भोपाल

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
📰 भोपाल में पौधरोपण अभियान: पर्यावरण संरक्षण के लिए बढ़ता जनसहयोग

  मध्यप्रदेश की राजधानी Bhopal में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जहां प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के तहत स्मार्ट सिटी पार्क में पौधे लगाए गए। इस अभियान में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक जनआंदोलन की तरह उभरता नजर आया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।   इस विशेष अवसर पर वक्ताओं और सहभागी नागरिकों ने प्रकृति को “माँ” का दर्जा देते हुए उसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि जिस तरह एक माँ अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी तरह प्रकृति भी हमें जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन प्रदान करती है। ऐसे में उसकी सेवा और सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।   स्मार्ट सिटी पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए, जिनमें फलदार, छायादार और औषधीय पौधे शामिल थे। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के पौधे न केवल पर्यावरण को शुद्ध करने में सहायक होते हैं, बल्कि जैव विविधता को भी बढ़ावा देते हैं। पौधरोपण के साथ-साथ लोगों को पेड़ों की देखभाल और संरक्षण के बारे में भी जागरूक किया गया, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें।   कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि इसे एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में अपनाया जा रहा है। प्रतिदिन पौधरोपण का संकल्प इस बात का प्रतीक है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। यदि हर व्यक्ति प्रतिदिन एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में शहरों और गांवों की हरियाली में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।   भोपाल जैसे तेजी से विकसित होते शहर में इस तरह के अभियान का महत्व और भी बढ़ जाता है। शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण हरित क्षेत्र लगातार कम हो रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण और तापमान में वृद्धि जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में पौधरोपण जैसे प्रयास इन समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।   पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पौधरोपण केवल पर्यावरणीय लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। हरियाली के बीच समय बिताने से तनाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा, पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है।   इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल पौधे लगाएंगे, बल्कि उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करेंगे।   कार्यक्रम के दौरान यह भी अपील की गई कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें और अपने आसपास के क्षेत्रों में पौधरोपण करें। सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा की गई, ताकि इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाया जा सके।   इस तरह के प्रयास यह दर्शाते हैं कि यदि समाज के लोग मिलकर काम करें, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य हासिल करना संभव है। यह पहल न केवल भोपाल, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकती है।   अंततः, यह अभियान एक सकारात्मक संदेश देता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। यदि हर व्यक्ति प्रकृति की सेवा को अपना कर्तव्य समझे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।     प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में पर्यावरण प्रेमियों के साथ पौधा रोपा । अत्यंत प्रसन्नता है कि माँ समान प्रकृति की सेवा के इस महा संकल्प से सभी जुड़ रहे हैं और धरती को हरा-भरा व पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा… pic.twitter.com/qGOR8yxgcQ — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) April 4, 2026

Metroheadlines अप्रैल 4, 2026 0
गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर, भोपाल में पास्ता से लेकर ढाबे की थाली तक सब कुछ हुआ महंगा

  Bhopal LPG Crisis: खाड़ी देशों में अशांति से LPG संकट गहराया है, जिससे कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. भोपाल में रेस्टोरेंट और भोजनालयों ने खाने के दाम 10-30 रुपये तक बढ़ा दिए हैं.   खाड़ी देशों में जारी युद्ध और अशांति के कारण देश में एलपीजी (LPG) का संकट गहराने लगा है. पिछले एक महीने के भीतर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में दो बार भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. इसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब और खाने-पीने की चीजों पर पड़ रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फास्ट फूड से लेकर सामान्य भोजनालयों की थाली तक सब कुछ महंगा हो गया है.   भोपाल के मशहूर 'सागर गैरे' रेस्टोरेंट सहित कई फूड आउटलेट्स पर खाने-पीने के दाम बढ़ा दिए गए हैं. सैंडविच, पास्ता से लेकर सूप तक, मेन्यू में शामिल लगभग हर आइटम पर 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. रेस्टोरेंट संचालकों का स्पष्ट कहना है कि एक ही महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में दो बार हुए इजाफे के कारण उनके पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था.     आम आदमी की 'थाली' भी हुई 30 रुपये तक महंगी   महंगाई की यह आंच सिर्फ फास्ट फूड तक सीमित नहीं है. दोपहर का सस्ता और भरपेट भोजन परोसने वाले भोजनालयों में भी खाना अब महंगा हो गया है. भोपाल के 'शंकर भोजनालय' में खाने की थाली के दामों में 20 से 30 रुपये तक का सीधा इजाफा किया गया है.   जो साधारण थाली पहले 160 रुपये में मिलती थी, वह अब 180 रुपये की हो गई है. जो स्पेशल थाली पहले 180 रुपये की थी, उसके दाम बढ़ाकर 210 रुपये कर दिए गए हैं. इसके अलावा दाल, सब्जी सहित मेन्यू के अन्य सभी आइटम्स के रेट भी बढ़ गए हैं.     ब्लैक में मिल रहे सिलेंडर, आगे और बढ़ सकते हैं दाम   भोजनालय और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी सिर्फ बढ़ी हुई कीमतें नहीं हैं, बल्कि सिलेंडरों की किल्लत भी एक बड़ा मुद्दा है. संचालकों के मुताबिक, बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू नहीं है. इस कारण कई बार उन्हें मजबूरी में ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं. उनका कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में खाने के दाम और भी बढ़ाए जा सकते हैं.     जनता ने समझी संचालकों की मजबूरी   महंगाई की इस मार से आम उपभोक्ता परेशान जरूर हैं, लेकिन वे रेस्टोरेंट और भोजनालय संचालकों की मजबूरी को भी भली-भांति समझ रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि जब सरकार की तरफ से ही कमर्शियल गैस महंगी मिल रही है, तो दुकानदार भी अपनी जेब से नुकसान सहकर कब तक सस्ता खाना खिलाएंगे.

Metroheadlines अप्रैल 2, 2026 0
शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग तेज

  Bhopal News in Hindi: भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन हुआ. अभ्यार्थी पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले भी नवंबर, जनवरी और फरवरी में कई बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं.   मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती 2025 के अभ्यर्थी पद बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार (24 मार्च) को राजधानी भोपाल में बड़ा आंदोलन हुआ.   जानकारी के अनुसार, वर्ग-2 यानी माध्यमिक शिक्षक और वर्ग-3 यानी प्राथमिक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं. 24 मार्च को अंबेडकर पार्क में हजारों अभ्यर्थी जुटकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.   अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर जताया था विरोध   अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में नाममात्र के पद घोषित किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार चयन से बाहर हो गए. इससे पहले भी नवंबर, जनवरी और फरवरी में भोपाल में कई बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं. फरवरी में अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर और मार्कशीट जलाकर विरोध जताया था.   आंकड़ों पर डालें एक नजर कुल स्वीकृत पद: 2,89,005 कार्यरत शिक्षक: 1,74,419 खाली पद: 1,15,678 माध्यमिक शिक्षक रिक्त: 44,546 प्राथमिक शिक्षक रिक्त: 55,626   विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में एक लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली हैं. कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक या दो शिक्षक ही पूरे स्कूल का जिम्मा संभाल रहे हैं. इसके बावजूद अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार पर्याप्त भर्तियां नहीं निकाल रही है.   99 प्रतिशत के बाद भी नहीं हुआ सिलेक्शन- शक्ति सिंह   सुरेंद्र पाठक के अनुसार, 55 जिलों से अभ्यर्थी यहां आए हैं. हमने सरकार पर भरोसा किया था. अब सिर्फ इतना चाहते हैं कि 1 लाख 15 हजार पदों पर भर्ती शुरू हो. वहीं शक्ति सिंह ने कहा कि 99 प्रतिशत से ज्यादा नंबर होने के बाद भी सिलेक्शन नहीं हुआ. पद बहुत कम हैं और इसलिए मजबूरी में खून से पत्र लिखना पड़ रहा है. माया गौड़ ने कहा कि थाली बजाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. परिवार के साथ आए हैं और अब सरकार हमारी सुनवाई करें. अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाए जाएं और जल्द दूसरी काउंसलिंग शुरू की जाए.   खेत गिरवी रखकर की पढ़ाई- नितिन शिवहरे   वर्ग दो के अभ्यर्थी नितिन शिवहरे ने बताया कि हमारी जब तक मांग पूरी न हो यहीं डटे रहेंगे, एक दो लाख के कोर्स बीएड और डीएड करके बैठे हैं. अब यहीं मरेंगे क्योंकि खेत गिरवी रख कर पढ़ाई करवाया, माता-पिता ने कह दिया जाइए. उनके सपने चूर-चूर हो रहे है और हम यहां अब पद वृद्धि लेकर रहेंगे.

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0
Popular post
MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

सिनेमा शादी के बाद रश्मिका-विजय जीत रहे लोगों का दिल, अब तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलो को दिया ये बड़ा तोहफा

Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.                                         रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे   न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है.     तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट   दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है.   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था     शादी की रस्में   रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था.     कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन   यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है.     विजय-रश्मिका फिल्म   प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.   

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

Top week

राज्य/शहर

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

Voting poll

क्या नीतीश के दिल्ली शिफ्ट के बाद जेडीयू बिहार में दबदबा बरकरार रख पाएगी?