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इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर में ठगी, आज़मगढ़ से दो शातिर गिरफ्तार

Metroheadlines मार्च 26, 2026 0
फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

 

Azamgarh News In Hindi: पुलिस ने इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह ने 13 बैंक खातों का इस्तेमाल किया. 

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर में लोगों को ठगने वाले संगठित साइबर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से मोबाइल, एटीएम कार्ड, सिम, बैंक पासबुक और डमी पार्सल समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ है.

 

गुजरात के अहमदाबाद की एक युवती ने 9 मार्च 2026 को ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जांच शुरू की गई. तकनीकी साक्ष्यों और प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर 24 मार्च को कोतवाली क्षेत्र के कोल बाजबहादुर में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

 

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अवन राजभर उम्र 22 वर्ष निवासी ऊंचागांव थाना रानी की सराय और प्रियांशू यादव उम्र 19 वर्ष निवासी शिवरामपुर थाना तहबरपुर के रूप में हुई है.

 

 ऐसे देते थे ठगी को अंजाम

 

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम पर गंगा हिल्स, गंगा क्लॉथ और वेल्साइड क्लोथिंग जैसे नामों से फर्जी पेज बनाते थे. इन पेजों पर सस्ते दाम में आकर्षक प्रोडक्ट दिखाकर ग्राहकों को लुभाया जाता था. इसके बाद व्हाट्सएप बिजनेस के जरिए संपर्क कर ग्राहकों से क्यूआर कोड के माध्यम से एडवांस भुगतान कराया जाता था.

 

भुगतान मिलने के बाद या तो सामान भेजा ही नहीं जाता था या फिर बेहद घटिया क्वालिटी का पार्सल भेजकर ग्राहकों को ब्लॉक कर दिया जाता था. जांच में सामने आया कि गिरोह ने ठगी के लिए 13 बैंक खातों का इस्तेमाल किया और असम, बंगाल, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से कुल 27 शिकायतें इन खातों के खिलाफ दर्ज हैं.

 

 बरामदगी में मिले अहम डिजिटल साक्ष्य

 

पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 550 रुपये नगद, 13 बैंक पासबुक, 1 चेकबुक, 5 एटीएम कार्ड, 9 सिम कार्ड, 30 डमी पार्सल पैकेट और पैकेजिंग सामग्री बरामद की है. मोबाइल फोन की जांच में फर्जी आईडी, चैट और लेन-देन से जुड़े अहम डिजिटलसाक्ष्य भी मिले हैं. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66डी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

 

एसपी ट्रैफिक विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान शॉपिंग पेज या ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें. बिना पुष्टि के किसी भी क्यूआर कोड पर भुगतान न करें और ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं.

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

  Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में?   Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं.    मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में.   मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ?   मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए.    'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी.   पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी.    नवरात्र के दूसरे दिन खास योग!   चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है.   धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है.    मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)   नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें.   मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है.    मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)   या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥   इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है.  माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.    मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.    ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)   जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी।   रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

ये हैं सबसे गलत और खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, आयुर्वेद में भी है इनका जिक्र

  Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है   Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए.      क्या कहता है आयुर्वेद?     आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.     किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?     kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं.   गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया.     किन चीजों का सेवन करना चाहिए?     आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.  

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UP में LPG, पेट्रोल, डीजल के संकट के दावों के बीच CM योगी बोले- मानसिक रूप से तैयार रहें...?

  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के युद्ध के बीच एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के संकट के दावों के दौरान बड़ा बयान दिया है.   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के संकट के दावों पर अपनी बात रखी. सीएम ने कहा कि गल्फ वॉर की अफवाहों के बीच लोग अनावश्यक रूप से रसोई गैस के सिलेंडर लेने के लिए लाइनों में लग रहे हैं.  उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है तो उसका प्रभाव हर व्यक्ति पर पड़ सकता है, इसलिए हमें मानसिक रूप से तैयार रहना होगा और अफवाहों से दूर रहना होगा.   मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई राष्ट्रीय चुनौती सामने आती है तो सरकार और जनता को मिलकर उसका सामना करना चाहिए, यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है, और यदि देशहित में सरकार कोई कदम उठाती है तो हमें उसके लिए भी खुद को तैयार रखना चाहिए.   जरूरत होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने जाएं- सीएम योगी   उन्होंने कहा कि पहले अगर किसी घर में एक सिलेंडर एक महीने चलता था, तो आज लोग पांचवे-छठे दिन ही सिलेंडर लेने क्यों पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब नंबर आएगा तो रजिस्ट्रेशन कराएं, रसोई गैस घर तक पहुंच जाएगी. प्रदेश सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पहले की तरह होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, इसलिए गैस एजेंसियों पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जरूरत होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने जाना चाहिए.   मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि अफवाहों और दुष्प्रचार के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि इससे देश की छवि और हमारी राष्ट्रभक्ति पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारत में स्थिति सामान्य है, नवरात्रि के कार्यक्रम हो रहे हैं और कल रामनवमी का पर्व भी मनाया जाएगा. हालांकि दुनिया में ईरान-इजराइल युद्ध के कारण कई देशों में अस्थिरता और अव्यवस्था का माहौल है, लेकिन भारत में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश सुरक्षित और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है. 

Metroheadlines मार्च 26, 2026 0
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अशोक खरात मामले में बड़ी खबर, महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा

  Rupali Chakankar Ashok Kharat: फर्जी बाबा अशोक खरात को गिरफ्तार किया जा चुका है. उस पर एक महिला से रेप का आरोप है. रुपाली चाकणकर की फर्जी बाबा से नजदीकी का खुलासा हुआ है.   एनसीपी अजीत पवार गुट की नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. नासिक के फर्जी बाबा अशोक खरात कांड उजागर होने और बाबा के साथ नजदीकियों का खुलासा होने के बाद लगातार रुपाली के इस्तीफे की मांग की जा रही थी. खरात की कई नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं. खरात के पास के कई आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं. सीएम देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए इस्तीफे में रुपाली चाकणकर ने कहा कि वो व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे रही हैं.   15 अक्टूबर 2024 को पद पर हुई थी नियुक्ति   अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा, "15 अक्टूबर 2024 को मेरी नियुक्ति महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा के रूप में हुई थी. व्यक्तिगत कारणों के चलते मैं स्वेच्छा से उक्त पद से अपना इस्तीफा इस पत्र के माध्यम से प्रस्तुत कर रही हूं. अब तक आपने मुझ पर जो विश्वास व्यक्त किया और मुझे जो सहयोग प्रदान किया, उसके लिए मैं आपकी एवं सभी सहयोगियों की हृदय से आभारी हूं. भविष्य में भी आपका मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहेगा, ऐसा मुझे विश्वास है. अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मेरे द्वारा प्रस्तुत अध्यक्षा, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग पद से इस्तीफा स्वीकार करने की कृपा करें."   कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या कहा?   अशोक खरात को 'कैप्टन' खरात के नाम से भी जाना जाता है. उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोन्धे ने कहा कि खरात मामले की एसआईटी जांच का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रैंक की महिला पुलिस अधिकारी को करना चाहिए.    बंगाल चुनाव: संजय राउत का बड़ा बयान, 'PM मोदी और अमित शाह को मालूम है कि ममता बनर्जी को...'     'खरात की बातों में आकर रुपाली ने काटी अपनी उंगली'   वहीं उद्धव गुट की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए चाकणकर का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि रुपाली चाकणकर ने खरात की बातों में आकर अपनी उंगली काट ली थी.  अंधारे ने ऐसी तस्वीरें भी दिखाईं जिनमें चाकणकर की अनामिका उंगली पर पट्टी बंधी हुई दिख रही है.    18 मार्च को गिरफ्तार हुआ फर्जी बाबा   अशोक खरात को बुधवार (18 मार्च) को नासिक जिले में एक महिला का तीन साल तक बार-बार यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने दावा किया कि आरोपी ने विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं का शोषण किया. उपायों और सलाह के माध्यम से धनवान भक्तों से पैसे वसूले. एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल पटेल ने शुक्रवार को कहा कि खरात प्रकरण में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

Metroheadlines मार्च 21, 2026 0

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वरिष्ठ IPS अधिकारियों की केंद्र प्रतिनियुक्ति आदेश पर HC में सुनवाई, 18 मार्च तक मांगा जवाब

  प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के आदेश को लेकर दायर याचिकाओं पर नैनीताल स्थित हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. विस्तृत बहस के बाद अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है.   उत्तराखंड कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के आदेश को लेकर दायर याचिकाओं पर नैनीताल स्थित हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में विस्तृत बहस के बाद अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. न्यायालय ने दोनों पक्षों को 18 मार्च तक अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं.   नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान प्रतिनियुक्ति से जुड़े नियमों और पदों की स्थिति पर भी चर्चा हुई. अदालत ने यह जानना चाहा कि राज्य कैडर से इस स्तर के कितने अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार में भेजा जा सकता है और कितने पद स्थायी रूप से राज्य सरकार के अधीन रहते हैं.   आईटीबीपी-बीएसएफ में है आदेश   दरअसल, वर्ष 2005 बैच की आईपीएस अधिकारी नीरू गर्ग को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) पद पर भेजने का आदेश जारी किया गया है. वहीं वर्ष 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है. यह आदेश गृह मंत्रालय की ओर से 5 मार्च 2026 को जारी किए गए थे.     6 मार्च को जारी हुए थे आदेश   केंद्र सरकार के आदेश के बाद उत्तराखंड सरकार ने 6 मार्च 2026 को दोनों अधिकारियों को कार्यमुक्त करने के निर्देश जारी कर दिए थे. हालांकि, इन आदेशों को चुनौती देते हुए दोनों अधिकारियों ने नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और प्रतिनियुक्ति संबंधी आदेशों को निरस्त करने की मांग की.   सुनवाई के दौरान अदालत में यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार में ऐसे कुल 16 पद हैं, जिन पर राज्य कैडर के अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति के आधार पर भेजा जा सकता है. बाकी पद राज्य सरकार के नियंत्रण में ही रहते हैं. अदालत ने इस जानकारी के बाद केंद्र और राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब देने को कहा है कि प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया किन नियमों और प्रावधानों के तहत की गई है.   मामले में लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तिथि तय की है. साथ ही दोनों सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तब तक अपने-अपने पक्ष में सभी आवश्यक दस्तावेज और जवाब अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें.     अगली सुनवाई 18 मार्च को   अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी, जिसमें अदालत सरकारों के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्यवाही तय करेगी. यह मामला प्रशासनिक और सेवा नियमों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Metroheadlines मार्च 17, 2026 0

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