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ईरान वॉर से दुनिया परेशान, लेकिन भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, सुनकर चीन-पाक को लगेगी मिर्ची

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0

 

पश्चिम एशिया में तनाव का असर पड़ोसी देशों पर भी साफ दिख रहा है. बांग्लादेश में जेट ईंधन की कीमतों में 100 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है

 

India's Workforce Grow: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से पैदा हुए ऊर्जा संकट ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है. वैश्विक स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और अगर ईरान से जुड़ा यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो यह एक बड़े संकट का रूप ले सकता है. पश्चिम एशिया में तनाव का असर पड़ोसी देशों पर भी साफ दिख रहा है. बांग्लादेश में जेट ईंधन की कीमतों में 100 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है. इसके साथ ही, सरकार ने औद्योगिक ईंधन (डीजल) और पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है.

 

भारत के लिए खुशखबरी

हालांकि, इस चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में देश में रोजगार के अवसरों में करीब 4.7% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी स्टार्टअप, हेल्थ सर्विसेज, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में वृद्धि के चलते रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

 

टीमलीज सर्विसेज की एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती में सुधार का रुझान बड़ी कंपनियों में सबसे अधिक देखने को मिल रहा है, जहां 74% कंपनियों ने विस्तार के संकेत दिए हैं. वहीं, मीडियम साइज कंपनियों में यह आंकड़ा 57% और छोटे व्यवसायों में 38 प्रतिशत है, जो यह दिखाता है कि रोजगार वृद्धि में बड़ी कंपनियों की भूमिका अहम बनी हुई है.

 

बढ़ेंगे रोजगार के मौके

रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच रोजगार की मांग डिजिटल और पारंपरिक दोनों क्षेत्रों में बढ़ेगी. E-Commerce और टेक स्टार्टअप सेक्टर में नेट एम्प्लॉयमेंट चेंज (एनईसी) 8.9% रहने का अनुमान है. इसके बाद स्वास्थ्य सेवा और दवा क्षेत्र 7% और विनिर्माण, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर 6.6% के साथ आगे रहेंगे. कुल मिलाकर इस अवधि में एनईसी 4.7% रहने का अनुमान है.

 

यह रिपोर्ट 23 उद्योगों और 20 शहरों में 1,268 नियोक्ताओं से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है, जिसका सर्वेक्षण नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच किया गया था.

 

टीमलीज सर्विसेज के सीनियर वाइस चीफ बालासुब्रमण्यम का कहना है कि भारत में वर्कफोर्स की प्रकृति अब चक्रीय मांग के बजाय संरचनात्मक और नीतिगत बदलावों से अधिक प्रभावित हो रही है. लेबर कोड के लागू होने के बाद 64% संगठनों ने रोजगार लागत बढ़ने की बात कही है, जबकि 80% कंपनियां सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव कर रही हैं और नए कानूनी ढांचे के अनुरूप अपने वर्कफोर्स को पुनर्गठित कर रही हैं.

 

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

  Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में?   Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं.    मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में.   मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ?   मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए.    'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी.   पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी.    नवरात्र के दूसरे दिन खास योग!   चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है.   धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है.    मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)   नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें.   मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है.    मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)   या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥   इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है.  माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.    मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.    ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)   जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी।   रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

ये हैं सबसे गलत और खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, आयुर्वेद में भी है इनका जिक्र

  Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है   Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए.      क्या कहता है आयुर्वेद?     आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.     किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?     kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं.   गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया.     किन चीजों का सेवन करना चाहिए?     आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.  

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ईरान वॉर से दुनिया परेशान, लेकिन भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, सुनकर चीन-पाक को लगेगी मिर्ची

  पश्चिम एशिया में तनाव का असर पड़ोसी देशों पर भी साफ दिख रहा है. बांग्लादेश में जेट ईंधन की कीमतों में 100 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है   India's Workforce Grow: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से पैदा हुए ऊर्जा संकट ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है. वैश्विक स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और अगर ईरान से जुड़ा यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो यह एक बड़े संकट का रूप ले सकता है. पश्चिम एशिया में तनाव का असर पड़ोसी देशों पर भी साफ दिख रहा है. बांग्लादेश में जेट ईंधन की कीमतों में 100 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है. इसके साथ ही, सरकार ने औद्योगिक ईंधन (डीजल) और पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है.   भारत के लिए खुशखबरी हालांकि, इस चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में देश में रोजगार के अवसरों में करीब 4.7% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी स्टार्टअप, हेल्थ सर्विसेज, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में वृद्धि के चलते रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.   टीमलीज सर्विसेज की एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती में सुधार का रुझान बड़ी कंपनियों में सबसे अधिक देखने को मिल रहा है, जहां 74% कंपनियों ने विस्तार के संकेत दिए हैं. वहीं, मीडियम साइज कंपनियों में यह आंकड़ा 57% और छोटे व्यवसायों में 38 प्रतिशत है, जो यह दिखाता है कि रोजगार वृद्धि में बड़ी कंपनियों की भूमिका अहम बनी हुई है.   बढ़ेंगे रोजगार के मौके रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच रोजगार की मांग डिजिटल और पारंपरिक दोनों क्षेत्रों में बढ़ेगी. E-Commerce और टेक स्टार्टअप सेक्टर में नेट एम्प्लॉयमेंट चेंज (एनईसी) 8.9% रहने का अनुमान है. इसके बाद स्वास्थ्य सेवा और दवा क्षेत्र 7% और विनिर्माण, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर 6.6% के साथ आगे रहेंगे. कुल मिलाकर इस अवधि में एनईसी 4.7% रहने का अनुमान है.   यह रिपोर्ट 23 उद्योगों और 20 शहरों में 1,268 नियोक्ताओं से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है, जिसका सर्वेक्षण नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच किया गया था.   टीमलीज सर्विसेज के सीनियर वाइस चीफ बालासुब्रमण्यम का कहना है कि भारत में वर्कफोर्स की प्रकृति अब चक्रीय मांग के बजाय संरचनात्मक और नीतिगत बदलावों से अधिक प्रभावित हो रही है. लेबर कोड के लागू होने के बाद 64% संगठनों ने रोजगार लागत बढ़ने की बात कही है, जबकि 80% कंपनियां सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव कर रही हैं और नए कानूनी ढांचे के अनुरूप अपने वर्कफोर्स को पुनर्गठित कर रही हैं.  

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0

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क्या है इनकम टैक्स नियम 2026 और क्या पड़ेगा नौकरीपेशा से लेकर बिज़नेसमैन तक पर असर

  अगर आपकी कंपनी आपके प्रोविडेंट फंड (PF), NPS या सुपरएनुएशन फंड में एक साल में 7.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा करती है तो इस सीमा से ऊपर की रकम को आपकी सैलरी का हिस्सा माना जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा.   Income Tax Rules 2026: वित्त मंत्रालय ने 'इनकम टैक्स नियम 2026' का आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. 2500 से भी ज्यादा पन्नों के इस नए ड्राफ्ट में लिखे नियम 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगे. ये नियम पुराने 1961 के इनकम टैक्स कानून की जगह लेंगे यानी अब सारी धाराओं के नंबर भी बदल जाएंगे. आम आदमी, नौकरीपेशा, किराएदार, मकान मालिक और बिज़नेसमैन सब पर इसका सीधा असर पड़ेगा.      PF और NPS में कंपनी ज्यादा जमा करे तो देना होगा टैक्स   अगर आपकी कंपनी आपके प्रोविडेंट फंड (PF), NPS या सुपरएनुएशन फंड में एक साल में 7.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा करती है तो इस सीमा से ऊपर की रकम को आपकी सैलरी का हिस्सा माना जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा. साथ ही उस अतिरिक्त रकम पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स निकालने का भी नया फॉर्मूला तय किया गया है.     HRA चाहिए तो मकान मालिक का PAN देना जरूरी   किराए की रसीद लगाकर HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस का फायदा उठाते हैं तो ध्यान रखें अगर साल भर का कुल किराया 1 लाख रुपये से ज्यादा है तो कंपनी को मकान मालिक का नाम, पता और PAN नंबर देना अनिवार्य होगा. बिना इसके HRA छूट नहीं मिलेगी.     कंपनी का घर मिला है तो टैक्स शहर की आबादी के हिसाब से   अगर कंपनी आपको रहने के लिए मुफ्त में मकान देती है तो अब उस पर टैक्स शहर की आबादी के हिसाब से लगेगा. 40 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर में यह सुविधा आपकी सैलरी का 10 फीसदी मानी जाएगी और उसी पर टैक्स देना होगा.     कंपनी की कार, खाना और गिफ्ट नए नियम   कंपनी की कार के निजी इस्तेमाल पर इंजन की क्षमता के हिसाब से टैक्स लगेगा. ऑफिस में काम के दौरान 200 रुपये प्रति मील तक के खाने पर टैक्स छूट मिलेगी. साल में 15,000 रुपये तक के गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.     रुकी हुई सैलरी (Arrears) एक साथ मिले तो घबराएं नहीं Form 39 भरें   कई बार बकाया सैलरी, एडवांस या पुरानी पेंशन एक साथ आने पर इनकम बढ़ जाती है और टैक्स स्लैब ऊपर चला जाता है. नए नियमों में 'फॉर्म 39' भरकर इस पर विशेष राहत क्लेम की जा सकती है. 5 से 15 साल की नौकरी के बाद मिली ग्रेच्युटी और नौकरी जाने पर मिले मुआवजे पर भी यही छूट लागू होगी.     VRS लेने वालों को राहत पर शर्त है   अगर आप स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS लेते हैं तो उस पर मिलने वाली रकम पर टैक्स छूट मिलेगी. लेकिन इसके लिए या तो कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी होनी चाहिए या उम्र 40 साल से ज्यादा होनी चाहिए.     किराएदार ने किराया नहीं दिया तो मकान मालिक को राहत   अगर किराएदार ने किराया नहीं दिया और मकान खाली कर दिया तो उस बकाया किराए को मकान मालिक की इनकम नहीं माना जाएगा और उस पर टैक्स नहीं लगेगा. लेकिन शर्त यह है कि मकान मालिक को यह साबित करना होगा कि उन्होंने किराया वसूलने के लिए कानूनी कदम उठाए.     गंभीर बीमारियों के इलाज पर कंपनी खर्च उठाए तो पूरी टैक्स छूट   कैंसर, टीबी, एड्स जैसी गंभीर बीमारियों का खर्च या फिर कोई सर्जरी या कम से कम 3 दिन अस्पताल में भर्ती रहने वाले इलाज का खर्च अगर कंपनी उठाती है तो उस पर पूरी तरह टैक्स छूट मिलेगी. नशे की लत और मानसिक बीमारियों का इलाज भी इसमें शामिल है.   दिव्यांगता के मामले में ऑटिज्म या सेरेब्रल पाल्सी जैसी बीमारियों पर छूट के लिए सरकारी अस्पताल के सिविल सर्जन या न्यूरोलॉजिस्ट का सर्टिफिकेट जरूरी होगा. किडनी फेलियर, हीमोफीलिया या थैलेसीमिया जैसी बीमारियों में संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर की पर्ची लगाना अनिवार्य होगा.     10,000 रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट नहीं मिलेगी छूट   बिज़नेसमैन और प्रोफेशनल ध्यान दें. अगर किसी को एक दिन में 10,000 रुपये से ज्यादा का नकद पेमेंट किया तो वह बिज़नेस खर्च नहीं माना जाएगा और टैक्स में छूट नहीं मिलेगी. 10,000 से ऊपर के सभी पेमेंट चेक, यूपीआई, कार्ड या नेट बैंकिंग से ही करने होंगे. किसानों, गांवों और सरकार को किए गए भुगतान इससे बाहर रहेंगे.     डिजिटल पेमेंट और डिजिटल रुपये को आधिकारिक मान्यता   UPI (BHIM), क्रेडिट-डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, NEFT और RTGS को इनकम टैक्स के तहत आधिकारिक रूप से वैध माना गया है. और इस बार पहली बार RBI का डिजिटल रुपया (e-₹ यानी Central Bank Digital Currency) को भी टैक्स और बिज़नेस लेन-देन के लिए वैध तरीका मान लिया गया है.     विदेशी डिजिटल कंपनियों पर अब भारत में लगेगा टैक्स   यह बिल्कुल नया नियम है. अगर कोई विदेशी कंपनी भारत में बिना ऑफिस खोले सॉफ्टवेयर, डिजिटल सर्विस या डेटा दे रही है और उसकी भारत से सालाना कमाई 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है या भारत में 3 लाख से ज्यादा यूज़र्स हैं तो उस पर भारत में टैक्स लगेगा.     शेयर और प्रॉपर्टी बेचने पर कैपिटल गेन का नया फॉर्मूला   जो शेयर शेयर बाज़ार में लिस्टेड नहीं हैं उनकी सही बाज़ार कीमत निकालने के लिए नए गणितीय फॉर्मूले तय किए गए हैं. प्रॉपर्टी और ऐसे अनलिस्टेड शेयरों की खरीद-बिक्री में टैक्स चोरी रोकना इसका मकसद है.     विदेश से कमाई है तो डबल टैक्स से बचाएगा Form 44 TDS और TCS काटने, जमा करने और सर्टिफिकेट देने के लिए नए फॉर्म और डेडलाइन तय की गई हैं. विदेश से होने वाली कमाई पर दोहरे टैक्स से बचाने के लिए 'फॉर्म 44' के नए नियम लागू होंगे.   कुल मिलाकर यह नया इनकम टैक्स नियम 2026 सिर्फ एक कानूनी बदलाव नहीं है. यह पूरे टैक्स सिस्टम की भाषा, हिसाब और तरीके को नए सिरे से लिखने की कोशिश है. 1 अप्रैल 2026 से पहले इन नियमों को एक बार ध्यान से पढ़ लेना हर नौकरीपेशा, बिज़नेसमैन और निवेशक के लिए जरूरी है.

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0

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एक डील और 3 टारगेट, ट्रंप के इस कदम से चित्त होगा चीन, देखता रह जाएगा रूस-पाकिस्तान

विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील एक तरफ एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाने की कोशिश हो सकती है, वहीं दूसरी ओर चीन के बढ़ते प्रभाव को संदेश देने की रणनीति भी मानी जा रही है     US Taiwan Defence Deal: ताइवान को लेकर China और United States के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. चीन लंबे समय से Taiwan को अपना हिस्सा बताता रहा है और किसी भी देश द्वारा ताइवान के समर्थन को वह सख्ती से नापसंद करता है. ऐसे में अमेरिका और ताइवान के बीच प्रस्तावित बड़ा रक्षा समझौता बीजिंग को नाराज कर सकता है.   समाचार एजेंसी Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान के लिए उन्नत इंटरसेप्टर मिसाइलों समेत करीब 14 अरब डॉलर का रक्षा पैकेज अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की मंजूरी के लिए तैयार है. सूत्रों के अनुसार इस डील को इस महीने ट्रंप के चीन दौरे के बाद मंजूरी दी जा सकती है.   क्यों नाराज हो सकता है चीन?   ताइवान लगातार चीन के सैन्य दबाव का सामना कर रहा है. ऐसे में यह रक्षा सौदा उसके लिए अब तक का सबसे बड़ा रक्षा समझौता माना जा रहा है. माना जा रहा है कि यह डील ताइवान की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगी, जिससे चीन की नाराजगी बढ़ सकती है.   सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप का 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच Beijing दौरा प्रस्तावित है. इसी दौरान इस रक्षा समझौते को अंतिम रूप दिया गया है और ट्रंप की वापसी के बाद इसके आधिकारिक ऐलान की संभावना जताई जा रही है.   इससे पहले चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने फरवरी में कहा था कि ताइवान के साथ रक्षा सौदों को लेकर सावधानी बरती जानी चाहिए. ट्रंप प्रशासन के इस कदम से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका ताइवान के साथ अपने रणनीतिक रिश्ते बनाए रखना चाहता है और उसे सैन्य मदद भी बढ़ा सकता है.   डील के रणनीतिक मायने   विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील एक तरफ एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाने की कोशिश हो सकती है, वहीं दूसरी ओर चीन के बढ़ते प्रभाव को संदेश देने की रणनीति भी मानी जा रही है. China के विदेश मंत्रालय ने समाचार एजेंसी Reuters से कहा है कि United States द्वारा Taiwan को हथियार बेचने के कदम का चीन की सरकार एकजुट होकर विरोध करेगी.   चीन का कहना है कि ताइवान को हथियारों की बिक्री क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर सकती है. गौरतलब है कि चीन लंबे समय से ताइवान को अपना हिस्सा बताता रहा है और वह लगातार अमेरिका से मांग करता रहा है कि वह ताइवान को हथियार बेचना बंद करे. बीजिंग का मानना है कि इस तरह के रक्षा सौदे “वन चाइना पॉलिसी” के सिद्धांत के खिलाफ हैं और इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है. वहीं अमेरिका ताइवान की सुरक्षा के लिए उसे रक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की नीति पर कायम है.    

Metroheadlines मार्च 13, 2026 0

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