राज्य/शहर

हिंदी / न्यूज़ / राज्य / मध्यप्रदेश ;

गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर, भोपाल में पास्ता से लेकर ढाबे की थाली तक सब कुछ हुआ महंगा

Metroheadlines अप्रैल 2, 2026 0

 

Bhopal LPG Crisis: खाड़ी देशों में अशांति से LPG संकट गहराया है, जिससे कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े हैं.

भोपाल में रेस्टोरेंट और भोजनालयों ने खाने के दाम 10-30 रुपये तक बढ़ा दिए हैं.

 

खाड़ी देशों में जारी युद्ध और अशांति के कारण देश में एलपीजी (LPG) का संकट गहराने लगा है. पिछले एक महीने के भीतर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में दो बार भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. इसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब और खाने-पीने की चीजों पर पड़ रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फास्ट फूड से लेकर सामान्य भोजनालयों की थाली तक सब कुछ महंगा हो गया है.

 

भोपाल के मशहूर 'सागर गैरे' रेस्टोरेंट सहित कई फूड आउटलेट्स पर खाने-पीने के दाम बढ़ा दिए गए हैं. सैंडविच, पास्ता से लेकर सूप तक, मेन्यू में शामिल लगभग हर आइटम पर 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. रेस्टोरेंट संचालकों का स्पष्ट कहना है कि एक ही महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में दो बार हुए इजाफे के कारण उनके पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था.

 

 

आम आदमी की 'थाली' भी हुई 30 रुपये तक महंगी

 

महंगाई की यह आंच सिर्फ फास्ट फूड तक सीमित नहीं है. दोपहर का सस्ता और भरपेट भोजन परोसने वाले भोजनालयों में भी खाना अब महंगा हो गया है. भोपाल के 'शंकर भोजनालय' में खाने की थाली के दामों में 20 से 30 रुपये तक का सीधा इजाफा किया गया है.

 

जो साधारण थाली पहले 160 रुपये में मिलती थी, वह अब 180 रुपये की हो गई है. जो स्पेशल थाली पहले 180 रुपये की थी, उसके दाम बढ़ाकर 210 रुपये कर दिए गए हैं. इसके अलावा दाल, सब्जी सहित मेन्यू के अन्य सभी आइटम्स के रेट भी बढ़ गए हैं.

 

 

ब्लैक में मिल रहे सिलेंडर, आगे और बढ़ सकते हैं दाम

 

भोजनालय और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी सिर्फ बढ़ी हुई कीमतें नहीं हैं, बल्कि सिलेंडरों की किल्लत भी एक बड़ा मुद्दा है. संचालकों के मुताबिक, बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू नहीं है. इस कारण कई बार उन्हें मजबूरी में ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं. उनका कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में खाने के दाम और भी बढ़ाए जा सकते हैं.

 

 

जनता ने समझी संचालकों की मजबूरी

 

महंगाई की इस मार से आम उपभोक्ता परेशान जरूर हैं, लेकिन वे रेस्टोरेंट और भोजनालय संचालकों की मजबूरी को भी भली-भांति समझ रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि जब सरकार की तरफ से ही कमर्शियल गैस महंगी मिल रही है, तो दुकानदार भी अपनी जेब से नुकसान सहकर कब तक सस्ता खाना खिलाएंगे.

Popular post
MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

  Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में?   Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं.    मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में.   मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ?   मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए.    'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी.   पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी.    नवरात्र के दूसरे दिन खास योग!   चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है.   धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है.    मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)   नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें.   मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है.    मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)   या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥   इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है.  माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.    मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.    ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)   जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी।   रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

राज्य/शहर

View more
गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर, भोपाल में पास्ता से लेकर ढाबे की थाली तक सब कुछ हुआ महंगा

  Bhopal LPG Crisis: खाड़ी देशों में अशांति से LPG संकट गहराया है, जिससे कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. भोपाल में रेस्टोरेंट और भोजनालयों ने खाने के दाम 10-30 रुपये तक बढ़ा दिए हैं.   खाड़ी देशों में जारी युद्ध और अशांति के कारण देश में एलपीजी (LPG) का संकट गहराने लगा है. पिछले एक महीने के भीतर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में दो बार भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. इसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब और खाने-पीने की चीजों पर पड़ रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फास्ट फूड से लेकर सामान्य भोजनालयों की थाली तक सब कुछ महंगा हो गया है.   भोपाल के मशहूर 'सागर गैरे' रेस्टोरेंट सहित कई फूड आउटलेट्स पर खाने-पीने के दाम बढ़ा दिए गए हैं. सैंडविच, पास्ता से लेकर सूप तक, मेन्यू में शामिल लगभग हर आइटम पर 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. रेस्टोरेंट संचालकों का स्पष्ट कहना है कि एक ही महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में दो बार हुए इजाफे के कारण उनके पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था.     आम आदमी की 'थाली' भी हुई 30 रुपये तक महंगी   महंगाई की यह आंच सिर्फ फास्ट फूड तक सीमित नहीं है. दोपहर का सस्ता और भरपेट भोजन परोसने वाले भोजनालयों में भी खाना अब महंगा हो गया है. भोपाल के 'शंकर भोजनालय' में खाने की थाली के दामों में 20 से 30 रुपये तक का सीधा इजाफा किया गया है.   जो साधारण थाली पहले 160 रुपये में मिलती थी, वह अब 180 रुपये की हो गई है. जो स्पेशल थाली पहले 180 रुपये की थी, उसके दाम बढ़ाकर 210 रुपये कर दिए गए हैं. इसके अलावा दाल, सब्जी सहित मेन्यू के अन्य सभी आइटम्स के रेट भी बढ़ गए हैं.     ब्लैक में मिल रहे सिलेंडर, आगे और बढ़ सकते हैं दाम   भोजनालय और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी सिर्फ बढ़ी हुई कीमतें नहीं हैं, बल्कि सिलेंडरों की किल्लत भी एक बड़ा मुद्दा है. संचालकों के मुताबिक, बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू नहीं है. इस कारण कई बार उन्हें मजबूरी में ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं. उनका कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में खाने के दाम और भी बढ़ाए जा सकते हैं.     जनता ने समझी संचालकों की मजबूरी   महंगाई की इस मार से आम उपभोक्ता परेशान जरूर हैं, लेकिन वे रेस्टोरेंट और भोजनालय संचालकों की मजबूरी को भी भली-भांति समझ रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि जब सरकार की तरफ से ही कमर्शियल गैस महंगी मिल रही है, तो दुकानदार भी अपनी जेब से नुकसान सहकर कब तक सस्ता खाना खिलाएंगे.

Metroheadlines अप्रैल 2, 2026 0

वाराणसी पहुंचे मध्य प्रदेश के CM मोहन, काशी विश्वनाथ में किए दर्शन

नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़, 8 की मौत, 10 से 12 श्रद्धालु हुए घायल ?

मुंबई एयरपोर्ट पर ₹10 में चाय! Udaan Yatri Café ने यात्रियों को सस्ती और बेहतर सुविधा दी। जानिए पूरी खबर और सरकार की योजना।

🌱 आप भी पौधे लगाइये और धरा को समृद्ध कीजिये। 🌱
माँ कामाख्या की पावन भूमि गुवाहाटी में सांसद भांजी @BansuriSwaraj जी और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री @BJPKKSharma जी के साथ पौधरोपण किया।

  🌱 आप भी पौधे लगाइये और धरा को समृद्ध कीजिये। 🌱     असम की राजधानी गुवाहाटी एक बार फिर सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल का केंद्र बनी, जब यहाँ स्थित पवित्र कामाख्या मंदिर की धरती पर एक विशेष पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सांसद बांसुरी स्वराज और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया।   🌱 धार्मिक आस्था और पर्यावरण का संगम माँ कामाख्या की पावन भूमि न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थान प्रकृति और आध्यात्मिकता के अद्भुत संगम का प्रतीक भी है। ऐसे पवित्र स्थल पर पौधरोपण करना अपने आप में एक गहरी सोच और दूरदृष्टि को दर्शाता है। इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी अभिन्न हिस्सा है।   🌳 पौधरोपण अभियान का उद्देश्य इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना था। आज के समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। ऐसे में इस तरह के अभियान लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं।   सांसद बांसुरी स्वराज ने इस अवसर पर कहा कि “पेड़ लगाना केवल एक कार्य नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास पौधे लगाएं और उनकी देखभाल भी करें।   🌍 पर्यावरण संरक्षण: आज की सबसे बड़ी जरूरत आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की समस्या से जूझ रही है। ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, और प्रदूषण के कारण पृथ्वी का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। भारत जैसे देश में, जहाँ जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, वहाँ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है।   इस संदर्भ में, गुवाहाटी में हुआ यह पौधरोपण अभियान एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक जन आंदोलन का रूप ले सकता है यदि लोग इसे गंभीरता से लें।   🙏 सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व कामाख्या मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस पवित्र स्थल पर पौधरोपण का आयोजन यह दर्शाता है कि धार्मिक स्थान भी पर्यावरण संरक्षण के केंद्र बन सकते हैं।   यह पहल लोगों को यह समझाने में मदद करती है कि प्रकृति की रक्षा करना भी एक प्रकार की पूजा है। जब हम पेड़ लगाते हैं और उनकी देखभाल करते हैं, तो हम न केवल पर्यावरण की रक्षा करते हैं, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी मजबूत करते हैं।   👥 जनभागीदारी की अपील कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने आम जनता से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति साल में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो देश में हर साल करोड़ों नए पेड़ लगाए जा सकते हैं। यह पहल तभी सफल हो सकती है जब इसमें जनभागीदारी हो। केवल सरकार या कुछ संगठनों के प्रयास से पर्यावरण की रक्षा संभव नहीं है। इसके लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।   🌿 युवाओं की भूमिका इस अभियान में युवाओं की भागीदारी को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। आज के युवा देश का भविष्य हैं और वे ही इस तरह के अभियानों को आगे बढ़ा सकते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से इस संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाया जा सकता है। युवाओं को चाहिए कि वे इस तरह के अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने दोस्तों और परिवार को भी इसके लिए प्रेरित करें।   🌏 सतत विकास की दिशा में कदम यह पौधरोपण अभियान सतत विकास (Sustainable Development) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पेड़ न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और जैव विविधता को भी बनाए रखने में मदद करते हैं।   अगर हम आज पेड़ नहीं लगाएंगे, तो आने वाले समय में हमें गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।     माँ कामाख्या की पावन भूमि गुवाहाटी में सांसद भांजी @BansuriSwaraj जी और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री @BJPKKSharma जी के साथ पौधरोपण किया। आप भी पौधे लगाइये और धरा को समृद्ध कीजिये।#OnePlantADay pic.twitter.com/yreMbgIMxG — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 28, 2026

Metroheadlines मार्च 28, 2026 0

'यह वैसा ही जैसे साड़ी की दुकान से.', पेट्रोल- डीजल पर सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी तो ममता बनर्जी ने कसा तंज

UP में LPG, पेट्रोल, डीजल के संकट के दावों के बीच CM योगी बोले- मानसिक रूप से तैयार रहें...?

फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर में ठगी, आज़मगढ़ से दो शातिर गिरफ्तार

शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग तेज

  Bhopal News in Hindi: भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन हुआ. अभ्यार्थी पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले भी नवंबर, जनवरी और फरवरी में कई बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं.   मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती 2025 के अभ्यर्थी पद बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार (24 मार्च) को राजधानी भोपाल में बड़ा आंदोलन हुआ.   जानकारी के अनुसार, वर्ग-2 यानी माध्यमिक शिक्षक और वर्ग-3 यानी प्राथमिक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं. 24 मार्च को अंबेडकर पार्क में हजारों अभ्यर्थी जुटकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.   अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर जताया था विरोध   अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में नाममात्र के पद घोषित किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार चयन से बाहर हो गए. इससे पहले भी नवंबर, जनवरी और फरवरी में भोपाल में कई बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं. फरवरी में अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर और मार्कशीट जलाकर विरोध जताया था.   आंकड़ों पर डालें एक नजर कुल स्वीकृत पद: 2,89,005 कार्यरत शिक्षक: 1,74,419 खाली पद: 1,15,678 माध्यमिक शिक्षक रिक्त: 44,546 प्राथमिक शिक्षक रिक्त: 55,626   विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में एक लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली हैं. कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक या दो शिक्षक ही पूरे स्कूल का जिम्मा संभाल रहे हैं. इसके बावजूद अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार पर्याप्त भर्तियां नहीं निकाल रही है.   99 प्रतिशत के बाद भी नहीं हुआ सिलेक्शन- शक्ति सिंह   सुरेंद्र पाठक के अनुसार, 55 जिलों से अभ्यर्थी यहां आए हैं. हमने सरकार पर भरोसा किया था. अब सिर्फ इतना चाहते हैं कि 1 लाख 15 हजार पदों पर भर्ती शुरू हो. वहीं शक्ति सिंह ने कहा कि 99 प्रतिशत से ज्यादा नंबर होने के बाद भी सिलेक्शन नहीं हुआ. पद बहुत कम हैं और इसलिए मजबूरी में खून से पत्र लिखना पड़ रहा है. माया गौड़ ने कहा कि थाली बजाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. परिवार के साथ आए हैं और अब सरकार हमारी सुनवाई करें. अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाए जाएं और जल्द दूसरी काउंसलिंग शुरू की जाए.   खेत गिरवी रखकर की पढ़ाई- नितिन शिवहरे   वर्ग दो के अभ्यर्थी नितिन शिवहरे ने बताया कि हमारी जब तक मांग पूरी न हो यहीं डटे रहेंगे, एक दो लाख के कोर्स बीएड और डीएड करके बैठे हैं. अब यहीं मरेंगे क्योंकि खेत गिरवी रख कर पढ़ाई करवाया, माता-पिता ने कह दिया जाइए. उनके सपने चूर-चूर हो रहे है और हम यहां अब पद वृद्धि लेकर रहेंगे.

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0

चुनावी साल में अखिलेश यादव ने बदला PDA का फुल फॉर्म, मिशन-27 से पहले अब दिया नया नाम

अशोक खरात मामले में बड़ी खबर, महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा

उत्तरखंड कैबिनेट का विस्तार, CM पुष्कर सिंह धामी की टीम में शामिल हुए ये 5 नए मंत्री

0 Comments