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कांग्रेस ने राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इसमें अभिषेक मनु सिंघवी को तेलंगाना से फिर नामित किया गया है, साथ ही वेम नरेंद्र रेड्डी भी उम्मीदवार हैं।

Metroheadlines मार्च 5, 2026 0

 

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों की लिस्ट जारी, अभिषेक मनु सिंघवी और फूलो देवी समेत कई नेताओं को मिला टिकट

 

 

देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में Indian National Congress ने भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। सबसे चर्चित नामों में वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील Abhishek Manu Singhvi और फूलो देवी का नाम शामिल है।

 

कांग्रेस की ओर से जारी की गई इस सूची के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राज्यसभा चुनाव हमेशा से ही राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि संसद के ऊपरी सदन में सीटों की संख्या सरकार और विपक्ष की ताकत को काफी हद तक प्रभावित करती है।

 


 

राज्यसभा चुनाव का महत्व

 

भारत की संसद दो सदनों से मिलकर बनी है — लोकसभा और राज्यसभा। लोकसभा को निचला सदन और राज्यसभा को ऊपरी सदन कहा जाता है। राज्यसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते, बल्कि राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य उन्हें चुनते हैं।

 

राज्यसभा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यहां कानूनों पर विस्तार से चर्चा होती है और कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी जाती है। इसके अलावा राज्यसभा संघीय ढांचे का प्रतिनिधित्व भी करती है क्योंकि इसमें राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

 

राज्यसभा चुनावों में राजनीतिक दलों की रणनीति काफी अहम होती है। दल अक्सर ऐसे नेताओं को यहां भेजते हैं जो नीति निर्माण, कानून और संसदीय बहस में मजबूत भूमिका निभा सकें।

 


 

कांग्रेस की रणनीति

 

इस बार कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों का चयन करते समय कई पहलुओं को ध्यान में रखा है। पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ सामाजिक प्रतिनिधित्व पर भी ध्यान देने की कोशिश की है।

 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस चुनाव के जरिए संसद में अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहती है। साथ ही पार्टी ने ऐसे नेताओं को भी मौका दिया है जो कानूनी और राजनीतिक मामलों में पार्टी की आवाज को प्रभावी तरीके से उठा सकें।

 


 

अभिषेक मनु सिंघवी को फिर मौका

 

इस सूची में सबसे प्रमुख नाम Abhishek Manu Singhvi का है। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के प्रसिद्ध संवैधानिक वकीलों में गिने जाते हैं।

अभिषेक मनु सिंघवी लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। वे कई बार राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं और संसद में पार्टी का मजबूत पक्ष रखते रहे हैं। कानूनी मामलों में उनकी गहरी समझ और प्रभावी वक्तृत्व कला उन्हें संसद के सबसे प्रभावशाली वक्ताओं में से एक बनाती है।

कांग्रेस ने उन्हें एक बार फिर मौका देकर यह संकेत दिया है कि पार्टी संसद में अनुभवी और मजबूत आवाज बनाए रखना चाहती है।

 


 

फूलो देवी को टिकट

 

कांग्रेस की सूची में फूलो देवी का नाम भी शामिल है। यह फैसला सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पार्टी के सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने सामाजिक संतुलन बनाए रखने और विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति के तहत उन्हें टिकट दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस लंबे समय से सामाजिक न्याय और समावेशी राजनीति की बात करती रही है। ऐसे में अलग-अलग समुदायों के नेताओं को राज्यसभा भेजना पार्टी की उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

 


 

अन्य संभावित उम्मीदवार

 

कांग्रेस की सूची में कई अन्य नेताओं के नाम भी शामिल हैं, जिनमें अनुभवी राजनीतिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और पार्टी के संगठनात्मक पदाधिकारी शामिल हैं।

पार्टी ने टिकट वितरण में निम्नलिखित बातों पर ध्यान दिया है:

 

  • राजनीतिक अनुभव

  • संगठन में योगदान

  • सामाजिक प्रतिनिधित्व

  • क्षेत्रीय संतुलन

इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

 


 

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया

 

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया सामान्य चुनावों से थोड़ी अलग होती है।

राज्यसभा के सदस्य एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote) के माध्यम से चुने जाते हैं। इसमें राज्य के विधायक मतदान करते हैं।

इस चुनाव में:

 

  • हर विधायक का वोट होता है

  • वोट की प्राथमिकता तय की जाती है

  • सीटों की संख्या के अनुसार उम्मीदवार चुने जाते हैं

इस प्रक्रिया के कारण राजनीतिक दलों के बीच रणनीतिक गठबंधन और क्रॉस वोटिंग भी देखने को मिल सकती है।

 


 

राजनीतिक समीकरण

 

राज्यसभा चुनाव में अक्सर राज्यों की राजनीति का सीधा असर दिखाई देता है। जिस राज्य में जिस पार्टी की सरकार होती है या जिसके पास ज्यादा विधायक होते हैं, उसे वहां से ज्यादा सीटें जीतने का मौका मिलता है।

कांग्रेस की रणनीति भी इसी आधार पर तैयार की गई है। पार्टी ने उन राज्यों पर ज्यादा ध्यान दिया है जहां उसकी स्थिति मजबूत है या जहां सहयोगी दलों का समर्थन मिल सकता है।

 


 

विपक्ष की रणनीति

 

राज्यसभा चुनाव केवल कांग्रेस के लिए ही नहीं बल्कि अन्य दलों के लिए भी महत्वपूर्ण है। कई विपक्षी दल भी अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए रणनीति बना रहे हैं।

अगर विपक्षी दल मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो वे संसद के ऊपरी सदन में सरकार को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। यही वजह है कि इन चुनावों को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

 


 

संसद में राज्यसभा की भूमिका

 

राज्यसभा को अक्सर विचारों का सदन कहा जाता है। यहां कई ऐसे सदस्य होते हैं जो सीधे चुनाव लड़कर नहीं आते लेकिन अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ होते हैं।

इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • वरिष्ठ राजनेता

  • शिक्षाविद

  • वकील

  • सामाजिक कार्यकर्ता

ऐसे लोग संसद में नीति निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 


कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह चुनाव

कांग्रेस के लिए राज्यसभा चुनाव कई कारणों से महत्वपूर्ण हैं।

  1. संसद में संख्या बढ़ाने का मौका

  2. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संसद भेजना

  3. राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संदेश देना

  4. संगठनात्मक संतुलन बनाए रखना

इन सभी कारणों से कांग्रेस इस चुनाव को गंभीरता से ले रही है।

 


 

संभावित राजनीतिक असर

 

कांग्रेस द्वारा जारी की गई उम्मीदवारों की सूची का असर आने वाले समय में कई स्तरों पर दिखाई दे सकता है।

  • पार्टी के भीतर संगठनात्मक संतुलन

  • राज्यों की राजनीति पर प्रभाव

  • संसद में बहस और विधेयकों पर असर

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यसभा में मजबूत उपस्थिति किसी भी पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।

 


 

आगामी चुनावों की तैयारी

 

राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ राजनीतिक दल आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों की भी तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में टिकट वितरण को भविष्य की रणनीति से भी जोड़ा जा रहा है।

कई बार राज्यसभा सीटें उन नेताओं को दी जाती हैं जो संगठन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं लेकिन सीधे चुनाव नहीं लड़ते।

 


 

 

निष्कर्ष

 

राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी की गई उम्मीदवारों की सूची ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। Abhishek Manu Singhvi और फूलो देवी जैसे नेताओं को टिकट देकर पार्टी ने यह संकेत दिया है कि वह संसद में मजबूत और प्रभावी प्रतिनिधित्व चाहती है।

आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दल भी अपनी रणनीति और उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे। इसके बाद राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है।

संसद के ऊपरी सदन के ये चुनाव केवल सीटों का गणित नहीं होते, बल्कि वे देश की राजनीति की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव के नतीजे क्या संकेत देते हैं और संसद में किस पार्टी की स्थिति कितनी मजबूत होती है।

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भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

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Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

राजनीति

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असम में BJP, पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर, तमिलनाडु-केरल में किसको बढ़त? देखें लेटेस्ट ओपिनियन पोल का चौंकाने वाला अनुमान

  9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव है. 23 अप्रैल को तमिलनाडु और 23-29 को पश्चिम बंगाल में वोटिंग है.जानिए ओपिनियन पोल में किसे बढ़त मिल रही है.     2026 विधानसभा चुनाव ओपिनियन पोल: असम, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में किसकी बनेगी सरकार?     भारत में 2026 का चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद अब ओपिनियन पोल ने सियासी समीकरणों को और भी दिलचस्प बना दिया है। हर राज्य में अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं, जहां कहीं सीधी टक्कर है तो कहीं गठबंधन निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।   सबसे पहले बात करें असम की, जहां 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान होना है। यहां का ओपिनियन पोल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर की ओर इशारा करता है। चाणक्य स्ट्रेटेजी के सर्वे के मुताबिक बीजेपी को 83 से 90 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि कांग्रेस 30 से 36 सीटों पर सिमट सकती है। अन्य दलों को 3 से 6 सीटें मिल सकती हैं। वोट शेयर के आंकड़े भी दिलचस्प हैं, जहां बीजेपी को 45 से 48 प्रतिशत और कांग्रेस को 39 से 44 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। यह साफ संकेत देता है कि असम में बीजेपी गठबंधन एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकता है, हालांकि कांग्रेस भी पूरी तरह मुकाबले में बनी हुई है।   केरल की बात करें तो यहां का चुनावी समीकरण पूरी तरह अलग नजर आता है। Matrize ओपिनियन पोल के अनुसार, केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को 67 से 73 सीटें मिल सकती हैं, जबकि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को 62 से 68 सीटें मिलने का अनुमान है। बीजेपी यहां 5 से 8 सीटों तक सीमित रह सकती है। केरल विधानसभा में कुल 140 सीटें हैं और बहुमत के लिए 71 सीटों की जरूरत होती है। इस हिसाब से देखा जाए तो UDF हल्की बढ़त के साथ सरकार बना सकता है। पिछले एक दशक से केरल में LDF का शासन रहा है, लेकिन इस बार सत्ता परिवर्तन की संभावना दिखाई दे रही है।   पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव बेहद रोमांचक होने वाला है। यहां 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। ओपिनियन पोल के अनुसार बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। MATRIZE के सर्वे के मुताबिक बीजेपी को 140 से 160 सीटें मिल सकती हैं, जबकि TMC को 130 से 150 सीटों का अनुमान है। अन्य दलों को 8 से 16 सीटें मिल सकती हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और बहुमत के लिए 148 सीटें जरूरी हैं। वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी को 41 प्रतिशत और TMC को 43 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। यह संकेत देता है कि TMC भले ही बढ़त में हो, लेकिन बीजेपी बहुत पीछे नहीं है और आखिरी नतीजे बेहद चौंकाने वाले हो सकते हैं।   तमिलनाडु में इस बार मुकाबला गठबंधनों के बीच दिलचस्प होता जा रहा है। 23 अप्रैल को यहां एक ही चरण में मतदान होगा। MATRIZE के ओपिनियन पोल के अनुसार NDA गठबंधन को 107 से 120 सीटें मिल सकती हैं, जबकि DMK गठबंधन को 102 से 115 सीटें मिलने का अनुमान है। TVK को 5 से 12 और अन्य को 1 से 6 सीटें मिल सकती हैं। तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 118 है। इस हिसाब से NDA गठबंधन हल्की बढ़त के साथ सरकार बना सकता है, हालांकि मुकाबला बेहद करीबी रहने की संभावना है।   इन सभी राज्यों के ओपिनियन पोल को मिलाकर देखा जाए तो 2026 के चुनाव में किसी एक पार्टी का दबदबा नहीं दिख रहा है, बल्कि हर राज्य में अलग-अलग राजनीतिक समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। असम में बीजेपी मजबूत दिख रही है, केरल में UDF को बढ़त मिलती दिख रही है, पश्चिम बंगाल में TMC और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर है, जबकि तमिलनाडु में NDA और DMK गठबंधन के बीच मुकाबला बेहद करीबी है।   हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि ओपिनियन पोल सिर्फ अनुमान होते हैं, वास्तविक नतीजे इससे अलग भी हो सकते हैं। चुनावी माहौल, उम्मीदवारों की लोकप्रियता, स्थानीय मुद्दे और मतदान प्रतिशत जैसे कई फैक्टर अंतिम परिणाम को प्रभावित करते हैं। इसलिए अंतिम नतीजों के लिए वोटिंग के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।  

Metroheadlines अप्रैल 7, 2026 0

‘मातृभाषा का अपमान’ बनाम ‘तुष्टिकरण की साजिश’, बंगाल में PM मोदी के बयान पर TMC का पलटवार, ‘इश्तेहार’ पर छिड़ा सियासी संग्राम

आज शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर विधानसभा सीट से भरेंगे नामांकन पत्र, अमित शाह का होगा भव्य रोड शो

Thrissur की सड़कों पर प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए हजारों लोग जुटे।

उत्तराखंड की सियासत में बड़ा उलटफेर, दिल्ली जाकर BJP के पूर्व विधायकों ने थामा 'हाथ'

  उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर 'दलबदल' की बयार तेज हो गई है. नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के दौरान भाजपा और निर्दलीय खेमे के कई दिग्गज चेहरों ने कांग्रेस का 'हाथ' थाम लिया.    कांग्रेस पार्टी में बड़ी राजनीतिक जॉइनिंग देखने को मिली, जहां कांग्रेस मुख्यालय नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के बाद कई नेताओं ने पार्टी की सदस्यत ग्रहण की. उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया, जिसके बाद सदस्यता कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस दौरान रुद्रपुर से 2 बार के विधायक राजकुमार ठुकराल, भीमताल से चर्चित चेहरा लखन सिंह, घनसाली से भाजपा विधायक रहे भीम लाल आर्य, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और सितारगंज से 2 बार के विधायक नारायण पाल ने कांग्रेस का दामन थामा. वहीं, भाजपा से रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गौयल भी कांग्रेस में शामिल हुए.   कार्यक्रम में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी ने सभी नेताओं को पटका पहनाकर सदस्यता दिलाई. इस मौके पर CWC सदस्यों समेत उत्तराखंड कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे   पूर्व सीएम हरीश रावत क्यों हैं नाराज़?   इसके साथ ही सूत्र यह भी बताते हैं कि एक व्यक्ति के कांग्रेस में शामिल न होने से नाराज हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी नाराजगी भी जाहिर की है. बताया जा रहा है कि रामनगर से निर्दलीय विधायक का चुनाव लड़ चुके संजय नेगी कांग्रेस में शामिल होते-होते रह गए, जिन्हें हरीश रावत का करीबी माना जाता है.    BJP अध्यक्ष ने क्या कहा?   उधर, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अब चार लोगों की पार्टी बनकर रह गई    उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चाहे देहरादून में ज्वाइनिंग हो या दिल्ली में, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पहले आरोप लगाती  थी कि भाजपा के पास लोग नहीं हैं और कांग्रेस के नेताओं को मंत्री बनाया गया, लेकिन अब वही कांग्रेस भाजपा से निकले नेताओं को दिल्ली में सदस्य बना रही है   महेंद्र भट्ट ने यह भी कहा, "हमारा निकाला हुआ माल कांग्रेस ले रही है तो हम क्या कर सकते हैं?"  

Metroheadlines मार्च 28, 2026 0

तमिलनाडु चुनाव नतीजे बाद में आएंगे, सीट बंटवारे में द्रविड़ पार्टियों की बड़ी जीत

जम्मू को 3 संभागों में बांटने का प्रस्ताव, 27 अप्रैल को शुरू हो रहे बजट सत्र में PDP को बिल पेश करने को मिली मंजूरी ?

पांच राज्यों में चुनाव के एलान के बाद आदर्श आचार संहिता के निर्देश जारी, MCC लागू होने पर क्या होता है?

'जहां बेटियां जन्म से आजीवन पूजी जाती हैं, वह है अपना MP'- महिला सम्मेलन में बोले सीएम मोहन

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में ₹405.58 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया. उन्होंने एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली बेटियों को प्रमाण पत्र दिए.       मुख्यमंत्री मोहन यादव   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के हटा में आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण सम्मेलन’ में सहभागिता कर ₹405.58 करोड़ से अधिक लागत के 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया. इसके साथ ही आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी वैक्सीन का टीका लगवाने वाली हटा की 8 बेटियों को मंच से प्रमाण पत्र भी सौंपे. मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए.   नारी सदैव पूजनीय हैं- सीएम मोहन यादव   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जहां बेटियां जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं, वह सिर्फ़ और सिर्फ़ अपना मध्यप्रदेश ही है. नारी सदैव पूजनीय हैं. हम अपने देश को भी जननी मानकर भारत माता की जय कहकर पूजते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. सरकार की योजनाएं महिलाओं के जीवन में हर कदम पर पक्की सहेली बनकर उनके साथ खड़ी हैं.मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत से विकास के मूल मंत्र को अपनाते हुए प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं. विगत वर्ष बुंदेलखंड क्षेत्र के वैश्विक पर्यटन स्थल खजुराहो में स्टेट कैबिनेट की मीटिंग कर सरकार ने 27 हजार 500 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी.    'हटा' अ‍ब बनेगा शिवकाशी- सीएम मोहन यादव   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए हटा का नाम बदलकर इसे शिवकाशी नाम देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि हटा श्री श्री 1008 देवश्री गौरीशंकर की नगरी है, इसलिए अब इसे शिवकाशी के रूप में ही जाना जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों को और भी कई सौगातें दीं. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि हटा में नवीन आईटीआई भवन बनाया जाएगा. हटा में सर्वसुविधायुक्त नवीन नगर पालिका भवन एवं भव्य गीता भवन भी निर्मित किया जाएगा.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में कार्य का दायदा बहुत विस्तृत है, इसलिए हटा के महाविद्यालय में अब कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन संकाय/विषय भी पढ़ाये जाएंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विनती-मड़ियादौ-चौरईया मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाएगा. हटा के शासकीय पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में इंडोर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा.   दमोह में होगा औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार- सीएम मोहन   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटेरा में नया महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा करते हुए कहा कि मड़ियादो एवं देवरी फतेहपुर में नया हायर सेकेण्डरी भवन बनाया जाएगा. इसी प्रकार नगर परिषद तेंदूखेड़ा में तारादेही तिराहे से चौरई तक मार्ग चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य कराए जाएंगे. नगर परिषद तेंदूखेड़ा में वार्ड क्रमांक 3 में सी.सी. रोड निर्माण कराया जाएगा. गहरा से चौपरा-सिमरी तक मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा

Metroheadlines मार्च 13, 2026 0

बिहार चुनाव में किसके बटुए से कितना पैसा निकला? BJP की जमापूंजी का 2%, तो कांग्रेस का 28%

बंगाल चुनाव: 2 से 3 फेज में हो सकता है मतदान, BJP ने EC को सौंपा 17 सूत्रीय ज्ञापन

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Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

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