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अमेरिका की ईरान के न्यूक्लियर सेंटर पर एयर स्ट्राइक! इस्फ़हान पर करीब 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बम गिराए

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0

 

Iran Isfahan Explosion: ईरान के इस्फहान शहर में जोरदार धमाके हुए हैं. इस हमले को अमेरिकी सेना ने अंजाम दिया है, जिसके लिए सेना ने बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया.

 

Isfahan में हुए भीषण धमाकों ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला United States की सेना द्वारा किया गया बताया जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में पहले से ही संघर्ष जारी है और हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

 

मीडिया रिपोर्ट्स, जिनमें The Wall Street Journal भी शामिल है, के मुताबिक इस हमले में इस्फहान के एक संभावित परमाणु या सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया। इस्फहान, जो लगभग 23 लाख की आबादी वाला एक प्रमुख शहर है, ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक केंद्रों में गिना जाता है।

 

हमले के बाद Donald Trump द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में रात के समय हुए कई बड़े विस्फोट और आग की लपटें दिखाई दीं। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे इसी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन धमाकों से क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ हो सकता है।

 

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह भी कहा गया है कि लगभग 2,000 पाउंड (करीब 907 किलोग्राम) वजन वाले बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जो जमीन के अंदर स्थित ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम होते हैं। इन बमों के कारण कई छोटे-बड़े विस्फोट हुए, जिससे आग और झटकों का असर दूर-दूर तक महसूस किया गया।

 

इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर वैश्विक चिंता और गहरा गई है। Pakistan, Egypt, Saudi Arabia और Turkey जैसे देशों ने स्थिति को नियंत्रित करने और शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।

 

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

  Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में?   Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं.    मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में.   मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ?   मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए.    'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी.   पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी.    नवरात्र के दूसरे दिन खास योग!   चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है.   धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है.    मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)   नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें.   मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है.    मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)   या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥   इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है.  माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.    मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.    ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)   जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी।   रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

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  Israel Iran War: एडमिरल कूपर ने कहा कि कुछ ही घंटे पहले 10,000वां ईरानी लक्ष्य भी निशाना बनाया गया. उन्होंने बताया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल ने मिलकर हजारों अतिरिक्त ठिकानों पर हमले किए हैं.   अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ब्रैड कूपर ने दावा किया है कि युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिकी सेना ने ईरान में 10,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए हैं. इन हमलों में ईरान की दो-तिहाई हथियार फैक्ट्रियों को नष्ट कर दिया गया है.   10,000वां लक्ष्य भी किया तबाह एडमिरल कूपर ने कहा कि कुछ ही घंटे पहले 10,000वां ईरानी लक्ष्य भी निशाना बनाया गया. उन्होंने बताया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल ने मिलकर हजारों अतिरिक्त ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे उनकी संयुक्त ताकत साफ नजर आती है.   नौसेना को भारी नुकसान कूपर के अनुसार, ईरान की नौसेना को बड़ा झटका लगा है. उन्होंने दावा किया कि ईरानी नौसेना के 92% बड़े जहाज नष्ट कर दिए गए हैं, जिससे उसकी समुद्री ताकत और क्षेत्र में प्रभाव काफी हद तक खत्म हो गया है.   मिसाइल और ड्रोन हमलों में गिरावट उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में 90% की कमी आई है, जो इन सैन्य कार्रवाइयों के असर को दिखाता है. कूपर ने बताया कि ईरान के मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक प्रोडक्शन से जुड़े दो-तिहाई से ज्यादा कारखाने और शिपयार्ड या तो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं.   आगे भी जारी रहेंगे हमले उन्होंने कहा कि अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और अमेरिका ईरान की पूरी आर्म्ड प्रोडक्शन सिस्टम को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. 

Metroheadlines मार्च 26, 2026 0

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ईरान में जंग लोगों की सोच से पहले ही होर्मुज पर संकट के बीच नेतन्याहू ने दी खुशी की खबर, दुनिया को मिलेगी राहत

  बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका को ईरान के साथ जंग में घसीटने के आरोपों पर कहा, 'क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कोई बता सकता है कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं?   🔴 पूरी खबर का विस्तृत विश्लेषण   इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष लोगों की अपेक्षा से कहीं ज्यादा जल्दी समाप्त हो सकता है। उनका कहना है कि इजरायल इस जंग में बढ़त बना चुका है और ईरान की सैन्य तथा परमाणु क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है।   उन्होंने विशेष रूप से यह दावा किया कि ईरान अब न तो यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) करने में सक्षम है और न ही बैलिस्टिक मिसाइल विकसित करने की स्थिति में है। यह बयान काफी बड़ा है, क्योंकि ईरान की परमाणु क्षमता ही इस पूरे संघर्ष का मुख्य कारण रही है।     ⚡ ईरान की स्थिति पर सवाल   नेतन्याहू ने यह भी कहा कि वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान को कौन नियंत्रित कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि देश के अंदर नेतृत्व को लेकर अस्थिरता और संघर्ष की स्थिति हो सकती है। उन्होंने Mojtaba Khamenei का जिक्र करते हुए कहा कि उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने से यह संकेत मिलता है कि शीर्ष स्तर पर सत्ता संघर्ष चल रहा है। साथ ही, उन्होंने Ali Khamenei के बाद नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता की बात भी कही।     🔥 जमीनी स्तर पर कमजोरियां   नेतन्याहू के अनुसार, ईरान में सिर्फ शीर्ष नेतृत्व ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर भी कई कमजोरियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल इन कमजोरियों का फायदा उठाकर जल्द से जल्द संघर्ष को समाप्त करना चाहता है। यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि इजरायल केवल सैन्य कार्रवाई ही नहीं बल्कि रणनीतिक और खुफिया स्तर पर भी ईरान को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।     🇺🇸 अमेरिका की भूमिका   इस पूरे घटनाक्रम में Donald Trump का भी महत्वपूर्ण जिक्र आया। नेतन्याहू ने उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि इजरायल ने अमेरिका को इस युद्ध में खींचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने फैसले खुद लेता है और यह कहना गलत है कि इजरायल उसे नियंत्रित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की सेना और खुफिया एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।     💥 गैस और तेल संकट का असर   यह संघर्ष ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया पहले से ही ऊर्जा संकट से जूझ रही है। मध्य-पूर्व दुनिया का सबसे बड़ा तेल और गैस उत्पादक क्षेत्र है, और यहां किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक बाजार को प्रभावित करता है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ला दिया है। कई देशों को ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता सताने लगी है।     🚢 स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का महत्व   नेतन्याहू ने Strait of Hormuz का भी जिक्र किया, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यह रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद करने की धमकी को उन्होंने “ब्लैकमेल” बताया और कहा कि इजरायल इसे विफल कर देगा। यदि यह मार्ग बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतें आसमान छू सकती हैं और आर्थिक संकट गहरा सकता है।     🔥 कतर और गैस हब पर हमला   नेतन्याहू ने यह भी खुलासा किया कि इजरायल ने ईरान के गैस क्षेत्र पर हमला किया था, जिसके जवाब में तेहरान ने कतर के गैस हब को निशाना बनाया। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि यह संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है।      

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0

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