बिजनेस और इकोनॉमी

हिंदी न्यूज़ बिजनेस Gold Silver Price Today:

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Metroheadlines फ़रवरी 28, 2026 0

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

 

 

सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?

 

 

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?

 

 

सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट

 

 

वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.

 

जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.

 

 

चांदी के ताजा भाव

 

 

दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.

 

 

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

 

 

दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

 

24 कैरेट - 1,64,880 रुपए
22 कैरेट - 1,51,150 रुपए
18 कैरेट - 1,23,700 रुपए

 

 

मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

 

24 कैरेट - 1,64,730 रुपए
22 कैरेट - 1,51,000 रुपए
18 कैरेट - 1,23,550 रुपए

 

 

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

 

24 कैरेट - 1,65,820 रुपए
22 कैरेट - 1,52,000 रुपए

18 कैरेट - 1,30,100 रुपए

 

 

कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

 

24 कैरेट - 1,64,730 रुपए
22 कैरेट - 1,51,000 रुपए
18 कैरेट - 1,23,550 रुपए

 

 

अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

 

24 कैरेट - 1,64,780 रुपए
22 कैरेट - 1,51,050 रुपए
18 कैरेट - 1,23,600 रुपए

 

 

लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

 

24 कैरेट - 1,64,880 रुपए
22 कैरेट - 1,51,150 रुपए
18 कैरेट - 1,23,700 रुपए

 

 

पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

 

24 कैरेट - 1,64,780 रुपए
22 कैरेट - 1,51,050 रुपए
18 कैरेट - 1,23,600 रुपए

 

 

हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

 

24 कैरेट - 1,64,730 रुपए
22 कैरेट - 1,51,000 रुपए
18 कैरेट - 1,23,550 रुपए

 

 

Popular post
MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

सिनेमा शादी के बाद रश्मिका-विजय जीत रहे लोगों का दिल, अब तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलो को दिया ये बड़ा तोहफा

Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.                                         रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे   न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है.     तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट   दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है.   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था     शादी की रस्में   रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था.     कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन   यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है.     विजय-रश्मिका फिल्म   प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.   

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

T20 World Cup Semifinal Streaming: सेमीफाइनल में होगी भारत और इंग्लैंड की टक्कर, जानें कब-कहां और कैसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग

भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही.   IND vs ENG Semifinal Live Streaming: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. टीम इंडिया ने 1 मार्च को वेस्टइंडीज को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर अंतिम चार में एंट्री की. इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन, जिन्होंने नाबाद 97 रन की बेहतरीन पारी खेली. उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.   भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही. अब सेमीफाइनल में भारत का सामना ग्रुप-2 की टॉपर इंग्लैंड से होने जा रहा है. पहला सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. दोनों मुकाबलों के विजेता 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल खेलेंगे.   IND VS ENG मैच कब और कितने बजे होगा?   भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च, गुरुवार को खेला जाएगा. मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा. यह मुकाबला बेहद हाई-वोल्टेज माना जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमें लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने हैं.   IND VS ENG मैच कहां खेला जाएगा?   यह अहम सेमीफाइनल मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर बड़े मुकाबलों का लंबा इतिहास रहा है और फैंस को एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट की उम्मीद है.   IND VS ENG मैच कहां देखें लाइव?   भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. वहीं ऑनलाइन दर्शक इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकेंगे.   दोनों टीमों के स्क्वॉड   भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा.   इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, जोश टंग और ल्यूक वुड. 

LPG संकट के बीच BJP नेताओं ने गाड़ी से उतारे पार्टी का झंडा! अखिलेश यादव ने किया चौंकाने वाला दावा

LPG संकट के बीच BJP नेताओं ने गाड़ियों से उतारे पार्टी का झंडा! अखिलेश यादव ने किया चौंकाने वाला दावा   देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच भारत में भी एलपीजी सप्लाई को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं. इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है.   उन्होंने दावा किया है कि गैस संकट को लेकर जनता में बढ़ते गुस्से से बचने के लिए बीजेपी नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे तक हटा दिए हैं. उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है.     अखिलेश यादव का बड़ा दावा   कन्नौज से सांसद और सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए.   उन्होंने लिखा कि अगर बीजेपी यह कह रही है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर उनकी पार्टी के मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद और करोड़ों कार्यकर्ता जनता के बीच क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं.   अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, उसके नेता आज जनता से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं.   उनका कहना था कि बीजेपी नेताओं को अपने भूमिगत ठिकानों से बाहर निकलकर जनता के बीच जाना चाहिए और गैस एजेंसियों के माध्यम से लोगों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में मदद करनी चाहिए.     ‘जनता के गुस्से से बचने के लिए झंडे उतारे’   सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे उतार दिए हैं. उन्होंने लिखा कि जब जनता को गैस नहीं मिल रही है तो लोग गुस्से में सवाल पूछ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी नेता जनता के गुस्से से बचने के लिए अपनी पहचान छिपा रहे हैं.   उन्होंने कहा कि अब सवाल यह है कि जनता किसका घेराव करे— बीजेपी नेताओं के घरों का उनके कार्यालयों का या फिर उनकी उन गाड़ियों का जिनसे पार्टी का झंडा हटा दिया गया है.   गैस संकट पर सरकार को घेरा   सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी हमेशा संकट को स्वीकार करने के बजाय उसे नकारने की कोशिश करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी के मुद्दे पर सरकार ने शुरुआत में इनकार किया था, उसी तरह आज एलपीजी और खाद जैसी आवश्यक चीजों की कमी को भी नकारा जा रहा है.   अखिलेश यादव ने कहा कि जब भी किसी जरूरी वस्तु की कमी होती है तो बीजेपी उससे जुड़ी समस्याओं को स्वीकार करने के बजाय आंकड़ों और बयानों के जरिए उसे छिपाने की कोशिश करती है.     कोरोना काल का भी किया जिक्र   अपने बयान में Akhilesh Yadav ने कोरोना महामारी का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना के समय देश में ऑक्सीजन की भारी कमी थी, लेकिन उस समय भी सरकार और बीजेपी नेताओं ने इसे स्वीकार करने में देरी की. उनका कहना था कि अब वही स्थिति गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं के मामले में देखने को मिल रही है.     ‘बीजेपी आपदा में भी कालाबाजारी ढूंढ लेती है’   अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि संकट की स्थिति में भी पार्टी के लोग कालाबाजारी करने के अवसर तलाश लेते हैं.   उन्होंने कहा कि जब जनता संकट में होती है, तब सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह स्थिति को संभाले और लोगों को राहत दे. लेकिन उनके मुताबिक बीजेपी ऐसा करने के बजाय समस्या को ही नकार देती है.     मुफ्त भोजनालय चलाने की मांग   सपा प्रमुख ने कहा कि अगर गैस संकट और महंगाई के कारण लोग भोजन के लिए भी परेशान हो रहे हैं तो बीजेपी और उससे जुड़े संगठनों को आगे आकर मुफ्त भोजनालय चलाने चाहिए.   उन्होंने कहा कि अगर सरकार और उसके समर्थक संगठन जनता की मदद नहीं कर सकते तो कम से कम उन्हें जनता के सामने आने से बचना चाहिए.     अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर?   विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल-गैस सप्लाई से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण कई देशों में ऊर्जा कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है. हालांकि भारत सरकार की ओर से अभी तक किसी बड़े एलपीजी संकट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.     सरकार की ओर से क्या कहा गया   सरकार के सूत्रों के अनुसार देश में एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और तेल विपणन कंपनियां लगातार सिलेंडर की आपूर्ति बनाए हुए हैं. सरकार का कहना है कि कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन की समस्या हो सकती है, लेकिन इसे पूरे देश में गैस संकट कहना सही नहीं होगा.     विपक्ष का हमला जारी   हालांकि विपक्षी दल लगातार महंगाई और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे हैं. समाजवादी पार्टी के अलावा कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी गैस सिलेंडर की कीमतों और सप्लाई को लेकर सवाल उठाए हैं.     यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल   उत्तर प्रदेश में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Akhilesh Yadav का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विपक्ष लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गैस संकट, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे आने वाले समय में यूपी की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं.     सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस   अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि गैस सिलेंडर की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. वहीं बीजेपी समर्थक इसे राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कह रहे हैं कि विपक्ष बेवजह माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है.     जनता की सबसे बड़ी चिंता – महंगाई   राजनीतिक बयानबाजी के बीच आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों को लेकर है. एलपीजी सिलेंडर पहले ही कई शहरों में महंगा हो चुका है और अगर सप्लाई में भी समस्या आती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ सकता है.

बिजनेस और इकोनॉमी

View more
LPG गैस की अफवाहों के बीच सरकार का बड़ा बयान, ऑनलाइन बुकिंग का डेटा बताया, सप्लाई पर क्या कहा?

  LPG Booking: गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच सरकार ने खुलासा किया है कि इसकी ऑनलाइन बुकिंग्स बढ़ गई हैं. हालांकि ग्लोबली हालातों में फिलहाल खास सुधार नहीं है लेकिन फिर भी कहीं- कहीं सुधार की स्थिति है.   हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग में अचानक वृद्धि देखी गई है। इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव। इन दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार न होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर दिखाई दे रहा है।   भारत सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी को लगभग 99 प्रतिशत तक सुनिश्चित कर दिया गया है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखें।   इस दौरान डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। DAC एक सुरक्षा प्रणाली है जिसमें ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड भेजा जाता है, जिसे डिलीवरी के समय सत्यापित किया जाता है। इससे फर्जी डिलीवरी या गलत वितरण की संभावना कम हो जाती है। सरकार के मुताबिक, DAC आधारित डिलीवरी अब लगभग 92 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो पारदर्शिता और दक्षता दोनों को दर्शाता है।   पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी बताया है कि कई एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स अब रविवार को भी काम कर रहे हैं, ताकि बढ़ती मांग को समय पर पूरा किया जा सके। यह कदम खासतौर पर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्रभावी साबित हो रहा है, जहां मांग में तेजी से वृद्धि देखी गई है।   कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की स्थिति पर बात करें तो सरकार ने इसे भी संतुलित बनाए रखने का प्रयास किया है। मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी का आवंटन अब प्री-क्राइसिस स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसमें 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन सुधारात्मक कदम के रूप में शामिल किया गया है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो एलपीजी पर निर्भर हैं।   23 मार्च 2026 से अब तक 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री 18.45 लाख यूनिट से अधिक हो चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि छोटे और अस्थायी उपभोक्ताओं के बीच भी गैस की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा, पिछले पांच दिनों में औसतन 7,000 मीट्रिक टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी की दैनिक बिक्री दर्ज की गई है, जो बाजार में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।   इस पूरी स्थिति की निगरानी के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के कार्यकारी निदेशकों की एक तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी वितरण की योजना बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठकें कर रही है।   दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों की मांग में भी वृद्धि देखी गई है। मार्च 2026 से अब तक 4.93 लाख से अधिक PNG कनेक्शनों का गैसीकरण किया जा चुका है। वहीं, 5.51 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने नए PNG कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह दर्शाता है कि लोग वैकल्पिक ईंधन स्रोतों की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।   इसके अलावा, MYPNGD.in वेबसाइट के माध्यम से 19 अप्रैल तक लगभग 39,200 उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। यह बदलाव शहरी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिल रहा है, जहां पाइप्ड गैस की सुविधा आसानी से उपलब्ध है और इसे अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है।   कुल मिलाकर, यह स्थिति दर्शाती है कि वैश्विक घटनाओं का सीधा प्रभाव भारत जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देश पर पड़ता है। हालांकि, सरकार द्वारा उठाए गए त्वरित और रणनीतिक कदमों ने स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित रखा है। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देना, डिलीवरी सिस्टम को मजबूत करना और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना—ये सभी कदम आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।   यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव जारी रहता है, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों और सप्लाई पर और प्रभाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में सरकार और उपभोक्ताओं दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।  

Metroheadlines अप्रैल 21, 2026 0

अब महीने में दो बार मिलेगी सैलरी, नया नियम लाया भारत का पड़ोसी देश, इससे क्या फायदा होगा?

ईरान युद्ध की आग में जलेगी आपकी जेब, भारत में महंगाई बढ़ने का बढ़ा खतरा, ट्रंप हैं कारण!

लगातार दूसरे दिन खोई सोने-चांदी की चमक, चांदी 1300 रुपये फिसली; जानें आज आपके शहर का ताजा भाव

एयर इंडिया का सफर महंगा, डोमेस्टिक-इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जेब पर पड़ेगा भारी बोझ

  Air India Fuel Surcharge: Air India Group ने 8 अप्रैल 2026 से Fuel Surcharge में बड़ा बदलाव किया है. इसके तहत, पुराने Flat Surcharge को हटाकर Distance के हिसाब से नया Slab System लागू किया है.   Air India Fuel Surcharge: ग्लोबल लेवल पर जेट फ्यूल की कीमतें करीब 100 परसेंट तक उछलने के बाद एयर इंडिया ने भी अब Fuel Surcharge में बड़ा बदलाव किया है. इसके तहत, कंपनी  8 अप्रैल 2026 से  पुराने Flat Surcharge को हटाकर Distance के हिसाब से नया Slab System लागू करने जा रही है. घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह के रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज में बदलाव करने की कंपनी की इस घोषणा से आने वाले समय में एयर इंडिया की उड़ानों का किराया अब और महंगा होने जा रहा है. यह बदलाव अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण ग्लोबल जेट फ्यूल की कीमतों में आई भारी तेज़ी की वजह से किया गया है.    टाटा ग्रुप के मालिकाना हक वाली इस एयरलाइन ने बताया कि फ्यूल सरचार्ज का यह नया ढांचा 8 अप्रैल से घरेलू रूट्स पर और 10 अप्रैल से प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर लागू होगा. यह कदम एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में आई भारी बढ़ोतरी के बाद उठाया गया है, जिससे दुनिया भर की एयरलाइंस के लिए ऑपरेशनल लागत काफी बढ़ गई है.    घरेलू उड़ानों पर असर (8 अप्रैल से)   घरेलू यात्रा के लिए एयर इंडिया ने एक समान फ्यूल सरचार्ज से हटकर दूरी-आधारित मॉडल अपना लिया है. छोटी दूरी के रूट (0–500 km) पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अब प्रति सेक्टर 299 रुपये अतिरिक्त देने होंगे, जबकि 2,000 km से ज्यादा लंबी दूरी के रूट पर यात्रियों से 899 रुपये तक लिए जाएंगे.   यह बदलाव सरकार के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें घरेलू ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को 25 परसेंट तक सीमित किया गया है, जिससे एयरलाइंस और यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिली है. हालांकि, इस सीमित बढ़ोतरी से भी ज्यादातर सेक्टरों में टिकट की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है.    अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर असर (10 अप्रैल से)   उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया- इन सबसे लंबे रूट्स पर प्रति सेक्टर (एक तरफा) किराया 280 डॉलर (लगभग 23400 रुपये) का सरचार्ज लगेगा. यानी कि आने-जाने की टिकट पर करीब 47000 रुपये का एक्स्ट्रा खर्च आएगा.  यूरोप और यूके- प्रति सेक्टर 205 डॉलर यानी कि लगभग 17000 रुपये का सरचार्ज. अफ्रीका और मध्य एशिया- प्रति सेक्टर 130 डॉलर यानी कि लगभग 10800 रुपये का सरचार्ज. मिडिल ईस्ट- प्रति सेक्टर 50 डॉलर यानी कि लगभग 4200 रुपये का सरचार्ज. दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन- प्रति सेक्टर 100 डॉलर यानी कि लगभग 8300 रुपये का सरचार्ज. हालांकि, सिंगापुर के लिए यह 60 डॉलर प्रति सेक्टर है.  SAARC देश (नेपाल, श्रीलंका)- इन देशों के लिए प्रति सेक्टर 24 डॉलर का सरचार्ज. यानी कि लगभग 2000 रुपये का अतिरिक्त खर्च.   पहले से बुक Tickets पर क्या होगा?   Air India ने साफ कह दिया है कि जो Tickets इन तारीखों से पहले Issue हो चुके हैं उन पर नया Surcharge नहीं लगेगा जब तक यात्री Date या Itinerary में कोई बदलाव न करे. एयरलाइन ने यह भी कहा है कि हालात के मुताबिक Surcharge की समीक्षा होती रहेगी. 

Metroheadlines अप्रैल 7, 2026 0

अमीर और अमीर, गरीब और गरीब! देश के 1688 रईसजादों के पास है 50% GDP के बराबर दौलत

अमीर बनना है तो छोड़नी होंगी ये 5 आदतें, वॉरेन बफे की ये सीख आपके आएगी काम ; जानिए डिटेल

10, 20 हो या लाख... मार्च में UPI ट्रांजेक्शन ने तोड़े रिकॉर्ड, हर दिन इतने करोड़ का हुआ लेन-देन

भारत या आफगानिस्तान, किसकी करेंसी ज्यादा मजबूत, बीते 1 महीने में रुपया घटा या बढ़ा?

  वैश्विक उथल-पुथल के बीच मार्च 2026 में भारतीय रुपया ऐतिहासिक रूप से कमजोर हुआ है, जबकि अफगानी अफगानी ने मजबूती दिखाई है. जानें रुपए में गिरावट के क्या कारण हैं. पढ़ें ये रिपोर्ट.   India and Afghanistan Currency News: वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल और ईरान-अमेरिका वॉर के बीच इस साल मार्च का महीना करेंसी के मामने में काफी हलचल भरा रहा है. भारतीय करेंसी यानी रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 95 के स्तर को पार कर 95.22 पर आ गया है. लेकिन क्या आपको पता है कि मार्च महीने में अफगान अफगानी (AFN) ने भारतीय रुपए (INR) के मुकाबले अधिक मजबूती दिखाई है.   एक मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच दोनों करेंसी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो चौंकाने वाली बात देखने को मिलती है.     पहले बात भारतीय रुपया की   ईरान युद्ध के चलते मार्च के महीने में रुपया भारी दबाव में रहा. 30 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में रुपये में 9.88% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले 14 सालों में इसकी सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट है. मार्च के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर को भी पार कर गया है.     अब बात अफगानी मुद्रा की   ध्यान देने वाली बात है कि रुपए के तुलना में अफगानिस्तान की मुद्रा ने मजबूती दर्ज की है. अफगान सेंट्रल बैंक के अनुसार, 20 मार्च 2026 को समाप्त हुए उनके कैलेंडर वर्ष में अफगानी डॉलर के मुकाबले 9.93% मजबूत हुई है, हालांकि मार्च के पहले हफ्ते में इसमें मामूली 4.2% की गिरावट देखी गई थी, लेकिन महीने के अंत तक यह रुपए की तुलना में अफगानी करेंसी स्थिर रही.     ताजा स्थिति क्या है?   मार्च 2026 के आखिर में एक्सचेंज रेट लगभग इस तरह है- 1 भारतीय रुपया (INR) ≈ 0.67 अफगान अफगानी (AFN). इसका मतलब है कि मूल्य के मामले में 1 रुपया 1 अफगानी से छोटा है. हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था अफगानिस्तान से कहीं बड़ी है, लेकिन करेंसी की 'यूनिट वैल्यू' और हालिया 'मजबूती की दर' के मामले में अफगानी फिलहाल बेहतर प्रदर्शन कर रही है.     भारतीय रुपया कमजोर होने के कारण क्या है?   विदेशी फंड की निकासी- विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला है. कच्चे तेल की कीमतें: पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण मार्च में कच्चे तेल की कीमतें $105 - $115 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ गया है. अमेरिकी टैरिफ: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंधों यानी टैरिफ ने भी रुपए पर दबाव बनाया है. व्यापार घाटा: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण ऊर्जा व्यापार प्रभावित हुआ, जिससे भारत के चालू खाता घाटे (CAD) पर असर पड़ा है.     अफगानी करेंसी मजबूत होने के कारण क्या हैं?   सख्त मौद्रिक नीतियां: अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक ने बाजार में डॉलर की निरंतर आपूर्ति की और मुद्रा के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया है. डिजिटल बैंकिंग और नए नोट: पुराने नोटों को चलन से बाहर करने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से मुद्रा की मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहा है. सीमित वैश्विक व्यापार जुड़ाव: वैश्विक वित्तीय बाजारों से कम जुड़ाव होने के कारण, अफगानिस्तान वैश्विक मंदी या डॉलर की मजबूती से उस तरह प्रभावित नहीं हुआ जैसे भारत हुआ.  आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2026 में भारतीय रुपया कमजोर हुआ है, जबकि अफगान अफगानी ने अपनी मजबूती बरकरार रखी है. जहां भारत को बाहरी झटकों (तेल और भू-राजनीति) का सामना करना पड़ा, वहीं अफगानिस्तान ने आंतरिक नियंत्रण और सीमित बाजार जोखिमों के कारण अपनी करेंसी को गिरने से बचाए रखा.

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0

LPG, CNG, PNG rates today: आज कितनी है 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत? CNG और PNG के क्या हैं रेट?

सोने की कम हुई कीमत, जानें एक दिन में कितना घटा रेट; चांदी के क्या हैं भाव?

बिना रोज मेहनत के भी हो सकती है तगड़ी कमाई! जानें पैसिव इनकम बनाने के आसान और स्मार्ट तरीके...

0 Comments

Top week

राज्य/शहर

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

Voting poll

क्या नीतीश के दिल्ली शिफ्ट के बाद जेडीयू बिहार में दबदबा बरकरार रख पाएगी?