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आज सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी का संयोग, पूजा का मुहूर्त, पूरा पंचांग देखें ?

Metroheadlines मार्च 30, 2026 0

 

Aaj Ka Panchang 30 March 2026: 30 मार्च 2026 सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी है.

 

जानें आज का अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल, चंद्रमा का गोचर, शुभ-अशुभ समय और इस दिन का उपाय.

 

 

Hindi Panchang 30 मार्च 2026: 30 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष का सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी का संयोग बना है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ कामदेव (जिन्हें 'अनंग' कहा जाता है) और रति की पूजा की जाती है, मान्यता है इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता बढ़ती है. इस दिन कामदेव के मंत्र क्लीं कामदेवाय नमः का 21 बार जप करना चाहिए.

 

30 मार्च का पंचांग 2026 (Hindi Panchang 30 March 2026)

 

तिथि

द्वादशी (29 मार्च 2026, सुबह 7.46 - 30 मार्च 2026, सुबह 7.09, इसके बाद त्रयोदशी शुरू)

वार सोमवार
नक्षत्र मघा
योग शूल, रवि योग
सूर्योदय सुबह 7.15
सूर्यास्त सुबह 5.38
चंद्रोदय  दोपहर 4.16
चंद्रोस्त सुबह 5.00, 31 मार्च
चंद्र राशि सिंह
  • चौघड़िया मुहूर्त
सुबह का चौघड़िया
शुभ सुबह 6.14 - सुबह 7.47
शाम का चौघड़िया
लाभ शाम 5.05 - रात 8.05

 

 

  • राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal)
राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) सुबह 7.49 - सुबह 9.20
यमगण्ड काल सुबह 10.53 - दोपहर 12.26 
गुलिक काल दोपहर 1.59 - दोपहर 3.32
विडाल योग दोपहर 2.48 - सुबह 6.13, 31 मार्च

 

 

  • ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 30 March 2026)
सूर्य मीन
चंद्रमा सिंह
मंगल कुंभ
बुध कुंभ
गुरु मिथुन
शुक्र मेष
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह

 

30 मार्च 2026 का राशिफल

 

ये राशिफल पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार है.

  • मेष: आज भाग्य साथ देगा, कार्यों में सफलता और दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा.
  • वृषभ: खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन सहयोग मिलेगा—आत्मविश्वास संतुलित रखें.
  • मिथुन: आय में वृद्धि और प्रेम जीवन में खुशियां, दिन उत्साह से भरा रहेगा.
  • कर्क: करियर में सफलता और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी.
  • सिंह: यात्रा और निवेश के योग, लेकिन सेहत और विरोधियों से सावधान रहें.
  • कन्या: आत्मविश्वास से काम करें, तनाव से बचें और परिवार का सहयोग मिलेगा.
  • तुला: प्रमोशन और धन लाभ के योग, रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी.
  • वृश्चिक: खर्च बढ़ेंगे, लेकिन कार्यक्षेत्र में सराहना और मानसिक मजबूती रहेगी.
  • धनु: आय में वृद्धि और प्रेम संबंधों में गहराई, नए अवसर मिलेंगे.
  • मकर: प्रॉपर्टी से लाभ और परिवार में अच्छा तालमेल रहेगा.
  • कुंभ: आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन निवेश और रिश्तों में सावधानी जरूरी है.
  • मीन: आर्थिक लाभ और सुख-समृद्धि, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा.

 

FAQs: 30 मार्च 2026

 

Q.कौन सा उपाय करें ?

शादी हो चुकी है तो उसमें प्यार को बरकरार रखना चाहते हैं तो सोमवार के दिन दूध में थोड़ा सा केसर और कुछ फूल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं.

 

Q.कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ?

इस दिन शूल और रवि योग बन रहा है.

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

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आज सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी का संयोग, पूजा का मुहूर्त, पूरा पंचांग देखें ?

  Aaj Ka Panchang 30 March 2026: 30 मार्च 2026 सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी है.   जानें आज का अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल, चंद्रमा का गोचर, शुभ-अशुभ समय और इस दिन का उपाय.     Hindi Panchang 30 मार्च 2026: 30 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष का सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी का संयोग बना है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ कामदेव (जिन्हें 'अनंग' कहा जाता है) और रति की पूजा की जाती है, मान्यता है इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता बढ़ती है. इस दिन कामदेव के मंत्र क्लीं कामदेवाय नमः का 21 बार जप करना चाहिए.   30 मार्च का पंचांग 2026 (Hindi Panchang 30 March 2026)   तिथि द्वादशी (29 मार्च 2026, सुबह 7.46 - 30 मार्च 2026, सुबह 7.09, इसके बाद त्रयोदशी शुरू) वार सोमवार नक्षत्र मघा योग शूल, रवि योग सूर्योदय सुबह 7.15 सूर्यास्त सुबह 5.38 चंद्रोदय  दोपहर 4.16 चंद्रोस्त सुबह 5.00, 31 मार्च चंद्र राशि सिंह चौघड़िया मुहूर्त सुबह का चौघड़िया शुभ सुबह 6.14 - सुबह 7.47 शाम का चौघड़िया लाभ शाम 5.05 - रात 8.05     राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal) राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) सुबह 7.49 - सुबह 9.20 यमगण्ड काल सुबह 10.53 - दोपहर 12.26  गुलिक काल दोपहर 1.59 - दोपहर 3.32 विडाल योग दोपहर 2.48 - सुबह 6.13, 31 मार्च     ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 30 March 2026) सूर्य मीन चंद्रमा सिंह मंगल कुंभ बुध कुंभ गुरु मिथुन शुक्र मेष शनि मीन राहु कुंभ केतु सिंह   30 मार्च 2026 का राशिफल   ये राशिफल पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार है. मेष: आज भाग्य साथ देगा, कार्यों में सफलता और दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा. वृषभ: खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन सहयोग मिलेगा—आत्मविश्वास संतुलित रखें. मिथुन: आय में वृद्धि और प्रेम जीवन में खुशियां, दिन उत्साह से भरा रहेगा. कर्क: करियर में सफलता और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. सिंह: यात्रा और निवेश के योग, लेकिन सेहत और विरोधियों से सावधान रहें. कन्या: आत्मविश्वास से काम करें, तनाव से बचें और परिवार का सहयोग मिलेगा. तुला: प्रमोशन और धन लाभ के योग, रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी. वृश्चिक: खर्च बढ़ेंगे, लेकिन कार्यक्षेत्र में सराहना और मानसिक मजबूती रहेगी. धनु: आय में वृद्धि और प्रेम संबंधों में गहराई, नए अवसर मिलेंगे. मकर: प्रॉपर्टी से लाभ और परिवार में अच्छा तालमेल रहेगा. कुंभ: आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन निवेश और रिश्तों में सावधानी जरूरी है. मीन: आर्थिक लाभ और सुख-समृद्धि, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा.   FAQs: 30 मार्च 2026   Q.कौन सा उपाय करें ? शादी हो चुकी है तो उसमें प्यार को बरकरार रखना चाहते हैं तो सोमवार के दिन दूध में थोड़ा सा केसर और कुछ फूल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं.   Q.कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ? इस दिन शूल और रवि योग बन रहा है.

Metroheadlines मार्च 30, 2026 0

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नवरात्रि के 5वें दिन स्कंदमाता की पूजा से बच्चों में बढ़ती है एकाग्रता! जानें विधि, मंत्र, भोग

  Chaitra Navratri 2026 Day 5 Puja: 23 मार्च को चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने से ऐश्वर्य और एकाग्रता मिलती है. ऐसे में माता की साधना के लिए इस दिन क्या करें जान लें.   Chaitra Navratri 2026 Day 5 Puja: नवरात्रि के 5वें दिन 23 मार्च 2026 को मां स्कंदमाता की पूजा होगी. ये माता दुर्गा की पांचवीं शक्ति हैं. स्कंदमाता” का अर्थ है- भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता.इनकी गोद में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय विराजमान रहते हैं, इसलिए इन्हें मातृत्व और करुणा का प्रतीक माना जाता है.   स्कंदमाता का स्वरूप   स्कंदमाता मां दुर्गा का अत्यंत करुणामयी और कल्याणकारी रूप हैं. चार भुजाएं होती हैं दो हाथों में कमल पुष्प एक हाथ में बाल स्कंद (कार्तिकेय) एक हाथ वरमुद्रा में वाहन - सिंह कमल के आसन पर विराजमान (इसी कारण “पद्मासना” भी कहा जाता है)   स्कंदमाता की पूजा करने के लाभ   यह स्वरूप ममता, दया और शक्ति का संगम है. मान्यता है कि जो लोग संतान प्राप्ति में बाधाएं झेल रहे, माता की कृपा से उनके घर जल्द ही किलकारियां गूंजती हैं. जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते हैं. भक्त को भय, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा मिलती है. स्कंदमाता भक्तों को एकाग्र रहना सिखाती हैं. वह बताती हैं कि जीवन अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है और हम खुद अपने सेनापति हैं. स्कंदमाता की पूजा करते रहने से हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहती है. उनकी पूजा-आराधना से साधक को परम शांति और सुख का अनुभव होता है.   मां स्कंदमाता की पूजा विधि   सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सिल्वर रंग के वस्त्र धारण करें, क्योंकि इस दिन सोमवार है. माता को कुमकुम, रोली, और अक्षत (चावल) का तिलक लगाएं. पूजा के दौरान "ॐ देवी स्कंदमातायै नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें. कपूर या घी के दीपक से मां स्कंदमाता की आरती उतारें और स्तुति करें, जैसे: "या देवी सर्वभूतेषु मा स्कंद माता रूपेण संस्थिता". आरती उतारें और गोधुलि बेला में पुन माता की पूजा करें.   मां स्कंदमाता का भोग   मां स्कंदमाता की आराधना होती है. इस दिन केला या केले से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है.   मां स्कंदमाता मंत्र   पूजा मंत्र - ॐ देवी स्कंदमातायै नम: ध्यान मंत्र - सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।   स्कंदमाता की आरती   जय तेरी हो स्कंदमाता, पांचवां नाम तुम्हारा आता। सब के मन की जानन हारी, जग जननी सब की महतारी। जय तेरी हो स्कंदमाता तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं, हर दम तुम्हें ध्याता रहूं मैं। कई नामों से तुझे पुकारा, मुझे एक है तेरा सहारा। जय तेरी हो स्कंदमाता कहीं पहाड़ों पर है डेरा, कई शहरो में तेरा बसेरा। हर मंदिर में तेरे नजारे, गुण गाए तेरे भक्त प्यारे। जय तेरी हो स्कंदमाता भक्ति अपनी मुझे दिला दो, शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो। इंद्र आदि देवता मिल सारे, करे पुकार तुम्हारे द्वारे। जय तेरी हो स्कंदमाता दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए, तुम ही खंडा हाथ उठाएं। दास को सदा बचाने आईं, चमन की आस पुराने आई। जय तेरी हो स्कंदमाता   स्कंदमाता देती हैं ये सीख   स्कंदमाता का यह रूप बताता है कि मोह माया में रहते हुए भी किस तरह बुद्धि और विवेक से असुरों का नाश करना चाहिए. माता को अपने पुत्र से अधिक प्रेम है इसलिए इन्हें अपने पुत्र के नाम के साथ संबोधित किया जाना अच्छा लगता है.

Metroheadlines मार्च 23, 2026 0

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चैत्र मासिक शिवरात्रि 17 या 18 मार्च कब ? शिव पूजा का मुहूर्त देखें

  Chaitra Masik Shivratri 2026: चैत्र मासिक शिवरात्रि 17 मार्च को है. ये व्रत वैवाहिक जीवन में सुख, शादी के लिए सुयोग्य जीवनसाथी, आर्थिक लाभ के लिए रखा जाता है.   Chaitra Masik Shivratri 2026: महाशिवरात्रि के बाद साल 2026 की पहली चैत्र मासिक शिवरात्रि 17 मार्च 2026 को है. यह नियमित रूप से भगवान शिव की कृपा पाने के लिए किया जाने वाला व्रत है, जो हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है. मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि से थोड़ी अलग होती है, इसकी पूजा विधि में अंतर है. ऐसे में चैत्र मासिक शिवरात्रि पर कैसे करें व्रत, पूजन और क्या है इसके नियम.   चैत्र मासिक शिवरात्रि 2026 मुहूर्त   चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 17 मार्च 2026 को सुबह 9.23 पर शुरू होगी और अगले दिन 18 मार्च 2026 को सुबह 8.25 पर समाप्त होगी. पूजा मुहूर्त - देर रात 12.07 - देर रात 12.55, 18 मार्च   मासिक शिवरात्रि व्रत कैसे करें व्रत का संकल्प - व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान शिव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें. इसके बाद घर के मंदिर या शिवालय में जाकर पूजा करें. शिवलिंग का अभिषेक करें. महाशिवरात्रि पर पूजा बड़े स्तर पर की जाती है लेकिन मासिक शिवरात्रि पर सामान्य रूप से पूजन कर सकते हैं. इन चीजों से करें पूजा - जल या गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और भांग, सफेद फूल का इस्तेमाल करें. पूजा करते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है.   दिनभर व्रत रखें निर्जला व्रत (बिना जल के) फलाहार व्रत या केवल एक समय भोजन कर सकते हैं.   रात्रि में विशेष पूजा - मान्यता है कि इस दिन रात्रि काल में महादेव शिवलिंग में प्रकट रहते हैं.   अगले दिन व्रत का पारण - अगले दिन सुबह भगवान शिव की पूजा करके व्रत का पारण किया जाता है और जरूरतमंद लोगों को दान दिया जाता है.   मासिक शिवरात्रि व्रत के नियम व्रत के दिन सात्विक भोजन करें और लहसुन-प्याज से परहेज करें. मन, वचन और कर्म से पवित्रता बनाए रखें. क्रोध, झूठ और विवाद से दूर रहें. ब्रह्मचर्य का पालन करना शुभ माना जाता है. भगवान शिव के मंत्रों का अधिक से अधिक जाप करें. संभव हो तो मंदिर में जाकर शिवलिंग का अभिषेक अवश्य करें.  

Metroheadlines मार्च 17, 2026 0

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