लाइफस्टाइल टिप्स

क्या वाकई कीड़ों को खत्म करता है बेकिंग सोडा? जानें प्याज के साथ इसके इस्तेमाल का सही तरीका

  Ants Cockroaches Home Remedies: कीड़े अपनी सूंघने की क्षमता के जरिए भोजन ढूंढते हैं. जब प्याज काटा जाता है, तो उसमें मौजूद सल्फर कंपाउंड्स के कारण तेज गंध निकलती है. चलिए बताते हैं कैसे.     क्या प्याज और बेकिंग सोडा से कीड़े मरते हैं? जानिए सच और विज्ञान    घर में कीड़े-मकोड़ों की समस्या से परेशान लोग अक्सर घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। इन्हीं में से एक लोकप्रिय उपाय है प्याज और बेकिंग सोडा का मिश्रण। यह तरीका सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे कुछ हद तक विज्ञान और कीड़ों के व्यवहार की समझ छिपी हुई है। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि यह उपाय कितना असरदार है और किन परिस्थितियों में काम करता है।   प्याज की गंध क्यों आकर्षित करती है कीड़ों को?   वैज्ञानिक शोध “Repellent activity of green detergents and raw vegetable extracts against Drosophila melanogaster” के अनुसार, कीड़े अपनी सूंघने की क्षमता (olfactory sense) के जरिए भोजन ढूंढते हैं। जब प्याज काटा जाता है, तो उसमें मौजूद सल्फर यौगिक (sulfur compounds) हवा में फैल जाते हैं। ये यौगिक तेज गंध पैदा करते हैं, जो कई कीड़ों को भोजन का संकेत देती है।   खासतौर पर मक्खियां, चींटियां और कॉकरोच जैसे कीड़े सड़े-गले या जैविक पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं। इसलिए कटा हुआ प्याज उन्हें अपनी ओर खींच सकता है। यही कारण है कि प्याज इस घरेलू उपाय में “बेट” यानी चारा की भूमिका निभाता है।   बेकिंग सोडा कैसे काम करता है?   बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) अपने आप में कीड़ों को आकर्षित नहीं करता। लेकिन जब इसे प्याज या किसी मीठी चीज (जैसे चीनी) के साथ मिलाया जाता है, तो कीड़े इस मिश्रण को खा लेते हैं।   कुछ मान्यताओं के अनुसार, जब कीड़े इस मिश्रण को खाते हैं, तो बेकिंग सोडा उनके शरीर में मौजूद एसिड के साथ प्रतिक्रिया कर गैस बनाता है। इससे उनके पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है और वे मर भी सकते हैं।   हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दावे के समर्थन में मजबूत और व्यापक वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं। यानी यह तरीका कुछ मामलों में काम कर सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह भरोसेमंद समाधान नहीं माना जा सकता।   घर पर कैसे बनाएं यह मिश्रण?   यह उपाय तैयार करना बेहद आसान है: एक छोटा प्याज काट लें उसे एक उथले बर्तन में रखें उसमें 1–2 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं चाहें तो थोड़ा सा चीनी भी डाल सकते हैं इस बर्तन को किचन के उन हिस्सों में रखें जहां कीड़े ज्यादा आते हैं (जैसे सिंक, डस्टबिन, कोने)   ध्यान रखने वाली बातें: हर 1–2 दिन में मिश्रण बदलें, क्योंकि प्याज की गंध समय के साथ कम हो जाती है इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें   क्या यह तरीका सच में काम करता है?   यह तरीका पूरी तरह “behavior-based bait” यानी कीड़ों के व्यवहार पर आधारित है। कुछ कीड़े प्याज की गंध से आकर्षित होकर इस मिश्रण को खा सकते हैं। लेकिन: हर कीड़े पर इसका असर समान नहीं होता यह तरीका बड़े संक्रमण (infestation) के लिए पर्याप्त नहीं है प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल की जगह नहीं ले सकता  

Metroheadlines अप्रैल 7, 2026 0
तवे से उतारकर तुरंत कैसरोल में रख देते हैं रोटी, ऐसे करेंगे स्टोर तो 6 से 8 घंटे तक रहेगी ताजी

  Kitchen Hacks For Rotis: 6–8 घंटे तक मुलायम रहेंगी रोटियां, बस अपनाएं ये आसान टिप्स   भारतीय रसोई में Roti सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। लेकिन अक्सर एक समस्या हर घर में देखने को मिलती है—रोटियां थोड़ी देर बाद सख्त हो जाती हैं। खासकर जब उन्हें पहले से बनाकर रखना हो, तो उनकी सॉफ्टनेस बनाए रखना चुनौती बन जाता है।   अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी रोटियां 6 से 8 घंटे तक मुलायम और ताजी बनी रहें, तो सिर्फ आटा गूंथना ही नहीं, बल्कि उसे स्टोर करने का सही तरीका भी जानना बेहद जरूरी है। आइए आसान किचन हैक्स के जरिए समझते हैं पूरा प्रोसेस।     🔍 क्यों सख्त हो जाती हैं रोटियां?   जब रोटी को तवे से उतारते ही सीधे बंद डिब्बे या कैसरोल में रख दिया जाता है, तो उसमें मौजूद भाप (steam) बाहर नहीं निकल पाती। इससे दो समस्याएं होती हैं: रोटी ज्यादा गीली हो जाती है कुछ देर बाद नमी खत्म होने पर रोटी सख्त हो जाती है   यानी सॉफ्टनेस बनाए रखने के लिए “नमी का संतुलन” सबसे जरूरी है।     ✅ रोटी को मुलायम रखने का सही तरीका   1. तवे से उतारकर तुरंत न रखें बंद डिब्बे में रोटी को तवे से उतारने के बाद 5–10 सेकंड खुली हवा में रखें। इससे अतिरिक्त भाप निकल जाती है और टेक्सचर बेहतर बना रहता है।   2. कपड़े या किचन टॉवल का इस्तेमाल करें हल्की ठंडी होने के बाद रोटियों को साफ सूती कपड़े या किचन टॉवल में लपेटें। इससे नमी संतुलित रहती है।   3. फिर रखें कैसरोल में अब इन रोटियों को कैसरोल में रखें। यह तरीका उन्हें 6–8 घंटे तक मुलायम बनाए रखने में मदद करता है।     🥣 आटा गूंथने का सही तरीका   रोटी की सॉफ्टनेस की शुरुआत आटा गूंथने से ही होती है।   ✔ गुनगुने पानी का करें इस्तेमाल गुनगुने पानी से आटा गूंथने पर ग्लूटेन बेहतर बनता है, जिससे रोटियां ज्यादा सॉफ्ट बनती हैं।   ✔ आटे का टेक्सचर सही रखें बहुत सख्त आटा → रोटियां सख्त बहुत ढीला आटा → रोटियां चिपचिपी मीडियम सॉफ्ट आटा सबसे अच्छा होता है।   ✔ अच्छी तरह गूंथें (5–10 मिनट) अच्छी तरह गूंथा गया आटा रोटियों को लंबे समय तक मुलायम बनाए रखता है।     🧊 आटा स्टोर करने का सही तरीका   अगर आप पहले से आटा गूंथकर रखते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें: आटे पर हल्का सा तेल या घी लगाएं उसे एयरटाइट कंटेनर में रखें फ्रिज में स्टोर करें 👉 इस तरह रखा गया आटा 24–36 घंटे तक इस्तेमाल के लिए सही रहता है।     💡 एक्स्ट्रा किचन टिप्स   रोटी बेलते समय सूखा आटा कम इस्तेमाल करें रोटी को ज्यादा देर तक तवे पर न रखें पकने के बाद हल्का घी लगाने से भी सॉफ्टनेस बढ़ती है स्टील के बजाय इंसुलेटेड कैसरोल का इस्तेमाल करें

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
घर पर ऐसे करें पेडिक्योर, एक भी रुपया नहीं होगा खर्च

  Skin Hydration For Feet: अगर आप अपने पैरों को खूबसूरत बिना पार्लर जाए रखना चाहती हैं, तो चलिए आपको बताते हैं कि आप इसके लिए क्या कर सकती हैं. इसमें आपके पैसे भी खर्च नहीं होंगे.   घर पर बिना पैसे खर्च किए पेडिक्योर करना आज के समय में न सिर्फ आसान है बल्कि बेहद असरदार भी है। भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, धूल-मिट्टी और मौसम के बदलते असर से हमारे पैर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, लेकिन अक्सर उनकी देखभाल सबसे कम होती है। ऐसे में पार्लर जाने के बजाय घर पर ही थोड़ा समय निकालकर अगर सही तरीके से पेडिक्योर किया जाए, तो आपके पैर न सिर्फ साफ और सुंदर दिखेंगे बल्कि हेल्दी और रिलैक्स भी महसूस करेंगे।   इस पूरी प्रक्रिया की खास बात यह है कि इसमें महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद बेसिक चीजों की मदद से आप प्रोफेशनल जैसा रिजल्ट पा सकती हैं। यह न सिर्फ पैसे बचाता है, बल्कि आपको खुद की केयर करने का समय भी देता है, जो मानसिक रूप से भी सुकून देता है।   सबसे पहले बात आती है नाखूनों की सफाई और शेप की। यह पेडिक्योर का बेस होता है। अगर नाखून ठीक से कटे और शेप में हों, तो पूरा लुक बेहतर दिखता है। पुराने नेल पॉलिश को हटाना जरूरी है क्योंकि उसके ऊपर नया कोट लगाने से नाखून पीले भी दिख सकते हैं और फिनिशिंग भी अच्छी नहीं आती। नाखून काटते समय उन्हें सीधा काटना चाहिए, क्योंकि बहुत ज्यादा गोल काटने से इनग्रोन नेल्स की समस्या हो सकती है। इसके बाद नेल फाइल से हल्के हाथों से शेप देना चाहिए ताकि किनारे स्मूद हो जाएं।   अब बारी आती है पैरों को आराम देने की, जिसे पेडिक्योर का सबसे रिलैक्सिंग स्टेप माना जाता है। गुनगुने पानी में पैर डालना सिर्फ सफाई के लिए नहीं, बल्कि मसल्स को रिलैक्स करने और थकान दूर करने के लिए भी जरूरी होता है। अगर आप इसमें थोड़ा सा नमक या बाथ सॉल्ट डालती हैं, तो यह एंटीसेप्टिक का काम करता है और पैरों की सूजन भी कम करता है। वहीं एसेंशियल ऑयल डालने से न सिर्फ खुशबू आती है बल्कि माइंड भी रिलैक्स होता है। अगर आपके पास छोटे कंकड़ हैं, तो उन्हें पानी में डालकर पैरों को हल्का-हल्का मूव करने से नैचुरल मसाज मिलती है, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है।   15-20 मिनट तक पैरों को भिगोने के बाद जब आप उन्हें बाहर निकालती हैं, तो स्किन काफी सॉफ्ट हो चुकी होती है। यही सही समय होता है डेड स्किन हटाने का। तौलिए से हल्के हाथों से पैरों को सुखाने के बाद एक्सफोलिएशन शुरू करना चाहिए। एड़ी और तलवों पर जमा सख्त और रूखी त्वचा को हटाने के लिए फुट स्क्रब या घर पर बना स्क्रब (जैसे चीनी और तेल का मिश्रण) इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि ज्यादा जोर से रगड़ने से स्किन डैमेज हो सकती है, इसलिए हमेशा हल्के हाथों से स्क्रब करें।   इसके बाद क्यूटिकल केयर बेहद जरूरी स्टेप है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। क्यूटिकल नाखूनों की सुरक्षा करते हैं, इसलिए उन्हें काटना नहीं बल्कि सॉफ्ट करके पीछे करना चाहिए। क्यूटिकल क्रीम लगाने से यह हिस्सा मुलायम हो जाता है और आसानी से पुश किया जा सकता है। इससे नाखून साफ और लंबे दिखाई देते हैं।   जब एक्सफोलिएशन और क्यूटिकल केयर पूरी हो जाए, तो पैरों को एक बार साफ पानी से धो लें और अच्छी तरह सुखा लें। अब सबसे जरूरी स्टेप आता है—मॉइश्चराइजिंग। यह आपके पूरे पेडिक्योर का रिजल्ट तय करता है। अगर आप सही तरीके से मॉइश्चराइजर लगाकर मसाज करती हैं, तो आपके पैर लंबे समय तक मुलायम बने रहते हैं। मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे स्किन हेल्दी और ग्लोइंग दिखती है। एड़ी, तलवे और उंगलियों के बीच के हिस्से पर खास ध्यान देना चाहिए।   मसाज के दौरान अगर आप थोड़ा समय निकालकर प्रेशर पॉइंट्स पर हल्का दबाव देती हैं, तो यह आपके पूरे शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है। यही वजह है कि पेडिक्योर को सिर्फ ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि थेरेपी भी कहा जाता है।   अब आता है सबसे फाइनल और खूबसूरत स्टेप—नेल पॉलिश लगाना। इसके लिए सबसे पहले बेस कोट लगाना जरूरी होता है, क्योंकि यह नाखूनों को दाग से बचाता है और नेल पॉलिश को लंबे समय तक टिकाए रखता है। इसके बाद अपनी पसंद का रंग चुनकर पतली लेयर में लगाएं। एक बार सूखने के बाद दूसरी लेयर लगाएं ताकि रंग गहरा और परफेक्ट दिखे।   अंत में टॉप कोट लगाना न भूलें। यह नेल पॉलिश को सील करता है और उसमें शाइन लाता है। साथ ही यह पॉलिश को जल्दी खराब होने से बचाता है। अगर आप चाहें तो पायल या टो-रिंग पहनकर अपने पैरों की खूबसूरती को और भी बढ़ा सकती हैं।   घर पर पेडिक्योर करने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि आप इसे अपनी जरूरत और समय के अनुसार कर सकती हैं। अगर आपके पैर ज्यादा ड्राई हैं, तो आप एक्स्ट्रा मॉइश्चराइजिंग कर सकती हैं। अगर टैनिंग है, तो नींबू या दही जैसे घरेलू उपाय भी शामिल कर सकती हैं।   नियमित रूप से हफ्ते में एक बार या कम से कम 15 दिन में एक बार पेडिक्योर करने से आपके पैर हमेशा साफ, मुलायम और खूबसूरत बने रहते हैं। इसके अलावा रोजाना सोने से पहले पैरों पर क्रीम लगाना और उन्हें साफ रखना भी जरूरी है।   इस तरह घर पर किया गया पेडिक्योर न सिर्फ आपकी खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि आपको खुद के लिए समय निकालने का मौका भी देता है। यह एक छोटी-सी आदत आपके पूरे व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव ला सकती है।  

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
पोहा या परांठा, दोनों में से कौन-सा ब्रेकफास्ट ज्यादा हेल्दी? एक्सपर्ट्स से जान लें सच

  Health Benefits Of Paratha: ब्रेकफास्ट टेबल पर नजर आते हैं. दोनों ही स्वादिष्ट, जल्दी बनने वाले और पसंद के अनुसार बदले जा सकने वाले हैं. चलिए बताते हैं कि इनमें कौन बेहतर है.   Which Is Healthier Poha Or Paratha: सुबह का नाश्ता पूरे दिन की ऊर्जा और सेहत की नींव माना जाता है. भारतीय घरों में पोहा और परांठा दो ऐसे ऑप्शन हैं जो अक्सर ब्रेकफास्ट टेबल पर नजर आते हैं. दोनों ही स्वादिष्ट, जल्दी बनने वाले और पसंद के अनुसार बदले जा सकने वाले हैं. लेकिन सवाल यही है कि अगर हेल्थ को ध्यान में रखा जाए तो पोहा बेहतर है या परांठा?. चलिए आपको इन दोनों के बारे में बताते हैं.      परांठा कितना फायदेमंद?   सबसे पहले बात परांठे की करें तो यह आमतौर पर गेहूं के आटे से बनता है, जो कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का अच्छा सोर्स है. इसका मतलब है कि यह धीरे-धीरे ऊर्जा देता है और आपको लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखता है. यही वजह है कि परांठा खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती. परांठे में फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है, खासकर जब यह साबुत आटे से बनाया गया हो. यह पाचन को बेहतर बनाता है और ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है. अगर इसमें पनीर, दाल या पालक जैसी स्टफिंग जोड़ दी जाए तो यह प्रोटीन से भरपूर हो जाता है, जो मसल्स के लिए फायदेमंद है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है.     कब होता है हेल्दी?   हालांकि, परांठा हेल्दी तभी माना जाएगा जब इसे कम तेल या घी में बनाया जाए. आप इसमें रागी या ओट्स का आटा मिलाकर इसे और ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं. इसके साथ ही, मक्खन या अचार की जगह दही या सलाद के साथ खाना इसे और बैलेंस्ड बना देता है.     पोहा कितना बेहतर?   अब बात पोहा की करें तो यह हल्का और आसानी से पचने वाला नाश्ता है. चपटा चावल यानी पोहा जल्दी बन जाता है और पेट पर ज्यादा भारी नहीं पड़ता, इसलिए खासतौर पर गर्मी या उमस वाले मौसम में यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है. पोहा कैलोरी और फैट में कम होता है, जो वजन कंट्रोल करने वालों के लिए फायदेमंद है. यह शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट देता है, जिससे दिन की शुरुआत के लिए पर्याप्त ऊर्जा मिलती है, लेकिन भारीपन महसूस नहीं होता.     इसके अलावा, पोहा आयरन का भी अच्छा सोर्स है, खासकर अगर इसे लोहे की कढ़ाही में बनाया जाए. इसमें मटर, गाजर और प्याज जैसी सब्जियां डालने से फाइबर और विटामिन्स की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है.      कौन होता है फायदेमंद?   तो आखिर कौन ज्यादा हेल्दी है पोहा या परांठा? दिल्ली के पीतमपुरा स्थित प्राकृतिक डाइट क्लिनिक की डॉ. शिवानी सीकड़ी बताती हैं कि अगर आप हल्का, लो-फैट और आसानी से पचने वाला नाश्ता चाहते हैं, तो पोहा बेहतर विकल्प है. वहीं, अगर आपको ज्यादा देर तक पेट भरा रखना है और ज्यादा ऊर्जा चाहिए, तो परांठा सही रहेगा.   Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.    

Metroheadlines अप्रैल 2, 2026 0
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सिनेमा शादी के बाद रश्मिका-विजय जीत रहे लोगों का दिल, अब तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलो को दिया ये बड़ा तोहफा

Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.                                         रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे   न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है.     तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट   दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है.   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था     शादी की रस्में   रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था.     कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन   यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है.     विजय-रश्मिका फिल्म   प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.   

T20 World Cup Semifinal Streaming: सेमीफाइनल में होगी भारत और इंग्लैंड की टक्कर, जानें कब-कहां और कैसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग

भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही.   IND vs ENG Semifinal Live Streaming: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. टीम इंडिया ने 1 मार्च को वेस्टइंडीज को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर अंतिम चार में एंट्री की. इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन, जिन्होंने नाबाद 97 रन की बेहतरीन पारी खेली. उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.   भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही. अब सेमीफाइनल में भारत का सामना ग्रुप-2 की टॉपर इंग्लैंड से होने जा रहा है. पहला सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. दोनों मुकाबलों के विजेता 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल खेलेंगे.   IND VS ENG मैच कब और कितने बजे होगा?   भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च, गुरुवार को खेला जाएगा. मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा. यह मुकाबला बेहद हाई-वोल्टेज माना जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमें लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने हैं.   IND VS ENG मैच कहां खेला जाएगा?   यह अहम सेमीफाइनल मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर बड़े मुकाबलों का लंबा इतिहास रहा है और फैंस को एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट की उम्मीद है.   IND VS ENG मैच कहां देखें लाइव?   भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. वहीं ऑनलाइन दर्शक इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकेंगे.   दोनों टीमों के स्क्वॉड   भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा.   इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, जोश टंग और ल्यूक वुड. 

इस हीरो का रिकॉर्ड तोड़ने में छूटे 'धुरंधर 2' के पसीने, पेड प्रीव्यू में मात देने से इतनी पीछे है रणवीर सिंह की फिल्म

  Dhurandhar 2 Advance Booking: रणवीर सिंह की धुरंधर 2 बॉलीवुड की सबसे ज़्यादा प्रीमियर सेल्स का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है. हालांकि ये एक साउथ हीरो की फिल्म को मात नहीं दे पा रही है.   रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर माधवन और अर्जुन रामपाल स्टारर ‘धुरंधर 2’ ने सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले ही गदर मचाया हुआ है. फिलहाल ये 18 मार्च, 2026 को होने वाले पेड प्रीव्यू शो के लिए एडवांस बुकिंग में गर्दा उड़ा रही है. वैसे ये फिल्म पहले ही 'स्त्री 2' के पेड प्रीव्यू शो को रिकॉर्ड को मिट्टी में मिलाकर बॉलीवुड के लिए इतिहास रच चुकी है. लेकिन आदित्य धर निर्देशित इस फिल्म के साउथ के एक स्टार का रिकॉर्ड तोड़ने में पसीने छूट रहे हैं.   धुरंधर 2 ने पेड प्रीव्यू के लिए एडवांस बुकिंग में कितनी कर ली है कमाई?   धुरंधर को बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता मिली थी. ऐसे में इसकी सीक्वल धुरंधर द रिवेंज या धुरंधर 2 को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की तो पूरी उम्मीद है ही लेकिन ये फिल्म तो रिलीज से पहले ही कमाल कर रही है और बड़े-बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर रही है.  सैकनिल्क के मुताबिक, इसने पेड प्रीव्यू से अब तक 18.78 करोड़ (ब्लॉक्ड सीटों को छोड़कर) कमा लिएए हैं वहीं ब्लॉक सीटों के साथ इसका पेड प्रीव्यू के लिए प्री टिकट सेल का कलेक्शन 23.99 करोड़ पहुंच चुका है.  देश भर में 8 हजार 31 शोज के लिए इसके 3 लाख 51 हजार 4 सौ 13 टिकट बिक चुके हैं.    धुरंधर 2 ने स्त्री 2 को पछाड़ बनाया नया रिकॉर्ड   बता दें कि कि 2024 में, राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की स्त्री 2 ने इंडिया में पेड प्रीव्यू में 9.40 करोड़ की नेट कमाई करके नया माइलस्टोन हासिल किया था. लेकिन धुरंधर: द रिवेंज ने एडवांस बुकिंग में इससे कई गुना ज़्यादा सेल्स के साथ इसे धूल चटा दी है. इसकी के साथ .े बॉलीवुड के इतिहास में सबसे ज़्यादा प्रीमियर सेल्स का नया रिकॉर्ड अपने नाम भी कर चुकी है.    धुरंधर 2 के पवन कल्याण की OG को मात देने में छूटे पसीने   इन सबके बीच गौर करने वाली बात ये है कि धुरंधर 2 ने पेड पीव्यू के लिए प्री सेल्स में बेशक धमाकेदार कमाई कर ली हैं लेकिन इसका टारगेट इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी पेड प्रीव्यू कमाई का रिकॉर्ड अपने नाम करना है. दरअसल पवन कल्याण की दे कॉल हिम OG ने 21 करोड़ के बड़े नेट कलेक्शन के साथ किसी इंडियन फिल्म के लिए अब तक के सबसे ज़्यादा पेड प्रीव्यू अपने नाम किए हुए हैं. फिलहाल रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर 2 के लिए इस रिकॉर्ड को तोड़ने में पसीने छूट रहे हैं. हालांकि अभी फिल्म के पेड प्रीव्यू शो में 6 दिन बचे हैं और इसे पवन कल्याण के रिकॉर्ड को मात देने से सिर्फ 3 करोड़ के करीब पीछे है. इसलिए पूरी उम्मीद है कि  धुरंधर 2 इस उपलब्धि को हासिल कर इतिहास रच सकती है.      

MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय, कब होगा नई सरकार का गठन? बड़ा अपडेट

  Bihar New CM: नीतीश कुमार के बाद अब बिहार में बीजेपी का सीएम बनना लगभग तय है. सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल तक सीएम पद पर बने रहेंगे, वो तुरंत पद से इस्तीफा नहीं देंगे.   बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय, कब होगा नई सरकार का गठन? जानिए पूरा राजनीतिक घटनाक्रम   बिहार की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। लगभग दो दशकों तक राज्य की सत्ता पर काबिज रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है, जिसके बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और राज्य में नई सरकार का गठन होगा।   नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है—क्या राज्य को पहली बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मुख्यमंत्री मिलेगा? क्या एनडीए के भीतर सत्ता संतुलन बदलने वाला है? और आखिर नई सरकार का गठन कब होगा? इन सभी सवालों पर सियासी गलियारों में तेजी से चर्चा चल रही है।     नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना क्यों बड़ा फैसला माना जा रहा नीतीश कुमार वर्ष 2005 से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और वे कई बार मुख्यमंत्री बने। हाल ही में 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बड़ी जीत दिलाने के बाद उन्होंने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।   लेकिन अब उन्होंने राज्यसभा जाने का फैसला कर लिया है। यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे बिहार की सत्ता संरचना पूरी तरह बदल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम एनडीए के भीतर एक नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें बीजेपी अब सीधे राज्य की कमान संभालना चाहती है।   नीतीश कुमार ने स्वयं कहा है कि वे राज्य में बनने वाली नई सरकार को पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देंगे। इसका मतलब यह है कि वे सक्रिय रूप से बिहार की राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं होंगे, लेकिन प्रशासनिक जिम्मेदारी किसी और नेता के हाथ में होगी।     नई सरकार का गठन कब होगा?   राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार तुरंत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे। बताया जा रहा है कि वे लगभग 10 अप्रैल तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं और उसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।   दरअसल, राज्यसभा का नया कार्यकाल अप्रैल से शुरू होने वाला है। इसी वजह से यह माना जा रहा है कि उसी समय सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होगी। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक बिहार में नई सरकार के गठन की औपचारिक घोषणा हो सकती है।   इस दौरान एनडीए के शीर्ष नेताओं के बीच कई दौर की बैठकों का सिलसिला भी चल रहा है। इन बैठकों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और नए मंत्रिमंडल की रूपरेखा पर चर्चा की जा रही है।     क्या बिहार को पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री मिलेगा?   अगर नीतीश कुमार पद छोड़ते हैं और बीजेपी का नेता मुख्यमंत्री बनता है तो यह बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा। अभी तक राज्य में बीजेपी सहयोगी दल के रूप में सत्ता में रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद उसके पास कभी नहीं रहा।   विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा और पार्टी अब राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है। इसलिए यह संभावना काफी बढ़ गई है कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से ही होगा।     संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन-कौन?   नीतीश कुमार के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें बीजेपी और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं।   1. सम्राट चौधरी सम्राट चौधरी वर्तमान में बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और बीजेपी के बड़े ओबीसी चेहरों में गिने जाते हैं। संगठन और राजनीति दोनों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।   2. नित्यानंद राय केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। वे लंबे समय से बीजेपी के प्रमुख नेताओं में रहे हैं और बिहार में पार्टी के प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं।   3. कोई नया चेहरा राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि बीजेपी किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकती है। इससे सामाजिक समीकरण साधने और आगामी चुनावों की रणनीति मजबूत करने की कोशिश हो सकती है।     एनडीए के भीतर सत्ता संतुलन कैसे बदलेगा?   अगर बीजेपी मुख्यमंत्री पद संभालती है तो एनडीए के भीतर शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव होगा। अभी तक जेडीयू के नेतृत्व में गठबंधन सरकार चल रही थी। नीतीश कुमार लंबे समय तक बिहार की राजनीति में ‘किंगमेकर’ की भूमिका में रहे हैं। लेकिन उनके राज्यसभा जाने के बाद बीजेपी की भूमिका और मजबूत हो सकती है। इसके साथ ही जेडीयू के भविष्य को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में जेडीयू और बीजेपी के बीच नए समीकरण बन सकते हैं।     विपक्ष की प्रतिक्रिया   इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कई विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनता ने जिस चेहरे पर वोट दिया था, वही मुख्यमंत्री पद छोड़ रहा है, जो लोकतांत्रिक नैतिकता के खिलाफ है। कुछ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने राजनीतिक रणनीति के तहत सत्ता परिवर्तन की योजना बनाई है। हालांकि एनडीए के नेता इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।     बिहार की राजनीति पर संभावित असर   नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकता है। लगभग 20 साल तक राज्य की राजनीति का केंद्र रहे नेता के हटने से सत्ता संरचना पूरी तरह बदल सकती है।   इसके कई संभावित प्रभाव हो सकते हैं:   बीजेपी का प्रभाव बढ़ेगा जेडीयू की भूमिका बदल सकती है विपक्ष नई रणनीति बना सकता है सामाजिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है   क्या नीतीश कुमार की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका बढ़ेगी? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनकी भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण हो सकती है। वे पहले भी केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उनका अनुभव काफी लंबा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि संसद में उनकी उपस्थिति एनडीए के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकती है।     बिहार में सत्ता परिवर्तन क्यों अहम है? बिहार भारत के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। यहां होने वाला कोई भी बड़ा राजनीतिक बदलाव राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करता है। अगर बीजेपी का मुख्यमंत्री बनता है तो यह पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि अब तक बिहार उन कुछ हिंदीभाषी राज्यों में शामिल था जहां बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं रहा था।     आने वाले दिनों में क्या होगा? अगले कुछ सप्ताह बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। संभावित घटनाक्रम इस प्रकार हो सकते हैं: नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे एनडीए विधायक दल की बैठक होगी नए मुख्यमंत्री का चयन होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के आसपास यह पूरी प्रक्रिया पूरी हो सकती है।  

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