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दिवंगत धर्मेद्र को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, बॉबी देओल की आंखों से छलके आंसू, बोले- 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस तरह....'

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
धर्मेंद्र को मिले लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को लेते हुए बॉबी देओल हुए इमोशनल

 

Bobby Deol On Dharmendra: बीते दिन एक अवॉर्ड फंक्शन में अपने पिता और दिग्गज दिवंगत अभिनेता धर्मेद्र को मिले लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को लेते हुए बॉबी देओल काफी भावुक हो गए.

 

मुंबई में आयोजित चेतक स्क्रीन अवॉर्ड्स 2026 का माहौल उस वक्त बेहद भावुक हो गया, जब बॉबी देओल अपने दिवंगत पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे। यह सिर्फ एक सम्मान ग्रहण करने का क्षण नहीं था, बल्कि एक बेटे के दिल की गहराइयों से उमड़ते जज़्बातों का ऐसा दृश्य था, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति और सोशल मीडिया पर इसे देखने वाले लाखों फैंस को भावुक कर दिया।

 

धर्मेंद्र को दिया गया यह लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मरणोपरांत था—एक ऐसा सम्मान जो उनके दशकों लंबे फिल्मी करियर, संघर्ष, प्रतिभा और भारतीय सिनेमा में उनके अमिट योगदान को सलाम करता है। इस अवॉर्ड को मंच पर जावेद अख्तर, रमेश सिप्पी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मिलकर प्रस्तुत किया। जैसे ही बॉबी देओल ने मंच पर कदम रखा, तालियों की गूंज के बीच एक अलग ही भावनात्मक ऊर्जा महसूस की जा रही थी—मानो पूरा हॉल धर्मेंद्र के प्रति अपने प्यार और सम्मान को उस बेटे के माध्यम से व्यक्त कर रहा हो, जो अपने पिता की विरासत को संभालने के लिए खड़ा था।

 

अवॉर्ड ग्रहण करते समय बॉबी देओल की आंखों में आंसू साफ झलक रहे थे। उन्होंने अपने भावनात्मक संबोधन में कहा, “मुझे आप सभी की आंखों में अपने पिता का प्यार दिखता है।” यह एक साधारण वाक्य नहीं था, बल्कि उस गहरे रिश्ते की अभिव्यक्ति थी जो धर्मेंद्र ने दशकों तक अपने दर्शकों के साथ बनाया था। उन्होंने आगे बताया कि उनके पिता सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि एक ऐसे इंसान थे जो लोगों को खुश देखना चाहते थे। यहां तक कि अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भी उन्होंने सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम रील्स के जरिए लोगों से जुड़ने और उन्हें मुस्कुराने की कोशिश जारी रखी।

 

बॉबी ने यह भी साझा किया कि धर्मेंद्र का मानना था कि हर इंसान के अंदर एक खास प्रतिभा होती है और अगर वह खुद पर विश्वास करे, तो वह कुछ भी हासिल कर सकता है। यह सोच सिर्फ एक प्रेरणादायक संदेश नहीं, बल्कि धर्मेंद्र के पूरे जीवन का सार थी। उन्होंने अपने करियर में संघर्ष के कई दौर देखे—सफलता के शिखर से लेकर मुश्किल समय तक—लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

 

अपने भाषण के दौरान बॉबी देओल बार-बार रुकते, खुद को संभालते और फिर आगे बोलते नजर आए। उन्होंने कहा, “मैं जहां भी जाता हूं, मुझे जो प्यार मिलता है, वह मेरे पिता की वजह से है। उन्होंने हमारे लिए लोगों के दिल खोल दिए।” यह बात दर्शाती है कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने अपने व्यवहार, विनम्रता और इंसानियत से लोगों के दिलों में जगह बनाई।

 

सबसे भावुक क्षण तब आया जब बॉबी ने कहा, “आज यहां खड़े होकर मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं घर जाकर उनसे कहूंगा—पापा, आप नहीं आ सके, इसलिए मैं आपका अवॉर्ड अपने साथ ले आया हूं।” यह सुनकर पूरे सभागार में सन्नाटा छा गया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। यह एक बेटे की अपने पिता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि थी—जिसमें गर्व, प्यार और खोने का दर्द तीनों एक साथ महसूस हो रहे थे।

 

बॉबी ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस तरह इस मंच पर आएंगे। उन्होंने आयोजकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें धर्मेंद्र जैसे महान इंसान का बेटा बनने का अवसर मिला। उनके शब्दों में एक गहरी कृतज्ञता थी—भगवान के प्रति, अपने पिता के प्रति और उन सभी लोगों के प्रति जिन्होंने उनके परिवार को इतना प्यार दिया।

 

अवॉर्ड से पहले समारोह में धर्मेंद्र के फिल्मी करियर के सबसे यादगार पलों का एक विशेष मोंटाज दिखाया गया। इसमें उनकी क्लासिक फिल्मों के दृश्य, उनकी अदाकारी के विविध रंग और उनके व्यक्तित्व की झलक देखने को मिली। इस मोंटाज को और भी खास बना दिया अमिताभ बच्चन की आवाज़ ने, जिन्होंने वॉइसओवर के जरिए धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी और उनकी कविता की पंक्तियां सुनाईं। यह प्रस्तुति न सिर्फ एक सम्मान थी, बल्कि भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास का एक जीवंत पुनरावलोकन भी थी।

 

धर्मेंद्र का निधन पिछले साल 24 नवंबर को मुंबई में उनके घर पर हुआ था। वह 89 वर्ष के थे। अपने अंतिम दिनों में भी वह अपने परिवार के साथ थे और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के संपर्क में बने हुए थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से छुट्टी मिलने के बाद वह घर पर ही आराम कर रहे थे। उनके निधन के बाद 25 नवंबर को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नामों ने हिस्सा लिया और उन्हें अंतिम विदाई दी।

 

धर्मेंद्र का करियर हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है। उन्होंने 1960 के दशक में अपने अभिनय की शुरुआत की और जल्द ही अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस, आकर्षक व्यक्तित्व और बहुमुखी अभिनय के कारण दर्शकों के दिलों पर छा गए। ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘सीता और गीता’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। वह एक ऐसे अभिनेता थे जो एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और भावनात्मक भूमिकाओं में समान रूप से प्रभावशाली रहे।

 

बॉबी देओल का यह भावुक क्षण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फैंस ने इस वीडियो को शेयर करते हुए धर्मेंद्र के प्रति अपनी यादें और भावनाएं व्यक्त कीं। कई लोगों ने लिखा कि यह सिर्फ एक अवॉर्ड समारोह नहीं था, बल्कि एक युग को याद करने और उसे सम्मान देने का अवसर था।

 

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं, रिश्तों और यादों का संगम है। धर्मेंद्र जैसे कलाकार अपने पीछे सिर्फ फिल्में नहीं छोड़ते, बल्कि एक ऐसी विरासत छोड़ जाते हैं जो पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करती रहती है।

 

 

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

मनोरंजन

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दिवंगत धर्मेद्र को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, बॉबी देओल की आंखों से छलके आंसू, बोले- 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस तरह....'

  Bobby Deol On Dharmendra: बीते दिन एक अवॉर्ड फंक्शन में अपने पिता और दिग्गज दिवंगत अभिनेता धर्मेद्र को मिले लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को लेते हुए बॉबी देओल काफी भावुक हो गए.   मुंबई में आयोजित चेतक स्क्रीन अवॉर्ड्स 2026 का माहौल उस वक्त बेहद भावुक हो गया, जब बॉबी देओल अपने दिवंगत पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे। यह सिर्फ एक सम्मान ग्रहण करने का क्षण नहीं था, बल्कि एक बेटे के दिल की गहराइयों से उमड़ते जज़्बातों का ऐसा दृश्य था, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति और सोशल मीडिया पर इसे देखने वाले लाखों फैंस को भावुक कर दिया।   धर्मेंद्र को दिया गया यह लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मरणोपरांत था—एक ऐसा सम्मान जो उनके दशकों लंबे फिल्मी करियर, संघर्ष, प्रतिभा और भारतीय सिनेमा में उनके अमिट योगदान को सलाम करता है। इस अवॉर्ड को मंच पर जावेद अख्तर, रमेश सिप्पी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मिलकर प्रस्तुत किया। जैसे ही बॉबी देओल ने मंच पर कदम रखा, तालियों की गूंज के बीच एक अलग ही भावनात्मक ऊर्जा महसूस की जा रही थी—मानो पूरा हॉल धर्मेंद्र के प्रति अपने प्यार और सम्मान को उस बेटे के माध्यम से व्यक्त कर रहा हो, जो अपने पिता की विरासत को संभालने के लिए खड़ा था।   अवॉर्ड ग्रहण करते समय बॉबी देओल की आंखों में आंसू साफ झलक रहे थे। उन्होंने अपने भावनात्मक संबोधन में कहा, “मुझे आप सभी की आंखों में अपने पिता का प्यार दिखता है।” यह एक साधारण वाक्य नहीं था, बल्कि उस गहरे रिश्ते की अभिव्यक्ति थी जो धर्मेंद्र ने दशकों तक अपने दर्शकों के साथ बनाया था। उन्होंने आगे बताया कि उनके पिता सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि एक ऐसे इंसान थे जो लोगों को खुश देखना चाहते थे। यहां तक कि अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भी उन्होंने सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम रील्स के जरिए लोगों से जुड़ने और उन्हें मुस्कुराने की कोशिश जारी रखी।   बॉबी ने यह भी साझा किया कि धर्मेंद्र का मानना था कि हर इंसान के अंदर एक खास प्रतिभा होती है और अगर वह खुद पर विश्वास करे, तो वह कुछ भी हासिल कर सकता है। यह सोच सिर्फ एक प्रेरणादायक संदेश नहीं, बल्कि धर्मेंद्र के पूरे जीवन का सार थी। उन्होंने अपने करियर में संघर्ष के कई दौर देखे—सफलता के शिखर से लेकर मुश्किल समय तक—लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।   अपने भाषण के दौरान बॉबी देओल बार-बार रुकते, खुद को संभालते और फिर आगे बोलते नजर आए। उन्होंने कहा, “मैं जहां भी जाता हूं, मुझे जो प्यार मिलता है, वह मेरे पिता की वजह से है। उन्होंने हमारे लिए लोगों के दिल खोल दिए।” यह बात दर्शाती है कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने अपने व्यवहार, विनम्रता और इंसानियत से लोगों के दिलों में जगह बनाई।   सबसे भावुक क्षण तब आया जब बॉबी ने कहा, “आज यहां खड़े होकर मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं घर जाकर उनसे कहूंगा—पापा, आप नहीं आ सके, इसलिए मैं आपका अवॉर्ड अपने साथ ले आया हूं।” यह सुनकर पूरे सभागार में सन्नाटा छा गया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। यह एक बेटे की अपने पिता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि थी—जिसमें गर्व, प्यार और खोने का दर्द तीनों एक साथ महसूस हो रहे थे।   बॉबी ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस तरह इस मंच पर आएंगे। उन्होंने आयोजकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें धर्मेंद्र जैसे महान इंसान का बेटा बनने का अवसर मिला। उनके शब्दों में एक गहरी कृतज्ञता थी—भगवान के प्रति, अपने पिता के प्रति और उन सभी लोगों के प्रति जिन्होंने उनके परिवार को इतना प्यार दिया।   अवॉर्ड से पहले समारोह में धर्मेंद्र के फिल्मी करियर के सबसे यादगार पलों का एक विशेष मोंटाज दिखाया गया। इसमें उनकी क्लासिक फिल्मों के दृश्य, उनकी अदाकारी के विविध रंग और उनके व्यक्तित्व की झलक देखने को मिली। इस मोंटाज को और भी खास बना दिया अमिताभ बच्चन की आवाज़ ने, जिन्होंने वॉइसओवर के जरिए धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी और उनकी कविता की पंक्तियां सुनाईं। यह प्रस्तुति न सिर्फ एक सम्मान थी, बल्कि भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास का एक जीवंत पुनरावलोकन भी थी।   धर्मेंद्र का निधन पिछले साल 24 नवंबर को मुंबई में उनके घर पर हुआ था। वह 89 वर्ष के थे। अपने अंतिम दिनों में भी वह अपने परिवार के साथ थे और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के संपर्क में बने हुए थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से छुट्टी मिलने के बाद वह घर पर ही आराम कर रहे थे। उनके निधन के बाद 25 नवंबर को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नामों ने हिस्सा लिया और उन्हें अंतिम विदाई दी।   धर्मेंद्र का करियर हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है। उन्होंने 1960 के दशक में अपने अभिनय की शुरुआत की और जल्द ही अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस, आकर्षक व्यक्तित्व और बहुमुखी अभिनय के कारण दर्शकों के दिलों पर छा गए। ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘सीता और गीता’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। वह एक ऐसे अभिनेता थे जो एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और भावनात्मक भूमिकाओं में समान रूप से प्रभावशाली रहे।   बॉबी देओल का यह भावुक क्षण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फैंस ने इस वीडियो को शेयर करते हुए धर्मेंद्र के प्रति अपनी यादें और भावनाएं व्यक्त कीं। कई लोगों ने लिखा कि यह सिर्फ एक अवॉर्ड समारोह नहीं था, बल्कि एक युग को याद करने और उसे सम्मान देने का अवसर था।   इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं, रिश्तों और यादों का संगम है। धर्मेंद्र जैसे कलाकार अपने पीछे सिर्फ फिल्में नहीं छोड़ते, बल्कि एक ऐसी विरासत छोड़ जाते हैं जो पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करती रहती है।    

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

गल्लां गूड़ियां' सॉन्ग पर नीता अंबानी संग जमकर झूमे 'धुरंधर 2' के 'हमजा', NMACC के इवेंट से रणवीर सिंह की वीडियो वायरल

57वें बर्थडे पर 'सिंघम' के घर के बाहर उमड़ा जनसैलाब, अजय देवगन के साथ फैंस ने ऐसे मनाया जश्न

‘रामायण’ टीजर रिलीज, रणबीर कपूर छाए, ‘धुरंधर 2’ का धमाका, ‘क्वीन 2’ अपडेट

रणबीर कपूर की 'रामायण' से 'भगवान राम' की पहली झलक आई सामने, क्वीन 2 को लेकर आया बड़ा अपडेट

भारत मंडपम में 5वें दिन सजी ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’, आईएफएफडी 2026 ने रचा सिनेमा और संस्कृति का भव्य संगम

  दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली (आईएफएफडी) 2026 अपने पांचवें दिन एक शानदार ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया. इस खास शाम ने सिनेमा, संस्कृति और उत्सव को एक मंच पर लाकर राजधानी को एक वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत संदेश दिया.     दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी ने बढ़ाई शाम की गरिमा   कार्यक्रम की भव्यता उस समय और बढ़ गई जब मुख्य अतिथि के रूप में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा मंच पर मौजूद रहे. इन प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व और दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को नए आयाम देने के संकल्प को दर्शाया.     दिल्ली को सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में पहल   मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली सिर्फ देश की राजधानी नहीं, बल्कि विविधता और संभावनाओं का केंद्र है. उन्होंने इस महोत्सव को नई सांस्कृतिक पहचान गढ़ने वाला मंच बताते हुए कहा कि सिनेमा लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने की ताकत रखता है. उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और नए कलाकारों के लिए इस मंच को अवसरों का द्वार बताया.     पर्यटन और फिल्म शूटिंग के लिए वैश्विक हब बनाने की तैयारी   पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि आईएफएफडी की परिकल्पना को सरकार ने गंभीरता से साकार किया है. उनका लक्ष्य दिल्ली को न सिर्फ राजनीतिक, बल्कि सांस्कृतिक और फिल्म निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है.     दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई मजबूती   उपराज्यपाल ने इस आयोजन को दिल्ली की विकसित होती सांस्कृतिक छवि का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि इस मंच ने देश-विदेश के कलाकारों और दर्शकों को एक साथ लाकर रचनात्मक ऊर्जा को नई दिशा दी है.     सिनेमा से आगे बढ़कर भावनाओं का उत्सव बना आईएफएफडी   फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन भावनाओं और संवादों का उत्सव है जो सिनेमा पैदा करता है. दर्शकों की भारी भागीदारी ने इस बात को साबित किया कि सिनेमा आज भी लोगों को जोड़ने की ताकत रखता है.     ‘वंदे मातरम’ से शुरुआत, यादगार प्रस्तुतियों से सजा मंच   शाम की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन और संबोधन हुए. अभिनेता अनुपम खेर ने सिनेमा को काव्यात्मक श्रद्धांजलि दी, वहीं संगीतकार रिकी केज की प्रस्तुति ने माहौल को और भावपूर्ण बना दिया.     सम्मानों में दिखी सिनेमा की विविधता और वैश्विक पहचान   इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित हस्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया. सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के प्रतिनिधिमंडल की सराहना की गई, वहीं फिल्म ‘शोले’ के 50 वर्ष पूरे होने पर रमेश सिप्पी को विशेष सम्मान दिया गया. एनरिक आर्से सहित अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को वैश्विक पहचान दी.       नई तकनीक और उभरती प्रतिभाओं को मिला मंच   ‘एआई फिल्ममेकिंग हैकाथॉन’ के जरिए नई तकनीकों और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया. ‘कैपिटल्स प्राइड’ श्रेणी में गुनीत मोंगा, टी.पी. अग्रवाल और दिव्या दत्ता को सम्मान मिला, जबकि भूमि पेडनेकर को ‘एक्टर विद अ मिशन’ के रूप में सराहा गया.     बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को मिला सम्मान   फिल्म ‘सैयारा’ को ‘पाथब्रेकिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ और ‘सितारे जमीन पर’ को ‘मोस्ट इंस्पायरिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ चुना गया. ‘तन्वी द ग्रेट’ के लिए अनुपम खेर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और शुभांगी दत्त को सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का सम्मान मिला. ‘धुरंधर’ के लिए रणवीर सिंह और आदित्य धर को भी प्रमुख पुरस्कार मिले.     मास्टरक्लास और चर्चाओं ने जोड़ी बौद्धिक गहराई   दिनभर आयोजित सत्रों में दर्शकों की भारी भागीदारी देखने को मिली. दिव्या दत्ता, श्रिया पिलगांवकर और श्वेता बसु प्रसाद ने ओटीटी में महिलाओं की भूमिका पर महत्वपूर्ण चर्चा की. अनुपम खेर की मास्टरक्लास ने अभिनय के मूल तत्वों और जीवन के अनुभवों के महत्व को रेखांकित किया.     भूमि पेडनेकर ने साझा किया संघर्ष और सफलता का सफर   भूमि पेडनेकर ने अपने करियर के शुरुआती संघर्षों और सिनेमा के प्रति अपनी सोच को साझा किया. उन्होंने दर्शकों से सार्थक फिल्मों को समर्थन देने की अपील की और इंडस्ट्री में सकारात्मक माहौल की जरूरत पर जोर दिया.     विविध फिल्मों की स्क्रीनिंग ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध   फेस्टिवल में विभिन्न भाषाओं और विषयों की फिल्मों ने दर्शकों को आकर्षित किया. अहिल्या: झुंज एकाकी, नेने राजू नेने मंत्री और माँ जाए जैसी फिल्मों ने अलग-अलग कहानियों के जरिए गहरी छाप छोड़ी. शोले की स्क्रीनिंग में उमड़ी भीड़ ने इसकी लोकप्रियता को फिर साबित किया.     समापन की ओर बढ़ता उत्सव, उम्मीदों का चरम   31 मार्च को फेस्टिवल अपने अंतिम दिन में प्रवेश कर गया, जहां समापन फिल्म ‘अमीबा’ और खास चर्चाओं के साथ कार्यक्रम को यादगार बनाने की तैयारी है. राकेश ओमप्रकाश मेहरा और इम्तियाज अली जैसे फिल्मकारों की बातचीत ने सिनेमा के भविष्य पर नई दृष्टि दी.     सिर्फ फिल्म नहीं, यादगार अनुभव बना आईएफएफडी   आईएफएफडी 2026 ने यह साबित कर दिया कि यह महोत्सव केवल फिल्मों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि यादों और अनुभवों का निर्माण भी करता है. जैसे-जैसे यह अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, यह दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ता जा रहा है.  

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0

दुनियाभर में ‘धुरंधर 2’ का धमाल, रौंद डाले 'बॉबी'-'शोले 'के रिकॉर्ड, वर्ल्डवाइड कर डाला होश उड़ा देने वाला कलेक्शन

'फ्लाइट में बैठने से पहले ही होने लगती है घबराहट..' टाइगर श्रॉफ को है ये अजीबो-गरीब बीमारी, खुद किया खुलासा

जरीन खान का हिंदू रीति-रिवाजों से क्यों हुआ था अंतिम संस्कार, बेटे जायद ने अब तोड़ी चुप्पी, बोले- 'हमें बताने की जरूरत नहीं...'

राम से हनुमान तक कंफर्म है ‘रामायण’ की पूरी कास्ट, रणबीर कपूर से सनी देओल तक कौन क्या बनेगा, जान लें

  Ramayana Film Cast: अपकमिंग फिल्म 'रामायण' को लेकर काफी क्रेज देखने को मिल रहा है. फिल्म में कई कलाकार नज़र आने वाले हैं. आइए जानते है कि फिल्म में कौन सा एक्टर किसका रोल प्ले करने वाला है.     रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' इस साल की मच अवेटेड फ़िल्मों में से एक है. हर कोई रणबीर कपूर को भगवान राम के अवतार में बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. इस फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं. फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा कई कलाकार नजर आने वाले हैं . ऐसे में आइए जानते हैं कि फिल्म में कौन क्या किरदार निभा रहा है.       रणबीर कपूर नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में दिखेंगे. रणबीर को भगवान राम के रूप में देखने के लिए फैंस बेहद एक्साइटेड हैं.         सई पल्लवी साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस सई पल्लवी भी फिल्म में नजर आएंगी. वो माता सीता का किरदार निभा रही हैं.         यश साउथ एक्टर यश को इस फिल्म में रावण के किरदार में देखा जा सकेगा.         सनी देओल बॉलीवुड एक्टर सनी देओल फिल्म में हनुमान का रोल करेंगे.         अरुण गोविल रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभा चुके अरुण गोविल फिल्म में राजा दशरथ का किरदार निभा रहे हैं.         रवि दुबे  एक्टर रवि दुबे भी फिल्म का हिस्सा हैं. वो फिल्म में  लक्ष्मण की रोल प्ले करते नजर आएंगें.         लारा दत्ता मशहूर एक्ट्रेस और मिस वर्ल्ड रह चुकी लारा दत्ता इस फिल्म में कैकेयी का रोल करेंगी.         रकुल प्रीत सिंह एक्टेस रकुल प्रीत सिंह को फिल्म में शूर्पणखा के किरदार में देखा जाएगा.         काजल अग्रवाल साउथ की एक्ट्रेस काजल अग्रवाल फिल्म में मंदोदरी का रोल प्ले कर रही हैं.     इसके अलावा, सुहैल नैय्यर 'रामायण' में बालि के छोटे भाई और वानर राज सुग्रीव का किरदार निभा रहे हैं. कुणाल कपूर इंद्र देव के किरदार में नजर आएंगे. शीबा चड्ढा को मंथरा के किरदार में कास्ट किया गया है. एक्टर आदिनाथ कोठारे को 'रामायण' में भरत के किरदार में कास्ट किया गया है. कुंभकरण के लिए 'पंचायत' फेम फैसल मलिक को कास्ट किया गया है.   बता दें कि 'रामायण' का पहला पार्ट इस दिवाली को रिलीज किया जाएगा. जबकि दूसरा पार्ट अगले साल दिवाली पर आएगा.  

Metroheadlines मार्च 28, 2026 0

'धुरंधर 2' के आने से 50 करोड़ी नहीं बन पाई 'द केरल स्टोरी 2', फिर भी बॉर्डर 2 से ज्यादा कमाया मुनाफा जानें- लाइफटाइम कलेक्शन

शाहिद-तृप्ति की 'ओ रोमियो' ओटीटी पर मचाने आ रही धमाल, जानें- कब और कहां देख सकेंगे?

'धुरंधर 2' में आखिरी सीन में नजर आए ऑटो ड्राइव नहीं देख पा रहे रणवीर सिंह की फिल्म, दिल छू लेगी वजह

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