय स्तर पर उनकी सफलता की खूब चर्चा होने लगी. शिखा को चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की बेटी बताया गया, इस वजह से उनकी कहानी ने लोगों का ध्यान खींचा. कई जगह पर उनका स्वागत किया गया, ढोल नगाड़ों के साथ फुल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया और मीडिया में भी चपरासी की बेटी बनी आईएएस जैसी खबरें चलने लगी. इस बीच दिल्ली की रहने वाली एक दूसरी शिखा ने दावा किया कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 113वीं रैंक उनकी है, उन्होंने इस मामले को लेकर आयोग को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की. इसके बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा और जांच शुरू कराई गई.  

Metroheadlines मार्च 12, 2026 0
पिता के संघर्ष का रंग लाया सपना, यूपी के ने CA परीक्षा में रच दी नई कहानी

  फतेहपुर के छात्र मानस अग्रहरि गुप्ता ने CA परीक्षा में ऑल इंडिया 19वीं रैंक हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया है.   कड़ी मेहनत और बड़े सपनों के साथ अगर कोई आगे बढ़े तो मंजिल दूर नहीं रहती. यूपी के फतेहपुर जिले के एक होनहार बेटे ने यही साबित कर दिखाया है. जिले के मानस अग्रहरि गुप्ता ने ऑल इंडिया चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) परीक्षा में 19वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है.     जैसे ही यह खबर शहर में फैली, मानस के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया. पड़ोसी, रिश्तेदार और समाज के लोग इस सफलता पर खुशी जाहिर करने के लिए उनके घर पहुंचने लगे. हर कोई इस होनहार छात्र की मेहनत और लगन की तारीफ कर रहा है.     पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा मानस की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान माना जा रहा है. उनके पिता महेंद्र गुप्ता भारतीय रेलवे में चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया.   बताया जाता है कि बेहतर पढ़ाई के लिए उन्होंने मानस को दिल्ली में रखकर पढ़ाया ताकि उसे अच्छी तैयारी का मौका मिल सके. पिता की मेहनत और संघर्ष को देखकर ही मानस ने अपने जीवन में कुछ बड़ा करने का फैसला किया. मानस खुद भी मानते हैं कि उनकी इस सफलता में उनके माता-पिता और परिवार का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें पढ़ाई में मुश्किल आती थी, तब परिवार ने उन्हें हिम्मत दी और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

Metroheadlines मार्च 11, 2026 0
गणित के पेपर का QR कोड स्कैन करते ही बज उठा मशहूर गाना, CBSE परीक्षा में सामने आया हैरान करने वाला मामला

  सीबीएसई की 9 मार्च को हुई गणित की परीक्षा के प्रश्नपत्र में दिए गए QR कोड को स्कैन करने पर कुछ छात्रों को पढ़ाई की जानकारी के बजाय गाना सुनाई देने लगा.     बोर्ड परीक्षा का नाम सुनते ही छात्रों के मन में तनाव और तैयारी की चिंता आ जाती है. लेकिन इस बार सीबीएसई की गणित की परीक्षा से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को चौंका भी दिया और हंसी का मौका भी दे दिया. परीक्षा के प्रश्नपत्र में छपे एक QR कोड को स्कैन करने पर पढ़ाई से जुड़ी जानकारी मिलने के बजाय अचानक एक मशहूर अंग्रेजी गाना बजने लगा.   यह अजीब घटना 9 मार्च को आयोजित हुई सीबीएसई की गणित की परीक्षा के बाद सामने आई. कुछ छात्रों ने दावा किया कि प्रश्नपत्र में दिए गए QR कोड को जब उन्होंने मोबाइल से स्कैन किया तो वह सीधे एक पुराने लेकिन बेहद लोकप्रिय गाने पर पहुंच गए. इस गाने का नाम है “Never Gonna Give You Up”, जिसे ब्रिटेन के गायक रिक एस्टली ने गाया है.   परीक्षा के बाद सामने आया मामला   बताया जा रहा है कि परीक्षा खत्म होने के बाद कुछ छात्रों ने सवालों से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देखने के लिए प्रश्नपत्र में दिए QR कोड को स्कैन किया. आमतौर पर ऐसे कोड छात्रों को किसी वेबसाइट या पढ़ाई से जुड़े कंटेंट तक ले जाते हैं, जहां उन्हें सवालों के बारे में और जानकारी मिल सकती है.   लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग ही निकली. छात्रों का कहना है कि जैसे ही उन्होंने कोड स्कैन किया, उनके मोबाइल स्क्रीन पर पढ़ाई से जुड़ा कोई पेज खुलने के बजाय सीधे एक म्यूजिक वीडियो चलने लगा. यह वीडियो उसी मशहूर गाने “Never Gonna Give You Up” का था.

Metroheadlines मार्च 10, 2026 0
रेलटेल में मैनेजर बनने का मौका, योग्य अभ्यर्थियों को 1.80 लाख तक मिलेगा वेतन

रेल मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली कंपनी रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने मैनेजर, डिप्टी मैनेजर और सीनियर मैनेजर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है.जानें आवेदन की प्रक्रिया.     सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे आईटी और टेक्निकल क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है.इस भर्ती के तहत कुल 9 पदों को भरा जाएगा.इस भर्ती की लिए इच्छुक उम्मीदवार  6 अप्रैल तक ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.     रेलटेल की इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 9 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. इनमें डिप्टी मैनेजर (सिस्टम एडमिन) के 3 पद, मैनेजर (डेटाबेस/आईटी) के 4 पद और सीनियर मैनेजर (सिस्टम एडमिन/आईटी) के 2 पद शामिल हैं, यह भर्ती मुख्य रूप से आईटी और तकनीकी क्षेत्र के अनुभवी उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जा रही है.   इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से बीई, बीटेक, एमसीए या एमएससी (इलेक्ट्रॉनिक्स) की डिग्री होना जरूरी है. इसके अलावा उम्मीदवारों के पास संबंधित आईटी क्षेत्र से जुड़े प्रासंगिक तकनीकी सर्टिफिकेट भी होने चाहिए. कंपनी ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे सकती है जिनके पास सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन, डेटाबेस मैनेजमेंट और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा अनुभव हो.   रेलटेल की इस भर्ती में अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग आयु सीमा तय की गई है.डिप्टी मैनेजर पद के लिए उम्मीदवार की आयु 21 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए.वहीं मैनेजर पद के लिए आयु सीमा 23 से 31 वर्ष निर्धारित की गई है. हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी.     इस भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को पदों के अनुसार सैलरी दी जाएगी. डिप्टी मैनेजर पद के लिए वेतन लगभग 40,000 रुपये से 1,40000 हजार रुपये प्रति माह तक हो सकता है, मैनेजर पद के लिए सैलरी 50000 रुपये से 160000 हजार रुपये के बीच तय की गई है. वहीं सीनियर मैनेजर पद पर चयनित उम्मीदवारों को 60000 रुपये से 180000 हजार रुपये तक का मासिक वेतन दिया जा सकता है.इसके अलावा अन्य भत्ते और सुविधाएं भी दी जायेंगी.   रेलटेल भर्ती 2026 में उम्मीदवारों का चयन दो चरणों में किया जाएगा. सबसे पहले उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा या स्किल टेस्ट देना पड़ सकता है, जिसमें तकनीकी ज्ञान और कार्य क्षमता चेक की जाएगी . इसके बाद योग्य उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. अंतिम चयन उम्मीदवार के प्रदर्शन, योग्यता और अनुभव के आधार पर किया जाएगा.     उम्मीदवारों को सबसे पहले रेलटेल की आधिकारिक वेबसाइट https://www.railtelindia.com से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा.इसके बाद फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरकर सभी आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी संलग्न करनी होगी.तैयार किए गए आवेदन फॉर्म को निर्धारित पते पर RailTel Corporation of India Limited Plate-A, 6th Floor, Office Block-2,East Kidwai Nagar,New Delhi – 110023, India डाक के माध्यम से भेजना होगा.

Metroheadlines मार्च 9, 2026 0
न कश्मीर-न हिमाचल और न पश्चिम बंगाल-न झारखंड, UPSC टॉपर्स की लिस्ट में नहीं आ पाए इतने राज्य?

  UPSC Result 2025: न कश्मीर-न हिमाचल और न पश्चिम बंगाल-न झारखंड, UPSC टॉपर्स की लिस्ट में नहीं आ पाए इतने राज्य?   UPSC Result 2025: UPSC 2025 के परिणामों में राजस्थान, बिहार और तमिलनाडु का दबदबा रहा। हालांकि, कश्मीर, हिमाचल, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्य टॉप-10 की सूची में जगह बनाने में नाकाम रहे.   UPSC Result 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)   के 2025 के परिणामों ने एक बार फिर साबित किया है कि सफलता किसी की मोहताज नहीं होती. जहां राजस्थान, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने टॉप-10 की सूची में अपनी धाक जमाई है, वहीं कुछ ऐसे राज्य भी हैं जिनका प्रदर्शन इस बार उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. कश्मीर की वादियों से लेकर हिमाचल की पहाड़ियों तक,कई राज्य ऐसे हैं, जो इस साल टॉपर्स की लिस्ट में सूखे रहे. आइए जानें.    किन राज्यों का दबदबा    इस साल के टॉपर्स की लिस्ट में चुनिंदा राज्यों के उम्मीदवारों ने ही जगह बनाई है. टॉपर्स की लिस्ट में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री, तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम, आकांश धुल्ल (चंडीगढ़), राघव झुनझुनवाला (बिहार), ईशान भटनागर (मध्य प्रदेश), जिन्निया अरोड़ा (दिल्ली), ए. आर. राजाह मोहैदीन (तमिलनाडु), पाक्षल सेक्रेट्री (मध्य प्रदेश), आस्था जैन (उत्तर प्रदेश), उज्ज्वल प्रियंक (बिहार) राज्यों का दबदबा रहा.    वो राज्य जो टॉप-10 की रेस से रहे पूरी तरह बाहर   हैरानी की बात यह रही कि कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, असम-मेघालय  जैसे राज्यों से कोई भी उम्मीदवार टॉप-10 की प्रतिष्ठित सूची में जगह नहीं बना सका. कश्मीर, जिसने पिछले कुछ वर्षों में शाह फैसल और अतहर आमिर जैसे टॉपर दिए थे, इस साल शीर्ष स्तर पर शांत नजर आया.    इसी तरह, पश्चिम बंगाल और झारखंड, जो कभी सिविल सेवा के गढ़ माने जाते थे, उनकी अनुपस्थिति चर्चा का केंद्र बनी हुई है. पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के लिए भी यह साल टॉप-10 के लिहाज से सूखा रहा.   958 सफल उम्मीदवारों में राज्यों की भागीदारी   भले ही ये राज्य टॉप-10 में नहीं आ पाए, लेकिन कुल 958 सफल उम्मीदवारों की पूरी सूची में इन राज्यों का योगदान शून्य नहीं है. आंकड़ों के अनुसार, 180 उम्मीदवारों का चयन आईएएस (IAS), 150 का आईपीएस (IPS) और 55 का आईएफएस (IFS) के लिए हुआ है. इनमें कश्मीर से कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों ने निचली रैंक हासिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है. इसी तरह हिमाचल और बंगाल के कुछ छात्र 900 की सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं, लेकिन शीर्ष 10 में उनकी कमी खली.   बंगाल और झारखंड में कम हो रहा सिविल सर्विस का रुझान?   राज्यों के इस प्रदर्शन से स्पष्ट होता है कि राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश में सिविल सेवा की तैयारी का कल्चर अब भी बहुत मजबूत है. वहीं, बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में छात्रों का रुझान शायद अन्य क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है या तैयारी के स्तर में कहीं कमी रह गई है. यह नतीजे आने वाले समय में इन राज्यों के कोचिंग संस्थानों और अभ्यर्थियों के लिए आत्म-मंथन का संकेत हैं.  

Metroheadlines मार्च 6, 2026 0
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MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

सिनेमा शादी के बाद रश्मिका-विजय जीत रहे लोगों का दिल, अब तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलो को दिया ये बड़ा तोहफा

Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.                                         रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे   न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है.     तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट   दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है.   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था     शादी की रस्में   रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था.     कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन   यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है.     विजय-रश्मिका फिल्म   प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.   

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

T20 World Cup Semifinal Streaming: सेमीफाइनल में होगी भारत और इंग्लैंड की टक्कर, जानें कब-कहां और कैसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग

भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही.   IND vs ENG Semifinal Live Streaming: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. टीम इंडिया ने 1 मार्च को वेस्टइंडीज को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर अंतिम चार में एंट्री की. इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन, जिन्होंने नाबाद 97 रन की बेहतरीन पारी खेली. उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.   भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही. अब सेमीफाइनल में भारत का सामना ग्रुप-2 की टॉपर इंग्लैंड से होने जा रहा है. पहला सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. दोनों मुकाबलों के विजेता 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल खेलेंगे.   IND VS ENG मैच कब और कितने बजे होगा?   भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च, गुरुवार को खेला जाएगा. मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा. यह मुकाबला बेहद हाई-वोल्टेज माना जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमें लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने हैं.   IND VS ENG मैच कहां खेला जाएगा?   यह अहम सेमीफाइनल मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर बड़े मुकाबलों का लंबा इतिहास रहा है और फैंस को एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट की उम्मीद है.   IND VS ENG मैच कहां देखें लाइव?   भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. वहीं ऑनलाइन दर्शक इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकेंगे.   दोनों टीमों के स्क्वॉड   भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा.   इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, जोश टंग और ल्यूक वुड. 

LPG संकट के बीच BJP नेताओं ने गाड़ी से उतारे पार्टी का झंडा! अखिलेश यादव ने किया चौंकाने वाला दावा

LPG संकट के बीच BJP नेताओं ने गाड़ियों से उतारे पार्टी का झंडा! अखिलेश यादव ने किया चौंकाने वाला दावा   देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच भारत में भी एलपीजी सप्लाई को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं. इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है.   उन्होंने दावा किया है कि गैस संकट को लेकर जनता में बढ़ते गुस्से से बचने के लिए बीजेपी नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे तक हटा दिए हैं. उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है.     अखिलेश यादव का बड़ा दावा   कन्नौज से सांसद और सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए.   उन्होंने लिखा कि अगर बीजेपी यह कह रही है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर उनकी पार्टी के मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद और करोड़ों कार्यकर्ता जनता के बीच क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं.   अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, उसके नेता आज जनता से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं.   उनका कहना था कि बीजेपी नेताओं को अपने भूमिगत ठिकानों से बाहर निकलकर जनता के बीच जाना चाहिए और गैस एजेंसियों के माध्यम से लोगों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में मदद करनी चाहिए.     ‘जनता के गुस्से से बचने के लिए झंडे उतारे’   सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे उतार दिए हैं. उन्होंने लिखा कि जब जनता को गैस नहीं मिल रही है तो लोग गुस्से में सवाल पूछ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी नेता जनता के गुस्से से बचने के लिए अपनी पहचान छिपा रहे हैं.   उन्होंने कहा कि अब सवाल यह है कि जनता किसका घेराव करे— बीजेपी नेताओं के घरों का उनके कार्यालयों का या फिर उनकी उन गाड़ियों का जिनसे पार्टी का झंडा हटा दिया गया है.   गैस संकट पर सरकार को घेरा   सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी हमेशा संकट को स्वीकार करने के बजाय उसे नकारने की कोशिश करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी के मुद्दे पर सरकार ने शुरुआत में इनकार किया था, उसी तरह आज एलपीजी और खाद जैसी आवश्यक चीजों की कमी को भी नकारा जा रहा है.   अखिलेश यादव ने कहा कि जब भी किसी जरूरी वस्तु की कमी होती है तो बीजेपी उससे जुड़ी समस्याओं को स्वीकार करने के बजाय आंकड़ों और बयानों के जरिए उसे छिपाने की कोशिश करती है.     कोरोना काल का भी किया जिक्र   अपने बयान में Akhilesh Yadav ने कोरोना महामारी का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना के समय देश में ऑक्सीजन की भारी कमी थी, लेकिन उस समय भी सरकार और बीजेपी नेताओं ने इसे स्वीकार करने में देरी की. उनका कहना था कि अब वही स्थिति गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं के मामले में देखने को मिल रही है.     ‘बीजेपी आपदा में भी कालाबाजारी ढूंढ लेती है’   अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि संकट की स्थिति में भी पार्टी के लोग कालाबाजारी करने के अवसर तलाश लेते हैं.   उन्होंने कहा कि जब जनता संकट में होती है, तब सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह स्थिति को संभाले और लोगों को राहत दे. लेकिन उनके मुताबिक बीजेपी ऐसा करने के बजाय समस्या को ही नकार देती है.     मुफ्त भोजनालय चलाने की मांग   सपा प्रमुख ने कहा कि अगर गैस संकट और महंगाई के कारण लोग भोजन के लिए भी परेशान हो रहे हैं तो बीजेपी और उससे जुड़े संगठनों को आगे आकर मुफ्त भोजनालय चलाने चाहिए.   उन्होंने कहा कि अगर सरकार और उसके समर्थक संगठन जनता की मदद नहीं कर सकते तो कम से कम उन्हें जनता के सामने आने से बचना चाहिए.     अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर?   विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल-गैस सप्लाई से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण कई देशों में ऊर्जा कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है. हालांकि भारत सरकार की ओर से अभी तक किसी बड़े एलपीजी संकट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.     सरकार की ओर से क्या कहा गया   सरकार के सूत्रों के अनुसार देश में एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और तेल विपणन कंपनियां लगातार सिलेंडर की आपूर्ति बनाए हुए हैं. सरकार का कहना है कि कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन की समस्या हो सकती है, लेकिन इसे पूरे देश में गैस संकट कहना सही नहीं होगा.     विपक्ष का हमला जारी   हालांकि विपक्षी दल लगातार महंगाई और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे हैं. समाजवादी पार्टी के अलावा कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी गैस सिलेंडर की कीमतों और सप्लाई को लेकर सवाल उठाए हैं.     यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल   उत्तर प्रदेश में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Akhilesh Yadav का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विपक्ष लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गैस संकट, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे आने वाले समय में यूपी की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं.     सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस   अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि गैस सिलेंडर की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. वहीं बीजेपी समर्थक इसे राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कह रहे हैं कि विपक्ष बेवजह माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है.     जनता की सबसे बड़ी चिंता – महंगाई   राजनीतिक बयानबाजी के बीच आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों को लेकर है. एलपीजी सिलेंडर पहले ही कई शहरों में महंगा हो चुका है और अगर सप्लाई में भी समस्या आती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ सकता है.

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भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

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क्या नीतीश के दिल्ली शिफ्ट के बाद जेडीयू बिहार में दबदबा बरकरार रख पाएगी?