Uttarakhand Cabinet Expansion: उत्तराखंड की धामी सरकार में पांच नए मंत्री शामिल हो गए हैं. राम सिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा, भरत चौधरी, मदन कौशिक और खजान दास ने मंत्री पद की शपथ ली.
Pushkar Singh Dhami की सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार आखिरकार Navratri के शुभ अवसर पर संपन्न हो गया, जो उत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक घटना के रूप में देखा जा रहा है। शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। यह विस्तार लंबे समय से चर्चा में था और राजनीतिक हलकों में इसके संकेत लगातार मिल रहे थे। राज्यपाल Gurmit Singh (सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल) ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस कैबिनेट विस्तार में जिन नेताओं को मंत्री बनाया गया, उनमें Khajan Das, Bharat Singh Chaudhary, Madan Kaushik, Pradeep Batra और Ram Singh Kaida शामिल हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले खजान दास के शपथ ग्रहण से हुई, जिसके बाद भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर समारोह को एक विशेष सांस्कृतिक रंग दिया। इसके बाद मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
यह कैबिनेट विस्तार कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि धामी मंत्रिमंडल में लंबे समय से पांच पद खाली थे, जिससे सरकार के कामकाज और प्रशासनिक संतुलन पर असर पड़ रहा था। इन रिक्त पदों को भरने के साथ ही सरकार ने न केवल प्रशासनिक मजबूती हासिल की है, बल्कि राजनीतिक संतुलन बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नए मंत्रियों के चयन में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, जातीय संतुलन और विधायकों के पिछले प्रदर्शन को प्रमुख आधार बनाया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार आगामी चुनावों और राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक फैसले ले रही है।
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह विस्तार भाजपा के अंदरूनी समीकरणों को संतुलित करने का भी प्रयास है। पिछले कुछ समय से संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर चर्चा चल रही थी। ऐसे में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई दौर की बैठकों और विचार-विमर्श के बाद इस सूची को अंतिम रूप दिया गया। यह भी स्पष्ट है कि इस निर्णय में केवल राज्य स्तर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर की रणनीति भी शामिल रही है।
Navratri के दौरान इस विस्तार का होना भी अपने आप में एक महत्वपूर्ण संकेत है। भारतीय राजनीति में अक्सर धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों को शुभ समय के रूप में देखा जाता है, और इसी परंपरा के तहत इस विस्तार को भी एक नई शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकार अब एक नई ऊर्जा और नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगी।
इस विस्तार के बाद सरकार की कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है। नए मंत्री अपने-अपने विभागों में नई योजनाएं और नीतियां ला सकते हैं, जिससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि ये मंत्री अपने क्षेत्रों में जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। आने वाले समय में इनकी भूमिका सरकार की छवि और प्रदर्शन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी।
इसके अलावा, यह विस्तार आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। उत्तराखंड जैसे राज्य में क्षेत्रीय संतुलन बेहद महत्वपूर्ण होता है, और इस बात का ध्यान रखते हुए ही मंत्रियों का चयन किया गया है। इससे पार्टी को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यह कैबिनेट विस्तार केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि एक रणनीतिक कदम है। इसके जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह सक्रिय है, निर्णय लेने में सक्षम है और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम विपक्ष के लिए भी एक चुनौती के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि इससे सत्तारूढ़ दल ने अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करने की कोशिश की है।
हालांकि, किसी भी कैबिनेट विस्तार की असली सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि नए मंत्री अपने दायित्वों को किस तरह निभाते हैं। केवल पद देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उन पदों पर बैठकर प्रभावी काम करना ही असली कसौटी होती है। इसलिए आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विस्तार कितना सफल साबित होता है।
अंततः, Pushkar Singh Dhami सरकार का यह कदम उत्तराखंड की राजनीति में एक नई दिशा और गति देने वाला साबित हो सकता है। यह न केवल प्रशासनिक मजबूती का संकेत है बल्कि राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति को प्रभावित करेगा।
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है. तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था शादी की रस्में रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था. कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है. विजय-रश्मिका फिल्म प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.
भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। देखिए तस्वीरें… NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया। NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन। विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो। सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है। 'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा' सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है। 'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों' सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा। आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया। डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया। कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
सीएम मोहन ने कहा कि बाबा साहेब के बताये मार्ग पर चलकर हमारा देश आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने की ओर आगे बढ़ रहा है. मध्यप्रदेश की राजधानी Bhopal में मंगलवार को Mohan Yadav ने बोर्ड ऑफिस चौराहे स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी 136वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि B. R. Ambedkar ने देश को एक ऐसा संविधान दिया, जिसमें हर नागरिक के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। उन्होंने समतामूलक समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए जीवनभर संघर्ष किया और वंचित, शोषित एवं उपेक्षित वर्गों की आवाज बने। कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने भारतीय संविधान की मूल उद्देश्यिका का वाचन भी किया और “डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहें” के नारों के साथ माहौल को प्रेरणादायक बना दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने हमें समानता का अधिकार दिलाया और आज सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने सामाजिक समरसता और एकता को देश की प्रगति के लिए आवश्यक बताया। सीएम मोहन यादव ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार ने बाबा साहेब की स्मृति को सहेजने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। Dr. Ambedkar Nagar (महू) में भव्य स्मारक निर्माण, भोपाल में फ्लाईओवर का नामकरण, सागर अभ्यारण्य का नामकरण और विभिन्न योजनाओं की शुरुआत उनके सम्मान में की गई है। साथ ही ग्वालियर में डॉ. अम्बेडकर धाम के निर्माण की योजना भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बाबा साहेब से जुड़े प्रमुख स्थलों—महू (जन्मभूमि), लंदन (शिक्षा भूमि), नागपुर (दीक्षा भूमि), दिल्ली (महापरिनिर्वाण भूमि) और मुंबई (चैत्य भूमि)—को “पंचतीर्थ” के रूप में विकसित किया है, जो उनके जीवन संघर्ष और आदर्शों को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने स्त्री शिक्षा और अधिकारों के लिए विशेष कार्य किए। इसी दिशा में केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के जरिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जो देश की आधी आबादी को सशक्त बनाएगा। बाबा साहेब ने संविधान के रूप में हमें लोकतंत्र का सबसे बड़ा ग्रंथ दिया है...भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर आज उनकी जन्मभूमि डॉ. अंबेडकर नगर (महू) में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।इस अवसर पर आयोजित समारोह में विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले… pic.twitter.com/lzDyUoBwCb— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 14, 2026
इंदौर में एक बच्चे के ऊपर कार चढ़ने की घटना हुई, जिसमें कार मालिक ने मानवतादिखाई.उन्होंने बच्चे के इलाज का खर्च उठाया और ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. इंदौर में दर्दनाक हादसा: कार के नीचे आया मासूम, मालिक की ईमानदारी बनी मिसाल मध्य प्रदेश के Indore शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को अंदर तक हिला दिया। शहर के Bombay Hospital के पास स्थित शांति निकेतन कॉलोनी में सड़क पर खेल रहे एक छोटे बच्चे को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। हादसे का खौफनाक मंजर जानकारी के मुताबिक, यह घटना मंगलवार दोपहर की है। कॉलोनी की सड़क पर दो मासूम बच्चे खेल रहे थे, तभी अचानक एक तेज रफ्तार कार वहां पहुंची। ड्राइवर की लापरवाही इतनी गंभीर थी कि वह बच्चों को समय रहते देख नहीं पाया और एक बच्चा कार की चपेट में आ गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कार के दोनों पहिए बच्चे के ऊपर से गुजर जाते हैं। यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे देखकर किसी का भी दिल दहल सकता है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत बच्चे की मदद के लिए दौड़ पड़े। बाल-बाल बची मासूम की जान हादसे के तुरंत बाद घायल बच्चे को नजदीकी Bombay Hospital में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि उसकी जान खतरे से बाहर है। फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। कार मालिक ने पेश की ईमानदारी की मिसाल जहां अक्सर ऐसे मामलों में आरोपी ड्राइवर या वाहन मालिक मौके से फरार हो जाते हैं या मामले को दबाने की कोशिश करते हैं, वहीं इस घटना में कार मालिक संजय अग्रवाल ने एक अलग उदाहरण पेश किया। जैसे ही उन्हें इस हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने बिना किसी देरी के घायल बच्चे के इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद अपने ड्राइवर को पुलिस स्टेशन भेजा और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में सहयोग किया। इस कदम की पूरे शहर में जमकर सराहना हो रही है। पुलिस ने शुरू की कार्रवाई इस मामले में पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, कार मालिक की पहल पर ही ड्राइवर को थाने लाया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आगे की जांच कर रही है और कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग में सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया है। समाज के लिए सीख यह हादसा जहां एक तरफ लापरवाही के गंभीर परिणामों को दिखाता है, वहीं दूसरी तरफ कार मालिक की जिम्मेदारी और ईमानदारी समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है। अगर हर नागरिक इसी तरह कानून का सम्मान करे और अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो कई समस्याओं को आसानी से रोका जा सकता है।
Bhopal LPG Crisis: खाड़ी देशों में अशांति से LPG संकट गहराया है, जिससे कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. भोपाल में रेस्टोरेंट और भोजनालयों ने खाने के दाम 10-30 रुपये तक बढ़ा दिए हैं. खाड़ी देशों में जारी युद्ध और अशांति के कारण देश में एलपीजी (LPG) का संकट गहराने लगा है. पिछले एक महीने के भीतर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में दो बार भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. इसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब और खाने-पीने की चीजों पर पड़ रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फास्ट फूड से लेकर सामान्य भोजनालयों की थाली तक सब कुछ महंगा हो गया है. भोपाल के मशहूर 'सागर गैरे' रेस्टोरेंट सहित कई फूड आउटलेट्स पर खाने-पीने के दाम बढ़ा दिए गए हैं. सैंडविच, पास्ता से लेकर सूप तक, मेन्यू में शामिल लगभग हर आइटम पर 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. रेस्टोरेंट संचालकों का स्पष्ट कहना है कि एक ही महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में दो बार हुए इजाफे के कारण उनके पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था. आम आदमी की 'थाली' भी हुई 30 रुपये तक महंगी महंगाई की यह आंच सिर्फ फास्ट फूड तक सीमित नहीं है. दोपहर का सस्ता और भरपेट भोजन परोसने वाले भोजनालयों में भी खाना अब महंगा हो गया है. भोपाल के 'शंकर भोजनालय' में खाने की थाली के दामों में 20 से 30 रुपये तक का सीधा इजाफा किया गया है. जो साधारण थाली पहले 160 रुपये में मिलती थी, वह अब 180 रुपये की हो गई है. जो स्पेशल थाली पहले 180 रुपये की थी, उसके दाम बढ़ाकर 210 रुपये कर दिए गए हैं. इसके अलावा दाल, सब्जी सहित मेन्यू के अन्य सभी आइटम्स के रेट भी बढ़ गए हैं. ब्लैक में मिल रहे सिलेंडर, आगे और बढ़ सकते हैं दाम भोजनालय और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी सिर्फ बढ़ी हुई कीमतें नहीं हैं, बल्कि सिलेंडरों की किल्लत भी एक बड़ा मुद्दा है. संचालकों के मुताबिक, बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू नहीं है. इस कारण कई बार उन्हें मजबूरी में ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं. उनका कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में खाने के दाम और भी बढ़ाए जा सकते हैं. जनता ने समझी संचालकों की मजबूरी महंगाई की इस मार से आम उपभोक्ता परेशान जरूर हैं, लेकिन वे रेस्टोरेंट और भोजनालय संचालकों की मजबूरी को भी भली-भांति समझ रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि जब सरकार की तरफ से ही कमर्शियल गैस महंगी मिल रही है, तो दुकानदार भी अपनी जेब से नुकसान सहकर कब तक सस्ता खाना खिलाएंगे.