राजस्थान बोर्ड की 12वीं परीक्षा देने वाले लाखों छात्र इस समय अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.अच्छी खबर यह है कि बोर्ड अब रिजल्ट जारी करने की तैयारी लगभग पूरी कर चुका है और कभी भी परिणाम घोषित किया जा सकता है.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट मार्च के आखिरी दिनों में जारी किया जा सकता है. हालांकि बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई फाइनल तारीख और समय घोषित नहीं किया गया है. ऐसे में छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे ऑफिशियल अपडेट पर नजर बनाए रखें.
कहां चेक कर पाएंगे रिजल्ट?
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इसे ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें राजस्थान बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाना होगा. वहीं से रोल नंबर डालकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं.
रिजल्ट में क्या जानकारी मिलेगी?
जब आप अपना रिजल्ट खोलेंगे तो उसमें आपकी जरूरी जानकारी दी होगी, जैसे आपका नाम, रोल नंबर, हर विषय के नंबर, कुल अंक और पास या फेल का स्टेटस. ध्यान रखें कि ऑनलाइन दिखने वाला रिजल्ट अस्थायी होगा, असली मार्कशीट आपको बाद में स्कूल से मिलेगी.
वेबसाइट स्लो हो तो क्या करें ?
रिजल्ट के दिन एक साथ बहुत सारे छात्र वेबसाइट खोलते हैं, जिससे साइट स्लो हो जाती है या कभी-कभी बंद भी हो जाती है. अगर आपके साथ ऐसा होता है तो घबराने की जरूरत नहीं है, थोड़ी देर बाद फिर से कोशिश करें.
ऐसे करें RBSE 12th Result 2026 रिजल्ट चेक
इस बार क्या खास है?
राजस्थान बोर्ड की 12वीं परीक्षाएं इस साल 12 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च तक चली थीं. इस परीक्षा में करीब 9 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया और पूरे राज्य में लगभग 6,170 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. जानकारी के मुताबिक, 10वीं के रिजल्ट के दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने यह संकेत दिया था कि 12वीं के तीनों स्ट्रीम आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के नतीजे 31 मार्च 2026 तक जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर बहुत जल्द रिजल्ट की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा कर सकता है.
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए. नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं. लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. 41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.
RBSE 12th Result 2026: राजस्थान बोर्ड 12वीं के छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है.जल्द ही रिजल्ट जारी किया जाएगा, जिसे छात्र घर बैठे ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट rajresults.nic.in पर चेक कर सकते हैं. राजस्थान बोर्ड की 12वीं परीक्षा देने वाले लाखों छात्र इस समय अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.अच्छी खबर यह है कि बोर्ड अब रिजल्ट जारी करने की तैयारी लगभग पूरी कर चुका है और कभी भी परिणाम घोषित किया जा सकता है.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट मार्च के आखिरी दिनों में जारी किया जा सकता है. हालांकि बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई फाइनल तारीख और समय घोषित नहीं किया गया है. ऐसे में छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे ऑफिशियल अपडेट पर नजर बनाए रखें. कहां चेक कर पाएंगे रिजल्ट? रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इसे ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें राजस्थान बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाना होगा. वहीं से रोल नंबर डालकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं. रिजल्ट में क्या जानकारी मिलेगी? जब आप अपना रिजल्ट खोलेंगे तो उसमें आपकी जरूरी जानकारी दी होगी, जैसे आपका नाम, रोल नंबर, हर विषय के नंबर, कुल अंक और पास या फेल का स्टेटस. ध्यान रखें कि ऑनलाइन दिखने वाला रिजल्ट अस्थायी होगा, असली मार्कशीट आपको बाद में स्कूल से मिलेगी. वेबसाइट स्लो हो तो क्या करें ? रिजल्ट के दिन एक साथ बहुत सारे छात्र वेबसाइट खोलते हैं, जिससे साइट स्लो हो जाती है या कभी-कभी बंद भी हो जाती है. अगर आपके साथ ऐसा होता है तो घबराने की जरूरत नहीं है, थोड़ी देर बाद फिर से कोशिश करें. ऐसे करें RBSE 12th Result 2026 रिजल्ट चेक सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rajresults.nic.in पर जायें. वहां “RBSE 12th Result 2026” का लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद अपना रोल नंबर डालें और सबमिट बटन दबाएं. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं. इस बार क्या खास है? राजस्थान बोर्ड की 12वीं परीक्षाएं इस साल 12 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च तक चली थीं. इस परीक्षा में करीब 9 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया और पूरे राज्य में लगभग 6,170 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. जानकारी के मुताबिक, 10वीं के रिजल्ट के दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने यह संकेत दिया था कि 12वीं के तीनों स्ट्रीम आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के नतीजे 31 मार्च 2026 तक जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर बहुत जल्द रिजल्ट की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा कर सकता है.
राजस्थान बोर्ड 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है.शिक्षा मंत्री ने कहा कि रिजल्ट 31 मार्च 2026 को जारी किया जा सकता है. जाने कैसे चेक कर सकते रिजल्ट.. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की तरफ से आज 10वीं क्लास का रिजल्ट जारी किया गया है. ऐसे में अब 12वीं क्लास के छात्र-छात्राओं को रिजल्ट का इंतजार है. रिपोर्ट्स के मुताबिक नतीजे मार्च माह में आ सकते हैं. हालांकि राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से कहा गया है कि 12वीं बोर्ड का रिजल्ट 31 मार्च 2026 को संभव है. नतीजे जल्द जारी हों इसके लिए कार्य किया जा रहा है. 10 वीं के बाद अब 12 वीं के रिजल्ट का इंतजार इस साल के 10वीं बोर्ड रिजल्ट में सीकर जिले की रहने वाली चेष्टा शर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 99.00 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं और पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है. अब सभी की नजर 12वीं के रिजल्ट पर है. छात्र और अभिभावक दोनों ही इसके जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड इस बार भी रिजल्ट समय पर जारी करेगा, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बिना किसी देरी के हो सके. ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अपडेट्स पर नजर बनाए रखें. परीक्षा कब हुई थी? राजस्थान बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं इस साल 12 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थीं. परीक्षा खत्म होने के बाद से ही छात्र रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. रिजल्ट कैसे करें चेक? सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. “RBSE Result 2026” लिंक पर क्लिक करें. रोल नंबर दर्ज करें. सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा. मार्कशीट डाउनलोड कर लें. SMS से भी कर सकते हैं चेक अगर वेबसाइट स्लो चल रही हो या खुल नहीं रही हो, तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. यह तरीका काफी आसान और तेज होता है.इसके लिए छात्र को अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं. नया मैसेज टाइप करें RJ12 <स्पेस> आपका रोल नंबर अब इस मैसेज को 5676750 या बोर्ड द्वारा दिए गए नंबर पर भेज दें.कुछ ही सेकंड में आपके मोबाइल पर रिजल्ट आ जाएगा. Digi lockerसे भी कर सकते हैं चेक रिजल्ट सबसे पहले DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या वेबसाइट पर जाएं. अपना मोबाइल नंबर या आधार से अकाउंट लॉगिन/साइनअप करें. “Education” या “Board Results” सेक्शन में जाएं. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) चुनें. अपनी कक्षा सेलेक्ट करें. रोल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करें. आपकी डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी. इसे डाउनलोड या सेव कर लें.
NEET MDS 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और उम्मीदवार 30 मार्च 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं. डेंटल क्षेत्र में आगे पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अहम खबर है. नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट - मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (NEET MDS 2026) के लिए आवेदन प्रक्रिया अब जारी है. राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (चिकित्सा विज्ञान) ने इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. देशभर के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट nbe.edu.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. बोर्ड के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 14 मार्च से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार तय समय सीमा के भीतर अपना फॉर्म भर सकते हैं. परीक्षा बोर्ड ने उम्मीदवारों को आवेदन के लिए लगभग दो सप्ताह का समय दिया है. इच्छुक छात्र 30 मार्च 2026 रात 11:55 बजे तक अपना आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें. कई बार आखिरी दिन वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक होने के कारण तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं. 2 मई को होगी परीक्षा NEET MDS 2026 परीक्षा का आयोजन 2 मई 2026 को किया जाएगा. यह परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में होगी. परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी, जो दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी. इस तरह उम्मीदवारों को सवाल हल करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाएगा. परीक्षा के बाद बोर्ड द्वारा 2 जून 2026 को परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है. कौन कर सकता है आवेदन इस परीक्षा में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) से मान्यता प्राप्त संस्थान से बीडीएस (BDS) की डिग्री प्राप्त की हो. इसके अलावा उम्मीदवार के पास DCI या किसी राज्य डेंटल काउंसिल से जारी प्रोविजनल या स्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र होना भी जरूरी है. साथ ही उम्मीदवारों को 31 मई 2026 तक 12 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करनी होगी. तभी वे इस परीक्षा के लिए पात्र माने जाएंगे.