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घर पर ऐसे करें पेडिक्योर, एक भी रुपया नहीं होगा खर्च

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

 

Skin Hydration For Feet: अगर आप अपने पैरों को खूबसूरत बिना पार्लर जाए रखना चाहती हैं, तो चलिए आपको बताते हैं कि आप इसके लिए क्या कर सकती हैं. इसमें आपके पैसे भी खर्च नहीं होंगे.

 

घर पर बिना पैसे खर्च किए पेडिक्योर करना आज के समय में न सिर्फ आसान है बल्कि बेहद असरदार भी है। भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, धूल-मिट्टी और मौसम के बदलते असर से हमारे पैर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, लेकिन अक्सर उनकी देखभाल सबसे कम होती है। ऐसे में पार्लर जाने के बजाय घर पर ही थोड़ा समय निकालकर अगर सही तरीके से पेडिक्योर किया जाए, तो आपके पैर न सिर्फ साफ और सुंदर दिखेंगे बल्कि हेल्दी और रिलैक्स भी महसूस करेंगे।

 

इस पूरी प्रक्रिया की खास बात यह है कि इसमें महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद बेसिक चीजों की मदद से आप प्रोफेशनल जैसा रिजल्ट पा सकती हैं। यह न सिर्फ पैसे बचाता है, बल्कि आपको खुद की केयर करने का समय भी देता है, जो मानसिक रूप से भी सुकून देता है।

 

सबसे पहले बात आती है नाखूनों की सफाई और शेप की। यह पेडिक्योर का बेस होता है। अगर नाखून ठीक से कटे और शेप में हों, तो पूरा लुक बेहतर दिखता है। पुराने नेल पॉलिश को हटाना जरूरी है क्योंकि उसके ऊपर नया कोट लगाने से नाखून पीले भी दिख सकते हैं और फिनिशिंग भी अच्छी नहीं आती। नाखून काटते समय उन्हें सीधा काटना चाहिए, क्योंकि बहुत ज्यादा गोल काटने से इनग्रोन नेल्स की समस्या हो सकती है। इसके बाद नेल फाइल से हल्के हाथों से शेप देना चाहिए ताकि किनारे स्मूद हो जाएं।

 

अब बारी आती है पैरों को आराम देने की, जिसे पेडिक्योर का सबसे रिलैक्सिंग स्टेप माना जाता है। गुनगुने पानी में पैर डालना सिर्फ सफाई के लिए नहीं, बल्कि मसल्स को रिलैक्स करने और थकान दूर करने के लिए भी जरूरी होता है। अगर आप इसमें थोड़ा सा नमक या बाथ सॉल्ट डालती हैं, तो यह एंटीसेप्टिक का काम करता है और पैरों की सूजन भी कम करता है। वहीं एसेंशियल ऑयल डालने से न सिर्फ खुशबू आती है बल्कि माइंड भी रिलैक्स होता है। अगर आपके पास छोटे कंकड़ हैं, तो उन्हें पानी में डालकर पैरों को हल्का-हल्का मूव करने से नैचुरल मसाज मिलती है, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है।

 

15-20 मिनट तक पैरों को भिगोने के बाद जब आप उन्हें बाहर निकालती हैं, तो स्किन काफी सॉफ्ट हो चुकी होती है। यही सही समय होता है डेड स्किन हटाने का। तौलिए से हल्के हाथों से पैरों को सुखाने के बाद एक्सफोलिएशन शुरू करना चाहिए। एड़ी और तलवों पर जमा सख्त और रूखी त्वचा को हटाने के लिए फुट स्क्रब या घर पर बना स्क्रब (जैसे चीनी और तेल का मिश्रण) इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि ज्यादा जोर से रगड़ने से स्किन डैमेज हो सकती है, इसलिए हमेशा हल्के हाथों से स्क्रब करें।

 

इसके बाद क्यूटिकल केयर बेहद जरूरी स्टेप है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। क्यूटिकल नाखूनों की सुरक्षा करते हैं, इसलिए उन्हें काटना नहीं बल्कि सॉफ्ट करके पीछे करना चाहिए। क्यूटिकल क्रीम लगाने से यह हिस्सा मुलायम हो जाता है और आसानी से पुश किया जा सकता है। इससे नाखून साफ और लंबे दिखाई देते हैं।

 

जब एक्सफोलिएशन और क्यूटिकल केयर पूरी हो जाए, तो पैरों को एक बार साफ पानी से धो लें और अच्छी तरह सुखा लें। अब सबसे जरूरी स्टेप आता है—मॉइश्चराइजिंग। यह आपके पूरे पेडिक्योर का रिजल्ट तय करता है। अगर आप सही तरीके से मॉइश्चराइजर लगाकर मसाज करती हैं, तो आपके पैर लंबे समय तक मुलायम बने रहते हैं। मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे स्किन हेल्दी और ग्लोइंग दिखती है। एड़ी, तलवे और उंगलियों के बीच के हिस्से पर खास ध्यान देना चाहिए।

 

मसाज के दौरान अगर आप थोड़ा समय निकालकर प्रेशर पॉइंट्स पर हल्का दबाव देती हैं, तो यह आपके पूरे शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है। यही वजह है कि पेडिक्योर को सिर्फ ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि थेरेपी भी कहा जाता है।

 

अब आता है सबसे फाइनल और खूबसूरत स्टेप—नेल पॉलिश लगाना। इसके लिए सबसे पहले बेस कोट लगाना जरूरी होता है, क्योंकि यह नाखूनों को दाग से बचाता है और नेल पॉलिश को लंबे समय तक टिकाए रखता है। इसके बाद अपनी पसंद का रंग चुनकर पतली लेयर में लगाएं। एक बार सूखने के बाद दूसरी लेयर लगाएं ताकि रंग गहरा और परफेक्ट दिखे।

 

अंत में टॉप कोट लगाना न भूलें। यह नेल पॉलिश को सील करता है और उसमें शाइन लाता है। साथ ही यह पॉलिश को जल्दी खराब होने से बचाता है। अगर आप चाहें तो पायल या टो-रिंग पहनकर अपने पैरों की खूबसूरती को और भी बढ़ा सकती हैं।

 

घर पर पेडिक्योर करने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि आप इसे अपनी जरूरत और समय के अनुसार कर सकती हैं। अगर आपके पैर ज्यादा ड्राई हैं, तो आप एक्स्ट्रा मॉइश्चराइजिंग कर सकती हैं। अगर टैनिंग है, तो नींबू या दही जैसे घरेलू उपाय भी शामिल कर सकती हैं।

 

नियमित रूप से हफ्ते में एक बार या कम से कम 15 दिन में एक बार पेडिक्योर करने से आपके पैर हमेशा साफ, मुलायम और खूबसूरत बने रहते हैं। इसके अलावा रोजाना सोने से पहले पैरों पर क्रीम लगाना और उन्हें साफ रखना भी जरूरी है।

 

इस तरह घर पर किया गया पेडिक्योर न सिर्फ आपकी खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि आपको खुद के लिए समय निकालने का मौका भी देता है। यह एक छोटी-सी आदत आपके पूरे व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव ला सकती है।

 

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

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घर पर ऐसे करें पेडिक्योर, एक भी रुपया नहीं होगा खर्च

  Skin Hydration For Feet: अगर आप अपने पैरों को खूबसूरत बिना पार्लर जाए रखना चाहती हैं, तो चलिए आपको बताते हैं कि आप इसके लिए क्या कर सकती हैं. इसमें आपके पैसे भी खर्च नहीं होंगे.   घर पर बिना पैसे खर्च किए पेडिक्योर करना आज के समय में न सिर्फ आसान है बल्कि बेहद असरदार भी है। भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, धूल-मिट्टी और मौसम के बदलते असर से हमारे पैर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, लेकिन अक्सर उनकी देखभाल सबसे कम होती है। ऐसे में पार्लर जाने के बजाय घर पर ही थोड़ा समय निकालकर अगर सही तरीके से पेडिक्योर किया जाए, तो आपके पैर न सिर्फ साफ और सुंदर दिखेंगे बल्कि हेल्दी और रिलैक्स भी महसूस करेंगे।   इस पूरी प्रक्रिया की खास बात यह है कि इसमें महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद बेसिक चीजों की मदद से आप प्रोफेशनल जैसा रिजल्ट पा सकती हैं। यह न सिर्फ पैसे बचाता है, बल्कि आपको खुद की केयर करने का समय भी देता है, जो मानसिक रूप से भी सुकून देता है।   सबसे पहले बात आती है नाखूनों की सफाई और शेप की। यह पेडिक्योर का बेस होता है। अगर नाखून ठीक से कटे और शेप में हों, तो पूरा लुक बेहतर दिखता है। पुराने नेल पॉलिश को हटाना जरूरी है क्योंकि उसके ऊपर नया कोट लगाने से नाखून पीले भी दिख सकते हैं और फिनिशिंग भी अच्छी नहीं आती। नाखून काटते समय उन्हें सीधा काटना चाहिए, क्योंकि बहुत ज्यादा गोल काटने से इनग्रोन नेल्स की समस्या हो सकती है। इसके बाद नेल फाइल से हल्के हाथों से शेप देना चाहिए ताकि किनारे स्मूद हो जाएं।   अब बारी आती है पैरों को आराम देने की, जिसे पेडिक्योर का सबसे रिलैक्सिंग स्टेप माना जाता है। गुनगुने पानी में पैर डालना सिर्फ सफाई के लिए नहीं, बल्कि मसल्स को रिलैक्स करने और थकान दूर करने के लिए भी जरूरी होता है। अगर आप इसमें थोड़ा सा नमक या बाथ सॉल्ट डालती हैं, तो यह एंटीसेप्टिक का काम करता है और पैरों की सूजन भी कम करता है। वहीं एसेंशियल ऑयल डालने से न सिर्फ खुशबू आती है बल्कि माइंड भी रिलैक्स होता है। अगर आपके पास छोटे कंकड़ हैं, तो उन्हें पानी में डालकर पैरों को हल्का-हल्का मूव करने से नैचुरल मसाज मिलती है, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है।   15-20 मिनट तक पैरों को भिगोने के बाद जब आप उन्हें बाहर निकालती हैं, तो स्किन काफी सॉफ्ट हो चुकी होती है। यही सही समय होता है डेड स्किन हटाने का। तौलिए से हल्के हाथों से पैरों को सुखाने के बाद एक्सफोलिएशन शुरू करना चाहिए। एड़ी और तलवों पर जमा सख्त और रूखी त्वचा को हटाने के लिए फुट स्क्रब या घर पर बना स्क्रब (जैसे चीनी और तेल का मिश्रण) इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि ज्यादा जोर से रगड़ने से स्किन डैमेज हो सकती है, इसलिए हमेशा हल्के हाथों से स्क्रब करें।   इसके बाद क्यूटिकल केयर बेहद जरूरी स्टेप है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। क्यूटिकल नाखूनों की सुरक्षा करते हैं, इसलिए उन्हें काटना नहीं बल्कि सॉफ्ट करके पीछे करना चाहिए। क्यूटिकल क्रीम लगाने से यह हिस्सा मुलायम हो जाता है और आसानी से पुश किया जा सकता है। इससे नाखून साफ और लंबे दिखाई देते हैं।   जब एक्सफोलिएशन और क्यूटिकल केयर पूरी हो जाए, तो पैरों को एक बार साफ पानी से धो लें और अच्छी तरह सुखा लें। अब सबसे जरूरी स्टेप आता है—मॉइश्चराइजिंग। यह आपके पूरे पेडिक्योर का रिजल्ट तय करता है। अगर आप सही तरीके से मॉइश्चराइजर लगाकर मसाज करती हैं, तो आपके पैर लंबे समय तक मुलायम बने रहते हैं। मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे स्किन हेल्दी और ग्लोइंग दिखती है। एड़ी, तलवे और उंगलियों के बीच के हिस्से पर खास ध्यान देना चाहिए।   मसाज के दौरान अगर आप थोड़ा समय निकालकर प्रेशर पॉइंट्स पर हल्का दबाव देती हैं, तो यह आपके पूरे शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है। यही वजह है कि पेडिक्योर को सिर्फ ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि थेरेपी भी कहा जाता है।   अब आता है सबसे फाइनल और खूबसूरत स्टेप—नेल पॉलिश लगाना। इसके लिए सबसे पहले बेस कोट लगाना जरूरी होता है, क्योंकि यह नाखूनों को दाग से बचाता है और नेल पॉलिश को लंबे समय तक टिकाए रखता है। इसके बाद अपनी पसंद का रंग चुनकर पतली लेयर में लगाएं। एक बार सूखने के बाद दूसरी लेयर लगाएं ताकि रंग गहरा और परफेक्ट दिखे।   अंत में टॉप कोट लगाना न भूलें। यह नेल पॉलिश को सील करता है और उसमें शाइन लाता है। साथ ही यह पॉलिश को जल्दी खराब होने से बचाता है। अगर आप चाहें तो पायल या टो-रिंग पहनकर अपने पैरों की खूबसूरती को और भी बढ़ा सकती हैं।   घर पर पेडिक्योर करने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि आप इसे अपनी जरूरत और समय के अनुसार कर सकती हैं। अगर आपके पैर ज्यादा ड्राई हैं, तो आप एक्स्ट्रा मॉइश्चराइजिंग कर सकती हैं। अगर टैनिंग है, तो नींबू या दही जैसे घरेलू उपाय भी शामिल कर सकती हैं।   नियमित रूप से हफ्ते में एक बार या कम से कम 15 दिन में एक बार पेडिक्योर करने से आपके पैर हमेशा साफ, मुलायम और खूबसूरत बने रहते हैं। इसके अलावा रोजाना सोने से पहले पैरों पर क्रीम लगाना और उन्हें साफ रखना भी जरूरी है।   इस तरह घर पर किया गया पेडिक्योर न सिर्फ आपकी खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि आपको खुद के लिए समय निकालने का मौका भी देता है। यह एक छोटी-सी आदत आपके पूरे व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव ला सकती है।  

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

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  Work From Home Neck Pain: कोविड काल से शुरू हुआ वर्क फ्रॉम होम का कल्चर अब लोगों की आदत बन चुका है. हालांकि, इससे कई तरह की दिक्कतें भी हो सकती हैं. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.   Sitting Posture While Working From Home: वर्क फ्रॉम होम अब अपवाद नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है. जो व्यवस्था कभी अस्थायी समाधान के तौर पर शुरू हुई थी, आज कई लोगों के लिए वही स्थायी ऑफिस बन गई है. न ट्रैफिक का झंझट, न तय समय की पाबंदी और घर के आराम में काम करने की आजादी, यह सब सुनने में जितना आसान लगता है, उतना ही आकर्षक भी है. लेकिन इसी आराम के बीच एक ऐसी आदत पनप रही है, जिस पर लोग ध्यान नहीं दे रहे, घर से काम करने का गलत तरीका.   सोफा, बेड, डाइनिंग टेबल या फिर फर्श पर बैठकर लैपटॉप पर काम करना अब आम बात हो गई है. मोबाइल देखते समय घंटों गर्दन झुकाए रखना, लैपटॉप गोद में रखकर काम करना या आधी लेटी अवस्था में मीटिंग अटेंड करना शुरुआत में भले ही आरामदेह लगे, लेकिन शरीर इसे चुपचाप सहन करता रहता है, असर धीरे-धीरे दिखता है.   क्या कहते हैं एक्सपर्ट? सीनियर स्पाइन सर्जन डॉ. नवीन पंडिता ने TOI को बताया कि वर्क फ्रॉम होम अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन गलत पॉस्चर और खराब बैठने की आदतें रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा रही हैं. उनके मुताबिक, अब पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा लोग गर्दन और पीठ दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं.   असल दिक्कत यह है कि घर का फर्नीचर ऑफिस के लिए बना ही नहीं होता. डाइनिंग चेयर लंबे समय तक बैठने के लिए नहीं होती, बेड पीठ को कोई सपोर्ट नहीं देता और सोफा रीढ़ की हड्डी को गलत एंगल में मोड़ देता है. रोज कई घंटे इसी तरह बैठने से गर्दन में जकड़न, कमर दर्द, कंधों में खिंचाव, सिरदर्द और आंखों में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं.   इन दिक्कतों के बढ़ रहे मामले डॉक्टरों के अनुसार, अब 20 और 30 की उम्र के युवाओं में भी क्रॉनिक लोअर बैक पेन और सर्वाइकल पेन के मामले बढ़ रहे हैं. कंप्यूटर स्क्रीन अक्सर आंखों की ऊंचाई से नीचे होती है, जिससे लोग आगे की ओर झुककर बैठते हैं और रीढ़ पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है. समस्या यह है कि दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते. पॉस्चर खराब होने का असर सिर्फ मांसपेशियों तक सीमित नहीं रहता. इससे सांस लेने की प्रक्रिया, ब्लड सर्कुलेशन, पाचन और यहां तक कि एकाग्रता पर भी असर पड़ता है. जब शरीर असहज होता है, तो दिमाग भी पूरी तरह फोकस नहीं कर पाता.   अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे ऑफिस सेटअप की जरूरत नहीं. स्क्रीन को आंखों की सीध में रखना, पैरों को ज़मीन पर टिकाकर बैठना, कमर के पीछे तौलिया या कुशन का सहारा लेना और हर 30 से 40 मिनट में उठकर थोड़ा चलना या स्ट्रेच करना काफी मददगार हो सकता है. डॉ. पंडिता सलाह देते हैं कि अगर दर्द चार से छह हफ्तों तक बना रहे, बढ़ता जाए या सुन्नपन और कमजोरी महसूस हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से मिलना चाहिए. समय रहते छोटी आदतों में सुधार कर लिया जाए, तो वर्क फ्रॉम होम से जुड़ी बड़ी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है.   कैसे कर सकते हैं ठीक? डॉक्टर बताते हैं कि अब 20 और 30 की उम्र के लोग भी क्रॉनिक लोअर बैक पेन, गर्दन दर्द और कंधों की जकड़न के साथ आ रहे हैं. स्क्रीन नीचे होने से लोग आगे की ओर झुककर बैठते हैं, जिससे रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे फर्नीचर की जरूरत नहीं. स्क्रीन को आंखों की सीध में रखना, पैरों को जमीन पर टिकाकर बैठना, कमर के पीछे तौलिया रखकर सपोर्ट देना और हर 30 से 40 मिनट में उठकर स्ट्रेच करना काफी मददगार हो सकता है.  

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घर में अंगूर से कैसे बना सकते हैं किशमिश, एक किलो बनाने के लिए कितना अंगूर होना जरूरी ?

  Raisins From Grapes Process: किशमिश खाना हमारे सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. आप इसको घर पर भी तैयार कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि इसके लिए क्या करना होगा.   How Much Grapes Needed For 1 Kg Raisins: क्या आप जानते हैं कि घर पर ही अंगूर से ताजी और स्वादिष्ट किशमिश बनाई जा सकती है? एक बार इसे बनाने के बाद आपको बाजार की किशमिश फीकी लग सकती है. यह न सिर्फ सस्ती पड़ती है, बल्कि ज्यादा ताजी, मुलायम और जूसी भी होती है. अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए सिर्फ एक ही चीज की जरूरत होती है अच्छे और मीठे अंगूर. चलिए आपको बताते हैं कि घर पर अंगूर से किशमिश कैसे बना सकते हैं आप.    कैसे किशमिश बना सकते हैं आप?   सबसे पहले सवाल यही आता है कि एक किलो किशमिश बनाने के लिए कितना अंगूर चाहिए. आम तौर पर 1 किलो ताजे अंगूर से करीब आधा किलो यानी 500 ग्राम किशमिश तैयार होती है. यानी जितना वजन सूखने के बाद कम होता है, उतना ही पानी उसमें से निकल जाता है. किशमिश बनाने के लिए हमेशा पतले छिलके वाले, मीठे और पके हुए अंगूर चुनें. गोल आकार वाले अंगूर से बनी किशमिश ज्यादा सॉफ्ट बनती है. आप हरे या लाल, दोनों तरह के अंगूर इस्तेमाल कर सकते हैं.   क्या होती है बनाने की प्रक्रिया? सबसे पहले अंगूर को डंठल से अलग करके अच्छे से धो लें. फिर एक बर्तन में पानी गर्म करें और जब पानी हल्का उबलने लगे तो उसमें अंगूर डाल दें. 3-4 मिनट तक पकाएं, जब तक अंगूर ऊपर तैरने न लगें. ध्यान रखें कि ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना उनका टेक्सचर खराब हो सकता है.   इसके बाद अंगूर को छानकर थोड़ा ठंडा होने दें. अब इन्हें सुखाने की बारी आती है. किसी सूती कपड़े या ट्रे पर अंगूर को एक-एक करके फैलाएं, ताकि वे आपस में चिपके नहीं. फिर इन्हें सीधी धूप में सुखाएं. आमतौर पर तेज धूप में इन्हें सूखने में 1 से 2 दिन लगते हैं. बीच-बीच में इन्हें पलटते रहें, ताकि हर तरफ से बराबर सूख जाएं. जब अंगूर पूरी तरह सूख जाएं लेकिन हल्के सॉफ्ट रहें, तब आपकी किशमिश तैयार है. अगर इनमें नमी रह गई, तो वे खराब हो सकती हैं, इसलिए पूरी तरह सूखना जरूरी है.    कैसे कर सकते हैं स्टोर?   तैयार किशमिश को साफ कांच के जार में भरकर सामान्य तापमान पर स्टोर करें. यह सालभर तक इस्तेमाल की जा सकती है. ध्यान रखें कि किशमिश सेहत के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन इसमें कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए सीमित मात्रा में ही सेवन करें.  

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