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बच्चा या टीचर गैरहाजिर तो पैरेंट्स को जाएगा SMS, पंजाब के स्कूलों में 1 अप्रैल से नई व्यवस्था

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0

 

Punjab School System: नई व्यवस्था में स्कूल खुलने के बाद तय समय में छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा. जैसे ही छात्र एब्सेंट मार्क होगा, उसी समय पैरेंट्स के मोबाइल पर SMS पहुंच जाएगा.

 

Punjab school SMS alert system: पंजाब में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार 1 अप्रैल से नया सिस्टम लागू करने जा रही है. इसके तहत अगर कोई छात्र स्कूल नहीं आता है तो उसके माता-पिता को तुरंत एसएमएस के जरिए सूचना मिल जाएगी. खास बात यह है कि यह व्यवस्था सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि टीचर की गैर हाजिरी की जानकारी भी पैरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इस कदम का मकसद स्कूलों में उपस्थित बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है. इस व्यवस्था को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि शिक्षा को मजबूत करने के लिए जवाबदेही जरूरी है. इस दिशा में यह एसएमएस अलर्ट सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जिससे पैरेंट्स को बच्चों की पढ़ाई से सीधी जोड़ा जा सके.

 

 

कैसे काम करेगा एसएमएस अलर्ट सिस्टम?

नई व्यवस्था के तहत स्कूल खुलने के बाद तय समय में छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा. जैसे ही किसी छात्र को एब्सेंट मार्क किया जाएगा, उसी समय उसके माता-पिता के मोबाइल पर एसएमएस पहुंच जाएगा. अगर कोई छात्र लगातार 2 दिन तक स्कूल नहीं आता तो स्कूल स्टाफ परिवार से सीधे कांटेक्ट करेगा और एब्सेंट रहने का कारण जानने की कोशिश करेगा. इसके लिए ई-पंजाब पोर्टल पर नया हाजिरी मॉड्यूल जोड़ा गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया रियल टाइम में संचालित होगी.

 

 

टीचर्स की एब्सेंस पर भी नजर

 

इस सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें टीचर की अनुपस्थिति पर भी निगरानी रखी जाएगी. अगर कोई टीचर अनुपस्थित रहता है तो उसकी जानकारी भी पैरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इससे स्कूलों में जवाबदेही बढ़ाने और पैरेंट्स का भरोसा मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.

 

 

मेगा पीटीएम के जरिए दी गई जानकारी

 

इस पहल की जानकारी राज्य भर में आयोजित मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान दी गई है. इस कार्यक्रम में करीब 18 लाख से ज्यादा पैरेंट्स ने हिस्सा लिया. पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह ने बताया कि यह देश के सबसे बड़े स्कूल समुदाय जुड़ाव अभियानों में से एक हैं. इस दौरान स्कूलों में सिर्फ रिपोर्ट कार्ड ही नहीं बांटे गए, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही छात्रों के प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी और स्वास्थ्य से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गए. इस नई व्यवस्था में स्कूल के प्रिंसिपल को नोडल अधिकारी बनाया गया है. उनकी जिम्मेदारी होगी कि सभी टीचर समय पर हाजिरी दर्ज करें और पैरेंट्स के मोबाइल नंबर पोर्टल पर सही तरीके से अपडेट रहें. लगातार एब्सेंट रहने वाले छात्रों के मामले में भी स्कूली स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.

 

 

यह पहल शिक्षा सुधार की बड़ी योजना का हिस्सा

 

यह कदम पंजाब सरकार की व्यापक शिक्षा सुधार अभियान का हिस्सा है. इस पहल से सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और प्राइवेट स्कूलों के बराबर लाना है. इसके लिए शिक्षा बजट में भी बड़ा प्रावधान किया गया है और कई नई योजनाएं शुरू की गई है. वहीं इस बदलाव के साथ पंजाब अब उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां स्कूलों में उपस्थिति पर नजर रखने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है.

 

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

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बच्चा या टीचर गैरहाजिर तो पैरेंट्स को जाएगा SMS, पंजाब के स्कूलों में 1 अप्रैल से नई व्यवस्था

  Punjab School System: नई व्यवस्था में स्कूल खुलने के बाद तय समय में छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा. जैसे ही छात्र एब्सेंट मार्क होगा, उसी समय पैरेंट्स के मोबाइल पर SMS पहुंच जाएगा.   Punjab school SMS alert system: पंजाब में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार 1 अप्रैल से नया सिस्टम लागू करने जा रही है. इसके तहत अगर कोई छात्र स्कूल नहीं आता है तो उसके माता-पिता को तुरंत एसएमएस के जरिए सूचना मिल जाएगी. खास बात यह है कि यह व्यवस्था सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि टीचर की गैर हाजिरी की जानकारी भी पैरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इस कदम का मकसद स्कूलों में उपस्थित बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है. इस व्यवस्था को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि शिक्षा को मजबूत करने के लिए जवाबदेही जरूरी है. इस दिशा में यह एसएमएस अलर्ट सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जिससे पैरेंट्स को बच्चों की पढ़ाई से सीधी जोड़ा जा सके.     कैसे काम करेगा एसएमएस अलर्ट सिस्टम? नई व्यवस्था के तहत स्कूल खुलने के बाद तय समय में छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा. जैसे ही किसी छात्र को एब्सेंट मार्क किया जाएगा, उसी समय उसके माता-पिता के मोबाइल पर एसएमएस पहुंच जाएगा. अगर कोई छात्र लगातार 2 दिन तक स्कूल नहीं आता तो स्कूल स्टाफ परिवार से सीधे कांटेक्ट करेगा और एब्सेंट रहने का कारण जानने की कोशिश करेगा. इसके लिए ई-पंजाब पोर्टल पर नया हाजिरी मॉड्यूल जोड़ा गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया रियल टाइम में संचालित होगी.     टीचर्स की एब्सेंस पर भी नजर   इस सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें टीचर की अनुपस्थिति पर भी निगरानी रखी जाएगी. अगर कोई टीचर अनुपस्थित रहता है तो उसकी जानकारी भी पैरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इससे स्कूलों में जवाबदेही बढ़ाने और पैरेंट्स का भरोसा मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.     मेगा पीटीएम के जरिए दी गई जानकारी   इस पहल की जानकारी राज्य भर में आयोजित मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान दी गई है. इस कार्यक्रम में करीब 18 लाख से ज्यादा पैरेंट्स ने हिस्सा लिया. पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह ने बताया कि यह देश के सबसे बड़े स्कूल समुदाय जुड़ाव अभियानों में से एक हैं. इस दौरान स्कूलों में सिर्फ रिपोर्ट कार्ड ही नहीं बांटे गए, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही छात्रों के प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी और स्वास्थ्य से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गए. इस नई व्यवस्था में स्कूल के प्रिंसिपल को नोडल अधिकारी बनाया गया है. उनकी जिम्मेदारी होगी कि सभी टीचर समय पर हाजिरी दर्ज करें और पैरेंट्स के मोबाइल नंबर पोर्टल पर सही तरीके से अपडेट रहें. लगातार एब्सेंट रहने वाले छात्रों के मामले में भी स्कूली स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.     यह पहल शिक्षा सुधार की बड़ी योजना का हिस्सा   यह कदम पंजाब सरकार की व्यापक शिक्षा सुधार अभियान का हिस्सा है. इस पहल से सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और प्राइवेट स्कूलों के बराबर लाना है. इसके लिए शिक्षा बजट में भी बड़ा प्रावधान किया गया है और कई नई योजनाएं शुरू की गई है. वहीं इस बदलाव के साथ पंजाब अब उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां स्कूलों में उपस्थिति पर नजर रखने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है.  

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0

राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द, जानें कब और कैसे देखें अपना स्कोर

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बिना परीक्षा कंडक्टर बनने का मौका, UPSRTC भर्ती में महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर

  यूपी रोडवेज में महिलाओं के लिए बड़ी भर्ती जारी की गई है जिसमें 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका है इच्छुक उम्मीदवार जल्द से जल्द आवेदन कर सकते हैं.     अगर आप 12वीं पास हैं और नौकरी की तलाश कर रही हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है. उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निग ने महिलाओं के लिए कंडक्टर के हजारों पदों पर भर्ती निकाली है.खास बात यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी और चयन सीधे मेरिट के आधार पर किया जाएगा.   कुल पद कितने हैं? इस भर्ती अभियान के तहत कुल 2,584 कंडक्टर पदों को भरा जाएगा. सरकार का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को रोजगार का मौका दिया जाए और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए. यह भर्ती खास तौर पर महिलाओं के लिए रखी गई है ताकि वे आसानी से नौकरी हासिल कर सकें और अपने पैरों पर खड़ी हो सकें.   क्या चाहिए योग्यता? इस नौकरी के लिए आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवार का कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ ही उम्मीदवार के पास CCC  का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है. इसके अलावा एक और जरूरी शर्त यह है कि उम्मीदवार किसी न किसी रूप में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन या कौशल विकास मिशन से जुड़ी होनी चाहिए.   कैसे होगा चयन? इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी.चयन पूरी तरह से मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा, जो कि 12वीं के नंबरों के हिसाब से तैयार होगी. यानी जिन उम्मीदवारों के इंटर में ज्यादा अंक होंगे, उनके चयन के चांस भी ज्यादा होंगे. इससे उम्मीदवारों को तैयारी के तनाव से राहत मिलती है.अगर किसी उम्मीदवार के पास NCC ‘B’ सर्टिफिकेट, NSS सर्टिफिकेट या भारत स्काउट्स एंड गाइड्स में राज्य या राष्ट्रीय स्तर का अवॉर्ड है, तो उन्हें मेरिट में 5% अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा. इससे ऐसे उम्मीदवारों को चयन में बढ़त मिलेगी और उनके सिलेक्शन के मौके और मजबूत हो जाएंगे.   सैलरी कितनी होगी? इस नौकरी में चयनित उम्मीदवारों को 2.16 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा.अगर कोई उम्मीदवार महीने में 22 दिन काम करके 5,000 किलोमीटर की ड्यूटी पूरी करती है, तो उसे 3,000 रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव भी मिलेगा.इसके अलावा कर्मचारियों को EPF  फ्री ट्रैवल पास और नाइट ड्यूटी अलाउंस जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी.    भर्ती प्रक्रिया कैसे होगी? भर्ती को आसान बनाने के लिए विभाग की तरफ से रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे. ये मेले 25 मार्च से 1 अप्रैल के बीच आयोजित होंगे.उम्मीदवार लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, झांसी, गोरखपुर और सहारनपुर जैसे शहरों में जाकर सीधे इसमें भाग ले सकती हैं.   महिलाओं के लिए खास सुविधा परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इस भर्ती में महिलाओं की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है. चयनित उम्मीदवारों को उनके होम डिस्ट्रिक्ट या आसपास के डिपो में ही पोस्टिंग दी जाएगी, ताकि वे अपने परिवार के साथ रहकर आराम से नौकरी कर सकें. यह सुविधा महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी.

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0

इंतजार खत्म होने वाला है, शिक्षा मंत्री ने बताई राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट की तारीख!

राजस्थान बोर्ड कल जारी करेगा 10वीं क्लास का रिजल्ट, ऐसे कर सकेंगे चेक ?

SECL में निकली भर्ती, युवा कैंडिडेट्स ऐसे कर सकते हैं अप्लाई, ये है लास्ट डेट

यूपी बोर्ड में पहली बार स्टेप मार्किंग से मिलेंगे नंबर, 18 मार्च से चेक होंगी कॉपियां

  UP Board Result 2026 Date: यूपी बोर्ड की ओर से 18 मार्च 2026 से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. राज्यभर में बनाए गए 249 केंद्रों पर करीब करोड़ कॉपियों की जांच की जाएगी.   उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद  10वीं और 12वीं की परीक्षाएं खत्म होने के बाद अब लाखों छात्रों को अपने रिजल्ट का इंतजार है. इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मूल्यांकन  प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया है. इस बार बोर्ड ने कॉपियों की जांच में पारदर्शिता और छात्रों को राहत देने के लिए पहली बार स्टेप मार्किंग प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही कॉपियों की चेकिंग भी डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे न सिर्फ गलतियों की गुंजाइश कम होगी बल्कि रिजल्ट भी पहले जारी किया जा सकेगा.   बोर्ड के इस फैसले को छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, खासकर उन छात्रों के लिए जिन्हें गणित और साइंस जैसे सब्जेक्ट में लंबे सवालों और जटिल फॉर्मूलों से डर लगता है. नई व्यवस्था के तहत अब छात्रों की मेहनत को ज्यादा महत्व दिया जाएगा और केवल अंतिम उत्तर के आधार पर पूरे अंक काटने की पुरानी व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है.      18 मार्च से शुरू होगा मूल्यांकन  यूपी बोर्ड की ओर से 18 मार्च 2026 से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. राज्यभर में बनाए गए 249 केंद्रों पर करीब करोड़ कॉपियों की जांच की जाएगी. इसके लिए लगभग 1.5 लाख शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है. बोर्ड का लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक या अप्रैल के पहले सप्ताह तक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए.      क्या है स्टेप मार्किंग?  सिस्टम स्टेप मार्किंग एक ऐसी प्रणाली है जिसमें छात्र की ओर से हल किए गए हर सही स्टेप के लिए अंक दिए जाते हैं. यानी अगर कोई छात्र पूरा उत्तर सही नहीं कर पाता है लेकिन उसने शुरुआत या कुछ स्टेप सही लिखे हैं तो उसे उन स्टेप्स के अनुसार अंक मिलेंगे. उदाहरण के लिए अगर कोई सवाल 5 अंकों का है और उसमें तीन स्टेप सही किए है तो उसे 3 अंक दिए जाएंगे. इससे उन छात्रों को फायदा होगा, जो अंतिम चरण में छोटी सी गलती कर बैठते हैं.      अब डिजिटल तरीके से होगी कॉपियों की जांच  इस बार यूपी बोर्ड ने कॉपियों की जांच प्रक्रिया को भी हाईटेक बना दिया है. उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर सर्वर पर अपलोड किया जाएगा और शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर लॉगिन करके उनकी जांच करेंगे. इस डिजिटल सिस्टम से नंबरों को जोड़ने में गलती से किसी उत्तर का छूट जाना या गलत टोटल जैसी समस्याएं खत्म होगी. साथ ही टीचर की ओर से दिए गए अंक सीधे बोर्ड के डेटाबेस में सेव हो जाएंगे, जिससे रिजल्ट तैयार करने में कम समय लगेगा.   वहीं बोर्ड ने टीचरों को भी निर्देश दिए हैं कि वह मूल्यांकन के दौरान उदारवादी रवैया अपनाएं और छात्रों के हर सही प्रयास को अंक दें. गणित और विज्ञान विषयों में स्टेप मार्किंग लागू की गई है, जबकि भाषा विषयों में ही भाषा संबंधी गलतियों पर ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा की अंग्रेजी माध्यम की कॉपी केवल अंग्रेजी विषय के योग्य शिक्षक ही जांचें.

Metroheadlines मार्च 18, 2026 0

MDS 2026 के लिए आवेदन शुरू, डेंटल पीजी में दाखिले का मौका; 30 मार्च तक करें रजिस्ट्रेशन

NEET UG 2026: आवेदन फॉर्म में गलती सुधारने का मौका, 14 मार्च तक खुली करेक्शन विंडो; फटाफट करें फॉर्म चेक

यूपीएससी की फर्जी रैंक वाला मामला

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