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भोपाल में कटारा हिल्स में आग, लेट पहुंची दमकल:रजाई-गद्दे की दुकान में घटना; 20 फीट तक ऊपर उठी आग की लपटें

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0

भोपाल के कटारा हिल्स स्थित एक रजाई-गद्दे की दुकान में देर रात आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि लपटें 20 फीट तक ऊपर उठ गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो आग पर जल्दी काबू पा लिया जाता, लेकिन फायर ब्रिगेड ही करीब 45 मिनट देरी से मौके पर पहुंची।

 

कटारा हिल्स के स्प्रिंग वैली में श्री वृंदावन फास्ट फूड एंड रेस्टोरेंट है। ठीक इसके पास रजाई-गद्दे की दुकान है। गुरुवार-शुक्रवार की देर रात इसी दुकान में आग लगी। राहगीर और आसपास के लोगों ने तुरंत दमकल बुलाने के लिए फायर स्टेशन पर कॉल किया, लेकिन पौन घंटे तक दमकल मौके पर ही नहीं पहुंची। इससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

 

देखिए तस्वीरें…

 

कटारा हिल्स में एक रजाई-गद्दे की दुकान में देर रात आग लगी।

 

कटारा हिल्स में एक रजाई-गद्दे की दुकान में देर रात आग लगी।

 

फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया।

 

फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया।

 

प्रत्यक्षदर्शियों ने फायर ब्रिगेड पर देर से आने का आरोप लगाया है।

 

प्रत्यक्षदर्शियों ने फायर ब्रिगेड पर देर से आने का आरोप लगाया है।

 

प्रत्यक्षदर्शी बोले- गाड़ी खराब हो गई - आगजनी का मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो भी बताया। एक महिला ने कहा कि पौन घंटा तक

                                                             दमकल मौके पर नहीं आई।

 

जब आई तो उसमें कर्मचारियों ने खराब बताई। फिर कुछ संसाधन ढूंढने लगे। जब संसाधन मिले तो गाड़ी ठीक की गई और फिर आग बुझाई गई। हालांकि, तब तक पूरी दुकान जल चुकी थी।

 

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MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

सिनेमा शादी के बाद रश्मिका-विजय जीत रहे लोगों का दिल, अब तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलो को दिया ये बड़ा तोहफा

Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.                                         रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे   न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है.     तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट   दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है.   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था     शादी की रस्में   रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था.     कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन   यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है.     विजय-रश्मिका फिल्म   प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.   

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

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होर्मुज में जारी टेंशन के बीच भारत ने रूस से मिलकर कर दिया खेल! 2030 तक तेल की किचकिच होगी खत्म

  Russian Oil: मिडिल ईस्ट में स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव के बीच भारत ने रूसी तेल सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए बीमा कंपनियों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है.   अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी के कारण दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. ऐसे समय में भारत ने एक बड़ा और समझदारी भरा कदम उठाया है, ताकि उसे तेल की कमी का सामना न करना पड़े. भारत सरकार ने फैसला लिया है कि अब रूसी तेल लाने वाले जहाजों के लिए बीमा देने वाली रूसी कंपनियों की संख्या बढ़ाई जाएगी. पहले 8 कंपनियों को अनुमति थी, अब इसे बढ़ाकर 11 कर दिया गया है. यह फैसला डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने लिया है.   ये कंपनियां जहाजों को खास तरह का बीमा देती हैं, जिसे P&I कवर कहा जाता है. यह बीमा बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इसके बिना कोई भी जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्र में काम नहीं कर सकता. असल में, रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण यूरोप की बड़ी बीमा कंपनियों ने रूसी तेल ढोने वाले जहाजों को बीमा देना कम कर दिया था. इससे भारत के सामने समस्या खड़ी हो गई थी, क्योंकि वह बड़ी मात्रा में रूस से तेल खरीद रहा है. अब भारत ने रूसी कंपनियों को मंजूरी देकर इस परेशानी का हल निकाल लिया है   कौन सी बड़ी कंपनियों को दी गई अनुमति?   दुनिया की कुछ बड़ी रूसी कंपनियों जैसे गज़प्रोम इंश्योरेंस और रोसगोस्त्राख को फरवरी 2027 तक काम करने की अनुमति दी गई है. वहीं VSK, सोगाज़ और अल्फास्ट्राखोवानी कंपनियों को 2030 तक की मंजूरी दी गई है. इससे साफ है कि भारत ने सिर्फ अभी की नहीं, बल्कि आने वाले कई सालों की तैयारी कर ली है. इसके अलावा कुछ और कंपनियों को भी शामिल किया गया है और दुबई स्थित इस्लामिक प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी क्लब  कंपनी को फरवरी 2027 तक सेवाएं देने की अनुमति दी गई है, ताकि विकल्प ज्यादा हों और किसी एक पर निर्भरता कम हो.     स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव   यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ा हुआ है. यह रास्ता दुनिया के लिए बहुत अहम है, क्योंकि बड़ी मात्रा में तेल इसी रास्ते से आता-जाता है. अगर यहां रुकावट आती है तो इसका असर भारत जैसे देशों पर सीधे पड़ता है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयात करने वाला देश है और हाल के समय में उसने रूस से सस्ता तेल खरीदना बढ़ाया है. ऐसे में यह जरूरी था कि तेल लाने में कोई रुकावट न आए. भारत का यह कदम एक तरह से सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा. इससे तेल की सप्लाई बनी रहेगी और देश की ऊर्जा जरूरतें बिना रुकावट पूरी हो सकेंगी.

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आसनसोल में दिखा जबरदस्त उत्साह, बोले नरेंद्र मोदी – बंगाल में विकास के लिए BJP को मिलेगा समर्थन

  📰 आसनसोल में जोश का सैलाब: पीएम नरेंद्र मोदी के विकास एजेंडे को मिला समर्थन, टीएमसी पर निशाना   पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हाल ही में आसनसोल में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में भारी भीड़ और उत्साह देखने को मिला। इस कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दावा किया है कि यह जनसमर्थन राज्य में बदलाव की लहर का संकेत है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिनके विकास एजेंडे को लेकर जनता में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।     🔥 आसनसोल में दिखा जबरदस्त जनउत्साह   आसनसोल में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सिर्फ एक राजनीतिक सभा नहीं बल्कि “परिवर्तन की उम्मीद” का प्रतीक बन गया है। सभा में मौजूद लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में नारे लगाए और राज्य में विकास की मांग को दोहराया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह उत्साह इस बात का संकेत है कि पश्चिम बंगाल की जनता अब विकास और सुशासन चाहती है।     🏗️ विकास एजेंडा बना मुख्य मुद्दा   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को इस कार्यक्रम में प्रमुखता से रखा गया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं—जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, रोजगार सृजन और डिजिटल इंडिया—का लाभ पश्चिम बंगाल के लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है, तो विकास की रफ्तार और तेज होगी।     ⚔️ टीएमसी पर सीधा हमला   इस कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भी जमकर निशाना साधा गया। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार विकास कार्यों में बाधा डाल रही है और राज्य में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। सभा में मौजूद लोगों ने भी टीएमसी के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि वे अब बदलाव चाहते हैं।     🗳️ चुनावी संकेत और राजनीतिक संदेश   राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आसनसोल में दिखा यह जनसमर्थन आने वाले चुनावों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। पश्चिम बंगाल में पहले से ही बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। इस तरह के बड़े कार्यक्रम बीजेपी के लिए मनोबल बढ़ाने वाले साबित हो सकते हैं।     🌍 बीजेपी की रणनीति: जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करना   भारतीय जनता पार्टी लगातार पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसके तहत पार्टी छोटे शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान दे रही है, जहां विकास और रोजगार बड़े मुद्दे हैं। आसनसोल, जो एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।     📊 विश्लेषण: क्या बदल रही है बंगाल की राजनीति?   विकास बनाम पहचान की राजनीति बीजेपी विकास के मुद्दे को आगे बढ़ा रही है, जबकि टीएमसी अपनी पारंपरिक राजनीति पर कायम है। औद्योगिक क्षेत्रों में असंतोष रोजगार और उद्योगों की स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। केंद्र बनाम राज्य सरकार दोनों के बीच टकराव का असर आम जनता पर भी पड़ रहा है। গতকাল আসানসোলে উদ্দীপনার এক ঝলক। পশ্চিমবঙ্গ বিজেপির উন্নয়নের রূপরেখাকে সমর্থন করছে এবং তৃণমূলকে কখনোই সমর্থন করবে না! pic.twitter.com/IYQyJxzJge— Narendra Modi (@narendramodi) April 10, 2026

Metroheadlines अप्रैल 10, 2026 0

कृषि में नए युग की शुरुआत 'पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026'

डिब्रूगढ़ रैली में उमड़ा जनसैलाब: असम में BJP-NDA को मिल रहा मजबूत समर्थन

मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।

📰 🇮🇳 ट्वीट के जरिए देशभक्ति का संदेश, चर्चा में Raghav Chadha

  आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha का एक नया ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 3 अप्रैल 2026 को किए गए इस ट्वीट में उन्होंने केवल 🇮🇳 (भारतीय तिरंगा) का प्रतीक साझा किया, जिसके साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की गई है।   हालांकि ट्वीट में कोई विस्तृत संदेश नहीं लिखा गया, लेकिन तिरंगे के इस्तेमाल ने इसे खास बना दिया है। सोशल मीडिया यूजर्स इस पोस्ट को देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।   राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के प्रतीकात्मक ट्वीट अक्सर बड़े संदेश देने के लिए किए जाते हैं, खासकर ऐसे समय में जब देश में चुनावी माहौल या राजनीतिक गतिविधियां तेज होती हैं।   यह ट्वीट भी ऐसे ही समय में सामने आया है, जब देश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं। ऐसे में Raghav Chadha का यह पोस्ट लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।     🇮🇳 pic.twitter.com/NfITxUKLVE— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026

Metroheadlines अप्रैल 4, 2026 0

📰 चुनावी व्यस्तता के बीच भारतीय संगीत पर खास मुलाकात

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