रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' इस साल की मच अवेटेड फ़िल्मों में से एक है. हर कोई रणबीर कपूर को भगवान राम के अवतार में बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. इस फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं. फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा कई कलाकार नजर आने वाले हैं . ऐसे में आइए जानते हैं कि फिल्म में कौन क्या किरदार निभा रहा है.
रणबीर कपूर
नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में दिखेंगे. रणबीर को भगवान राम के रूप में देखने के लिए फैंस बेहद एक्साइटेड हैं.

सई पल्लवी
साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस सई पल्लवी भी फिल्म में नजर आएंगी. वो माता सीता का किरदार निभा रही हैं.

यश
साउथ एक्टर यश को इस फिल्म में रावण के किरदार में देखा जा सकेगा.

सनी देओल
बॉलीवुड एक्टर सनी देओल फिल्म में हनुमान का रोल करेंगे.

अरुण गोविल
रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभा चुके अरुण गोविल फिल्म में राजा दशरथ का किरदार निभा रहे हैं.

रवि दुबे
एक्टर रवि दुबे भी फिल्म का हिस्सा हैं. वो फिल्म में लक्ष्मण की रोल प्ले करते नजर आएंगें.

लारा दत्ता
मशहूर एक्ट्रेस और मिस वर्ल्ड रह चुकी लारा दत्ता इस फिल्म में कैकेयी का रोल करेंगी.
रकुल प्रीत सिंह
एक्टेस रकुल प्रीत सिंह को फिल्म में शूर्पणखा के किरदार में देखा जाएगा.

काजल अग्रवाल
साउथ की एक्ट्रेस काजल अग्रवाल फिल्म में मंदोदरी का रोल प्ले कर रही हैं.

इसके अलावा, सुहैल नैय्यर 'रामायण' में बालि के छोटे भाई और वानर राज सुग्रीव का किरदार निभा रहे हैं. कुणाल कपूर इंद्र देव के किरदार में नजर आएंगे. शीबा चड्ढा को मंथरा के किरदार में कास्ट किया गया है. एक्टर आदिनाथ कोठारे को 'रामायण' में भरत के किरदार में कास्ट किया गया है. कुंभकरण के लिए 'पंचायत' फेम फैसल मलिक को कास्ट किया गया है.
बता दें कि 'रामायण' का पहला पार्ट इस दिवाली को रिलीज किया जाएगा. जबकि दूसरा पार्ट अगले साल दिवाली पर आएगा.
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है. तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था शादी की रस्में रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था. कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है. विजय-रश्मिका फिल्म प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही. IND vs ENG Semifinal Live Streaming: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. टीम इंडिया ने 1 मार्च को वेस्टइंडीज को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर अंतिम चार में एंट्री की. इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन, जिन्होंने नाबाद 97 रन की बेहतरीन पारी खेली. उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही. अब सेमीफाइनल में भारत का सामना ग्रुप-2 की टॉपर इंग्लैंड से होने जा रहा है. पहला सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. दोनों मुकाबलों के विजेता 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल खेलेंगे. IND VS ENG मैच कब और कितने बजे होगा? भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च, गुरुवार को खेला जाएगा. मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा. यह मुकाबला बेहद हाई-वोल्टेज माना जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमें लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने हैं. IND VS ENG मैच कहां खेला जाएगा? यह अहम सेमीफाइनल मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर बड़े मुकाबलों का लंबा इतिहास रहा है और फैंस को एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट की उम्मीद है. IND VS ENG मैच कहां देखें लाइव? भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. वहीं ऑनलाइन दर्शक इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकेंगे. दोनों टीमों के स्क्वॉड भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा. इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, जोश टंग और ल्यूक वुड.
LPG संकट के बीच BJP नेताओं ने गाड़ियों से उतारे पार्टी का झंडा! अखिलेश यादव ने किया चौंकाने वाला दावा देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच भारत में भी एलपीजी सप्लाई को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं. इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दावा किया है कि गैस संकट को लेकर जनता में बढ़ते गुस्से से बचने के लिए बीजेपी नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे तक हटा दिए हैं. उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. अखिलेश यादव का बड़ा दावा कन्नौज से सांसद और सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने लिखा कि अगर बीजेपी यह कह रही है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर उनकी पार्टी के मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद और करोड़ों कार्यकर्ता जनता के बीच क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं. अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, उसके नेता आज जनता से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं. उनका कहना था कि बीजेपी नेताओं को अपने भूमिगत ठिकानों से बाहर निकलकर जनता के बीच जाना चाहिए और गैस एजेंसियों के माध्यम से लोगों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में मदद करनी चाहिए. ‘जनता के गुस्से से बचने के लिए झंडे उतारे’ सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे उतार दिए हैं. उन्होंने लिखा कि जब जनता को गैस नहीं मिल रही है तो लोग गुस्से में सवाल पूछ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी नेता जनता के गुस्से से बचने के लिए अपनी पहचान छिपा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब सवाल यह है कि जनता किसका घेराव करे— बीजेपी नेताओं के घरों का उनके कार्यालयों का या फिर उनकी उन गाड़ियों का जिनसे पार्टी का झंडा हटा दिया गया है. गैस संकट पर सरकार को घेरा सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी हमेशा संकट को स्वीकार करने के बजाय उसे नकारने की कोशिश करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी के मुद्दे पर सरकार ने शुरुआत में इनकार किया था, उसी तरह आज एलपीजी और खाद जैसी आवश्यक चीजों की कमी को भी नकारा जा रहा है. अखिलेश यादव ने कहा कि जब भी किसी जरूरी वस्तु की कमी होती है तो बीजेपी उससे जुड़ी समस्याओं को स्वीकार करने के बजाय आंकड़ों और बयानों के जरिए उसे छिपाने की कोशिश करती है. कोरोना काल का भी किया जिक्र अपने बयान में Akhilesh Yadav ने कोरोना महामारी का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना के समय देश में ऑक्सीजन की भारी कमी थी, लेकिन उस समय भी सरकार और बीजेपी नेताओं ने इसे स्वीकार करने में देरी की. उनका कहना था कि अब वही स्थिति गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं के मामले में देखने को मिल रही है. ‘बीजेपी आपदा में भी कालाबाजारी ढूंढ लेती है’ अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि संकट की स्थिति में भी पार्टी के लोग कालाबाजारी करने के अवसर तलाश लेते हैं. उन्होंने कहा कि जब जनता संकट में होती है, तब सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह स्थिति को संभाले और लोगों को राहत दे. लेकिन उनके मुताबिक बीजेपी ऐसा करने के बजाय समस्या को ही नकार देती है. मुफ्त भोजनालय चलाने की मांग सपा प्रमुख ने कहा कि अगर गैस संकट और महंगाई के कारण लोग भोजन के लिए भी परेशान हो रहे हैं तो बीजेपी और उससे जुड़े संगठनों को आगे आकर मुफ्त भोजनालय चलाने चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार और उसके समर्थक संगठन जनता की मदद नहीं कर सकते तो कम से कम उन्हें जनता के सामने आने से बचना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर? विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल-गैस सप्लाई से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण कई देशों में ऊर्जा कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है. हालांकि भारत सरकार की ओर से अभी तक किसी बड़े एलपीजी संकट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. सरकार की ओर से क्या कहा गया सरकार के सूत्रों के अनुसार देश में एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और तेल विपणन कंपनियां लगातार सिलेंडर की आपूर्ति बनाए हुए हैं. सरकार का कहना है कि कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन की समस्या हो सकती है, लेकिन इसे पूरे देश में गैस संकट कहना सही नहीं होगा. विपक्ष का हमला जारी हालांकि विपक्षी दल लगातार महंगाई और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे हैं. समाजवादी पार्टी के अलावा कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी गैस सिलेंडर की कीमतों और सप्लाई को लेकर सवाल उठाए हैं. यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल उत्तर प्रदेश में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Akhilesh Yadav का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विपक्ष लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गैस संकट, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे आने वाले समय में यूपी की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं. सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि गैस सिलेंडर की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. वहीं बीजेपी समर्थक इसे राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कह रहे हैं कि विपक्ष बेवजह माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है. जनता की सबसे बड़ी चिंता – महंगाई राजनीतिक बयानबाजी के बीच आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों को लेकर है. एलपीजी सिलेंडर पहले ही कई शहरों में महंगा हो चुका है और अगर सप्लाई में भी समस्या आती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ सकता है.
दिग्गज एक्ट्रेस मुमताज ने हाल ही में राजेश खन्ना के 'आशीर्वाद' बंगले को लेकर अपनी भावनाएं जाहिर की हैं.उन्होंने कहा कि वो मेरे हीरो का घर था. उन्होंने साथ काम करने का एक्सपीरियंस भी शेयर किया. बॉलीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना से जुड़ी यादें आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं. उनका मशहूर बंगला 'आशीर्वाद' भी कभी इंडस्ट्री का एक बड़ा पहचान चिन्ह माना जाता था. अब इसी घर और उससे जुड़ी यादों को लेकर वेटरन एक्ट्रेस मुमताज ने अपनी भावनाएं शेयर की हैं, जिसमें उन्होंने पुराने दिनों, अपने रिश्तों और खास पलों को याद किया. राजेश खन्ना के आशीर्वाद बंगले को लेकर इमोशनल हुई मुमताज हाल ही में विक्की लालवानी से बातचीत में मुमताज ने बताया कि उनका राजेश खन्ना से गहरा रिश्ता था, वह अक्सर उस बंगले में जाया करती थीं और उससे जुड़ी कई यादें आज भी उनके दिल के करीब हैं. मुमताज ने राजेश खन्ना के बंगले 'आशीर्वाद' को याद करते हुए कहा कहा, 'मुझे बहुत दुख हुआ था. आज भी जब मैं उस बिल्डिंग को देखती हूं, तो कहती हूं ये मेरे हीरो का घर था.' मुमताज ने यह भी बताया कि उनका अपना घर, जो उन्होंने मानी कुमारी से खरीदा था, 'आशीर्वाद' के बहुत करीब था. 'कार्टर रोड पर जो हमारा घर है, वह पहले मीना कुमारी का था और राजेश खन्ना के बंगले के पास ही था. मैं वहां अक्सर जाया करती थी.' अंजू महेन्द्रू और राजेश खन्ना बुहत ख्याल रखते थे- मुमताज उन्होंने उन दिनों को याद करते हुए कहा कि अंजू महेन्द्रू और राजेश खन्ना दोनों उनका बहुत ख्याल रखते थे. 'जब अंजू उनके साथ थीं, तो वह मुझे बुलाती थीं. मैं जब मायूर से सगाई के बाद जाती थी, तो उन्हें भी साथ ले जाती थी. काका और अंजू हमारा बहुत ख्याल रखते थे. खाओ, ये लो, वो लो. फिल्म इंडस्ट्री के लोग दिल के बहुत बड़े होते हैं.' मुमताज ने राजेश खन्ना के बंगले 'आशीर्वाद' को लेकर कहा कि उनकी इच्छा थी कि इसे उनके निधन के बाद म्यूज़ियम बना दिया जाए. 'सपना था कि इसे म्यूज़ियम बनाया जाएगा, लेकिन उनके जाने के बाद पता नहीं क्यों इसे बेच दिया गया.' हालांकि, उन्होंने इस पर ज्यादा अटकलें लगाने से साफ इनकार किया. 'मैंने सुना था कुछ समस्याएं थीं, लेकिन सच क्या है, मुझे नहीं पता. जब सच्चाई नहीं पता हो, तो टिप्पणी नहीं करनी चाहिए.' मुमताज़ ने कहा कि इंडस्ट्री में उनके रिश्ते हमेशा लंबे समय तक रहे हैं. 'मैं बहुत इमोशनल इंसान हूं. जब मैं किसी से प्यार करती हूं या दोस्ती करती हूं, तो वो हमेशा के लिए होती है. मैं अंजू और काका के बहुत करीब थी.' सेट के एक्सपीरियंस किए याद मुमताज ने राजेश खन्ना के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें उनकी आदतों की पूरी समझ थी. उन्होंने कहा 'नहीं, मुझे दिक्कत नहीं होती थी, क्योंकि वो आकर अपना काम पूरा करते थे. हमारे बीच एक समझ थी-मुझे पता था वो लेट आएंगे, लेकिन काम खत्म करेंगे.' उन्होंने बताया कि वह अपने शेड्यूल को उसी हिसाब से एडजस्ट कर लेती थीं. कभी-कभी बहस भी होती थी, लेकिन मैं काफी एडजस्ट करती थी. डायरेक्टर पहले मेरे सोलो शॉट्स ले लेते थे. मैं खुद पूछती थी हाई पिच में करना है या लो में और उसी हिसाब से परफॉर्म करती थी.' 'जब वो आते थे, तब हम साथ वाले सीन शूट करते थे. उसके बाद मेरा पैक-अप हो जाता था. मैं उनसे कहती थी मेरे क्लोज-अप हो गए हैं, अब आप अपना हिस्सा कर लीजिए. आप लेट आए हैं, मैं जा रही हूं.
Ranveer Singh At NMACC: धुरंधर 2 की सुपर सक्सेक के बाद रणवीर सिंह पहली बार पब्लिकली नजर आए. वे NMACC के इवेंट में पहुंचे थे. वहीं अब इवेंट से एक्टर की डांस करने की इनसाइड वीडियो वायरल हो रही है मुंबई में आयोजित Nita Mukesh Ambani Cultural Centre (NMACC) की तीसरी एनिवर्सरी इवेंट एक बार फिर सितारों से सजी रही, लेकिन इस बार सारी लाइमलाइट लूट ली Ranveer Singh ने। अपनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सुपर सक्सेस एंजॉय कर रहे रणवीर इवेंट में पूरे जोश में नजर आए। वायरल वीडियो में बैकग्राउंड में उनकी फिल्म Dil Dhadakne Do का सुपरहिट गाना Gallan Goodiyan बजता है और रणवीर खुद को डांस से रोक नहीं पाते। उनके साथ Nita Ambani भी जमकर थिरकती दिखती हैं, जबकि Mukesh Ambani मुस्कुराते हुए इस पल को एंजॉय करते नजर आते हैं। इवेंट के दूसरे वीडियो में रणवीर मंच पर मशहूर सिंगर्स Shankar Mahadevan और Shreya Ghoshal के साथ भी डांस करते दिखाई देते हैं। इस दौरान शंकर महादेवन उनका हाथ उठाकर जैसे उनकी सफलता का ऐलान करते हैं, जिस पर ऑडियंस भी जोरदार तालियों और चीयर के साथ प्रतिक्रिया देती है। रणवीर की एनर्जी और बेफिक्र अंदाज़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे जहां भी जाते हैं, वहां माहौल बना देते हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद फैंस जमकर उनकी तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि कुछ समय पहले तक रणवीर को उनकी एनर्जी और अलग अंदाज़ के लिए ट्रोल किया जाता था, लेकिन आज वही स्टाइल उनकी पहचान और सफलता का कारण बन गया है। लोगों ने उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और खुद के प्रति सच्चे रहने की सराहना की है। वहीं उनकी फिल्म ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने रिलीज के 15 दिनों में 959.37 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है, जबकि वर्ल्डवाइड कमाई 1523.58 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस फिल्म का निर्देशन Aditya Dhar ने किया है और इसमें Arjun Rampal, R. Madhavan, Sanjay Dutt जैसे दमदार कलाकार नजर आए हैं, साथ ही Yami Gautam का कैमियो भी चर्चा में है।
Dhurandhar 2 BO Day 12 Worldwide: रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ का दुनियाभर में डंका बज रहा है. हालांकि रिलीज के 12वें दिन इसके कलेक्शन में मंदी देखी गई फिर भी ये 14 सौ करोड़ी बनने से इंचभर दूर रह गई है. रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ हर गुजरते दिन के साथ न केवल अपने कलेक्शन में भारी भरकम इजाफा करती जा रही है बल्कि नए-नए रिकॉर्ड भी अपने नाम कर रही है. देश और दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही इस फिल्म ने सुपर फास्ट स्पीड से उम्मीदों से कई गुना ज्यादा कलेक्शन कर तमाम सारी बॉलीवुड फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. यहां तक कि इसने कई बड़ी पैन इंडिया फिल्मों के रिकॉर्ड भी नेस्तनाबूत कर दिए हैं. हालांकि दूसरे मंडे पहली बार इसकी कमाई में थोड़ी मंदी देखी गई. चलिए यहा जानते हैं इस फिल्म ने रिलीज के 12वें दिन यानी दूसरे मंडे को वर्ल्डवाइड कितना कलेक्शन किया है? ‘धुरंधर 2’ ने 12वें दिन वर्ल्डवाइड कितना किया कलेक्शन? रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर 2’ ने सिनेमाघरों में ज़बरदस्त ओपनिंग की थी और इसने रिलीज के पहले ही दिन दुनिया भर में 240 करोड़ कमाए (जिसमें पेड प्रीव्यू से मिले 75 करोड़ भी शामिल हैं) थे. इसके बाद बुलेट ट्रेन से भी तेज दौड़ते हुए इस फ़िल्म ने अपने पहले हफ़्ते में ही 1000 करोड़ से ज़्यादा की कमाई कर डाली थी . फिर 'धुरंधर 2' का बॉक्स ऑफ़िस पर दूसरा वीकेंड भी काफ़ी शानदार रहा. इसने घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर 170 करोड़ से ज़्यादा की नेट कमाई की, जो कि ज़्यादातर फ़िल्मों के ओपनिंग वीकेंड की कमाई से भी ज़्यादा है. इसके साथ ही फ़िल्म का घरेलू कलेक्शन बढ़कर 847 करोड़ नेट हो गया, जो कि बॉलीवुड फ़िल्मों के लिए एक नया रिकॉर्ड है. सोमवार को फ़िल्म के कलेक्शन में पहली बार बड़ी गिरावट देखने को मिली. बता दें कि 12वें दिन, 'धुरंधर 2 ' ने 17,614 शो में भारत में 25.30 करोड़ का नेट कलेक्शन किया. इसके साथ ही, भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,042.23 करोड़ और कुल नेट कलेक्शन अब तक 872.17 करोड़ हो गया है. वहीं विदेशों में, फिल्म ने 12वें दिन 8.00 करोड़ का कलेक्शन किया, जिससे इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन अब तक 350.00 करोड़ हो गया है. इससे इसका दुनिया भर का कुल ग्रॉस कलेक्शन बढ़कर ₹1392.23 करोड़ हो गया है. 'धुरंधर 2' वर्ल्डवाइड बस तीन फिल्मों से है पीछे धुरंधर 2 की दुनिया भर की कमाई ब1392 करोड़ ग्रॉस हो गई है और ये 14 सौ करोड़ी बनने से इंचभर दूर है. इसी के साथ अब, यह फ़िल्म सिर्फ़ दंगल (2070 करोड़), बाहुबली 2 (1788 करोड़), और पुष्पा 2 (1724 करोड़) से पीछे है. ओवरसीज में बॉबी-शोले को दी मात विदेशों में, धुरंधर 2 गल्फ़ देशों में रिलीज़ नहीं हुई. और फिर भी, यह विदेशों में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली टॉप 15 भारतीय फ़िल्मों में जगह बनाने में कामयाब रही है. इसकी $38 मिलियन की कमाई ने बॉबी ($29.4 मिलियन), शोले ($28.2 मिलियन), और पुष्पा 2 ($31 मिलियन) जैसी ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है., 'धुरंधर 2' के बारे में सब कुछ रणवीर सिंह के अलावा, ‘धुरंधर 2’ में आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी ने भी अपने किरदारों में कमबैक किया है. आदित्य धर द्वारा निर्देशित यह स्पाई थ्रिलर 19 मार्च को रिलीज़ हुई थी. बता दें कि पहली धुरंधर ने दुनिया भर में 1300 करोड़ कमाए थे उम्मीद है कि इसका सीक्वल 2000 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगा.