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Constipation Relief Tips: क्या सुबह-सुबह पानी पीने से सच में बन जाता है प्रेशर, कितनी सच है यह बात?

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0

 

Morning Water And Digestion: सुबह उठते ही पानी पीने की आदत को लेकर अक्सर कहा जाता है.

 

चलिए आपको बताते हैं कि क्या सच में इससे प्रेशर बनता है या फिर यह पूरा तरह मिथक है?

 

सुबह उठते ही पानी पीने की आदत को लेकर हम अक्सर सुनते हैं कि इससे पेट साफ होता है, कब्ज दूर होती है और टॉयलेट का प्रेशर बनता है। कई लोग इसे एक घरेलू नुस्खा मानते हैं, तो कुछ इसे केवल एक मिथ समझते हैं। लेकिन सच्चाई इन दोनों के बीच कहीं मौजूद है। यह आदत न केवल पारंपरिक ज्ञान का हिस्सा है बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी छिपे हुए हैं। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि सुबह पानी पीने से शरीर पर क्या असर पड़ता है, क्या वास्तव में इससे प्रेशर बनता है, और यह आदत कितनी फायदेमंद है।

 


 

1. सुबह पानी पीने की आदत क्यों मानी जाती है खास?

 

रातभर सोने के दौरान हमारा शरीर कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से गुजरता है। इस दौरान शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी हो जाती है क्योंकि हम कई घंटों तक कुछ पीते नहीं हैं। सुबह उठते ही पानी पीने से शरीर को तुरंत हाइड्रेशन मिलता है, जो पूरे सिस्टम को सक्रिय करने में मदद करता है।

यह आदत खासतौर पर पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि यह आंतों को "जगाने" का काम करती है। यही कारण है कि कई लोगों को पानी पीने के तुरंत बाद टॉयलेट जाने की इच्छा होती है।

 


 

2. क्या सच में सुबह पानी पीने से प्रेशर बनता है?

 

इस सवाल का जवाब है—हाँ, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है।

जब आप सुबह खाली पेट पानी पीते हैं, तो शरीर में एक प्राकृतिक प्रक्रिया सक्रिय होती है जिसे गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स (Gastrocolic Reflex) कहा जाता है।

यह एक ऐसी प्रतिक्रिया है जिसमें पेट में कुछ भी (खाना या पानी) जाने पर बड़ी आंत (कोलन) सक्रिय हो जाती है और मल को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। यही कारण है कि कई लोगों को पानी पीते ही टॉयलेट जाने का दबाव महसूस होता है।

 


 

3. पाचन तंत्र कैसे काम करता है? (सरल भाषा में समझें)

 

हमारा पाचन तंत्र कई हिस्सों में काम करता है:

  • छोटी आंत (Small Intestine): यहां भोजन से पोषक तत्व अवशोषित होते हैं।

  • बड़ी आंत (Large Intestine): यहां बचा हुआ पदार्थ आता है और उससे पानी सोख लिया जाता है।

अगर शरीर में पानी की कमी होती है, तो बड़ी आंत अधिक पानी सोख लेती है, जिससे मल सूखा और सख्त हो जाता है। यही स्थिति कब्ज (Constipation) का कारण बनती है।

 


 

4. कब्ज क्यों होती है?

 

कब्ज एक बहुत आम समस्या है और इसके कई कारण हो सकते हैं:

  • शरीर में पानी की कमी

  • फाइबर की कमी

  • शारीरिक गतिविधि की कमी

  • अनियमित खानपान

  • तनाव और खराब लाइफस्टाइल

इन सभी कारणों में पानी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होगा, तो मल को मुलायम बनाना मुश्किल हो जाएगा।

 


 

5. सुबह पानी पीने से कब्ज में कैसे राहत मिलती है?

 

सुबह पानी पीने से कब्ज में राहत मिलने के पीछे कई कारण हैं:

 

(1) मल को मुलायम बनाता है

पानी मल में नमी बनाए रखता है, जिससे वह आसानी से बाहर निकल सकता है।

 

(2) आंतों की गति बढ़ाता है

गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स के कारण आंतें सक्रिय होती हैं और मल त्याग आसान हो जाता है।

 

(3) डिहाइड्रेशन को दूर करता है

रातभर की पानी की कमी को पूरा करता है।

 

(4) टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद

सुबह पानी पीने से शरीर से विषैले पदार्थ (toxins) बाहर निकलते हैं।

 


 

6. सुबह पानी पीने के अन्य फायदे

 

✔️ मेटाबॉलिज्म को तेज करता है

सुबह पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म एक्टिव हो जाता है, जिससे कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया तेज होती है।

 

✔️ स्किन हेल्थ बेहतर होती है

हाइड्रेशन सही रहने से त्वचा में निखार आता है और ड्राइनेस कम होती है।

 

✔️ किडनी के लिए फायदेमंद

पानी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे किडनी स्वस्थ रहती है।

 

✔️ वजन कम करने में मदद

खाली पेट पानी पीने से भूख नियंत्रित होती है और ओवरईटिंग कम होती है।

 

✔️ दिमाग को एक्टिव करता है

पानी की कमी से थकान और ध्यान की कमी हो सकती है। सुबह पानी पीने से ब्रेन फंक्शन बेहतर होता है।

 


 

7. सुबह पानी पीने का सही तरीका क्या है?

 

बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ पानी पीना काफी है, लेकिन सही तरीका अपनाना भी जरूरी है:

  • उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पिएं

  • धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं

  • खाली पेट पिएं (कुछ खाने से पहले)

  • तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना भी फायदेमंद माना जाता है (हालांकि यह जरूरी नहीं है)


 

8. क्या ठंडा या गुनगुना पानी बेहतर है?

 

  • गुनगुना पानी: पाचन के लिए बेहतर माना जाता है

  • सामान्य तापमान का पानी: भी पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है

  • बहुत ठंडा पानी: सुबह खाली पेट पीना टालना चाहिए


 

9. किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?

 

हालांकि सुबह पानी पीना ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए:

  • जिन लोगों को किडनी या हार्ट से जुड़ी समस्या है

  • जिनको बार-बार पेशाब की समस्या होती है

  • गैस या एसिडिटी से परेशान लोग (उन्हें धीरे-धीरे पानी पीना चाहिए)


 

10. क्या सिर्फ पानी पीने से कब्ज पूरी तरह ठीक हो जाएगी?

 

नहीं, यह एक महत्वपूर्ण आदत है लेकिन अकेले इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। इसके साथ आपको:

  • फाइबर युक्त आहार (फल, सब्जियां, साबुत अनाज) लेना होगा

  • नियमित व्यायाम करना होगा

  • तनाव कम करना होगा

  • समय पर भोजन करना होगा


 

11. सुबह पानी पीने से जुड़ी आम गलतफहमियां

 

❌ मिथ: जितना ज्यादा पानी पिएंगे उतना अच्छा

✔️ सच: जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है

 

❌ मिथ: सिर्फ पानी पीने से डिटॉक्स हो जाएगा

✔️ सच: शरीर का डिटॉक्स सिस्टम (लिवर, किडनी) पहले से ही काम करता है

 

❌ मिथ: हर किसी को एक जैसा फायदा होगा

✔️ सच: हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित 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नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

सिनेमा शादी के बाद रश्मिका-विजय जीत रहे लोगों का दिल, अब तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलो को दिया ये बड़ा तोहफा

Rashmika-Vijay Announcement: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद एक बड़ी अनाउंसमेंट कर हर किसी का दिल जीत लिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.                                         रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 44 सरकारी स्कूलों को स्कॉलरशिप देंगे   न्यूली वेड कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों जहां अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं ये जोड़ी अपनी वेडिंग सेलिब्रेशन के बीच तेलंगाना में एक के बाद एक समाज सेवा के काम कर सबका दिल जीत रहे हैं. अब इस कपल ने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी अनाउंसमेंट की है.     तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के लिए विजय-रश्मिका की बड़ी अनाउंसमेंट   दरअसल उदयपुर में शादी करने के बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा नागरकुरनूल ज़िले के अचमपेट डिवीज़न में एक्टर के पैतृक गांव पहुंचे थे. वहां के लोगों से बातचीत के दौरान, एक्टर ने एक ज़रूरी घोषणा की, जिस पर वहां जमा भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाईं. बता दें कि अपने एनजीओ, देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए, विजय ने इलाके के 44 सरकारी स्कूलों में क्लास 9 और 10 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद करना और उन्हें बिना किसी पैसे की दिक्कत के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है.   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विजय तेलुगु में गांववालों से बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह अपने शहर के स्टूडेंट्स के लिए अपना कमिटमेंट बता रहे हैं. उन्होंने कम्युनिटी को भरोसा दिलाया कि स्कॉलरशिप से सीधे तौर पर उन टीनएजर्स को फ़ायदा होगा जो ज़रूरी बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं. विजय ने अपने गांव में ज्यादा बार आने का भी वादा किया, ताकि उस कम्युनिटी के साथ उनका रिश्ता और मजबूत हो सके जिसने उनके शुरुआती सालों को बनाया था     शादी की रस्में   रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी को उदयपुर में तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से शादी की थी. इसके बाद, कपल ने तिरुपति बालाजी मंदिर में आशीर्वाद लिया था. उन्होंने अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हुए कई शहरों में मिठाइयां भी बांटीं. 2 मार्च को, रश्मिका ने तेलंगाना के थुम्मानपेटा में विजय के घर पर अपनी गृहप्रवेश सेरेमनी की. कपल ने अपने नए घर पर सत्यनारायण व्रतम पूजा भी की. रश्मिका ने इस मौके पर क्रीम कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जबकि विजय ने गांव में बातचीत के दौरान ऑरेंज टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में सिंपल लुक कैरी किया था.     कब है विजय-रश्मिका का रिसेप्शन   यह कपल 4 मार्च को हैदराबाद में इंडस्ट्री के साथियों और पॉलिटिकल लीडर्स के लिए एक ग्रैंड रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह इवेंट सिर्फ़ इनविटेशन पर ही होगा, और फैंस और मीडिया से सिक्योरिटी इंतज़ाम का ध्यान रखने की रिक्वेस्ट की है.     विजय-रश्मिका फिल्म   प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो ये जोड़ी जल्द ही राणाबली में स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएगी. ये फिल्म 11 सितंबर को थिएटर में रिलीज़ होगी.   

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

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इमरान खान की बेगम बुशरा बीबी को हुआ 'रेटिनल डिटैचमेंट', जानें क्या है आंखों की यह गंभीर बीमारी?

  Retinal Detachment Treatment: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बेगम बुशरा बीबी की आंख की गंभीर समस्या के चलते सर्जरी करानी पड़ी. जेल प्रशासन के अनुसार, उनकी दाईं आंख की रोशनी प्रभावित हो रही थी.   पाकिस्तान से जुड़ी एक अहम स्वास्थ्य खबर इन दिनों सुर्खियों में है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की पत्नी Bushra Bibi की आंखों की सर्जरी को लेकर चर्चा हो रही है। यह मामला Adiala Jail से जुड़ा है, जहां बुशरा बीबी बंद हैं। जेल प्रशासन के अनुसार, उन्हें दाईं आंख में गंभीर समस्या की शिकायत हुई थी, जिसके बाद तुरंत मेडिकल जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि उनकी आंख में रेटिनल डिटैचमेंट (रेटिना का अपनी जगह से हट जाना) हो गया है, जो आंखों की एक गंभीर और संवेदनशील स्थिति मानी जाती है।   स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया, जिसमें प्रोफेसर Dr. Nadeem Qureshi भी शामिल थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद तुरंत सर्जरी की सलाह दी। इसके बाद 16 अप्रैल को बुशरा बीबी को Rawalpindi के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जरूरी मेडिकल परीक्षणों के बाद उनकी आंख का ऑपरेशन किया गया। सर्जरी सफल बताई जा रही है। ऑपरेशन के बाद उन्हें एक रात अस्पताल में निगरानी में रखा गया और फिर वापस जेल भेज दिया गया। फिलहाल डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया है, लेकिन आगे भी नियमित जांच और इलाज जारी रखने की सलाह दी गई है।   रेटिनल डिटैचमेंट क्या होता है?   रेटिनल डिटैचमेंट आंख की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंख के पीछे की पतली परत (रेटिना) अपनी जगह से अलग हो जाती है। रेटिना का काम आंख में आने वाली रोशनी को पहचानकर उसे दिमाग तक पहुंचाना होता है। जब यह परत अपनी जगह से हट जाती है, तो देखने की क्षमता प्रभावित हो जाती है और अगर समय पर इलाज न किया जाए तो स्थायी रूप से दृष्टि खोने का खतरा भी हो सकता है।   विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या अक्सर उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि आंख के अंदर मौजूद जेल जैसा पदार्थ (विट्रियस) समय के साथ बदलने लगता है। इसके अलावा चोट, डायबिटीज या पहले से मौजूद आंखों की बीमारी भी इसके कारण बन सकते हैं। इसके लक्षणों में अचानक धुंधला दिखाई देना, आंखों के सामने चमक (फ्लैश) दिखना, काले धब्बे या परछाइयां नजर आना और दृष्टि के किसी हिस्से में अंधेरा महसूस होना शामिल हैं। ऐसे संकेत मिलते ही तुरंत आंख के डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है, क्योंकि शुरुआती इलाज से ही दृष्टि को बचाया जा सकता है।   सर्जरी के बाद देखभाल क्यों जरूरी है?   रेटिनल डिटैचमेंट की सर्जरी के बाद मरीज की देखभाल बेहद महत्वपूर्ण होती है। डॉक्टर आमतौर पर मरीज को कुछ दिनों तक आंखों पर दबाव न डालने, भारी काम से बचने और निर्धारित दवाइयों का नियमित सेवन करने की सलाह देते हैं। कई मामलों में मरीज को खास पोजिशन में सिर रखने की भी सलाह दी जाती है, ताकि रेटिना सही तरीके से अपनी जगह पर जुड़ सके।   शुरुआती कुछ दिन रिकवरी के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही सर्जरी के परिणाम को प्रभावित कर सकती है। इसलिए नियमित फॉलो-अप जांच कराना जरूरी होता है। बुशरा बीबी के मामले में भी डॉक्टरों ने यही सलाह दी है कि उनकी लगातार निगरानी की जाए और समय-समय पर आंखों की जांच होती रहे।   राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया   इस मामले के सामने आने के बाद Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) की ओर से बुशरा बीबी की सेहत को लेकर चिंता जताई गई है। पार्टी नेताओं ने उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। इससे पहले भी डॉक्टर नदीम कुरैशी की टीम Imran Khan की आंखों की जांच कर चुकी है, जिससे यह साफ होता है कि इस टीम को हाई-प्रोफाइल मरीजों के इलाज का अनुभव है।   जेल प्रशासन का कहना है कि बुशरा बीबी को आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जा रही है और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार आगे का इलाज जारी रहेगा।

Metroheadlines अप्रैल 21, 2026 0

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बार-बार आ रही है जम्हाई तो हल्के में न लें, जानें किन-किन बीमारियों का खतरा?

  Yawning And Stroke Link: जम्हाई का संबंध दिमाग के तापमान को नियंत्रित करने से हो सकता है.   जब ब्रेन अपने तापमान को संतुलित रखने में संघर्ष करता है, तो जम्हाई के जरिए ठंडी हवा अंदर जाती है.     Is Excessive Yawning A Sign Of Disease: बार-बार जम्हाई आना अक्सर लोग थकान या नींद की कमी से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन नई रिसर्च यह इशारा कर रही है कि हर बार जम्हाई लेना इतना सामान्य नहीं होता. कई मामलों में यह शरीर के अंदर चल रही गंभीर समस्याओं का संकेत भी हो सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि कब यह आपके सेहत के बारे में बताती है और किन इशारों को इग्नोर नहीं करना चाहिए.    क्या कब होती है दिक्कत?    लगातार और बिना किसी क्लियर कारण के आने वाली जम्हाई को हल्के में नहीं लेना चाहिए. क्लीनिकल रिसर्च में पाया गया है कि ज्यादा जम्हाई लेने का संबंध कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से भी हो सकता है, जैसे मिर्गी , स्ट्रोक या ब्रेन में घाव. कुछ मामलों में तो  जांच में यह भी सामने आया कि बार-बार जम्हाई लेना फ्रंटल लोब सीज़र का हिस्सा हो सकता है,    ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम    इसके अलावा, जम्हाई हमारे ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम से भी जुड़ी होती है, जो शरीर की कई अनैच्छिक कामों, जैसे दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और पाचन को कंट्रोल करता है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश रिसर्च में पाया गया है कि ज्यादा जम्हाई आना इस सिस्टम में असंतुलन का संकेत हो सकता है. माइक्रोन्यूरोग्राफी जैसी तकनीक के जरिए यह देखा गया कि जम्हाई के दौरान मांसपेशियों से जुड़े नर्व सिग्नल्स कुछ समय के लिए दब जाते हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि शरीर में पैरासिम्पेथेटिक एक्टिविटी बढ़ जाती है.   साइंटिस्ट यह भी मानते हैं कि जम्हाई का संबंध दिमाग के तापमान को नियंत्रित करने से हो सकता है. जब ब्रेन अपने तापमान को संतुलित रखने में संघर्ष करता है, तो जम्हाई के जरिए ठंडी हवा अंदर जाती है और ब्लड फ्लो बढ़ता है. स्ट्रोक के कुछ मरीजों में यह पाया गया कि जहां दिमाग के तापमान को कंट्रोल करने वाले हिस्से प्रभावित होते हैं, वहां ज्यादा जम्हाई देखी जाती है. इससे संकेत मिलता है कि यह शरीर की एक तरह की कूलिंग मैकेनिज्म हो सकती है.   डोपामिन के असंतुलन का प्रभाव   इतना ही नहीं, जम्हाई का संबंध शरीर के मेटाबोलिज्म और ब्रेन के केमिकल्स से भी जुड़ा हुआ है। JAMA Network में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, जम्हाई का सीधा संबंध डोपामिन नाम के न्यूरोट्रांसमीटर से है, जो मूड, मोटिवेशन और मूवमेंट को नियंत्रित करता है। डोपामिन के असंतुलन की स्थिति में भी ज्यादा जम्हाई आ सकती है.   दूसरे भी होते हैं कारण   हालांकि, हर बार जम्हाई आना खतरे की घंटी नहीं है. नींद की कमी, ज्यादा काम या थकान भी इसका सामान्य कारण हो सकते हैं. लेकिन अगर जम्हाई लगातार आ रही हो, बिना वजह हो, या इसके साथ चक्कर आना, कमजोरी या सोचने-समझने में बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है.

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

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रात में विटामिन D लेना सही या गलत, जानें आपकी नींद और हार्मोन से इसका कितना गहरा कनेक्शन?

  Best Time To Take Vitamin D: कुछ रिसर्च यह संकेत देती हैं कि अगर विटामिन D रात में लिया जाए, तो यह शरीर में मेलाटोनिन के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. चलिए आपको बताते हैं.   Should You Take Vitamin D At Night: विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. यह न सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि सूजन को कंट्रोल करने और नींद के पैटर्न को संतुलित रखने में भी मदद करता है. हालांकि, कई लोग यह नहीं जानते कि इसे किस समय लेना ज्यादा फायदेमंद होता है और क्या इसका असर नींद पर पड़ सकता है. चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से.      विटामिन डी रात में लेने का असर   हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट health की रिपोर्ट के अनुसार,  कुछ रिसर्च यह संकेत देती हैं कि अगर विटामिन D रात में लिया जाए, तो यह शरीर में मेलाटोनिन के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. मेलाटोनिन वही हार्मोन है जो हमारे शरीर को यह संकेत देता है कि अब सोने का समय है और यह नींद-जागने के साइकिल  सर्कैडियन रिदम को नियंत्रित करता है. चूंकि विटामिन D का मुख्य सोर्स सूर्य की रोशनी है, इसलिए माना जाता है कि दिन के समय इसका स्तर ज्यादा और रात में कम होना चाहिए. इसी वजह से कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इसे दिन के समय लेना ज्यादा बेहतर हो सकता है, ताकि शरीर का नेचुरल स्लीप साइकिल प्रभावित न हो.       क्या होता है इसका असर?   विटामिन D का असर सेरोटोनिन नाम के हार्मोन पर भी पड़ता है, जो मूड और मेलाटोनिन दोनों से जुड़ा होता है. सामान्य मात्रा में विटामिन D सेरोटोनिन के निर्माण में मदद करता है, लेकिन अगर इसकी मात्रा बहुत ज्यादा हो जाए तो यह उल्टा असर भी डाल सकता है और सेरोटोनिन का स्तर कम कर सकता है. हालांकि, दूसरी तरफ कुछ स्टडीज यह भी बताती हैं कि विटामिन D की कमी से नींद की गुणवत्ता खराब हो सकती है. जिन लोगों के शरीर में इसका स्तर कम होता है, उनमें स्लीप डिसऑर्डर और कम नींद की समस्या ज्यादा देखी गई है.     इस बात का रखें ध्यान   इसका एक और पहलू यह है कि विटामिन D एक फैट-सोल्युबल विटामिन है, यानी यह शरीर में बेहतर तरीके से तब एब्जॉर्ब होता है जब इसे फैट वाली चीजों के साथ लिया जाए. इसलिए इसे नाश्ते या ऐसे भोजन के साथ लेना बेहतर माना जाता है, जिसमें हेल्दी फैट मौजूद हो.  इसे दिन के किसी भी समय लिया जा सकता है, लेकिन अगर रात में लेने से नींद पर असर महसूस हो, तो इसे दिन में लेना बेहतर रहेगा. सबसे जरूरी बात यह है कि इसे नियमित रूप से लिया जाए, क्योंकि सही स्तर बनाए रखना ही इसके असली फायदे देता है.     Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Metroheadlines अप्रैल 2, 2026 0

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