हेल्थ टिप्स

Screen Time Effects: क्या फोन दूर होते ही हो जाते हैं बेचैन, जानें स्क्रीन कैसे बना रही समय से पहले बूढ़ा?

  Smartphone Health Impact: हाल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोग 2024 में कुल   1.1 ट्रिलियन घंटे स्मार्टफोन पर बिताते रहे यानी औसतन हर व्यक्ति करीब 5 घंटे रोज स्क्रीन पर रहता है.     Why You Feel Anxious Without Your Phone: अगर फोन आपसे थोड़ी देर के लिए भी दूर हो जाए और आपको बेचैनी होने लगे, तो यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक संकेत है कि स्क्रीन आपकी बॉडी और दिमाग पर असर डाल रही है. हाल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोग 2024 में कुल 1.1 ट्रिलियन घंटे स्मार्टफोन पर बिताते रहे यानी औसतन हर व्यक्ति करीब 5 घंटे रोज स्क्रीन पर रहता है. चलिए आपको बताते हैं कि इससे कैसे आपको दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.      समय से पहले बना रही आपको बूढ़ा   यही बढ़ता स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे शरीर के अंदर एक ऐसी प्रक्रिया शुरू कर देता है, जो समय से पहले बूढ़ा होने की वजह बन सकती है. सबसे पहला असर पड़ता है नींद पर. रात में फोन चलाने से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में बनने वाले मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जो नींद के लिए बेहद जरूरी है. एनपीजे डिजिटल हेल्थ में पब्लिश रिसर्च भी बताती है कि जितना ज्यादा रात में स्क्रीन का इस्तेमाल होगा, नींद उतनी ही खराब होगी.     सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित    नींद की कमी सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहती. इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है. रिसर्च में पाया गया है कि इससे दिमाग की मेमोरी से जुड़ी स्ट्रक्चर कमजोर होने लगती हैं और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है.  द लैंसेट कमीशन (2024) की रिपोर्ट में तो यहां तक कहा गया है कि नींद की समस्या डिमेंशिया के बड़े कारणों में शामिल हो रही है.   यह असर सिर्फ दिमाग तक नहीं रुकता. फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी (2023) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, ज्यादा स्क्रीन टाइम और खराब नींद का सीधा असर हमारे गट माइक्रोबायोम पर पड़ता है. यानी पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने लगता है. यही कारण है कि स्क्रीन एडिक्शन से एंग्जायटी, लो मूड और स्ट्रेस बढ़ने लगता है.     क्या कहते हैं एक्सपर्ट?     Dr. Aaron Hartman बताते हैं कि नींद, स्ट्रेस और गट हेल्थ, ये तीनों एक-दूसरे से जुड़े हैं, इनमें से एक भी खराब हुआ तो बाकी भी प्रभावित हो जाते हैं. इसके अलावा, जेरोसाइंस (2024) की स्टडी बताती है कि रात में आर्टिफिशियल लाइट के संपर्क में रहने से शरीर में सूजन बढ़ती है, जो दिमाग तक पहुंचकर न्यूरोइन्फ्लेमेशन पैदा कर सकती है. यही प्रक्रिया तेजी से बढ़ती उम्र का कारण बनती है. Dr. John La Puma ने इसे "डिजिटल ओबेसिटी" नाम दिया है, जहां स्क्रीन की लत शरीर और दिमाग दोनों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है. हर नोटिफिकेशन के साथ मिलने वाला डोपामिन दिमाग को उसी तरह प्रभावित करता है, जैसे किसी लत में होता है.

Metroheadlines अप्रैल 17, 2026 0
Constipation Relief Tips: क्या सुबह-सुबह पानी पीने से सच में बन जाता है प्रेशर, कितनी सच है यह बात?

  Morning Water And Digestion: सुबह उठते ही पानी पीने की आदत को लेकर अक्सर कहा जाता है.   चलिए आपको बताते हैं कि क्या सच में इससे प्रेशर बनता है या फिर यह पूरा तरह मिथक है?   सुबह उठते ही पानी पीने की आदत को लेकर हम अक्सर सुनते हैं कि इससे पेट साफ होता है, कब्ज दूर होती है और टॉयलेट का प्रेशर बनता है। कई लोग इसे एक घरेलू नुस्खा मानते हैं, तो कुछ इसे केवल एक मिथ समझते हैं। लेकिन सच्चाई इन दोनों के बीच कहीं मौजूद है। यह आदत न केवल पारंपरिक ज्ञान का हिस्सा है बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी छिपे हुए हैं। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि सुबह पानी पीने से शरीर पर क्या असर पड़ता है, क्या वास्तव में इससे प्रेशर बनता है, और यह आदत कितनी फायदेमंद है।     1. सुबह पानी पीने की आदत क्यों मानी जाती है खास?   रातभर सोने के दौरान हमारा शरीर कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से गुजरता है। इस दौरान शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी हो जाती है क्योंकि हम कई घंटों तक कुछ पीते नहीं हैं। सुबह उठते ही पानी पीने से शरीर को तुरंत हाइड्रेशन मिलता है, जो पूरे सिस्टम को सक्रिय करने में मदद करता है। यह आदत खासतौर पर पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि यह आंतों को "जगाने" का काम करती है। यही कारण है कि कई लोगों को पानी पीने के तुरंत बाद टॉयलेट जाने की इच्छा होती है।     2. क्या सच में सुबह पानी पीने से प्रेशर बनता है?   इस सवाल का जवाब है—हाँ, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। जब आप सुबह खाली पेट पानी पीते हैं, तो शरीर में एक प्राकृतिक प्रक्रिया सक्रिय होती है जिसे गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स (Gastrocolic Reflex) कहा जाता है। यह एक ऐसी प्रतिक्रिया है जिसमें पेट में कुछ भी (खाना या पानी) जाने पर बड़ी आंत (कोलन) सक्रिय हो जाती है और मल को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। यही कारण है कि कई लोगों को पानी पीते ही टॉयलेट जाने का दबाव महसूस होता है।     3. पाचन तंत्र कैसे काम करता है? (सरल भाषा में समझें)   हमारा पाचन तंत्र कई हिस्सों में काम करता है: छोटी आंत (Small Intestine): यहां भोजन से पोषक तत्व अवशोषित होते हैं। बड़ी आंत (Large Intestine): यहां बचा हुआ पदार्थ आता है और उससे पानी सोख लिया जाता है। अगर शरीर में पानी की कमी होती है, तो बड़ी आंत अधिक पानी सोख लेती है, जिससे मल सूखा और सख्त हो जाता है। यही स्थिति कब्ज (Constipation) का कारण बनती है।     4. कब्ज क्यों होती है?   कब्ज एक बहुत आम समस्या है और इसके कई कारण हो सकते हैं: शरीर में पानी की कमी फाइबर की कमी शारीरिक गतिविधि की कमी अनियमित खानपान तनाव और खराब लाइफस्टाइल इन सभी कारणों में पानी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होगा, तो मल को मुलायम बनाना मुश्किल हो जाएगा।     5. सुबह पानी पीने से कब्ज में कैसे राहत मिलती है?   सुबह पानी पीने से कब्ज में राहत मिलने के पीछे कई कारण हैं:   (1) मल को मुलायम बनाता है पानी मल में नमी बनाए रखता है, जिससे वह आसानी से बाहर निकल सकता है।   (2) आंतों की गति बढ़ाता है गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स के कारण आंतें सक्रिय होती हैं और मल त्याग आसान हो जाता है।   (3) डिहाइड्रेशन को दूर करता है रातभर की पानी की कमी को पूरा करता है।   (4) टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद सुबह पानी पीने से शरीर से विषैले पदार्थ (toxins) बाहर निकलते हैं।     6. सुबह पानी पीने के अन्य फायदे   ✔️ मेटाबॉलिज्म को तेज करता है सुबह पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म एक्टिव हो जाता है, जिससे कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया तेज होती है।   ✔️ स्किन हेल्थ बेहतर होती है हाइड्रेशन सही रहने से त्वचा में निखार आता है और ड्राइनेस कम होती है।   ✔️ किडनी के लिए फायदेमंद पानी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे किडनी स्वस्थ रहती है।   ✔️ वजन कम करने में मदद खाली पेट पानी पीने से भूख नियंत्रित होती है और ओवरईटिंग कम होती है।   ✔️ दिमाग को एक्टिव करता है पानी की कमी से थकान और ध्यान की कमी हो सकती है। सुबह पानी पीने से ब्रेन फंक्शन बेहतर होता है।     7. सुबह पानी पीने का सही तरीका क्या है?   बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ पानी पीना काफी है, लेकिन सही तरीका अपनाना भी जरूरी है: उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पिएं धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं खाली पेट पिएं (कुछ खाने से पहले) तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना भी फायदेमंद माना जाता है (हालांकि यह जरूरी नहीं है)   8. क्या ठंडा या गुनगुना पानी बेहतर है?   गुनगुना पानी: पाचन के लिए बेहतर माना जाता है सामान्य तापमान का पानी: भी पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है बहुत ठंडा पानी: सुबह खाली पेट पीना टालना चाहिए   9. किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?   हालांकि सुबह पानी पीना ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए: जिन लोगों को किडनी या हार्ट से जुड़ी समस्या है जिनको बार-बार पेशाब की समस्या होती है गैस या एसिडिटी से परेशान लोग (उन्हें धीरे-धीरे पानी पीना चाहिए)   10. क्या सिर्फ पानी पीने से कब्ज पूरी तरह ठीक हो जाएगी?   नहीं, यह एक महत्वपूर्ण आदत है लेकिन अकेले इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। इसके साथ आपको: फाइबर युक्त आहार (फल, सब्जियां, साबुत अनाज) लेना होगा नियमित व्यायाम करना होगा तनाव कम करना होगा समय पर भोजन करना होगा   11. सुबह पानी पीने से जुड़ी आम गलतफहमियां   ❌ मिथ: जितना ज्यादा पानी पिएंगे उतना अच्छा ✔️ सच: जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है   ❌ मिथ: सिर्फ पानी पीने से डिटॉक्स हो जाएगा ✔️ सच: शरीर का डिटॉक्स सिस्टम (लिवर, किडनी) पहले से ही काम करता है   ❌ मिथ: हर किसी को एक जैसा फायदा होगा ✔️ सच: हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0
प्यास लगने का इंतजार करना पड़ सकता है भारी! शरीर दे रहा है ये 'खामोश' संकेत

  Benefits Of Drinking Water: हम पानी तभी पीते हैं, जब हमें जरूरत महसूस होती है, फिर चाहे कुछ खाने के बाद हो या फिर प्यास लगने पर. चलिए आपको बताते हैं कि यह आपके लिए कितना खतरनाक है.     What Are The Early Signs Of Dehydration: पानी कितना पीना है, कितनी बार पीना है और कब नहीं पानी है, इसको लेकर उतनी चर्चा नहीं होती, लेकिन यही शरीर की हर सेल्स को जीवित रखता है. एक एडल्ट शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है. थोड़ी-सी भी पानी की कमी मूड, याददाश्त, स्किन और डाइजेशन पर असर डाल सकती है. मुश्किल यह है कि प्यास हमेशा शुरुआती चेतावनी नहीं होती. जब तक मुंह सूखने लगे, तब तक शरीर पहले ही पानी की कमी झेल रहा होता है. चलिए आपको बताते हैं कि कब आपको पानी पीना चाहिए.   क्यों पानी पीना हमारे लिए जरूरी?   वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, पर्याप्त पानी शरीर के तापमान, ब्लड फ्लो और अंगों के सही कामकाज के लिए जरूरी है. खासकर गर्म मौसम, बीमारी या अधिक फिजिकल एक्टिविटी के दौरान डिहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है. यह हमेशा गंभीर लक्षणों के साथ नहीं आता, बल्कि रोजमर्रा की छोटी असुविधाओं के रूप में सामने आता है.   क्या होते हैं पानी की कमी के संकेत?   लगातार थकान, जो पूरी नींद के बाद भी दूर न हो, पानी की कमी का संकेत हो सकती है। शरीर में तरल कम होने पर रक्त की मात्रा घटती है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे एकाग्रता भी प्रभावित हो सकती है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, धीरे-धीरे बढ़ने वाला हल्का सिरदर्द भी डिहाइड्रेशन का शुरुआती संकेत है.   पानी की कमी से ब्रेन के टिश्यू में अस्थायी सिकुड़न आ सकती है, जिससे दबाव बदलता है और दर्द महसूस होता है. त्वचा का बेजान और कसा हुआ महसूस होना भी संकेत हो सकता है. चेहरा धोने के बाद त्वचा में खिंचाव या महीन रेखाएं ज्यादा दिखना इस ओर इशारा करता है. हाथ की त्वचा को हल्के से खींचकर देखें, अगर वह सामान्य स्थिति में लौटने में समय लेती है, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है.   यूरिन से भी मिलता है संकेत   यूरिन का रंग भी बहुत कुछ बताता है. यूएस की हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, हल्का पीला रंग सामान्य माना जाता है, लेकिन गहरा पीला या तेज गंध वाला यूरिन तरल की कमी का संकेत है. इसी तरह कब्ज या पाचन धीमा पड़ना भी पर्याप्त पानी न मिलने से जुड़ा हो सकता है,   क्योंकि आंतें मल से पानी ऑब्जर्वेशन करती हैं. अचानक मीठा खाने की इच्छा भी कभी-कभी डिहाइड्रेशन से जुड़ी होती है. शरीर एनर्जी के लिए ग्लूकोज छोड़ने में पानी का उपयोग करता है, और कमी होने पर थकान बढ़ सकती है. मांसपेशियों में ऐंठन या अचानक चक्कर आना भी इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का संकेत हो सकता है.   ज्यादातर एक्सपर्ट वयस्कों के लिए दिन में 2 से 3 लीटर तरल लेने की सलाह देते हैं, हालांकि जरूरत उम्र, मौसम और एक्टिविटी पर निर्भर करती है कि आपको कितना पानी पीना चाहिए. 

Metroheadlines मार्च 17, 2026 0
जूस पीने के बजाय फल खाने को क्यों कहते हैं डॉक्टर्स, क्या है वजह?

  Fruit Juice vs Whole Fruits: जूस की बजाय फल खाना क्यों है ज्यादा फायदेमंद?जानिए ब्लड शुगर और सेहत पर असर   अक्सर डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि जूस पीने के बजाय सीधे फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है. कई लोग यह सोचते हैं कि जूस भी फल से ही बनता है, इसलिए दोनों का फायदा समान होगा. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसा नहीं है.   कई वैज्ञानिक रिसर्च और न्यूट्रिशन स्टडीज में यह पाया गया है कि पूरे फल शरीर को ज्यादा संतुलित पोषण देते हैं, जबकि जूस में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व कम हो जाते हैं. खासतौर पर फाइबर की कमी के कारण जूस का असर शरीर पर अलग तरीके से पड़ता है.     फाइबर है सबसे बड़ा कारण   डॉक्टरों के अनुसार पूरे फल खाने का सबसे बड़ा फायदा उनमें मौजूद फाइबर है. फाइबर पाचन तंत्र के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है. फाइबर के मुख्य फायदे: पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है आंतों की गतिविधि को नियमित रखता है कब्ज की समस्या से बचाता है लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है जब फल का जूस बनाया जाता है तो उसमें मौजूद अधिकांश फाइबर अलग हो जाता है. जूस में सिर्फ मीठा तरल बचता है, जिसमें प्राकृतिक शुगर ज्यादा होती है लेकिन फाइबर बहुत कम होता है.     जूस से क्यों बढ़ सकता है ब्लड शुगर   हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि जूस पीने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. 2013 में प्रकाशित एक रिसर्च, जो Harvard School of Public Health द्वारा की गई थी और BMJ जर्नल में प्रकाशित हुई, उसमें पाया गया कि रोजाना एक सर्विंग फ्रूट जूस पीने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा लगभग 21% तक बढ़ सकता है. इसका मुख्य कारण जूस का उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स है. ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या करता है? ग्लाइसेमिक इंडेक्स यह बताता है कि कोई भोजन शरीर में कितनी तेजी से ब्लड शुगर को बढ़ाता है. जूस में फाइबर कम होता है इसलिए शुगर तेजी से खून में पहुंचती है इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है कुछ समय बाद यह अचानक गिर भी सकता है ब्लड शुगर में इस तरह के उतार-चढ़ाव से लंबे समय में डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है.     पूरे फल खाने से क्या फायदे मिलते हैं   रिसर्च यह भी बताती है कि फलों के छिलके और गूदे में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं. उदाहरण के लिए: सेब के छिलके में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट अधिक होते हैं नाशपाती के छिलके में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं संतरे के गूदे में पाचन के लिए जरूरी तत्व होते हैं लेकिन जूस बनाते समय अक्सर छिलका और गूदा हटा दिया जाता है, जिससे कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं.     फल खाने से शरीर को मिलता है संतुलित पोषण   पूरे फल खाने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं, जैसे: विटामिन मिनरल फाइबर एंटीऑक्सीडेंट ये सभी तत्व मिलकर शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं और कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं.     वजन नियंत्रण में भी मददगार   पूरे फल खाने का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है. फाइबर की वजह से फल खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती. इससे ओवरईटिंग कम होती है और वजन बढ़ने का खतरा कम हो सकता है. इसके विपरीत जूस जल्दी पच जाता है और पेट जल्दी खाली महसूस होने लगता है, जिससे ज्यादा खाने की संभावना बढ़ जाती है.     बच्चों और डायबिटीज मरीजों के लिए खास सलाह   डॉक्टर विशेष रूप से बच्चों और डायबिटीज के मरीजों को जूस कम पीने की सलाह देते हैं. बच्चों में ज्यादा जूस पीने से मोटापा बढ़ सकता है डायबिटीज मरीजों में ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि जूस पीना हो तो सीमित मात्रा में और बेहतर है कि फल ही खाए जाएं.     कब पी सकते हैं जूस?   हालांकि जूस पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है. कुछ परिस्थितियों में यह फायदेमंद भी हो सकता है. जैसे: बीमारी के दौरान जब ठोस भोजन खाना मुश्किल हो डिहाइड्रेशन की स्थिति में सीमित मात्रा में और बिना अतिरिक्त चीनी के लेकिन रोजाना जूस पीने के बजाय फल खाना ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है.

Metroheadlines मार्च 13, 2026 0
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MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

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भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

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