Hindi Panchang 30 मार्च 2026: 30 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष का सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी का संयोग बना है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ कामदेव (जिन्हें 'अनंग' कहा जाता है) और रति की पूजा की जाती है, मान्यता है इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता बढ़ती है. इस दिन कामदेव के मंत्र क्लीं कामदेवाय नमः का 21 बार जप करना चाहिए.
30 मार्च का पंचांग 2026 (Hindi Panchang 30 March 2026)
| तिथि |
द्वादशी (29 मार्च 2026, सुबह 7.46 - 30 मार्च 2026, सुबह 7.09, इसके बाद त्रयोदशी शुरू) |
| वार | सोमवार |
| नक्षत्र | मघा |
| योग | शूल, रवि योग |
| सूर्योदय | सुबह 7.15 |
| सूर्यास्त | सुबह 5.38 |
| चंद्रोदय | दोपहर 4.16 |
| चंद्रोस्त | सुबह 5.00, 31 मार्च |
| चंद्र राशि | सिंह |
| सुबह का चौघड़िया | |
| शुभ | सुबह 6.14 - सुबह 7.47 |
| शाम का चौघड़िया | |
| लाभ | शाम 5.05 - रात 8.05 |
| राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) | सुबह 7.49 - सुबह 9.20 |
| यमगण्ड काल | सुबह 10.53 - दोपहर 12.26 |
| गुलिक काल | दोपहर 1.59 - दोपहर 3.32 |
| विडाल योग | दोपहर 2.48 - सुबह 6.13, 31 मार्च |
| सूर्य | मीन |
| चंद्रमा | सिंह |
| मंगल | कुंभ |
| बुध | कुंभ |
| गुरु | मिथुन |
| शुक्र | मेष |
| शनि | मीन |
| राहु | कुंभ |
| केतु | सिंह |
30 मार्च 2026 का राशिफल
ये राशिफल पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार है.
FAQs: 30 मार्च 2026
Q.कौन सा उपाय करें ?
शादी हो चुकी है तो उसमें प्यार को बरकरार रखना चाहते हैं तो सोमवार के दिन दूध में थोड़ा सा केसर और कुछ फूल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं.
Q.कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ?
इस दिन शूल और रवि योग बन रहा है.
Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है. तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था शादी की रस्में रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था. कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है. विजय-रश्मिका फिल्म प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही. IND vs ENG Semifinal Live Streaming: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. टीम इंडिया ने 1 मार्च को वेस्टइंडीज को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर अंतिम चार में एंट्री की. इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन, जिन्होंने नाबाद 97 रन की बेहतरीन पारी खेली. उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही. अब सेमीफाइनल में भारत का सामना ग्रुप-2 की टॉपर इंग्लैंड से होने जा रहा है. पहला सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. दोनों मुकाबलों के विजेता 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल खेलेंगे. IND VS ENG मैच कब और कितने बजे होगा? भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च, गुरुवार को खेला जाएगा. मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा. यह मुकाबला बेहद हाई-वोल्टेज माना जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमें लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने हैं. IND VS ENG मैच कहां खेला जाएगा? यह अहम सेमीफाइनल मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर बड़े मुकाबलों का लंबा इतिहास रहा है और फैंस को एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट की उम्मीद है. IND VS ENG मैच कहां देखें लाइव? भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. वहीं ऑनलाइन दर्शक इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकेंगे. दोनों टीमों के स्क्वॉड भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा. इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, जोश टंग और ल्यूक वुड.
Dhurandhar 2 Advance Booking: रणवीर सिंह की धुरंधर 2 बॉलीवुड की सबसे ज़्यादा प्रीमियर सेल्स का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है. हालांकि ये एक साउथ हीरो की फिल्म को मात नहीं दे पा रही है. रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर माधवन और अर्जुन रामपाल स्टारर ‘धुरंधर 2’ ने सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले ही गदर मचाया हुआ है. फिलहाल ये 18 मार्च, 2026 को होने वाले पेड प्रीव्यू शो के लिए एडवांस बुकिंग में गर्दा उड़ा रही है. वैसे ये फिल्म पहले ही 'स्त्री 2' के पेड प्रीव्यू शो को रिकॉर्ड को मिट्टी में मिलाकर बॉलीवुड के लिए इतिहास रच चुकी है. लेकिन आदित्य धर निर्देशित इस फिल्म के साउथ के एक स्टार का रिकॉर्ड तोड़ने में पसीने छूट रहे हैं. धुरंधर 2 ने पेड प्रीव्यू के लिए एडवांस बुकिंग में कितनी कर ली है कमाई? धुरंधर को बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता मिली थी. ऐसे में इसकी सीक्वल धुरंधर द रिवेंज या धुरंधर 2 को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की तो पूरी उम्मीद है ही लेकिन ये फिल्म तो रिलीज से पहले ही कमाल कर रही है और बड़े-बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर रही है. सैकनिल्क के मुताबिक, इसने पेड प्रीव्यू से अब तक 18.78 करोड़ (ब्लॉक्ड सीटों को छोड़कर) कमा लिएए हैं वहीं ब्लॉक सीटों के साथ इसका पेड प्रीव्यू के लिए प्री टिकट सेल का कलेक्शन 23.99 करोड़ पहुंच चुका है. देश भर में 8 हजार 31 शोज के लिए इसके 3 लाख 51 हजार 4 सौ 13 टिकट बिक चुके हैं. धुरंधर 2 ने स्त्री 2 को पछाड़ बनाया नया रिकॉर्ड बता दें कि कि 2024 में, राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की स्त्री 2 ने इंडिया में पेड प्रीव्यू में 9.40 करोड़ की नेट कमाई करके नया माइलस्टोन हासिल किया था. लेकिन धुरंधर: द रिवेंज ने एडवांस बुकिंग में इससे कई गुना ज़्यादा सेल्स के साथ इसे धूल चटा दी है. इसकी के साथ .े बॉलीवुड के इतिहास में सबसे ज़्यादा प्रीमियर सेल्स का नया रिकॉर्ड अपने नाम भी कर चुकी है. धुरंधर 2 के पवन कल्याण की OG को मात देने में छूटे पसीने इन सबके बीच गौर करने वाली बात ये है कि धुरंधर 2 ने पेड पीव्यू के लिए प्री सेल्स में बेशक धमाकेदार कमाई कर ली हैं लेकिन इसका टारगेट इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी पेड प्रीव्यू कमाई का रिकॉर्ड अपने नाम करना है. दरअसल पवन कल्याण की दे कॉल हिम OG ने 21 करोड़ के बड़े नेट कलेक्शन के साथ किसी इंडियन फिल्म के लिए अब तक के सबसे ज़्यादा पेड प्रीव्यू अपने नाम किए हुए हैं. फिलहाल रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर 2 के लिए इस रिकॉर्ड को तोड़ने में पसीने छूट रहे हैं. हालांकि अभी फिल्म के पेड प्रीव्यू शो में 6 दिन बचे हैं और इसे पवन कल्याण के रिकॉर्ड को मात देने से सिर्फ 3 करोड़ के करीब पीछे है. इसलिए पूरी उम्मीद है कि धुरंधर 2 इस उपलब्धि को हासिल कर इतिहास रच सकती है.
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Bihar New CM: नीतीश कुमार के बाद अब बिहार में बीजेपी का सीएम बनना लगभग तय है. सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल तक सीएम पद पर बने रहेंगे, वो तुरंत पद से इस्तीफा नहीं देंगे. बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय, कब होगा नई सरकार का गठन? जानिए पूरा राजनीतिक घटनाक्रम बिहार की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। लगभग दो दशकों तक राज्य की सत्ता पर काबिज रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है, जिसके बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और राज्य में नई सरकार का गठन होगा। नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है—क्या राज्य को पहली बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मुख्यमंत्री मिलेगा? क्या एनडीए के भीतर सत्ता संतुलन बदलने वाला है? और आखिर नई सरकार का गठन कब होगा? इन सभी सवालों पर सियासी गलियारों में तेजी से चर्चा चल रही है। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना क्यों बड़ा फैसला माना जा रहा नीतीश कुमार वर्ष 2005 से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और वे कई बार मुख्यमंत्री बने। हाल ही में 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बड़ी जीत दिलाने के बाद उन्होंने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। लेकिन अब उन्होंने राज्यसभा जाने का फैसला कर लिया है। यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे बिहार की सत्ता संरचना पूरी तरह बदल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम एनडीए के भीतर एक नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें बीजेपी अब सीधे राज्य की कमान संभालना चाहती है। नीतीश कुमार ने स्वयं कहा है कि वे राज्य में बनने वाली नई सरकार को पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देंगे। इसका मतलब यह है कि वे सक्रिय रूप से बिहार की राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं होंगे, लेकिन प्रशासनिक जिम्मेदारी किसी और नेता के हाथ में होगी। नई सरकार का गठन कब होगा? राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार तुरंत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे। बताया जा रहा है कि वे लगभग 10 अप्रैल तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं और उसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। दरअसल, राज्यसभा का नया कार्यकाल अप्रैल से शुरू होने वाला है। इसी वजह से यह माना जा रहा है कि उसी समय सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होगी। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक बिहार में नई सरकार के गठन की औपचारिक घोषणा हो सकती है। इस दौरान एनडीए के शीर्ष नेताओं के बीच कई दौर की बैठकों का सिलसिला भी चल रहा है। इन बैठकों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और नए मंत्रिमंडल की रूपरेखा पर चर्चा की जा रही है। क्या बिहार को पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री मिलेगा? अगर नीतीश कुमार पद छोड़ते हैं और बीजेपी का नेता मुख्यमंत्री बनता है तो यह बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा। अभी तक राज्य में बीजेपी सहयोगी दल के रूप में सत्ता में रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद उसके पास कभी नहीं रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा और पार्टी अब राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है। इसलिए यह संभावना काफी बढ़ गई है कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से ही होगा। संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन-कौन? नीतीश कुमार के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें बीजेपी और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। 1. सम्राट चौधरी सम्राट चौधरी वर्तमान में बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और बीजेपी के बड़े ओबीसी चेहरों में गिने जाते हैं। संगठन और राजनीति दोनों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। 2. नित्यानंद राय केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। वे लंबे समय से बीजेपी के प्रमुख नेताओं में रहे हैं और बिहार में पार्टी के प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं। 3. कोई नया चेहरा राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि बीजेपी किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकती है। इससे सामाजिक समीकरण साधने और आगामी चुनावों की रणनीति मजबूत करने की कोशिश हो सकती है। एनडीए के भीतर सत्ता संतुलन कैसे बदलेगा? अगर बीजेपी मुख्यमंत्री पद संभालती है तो एनडीए के भीतर शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव होगा। अभी तक जेडीयू के नेतृत्व में गठबंधन सरकार चल रही थी। नीतीश कुमार लंबे समय तक बिहार की राजनीति में ‘किंगमेकर’ की भूमिका में रहे हैं। लेकिन उनके राज्यसभा जाने के बाद बीजेपी की भूमिका और मजबूत हो सकती है। इसके साथ ही जेडीयू के भविष्य को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में जेडीयू और बीजेपी के बीच नए समीकरण बन सकते हैं। विपक्ष की प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कई विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनता ने जिस चेहरे पर वोट दिया था, वही मुख्यमंत्री पद छोड़ रहा है, जो लोकतांत्रिक नैतिकता के खिलाफ है। कुछ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने राजनीतिक रणनीति के तहत सत्ता परिवर्तन की योजना बनाई है। हालांकि एनडीए के नेता इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं। बिहार की राजनीति पर संभावित असर नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकता है। लगभग 20 साल तक राज्य की राजनीति का केंद्र रहे नेता के हटने से सत्ता संरचना पूरी तरह बदल सकती है। इसके कई संभावित प्रभाव हो सकते हैं: बीजेपी का प्रभाव बढ़ेगा जेडीयू की भूमिका बदल सकती है विपक्ष नई रणनीति बना सकता है सामाजिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है क्या नीतीश कुमार की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका बढ़ेगी? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनकी भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण हो सकती है। वे पहले भी केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उनका अनुभव काफी लंबा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि संसद में उनकी उपस्थिति एनडीए के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकती है। बिहार में सत्ता परिवर्तन क्यों अहम है? बिहार भारत के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। यहां होने वाला कोई भी बड़ा राजनीतिक बदलाव राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करता है। अगर बीजेपी का मुख्यमंत्री बनता है तो यह पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि अब तक बिहार उन कुछ हिंदीभाषी राज्यों में शामिल था जहां बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं रहा था। आने वाले दिनों में क्या होगा? अगले कुछ सप्ताह बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। संभावित घटनाक्रम इस प्रकार हो सकते हैं: नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे एनडीए विधायक दल की बैठक होगी नए मुख्यमंत्री का चयन होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के आसपास यह पूरी प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
Bhaum Pradosh vrat april 2026: भौम प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026 को है. मांगलिक दोष से मुक्ति, शीघ्र विवाह, साहस पाने के लिए ये व्रत फलदायी माना गया है. भौम प्रदोष व्रत में पूजा का मुहूर्त, विधि देखें Bhaum Pradosh Vrat 2026: वैशाख माह का दूसरा प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026 को है. मंगलवार होने से ये भौम प्रदोष व्रत होगा. मंगलवार का दिन मंगल ग्रह से जुड़ा होने के कारण यह व्रत विशेष रूप से शक्ति, साहस और ऋण मुक्ति देने वाला माना जाता है. भौम प्रदोष को मंगल प्रदोष भी कहा जाता है. भौम प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त वैशाख शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल 2026 को शाम 6.51 पर शुरू होगी और अगले दिन 29 अप्रैल 2026 को शाम 7.51 पर समाप्त होगी. इस दिन पूजा के लिए शाम 6.54 से रात 09.04 तक शुभ मुहूर्त है. इस समय प्रदोष काल रहेगा. इस काल में शिवलिंग का अभिषेक समस्त कार्यों को पूर्ण करने वाला माना जाता है. भौम प्रदोष व्रत के लाभ भौम प्रदोष का व्रत ऋण से मुक्ति, भूमि-भवन आदि सम्बन्धित विवादों के निवारण तथा शारीरिक बल की वृद्धि हेतु किया जाता है. मंगल ग्रह से सम्बन्धित नकारात्मक प्रभावों से रक्षा में भी यह व्रत सहायक सिद्ध होता है.वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याओं को दूर करने और विवाह में देरी को समाप्त करने के लिए भी यह व्रत किया जाता है. इस दिन उपवास और पूजा करने से मन की शुद्धि होती है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त होती है. व्यक्ति के अंदर धैर्य, संयम और सकारात्मक सोच विकसित होती है. भौम प्रदोष व्रत पूजा विधि भौम प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले और बाद का समय) में की जाती है. इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें. पूरे दिन फलाहार या निर्जल व्रत रखने का नियम होता है. शाम के समय पुनः स्नान कर पूजा स्थान को शुद्ध करें और भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें. गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें. शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और सफेद फूल अर्पित करें. दीपक जलाकर शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कहें और अंत में आरती करके प्रसाद बांटें. व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है. लाल वस्त्र, मसूर दाल या गुड़ का दान मंगल ग्रह को शांत करने के लिए लाभकारी होता है. भौम प्रदोष व्रत के नियम इस दिन झूठ बोलना, किसी से बहस करना या क्रोध करना अशुभ माना जाता है. मंगल ग्रह का संबंध ऊर्जा और क्रोध से होता है, इसलिए इस दिन गुस्सा करने से उसका नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है. शांत और संयमित व्यवहार रखना बहुत जरूरी है. माता-पिता, गुरु, बुजुर्ग या जरूरतमंद का अपमान नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पुण्य कम होता है और भगवान शिव की कृपा भी नहीं मिलती. सेवा, दया और सम्मान का भाव रखना इस व्रत में बहुत महत्वपूर्ण है. इस दिन चोरी, छल, कपट या किसी को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों से पूरी तरह बचना चाहिए. साथ ही, बुरी संगति या गलत विचारों से भी दूरी बनाए रखें. व्रत का उद्देश्य आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाना होता है. व्रत के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना अत्यंत जरूरी होता है. इससे मन की एकाग्रता बनी रहती है और पूजा का फल अधिक मिलता है.
Aaj Ka Panchang 30 March 2026: 30 मार्च 2026 सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी है. जानें आज का अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल, चंद्रमा का गोचर, शुभ-अशुभ समय और इस दिन का उपाय. Hindi Panchang 30 मार्च 2026: 30 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष का सोम प्रदोष व्रत और अनंग त्रयोदशी का संयोग बना है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ कामदेव (जिन्हें 'अनंग' कहा जाता है) और रति की पूजा की जाती है, मान्यता है इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता बढ़ती है. इस दिन कामदेव के मंत्र क्लीं कामदेवाय नमः का 21 बार जप करना चाहिए. 30 मार्च का पंचांग 2026 (Hindi Panchang 30 March 2026) तिथि द्वादशी (29 मार्च 2026, सुबह 7.46 - 30 मार्च 2026, सुबह 7.09, इसके बाद त्रयोदशी शुरू) वार सोमवार नक्षत्र मघा योग शूल, रवि योग सूर्योदय सुबह 7.15 सूर्यास्त सुबह 5.38 चंद्रोदय दोपहर 4.16 चंद्रोस्त सुबह 5.00, 31 मार्च चंद्र राशि सिंह चौघड़िया मुहूर्त सुबह का चौघड़िया शुभ सुबह 6.14 - सुबह 7.47 शाम का चौघड़िया लाभ शाम 5.05 - रात 8.05 राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal) राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) सुबह 7.49 - सुबह 9.20 यमगण्ड काल सुबह 10.53 - दोपहर 12.26 गुलिक काल दोपहर 1.59 - दोपहर 3.32 विडाल योग दोपहर 2.48 - सुबह 6.13, 31 मार्च ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 30 March 2026) सूर्य मीन चंद्रमा सिंह मंगल कुंभ बुध कुंभ गुरु मिथुन शुक्र मेष शनि मीन राहु कुंभ केतु सिंह 30 मार्च 2026 का राशिफल ये राशिफल पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार है. मेष: आज भाग्य साथ देगा, कार्यों में सफलता और दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा. वृषभ: खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन सहयोग मिलेगा—आत्मविश्वास संतुलित रखें. मिथुन: आय में वृद्धि और प्रेम जीवन में खुशियां, दिन उत्साह से भरा रहेगा. कर्क: करियर में सफलता और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. सिंह: यात्रा और निवेश के योग, लेकिन सेहत और विरोधियों से सावधान रहें. कन्या: आत्मविश्वास से काम करें, तनाव से बचें और परिवार का सहयोग मिलेगा. तुला: प्रमोशन और धन लाभ के योग, रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी. वृश्चिक: खर्च बढ़ेंगे, लेकिन कार्यक्षेत्र में सराहना और मानसिक मजबूती रहेगी. धनु: आय में वृद्धि और प्रेम संबंधों में गहराई, नए अवसर मिलेंगे. मकर: प्रॉपर्टी से लाभ और परिवार में अच्छा तालमेल रहेगा. कुंभ: आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन निवेश और रिश्तों में सावधानी जरूरी है. मीन: आर्थिक लाभ और सुख-समृद्धि, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा. FAQs: 30 मार्च 2026 Q.कौन सा उपाय करें ? शादी हो चुकी है तो उसमें प्यार को बरकरार रखना चाहते हैं तो सोमवार के दिन दूध में थोड़ा सा केसर और कुछ फूल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. Q.कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ? इस दिन शूल और रवि योग बन रहा है.
Chaitra Navratri 2026 Day 5 Puja: 23 मार्च को चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने से ऐश्वर्य और एकाग्रता मिलती है. ऐसे में माता की साधना के लिए इस दिन क्या करें जान लें. Chaitra Navratri 2026 Day 5 Puja: नवरात्रि के 5वें दिन 23 मार्च 2026 को मां स्कंदमाता की पूजा होगी. ये माता दुर्गा की पांचवीं शक्ति हैं. स्कंदमाता” का अर्थ है- भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता.इनकी गोद में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय विराजमान रहते हैं, इसलिए इन्हें मातृत्व और करुणा का प्रतीक माना जाता है. स्कंदमाता का स्वरूप स्कंदमाता मां दुर्गा का अत्यंत करुणामयी और कल्याणकारी रूप हैं. चार भुजाएं होती हैं दो हाथों में कमल पुष्प एक हाथ में बाल स्कंद (कार्तिकेय) एक हाथ वरमुद्रा में वाहन - सिंह कमल के आसन पर विराजमान (इसी कारण “पद्मासना” भी कहा जाता है) स्कंदमाता की पूजा करने के लाभ यह स्वरूप ममता, दया और शक्ति का संगम है. मान्यता है कि जो लोग संतान प्राप्ति में बाधाएं झेल रहे, माता की कृपा से उनके घर जल्द ही किलकारियां गूंजती हैं. जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते हैं. भक्त को भय, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा मिलती है. स्कंदमाता भक्तों को एकाग्र रहना सिखाती हैं. वह बताती हैं कि जीवन अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है और हम खुद अपने सेनापति हैं. स्कंदमाता की पूजा करते रहने से हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहती है. उनकी पूजा-आराधना से साधक को परम शांति और सुख का अनुभव होता है. मां स्कंदमाता की पूजा विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सिल्वर रंग के वस्त्र धारण करें, क्योंकि इस दिन सोमवार है. माता को कुमकुम, रोली, और अक्षत (चावल) का तिलक लगाएं. पूजा के दौरान "ॐ देवी स्कंदमातायै नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें. कपूर या घी के दीपक से मां स्कंदमाता की आरती उतारें और स्तुति करें, जैसे: "या देवी सर्वभूतेषु मा स्कंद माता रूपेण संस्थिता". आरती उतारें और गोधुलि बेला में पुन माता की पूजा करें. मां स्कंदमाता का भोग मां स्कंदमाता की आराधना होती है. इस दिन केला या केले से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है. मां स्कंदमाता मंत्र पूजा मंत्र - ॐ देवी स्कंदमातायै नम: ध्यान मंत्र - सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।। स्कंदमाता की आरती जय तेरी हो स्कंदमाता, पांचवां नाम तुम्हारा आता। सब के मन की जानन हारी, जग जननी सब की महतारी। जय तेरी हो स्कंदमाता तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं, हर दम तुम्हें ध्याता रहूं मैं। कई नामों से तुझे पुकारा, मुझे एक है तेरा सहारा। जय तेरी हो स्कंदमाता कहीं पहाड़ों पर है डेरा, कई शहरो में तेरा बसेरा। हर मंदिर में तेरे नजारे, गुण गाए तेरे भक्त प्यारे। जय तेरी हो स्कंदमाता भक्ति अपनी मुझे दिला दो, शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो। इंद्र आदि देवता मिल सारे, करे पुकार तुम्हारे द्वारे। जय तेरी हो स्कंदमाता दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए, तुम ही खंडा हाथ उठाएं। दास को सदा बचाने आईं, चमन की आस पुराने आई। जय तेरी हो स्कंदमाता स्कंदमाता देती हैं ये सीख स्कंदमाता का यह रूप बताता है कि मोह माया में रहते हुए भी किस तरह बुद्धि और विवेक से असुरों का नाश करना चाहिए. माता को अपने पुत्र से अधिक प्रेम है इसलिए इन्हें अपने पुत्र के नाम के साथ संबोधित किया जाना अच्छा लगता है.