MS Dhoni IPL 2026 Return Update: CSK के लिए कब वापसी करेंगे ‘थाला’? टीम को मिलेगी बड़ी राहत
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (Indian Premier League 2026) में Chennai Super Kings की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। टीम अपने शुरुआती तीन मुकाबले हार चुकी है, और इन हारों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा—कहां हैं ‘थाला’? यानी MS Dhoni। पांच बार टीम को खिताब जिताने वाले दिग्गज कप्तान की गैरमौजूदगी ने सीएसके के प्रदर्शन पर साफ असर डाला है। अब धोनी की वापसी को लेकर जो ताजा अपडेट सामने आया है, उसने फैंस की उम्मीदें फिर जगा दी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमएस धोनी जल्द ही चेन्नई के ऐतिहासिक मैदान MA Chidambaram Stadium (चेपॉक) में फिटनेस टेस्ट देने वाले हैं। अगर वह इस टेस्ट में पास हो जाते हैं, तो उनकी वापसी Delhi Capitals के खिलाफ होने वाले मुकाबले में हो सकती है।
यह मैच सीएसके के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि टीम लगातार तीन हार झेल चुकी है और उसे अपने अभियान को पटरी पर लाने के लिए एक बड़ी जीत की सख्त जरूरत है। ऐसे में धोनी का अनुभव और नेतृत्व टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
हालांकि, अभी तक फ्रेंचाइजी की ओर से उनकी वापसी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन अगर सब कुछ सही रहा, तो ‘थाला’ को फिर से मैदान पर देखना फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होगा।
आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले धोनी को काफ स्ट्रेन (पिंडली में खिंचाव) की समस्या हुई थी। यह चोट भले ही गंभीर नहीं मानी जाती, लेकिन एक अनुभवी खिलाड़ी के लिए इसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
सीएसके मैनेजमेंट ने पहले ही साफ कर दिया था कि धोनी शुरुआती दो हफ्तों तक रिहैब में रहेंगे। इसी वजह से वह शुरुआती मुकाबलों में नहीं खेल पाए।
हालांकि, सकारात्मक संकेत यह रहे कि उन्हें नेट्स में अभ्यास करते हुए देखा गया। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनकी फिटनेस धीरे-धीरे बेहतर हो रही है और वह जल्द ही मैच फिट हो सकते हैं।
सीएसके की टीम हमेशा से संतुलित और अनुभवी मानी जाती रही है, लेकिन धोनी की गैरमौजूदगी ने टीम की रणनीति और आत्मविश्वास दोनों को प्रभावित किया है।
धोनी को दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है। मैदान पर उनकी रणनीति, गेंदबाजों का इस्तेमाल और मैच पढ़ने की क्षमता अद्भुत है। उनके बिना टीम में वह स्थिरता नजर नहीं आई।
धोनी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उनकी गैरहाजिरी में सीएसके को लोअर ऑर्डर में मजबूती की कमी महसूस हुई।
धोनी की विकेटकीपिंग सिर्फ कैच और स्टंपिंग तक सीमित नहीं है—वह गेंदबाजों को गाइड करते हैं और विपक्षी बल्लेबाजों की कमजोरियों को पहचानते हैं।
सीजन की शुरुआत में सीएसके का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा है:
इन तीनों मुकाबलों में टीम का बैटिंग और बॉलिंग दोनों विभाग असंतुलित नजर आया। खासकर मिडिल ऑर्डर और डेथ ओवर्स में टीम संघर्ष करती दिखी।
यह सवाल अब हर क्रिकेट फैन के मन में है। और इसका जवाब काफी हद तक ‘हां’ में हो सकता है।
धोनी ने कई बार मुश्किल हालात में टीम को जीत दिलाई है। उनका शांत स्वभाव और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
उनकी वापसी से ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह बदल सकता है। युवा खिलाड़ी अधिक आत्मविश्वास के साथ खेलेंगे।
धोनी की गेम रीडिंग क्षमता सीएसके को विपक्षी टीम पर बढ़त दिला सकती है, खासकर चेपॉक जैसे स्पिन-फ्रेंडली पिच पर।
धोनी सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक भावना हैं। Indian Premier League में उनकी लोकप्रियता किसी सुपरस्टार से कम नहीं है।
उनकी वापसी का मतलब सिर्फ एक खिलाड़ी का मैदान पर उतरना नहीं है—यह करोड़ों फैंस के लिए एक उत्सव जैसा होगा। चेपॉक स्टेडियम में अगर वह खेलते हैं, तो वहां का माहौल ऐतिहासिक हो सकता है।
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए. नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं. लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. 41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.
MS Dhoni IPL 2026: एमएस धोनी की वापसी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसमें बताया गया कि किस मैच के जरिए IPL 2026 में उनकी वापसी हो सकती है. MS Dhoni IPL 2026 Return Update: CSK के लिए कब वापसी करेंगे ‘थाला’? टीम को मिलेगी बड़ी राहत इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (Indian Premier League 2026) में Chennai Super Kings की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। टीम अपने शुरुआती तीन मुकाबले हार चुकी है, और इन हारों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा—कहां हैं ‘थाला’? यानी MS Dhoni। पांच बार टीम को खिताब जिताने वाले दिग्गज कप्तान की गैरमौजूदगी ने सीएसके के प्रदर्शन पर साफ असर डाला है। अब धोनी की वापसी को लेकर जो ताजा अपडेट सामने आया है, उसने फैंस की उम्मीदें फिर जगा दी हैं। धोनी की वापसी पर बड़ा अपडेट रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमएस धोनी जल्द ही चेन्नई के ऐतिहासिक मैदान MA Chidambaram Stadium (चेपॉक) में फिटनेस टेस्ट देने वाले हैं। अगर वह इस टेस्ट में पास हो जाते हैं, तो उनकी वापसी Delhi Capitals के खिलाफ होने वाले मुकाबले में हो सकती है। यह मैच सीएसके के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि टीम लगातार तीन हार झेल चुकी है और उसे अपने अभियान को पटरी पर लाने के लिए एक बड़ी जीत की सख्त जरूरत है। ऐसे में धोनी का अनुभव और नेतृत्व टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। हालांकि, अभी तक फ्रेंचाइजी की ओर से उनकी वापसी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन अगर सब कुछ सही रहा, तो ‘थाला’ को फिर से मैदान पर देखना फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होगा। काफ स्ट्रेन बनी बड़ी वजह आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले धोनी को काफ स्ट्रेन (पिंडली में खिंचाव) की समस्या हुई थी। यह चोट भले ही गंभीर नहीं मानी जाती, लेकिन एक अनुभवी खिलाड़ी के लिए इसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। सीएसके मैनेजमेंट ने पहले ही साफ कर दिया था कि धोनी शुरुआती दो हफ्तों तक रिहैब में रहेंगे। इसी वजह से वह शुरुआती मुकाबलों में नहीं खेल पाए। हालांकि, सकारात्मक संकेत यह रहे कि उन्हें नेट्स में अभ्यास करते हुए देखा गया। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनकी फिटनेस धीरे-धीरे बेहतर हो रही है और वह जल्द ही मैच फिट हो सकते हैं। धोनी की गैरमौजूदगी का असर सीएसके की टीम हमेशा से संतुलित और अनुभवी मानी जाती रही है, लेकिन धोनी की गैरमौजूदगी ने टीम की रणनीति और आत्मविश्वास दोनों को प्रभावित किया है। 1. नेतृत्व की कमी धोनी को दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है। मैदान पर उनकी रणनीति, गेंदबाजों का इस्तेमाल और मैच पढ़ने की क्षमता अद्भुत है। उनके बिना टीम में वह स्थिरता नजर नहीं आई। 2. फिनिशिंग की समस्या धोनी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उनकी गैरहाजिरी में सीएसके को लोअर ऑर्डर में मजबूती की कमी महसूस हुई। 3. विकेटकीपिंग का अनुभव धोनी की विकेटकीपिंग सिर्फ कैच और स्टंपिंग तक सीमित नहीं है—वह गेंदबाजों को गाइड करते हैं और विपक्षी बल्लेबाजों की कमजोरियों को पहचानते हैं। CSK की लगातार तीन हार सीजन की शुरुआत में सीएसके का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा है: राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ: 8 विकेट से हार पंजाब किंग्स के खिलाफ: 5 विकेट से हार रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ: 43 रन से हार इन तीनों मुकाबलों में टीम का बैटिंग और बॉलिंग दोनों विभाग असंतुलित नजर आया। खासकर मिडिल ऑर्डर और डेथ ओवर्स में टीम संघर्ष करती दिखी। क्या धोनी बदल सकते हैं CSK की किस्मत? यह सवाल अब हर क्रिकेट फैन के मन में है। और इसका जवाब काफी हद तक ‘हां’ में हो सकता है। अनुभव का फायदा धोनी ने कई बार मुश्किल हालात में टीम को जीत दिलाई है। उनका शांत स्वभाव और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। टीम का मनोबल उनकी वापसी से ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह बदल सकता है। युवा खिलाड़ी अधिक आत्मविश्वास के साथ खेलेंगे। रणनीतिक बढ़त धोनी की गेम रीडिंग क्षमता सीएसके को विपक्षी टीम पर बढ़त दिला सकती है, खासकर चेपॉक जैसे स्पिन-फ्रेंडली पिच पर। फैंस के लिए बड़ी खबर धोनी सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक भावना हैं। Indian Premier League में उनकी लोकप्रियता किसी सुपरस्टार से कम नहीं है। उनकी वापसी का मतलब सिर्फ एक खिलाड़ी का मैदान पर उतरना नहीं है—यह करोड़ों फैंस के लिए एक उत्सव जैसा होगा। चेपॉक स्टेडियम में अगर वह खेलते हैं, तो वहां का माहौल ऐतिहासिक हो सकता है।
चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा वैभव सूर्यवंशी होंगे. वैभव अगर छह ओवर के पावरप्ले में खेल गए, तो चेन्नई का गेंदबाजी अटैक मुश्किलों में घिर सकता है. आईपीएल 2026 के तीसरे मुकाबले में सोमवार को चेन्नई सुपर किंग्स की भिड़ंत राजस्थान रॉयल्स के साथ होगी. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. आइए आपको राजस्थान के उन 5 खिलाड़ियों के नाम बताते हैं, जो चेन्नई के लिए इस मुकाबले में बड़ा खतरा बन सकते हैं. वैभव सूर्यवंशी: चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा वैभव सूर्यवंशी होंगे. वैभव अगर छह ओवर के पावरप्ले में खेल गए, तो चेन्नई का गेंदबाजी अटैक मुश्किलों में घिर सकता है. वैभव ने पिछले एक साल में अपनी बल्लेबाजी से खासा प्रभावित किया है. आईपीएल 2025 में वैभव ने 7 मुकाबलों में 206 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 252 रन बनाए थे. वैभव के खेल में पिछले सीजन के बाद और ज्यादा सुधार आया है. यशस्वी जायसवाल: राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को चेन्नई सुपर किंग्स का गेंदबाजी अटैक खूब रास आता है. यशस्वी ने चेन्नई के खिलाफ खेले 8 मुकाबलों में 161 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 266 रन बनाए हैं. इस दौरान वह तीन अर्धशतक लगा चुके हैं. यशस्वी अगर लय में नजर आए, तो चेन्नई की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. शिमरोन हेटमायर: वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज शिमरोन हेटमायर की हालिया फॉर्म काफी अच्छी चल रही है. हाल ही में खत्म हुए टी20 विश्व कप 2026 में हेटमायर का प्रदर्शन शानदार रहा था. उन्होंने 7 मुकाबलों में 186 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 248 रन बनाए थे. इस दौरान हेटमायर ने दो अर्धशतक लगाए थे. कैरेबियाई बल्लेबाज अकेले दम पर किसी भी मैच का रुख पलटने की काबिलियत रखता है. रवींद्र जडेजा: चेन्नई सुपर किंग्स के साथ लंबे समय तक खेलने के बाद जडेजा इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स की टीम का हिस्सा हैं. जडेजा चेन्नई के बल्लेबाजों और गेंदबाजों की ताकत और कमजोरी से अच्छी तरह से वाकिफ हैं, जिसका फायदा राजस्थान को रणनीति बनाने में मिल सकता है. जडेजा इस मुकाबले में राजस्थान के लिए सबसे बड़े ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं. वह बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे सकते हैं. जोफ्रा आर्चर: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाजों की अग्निपरीक्षा लेते हुए नजर आ सकते हैं. आर्चर के पास जबरदस्त रफ्तार मौजूद है और अच्छी लाइन एंड लेंथ के बूते वह चेन्नई के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर सकते हैं. आर्चर का प्रदर्शन टी20 विश्व कप 2026 में शानदार रहा था और वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक डॉट गेंदें फेंकने वाले गेंदबाज रहे थे.
आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पहली बार चेपॉक स्टेडियम में फैंस के सामने आएं. धोनी जैसे ही स्टेडियम में पहुंचें हर तरफ से फैंस ‘थाला-थाला’ पुकारने लगें आईपीएल 2026 के बाद रिटायर हो रहे महेंद्र सिंह धोनी! Mahendra Singh Dhoni Retiring After IPL 2026! इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है. कई जानकारों का मानना है कि पूर्व भारतीय और चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का ये आखिरी आईपीएल सीजन हो सकता है. इस टूर्नामेंट के शुरू होने पहले धोनी ने अपने फैंस को भावुक कर दिया है. दरअसल, आईपीएल 2026 से पहले धोनी पहली बार चेपॉक स्टेडियम में फैंस के सामने आएं. धोनी ने जैसे ही एंट्री ली फैंस से खचा खच भरे स्टेडियम में तो हर तरफ ‘थाला थाला’ की गूंज सुनाई देने लगी और कुछ तो ऐसे भी फैंस नजर आएं, जो धोनी को देखकर भावुक हो गए. सीएसके के इवेंट के लिए आएं थे चेन्नई सुपर किंग्स के ‘Roar26’ इवेंट के लिए फैंस स्टेडियम में आएं थे. इस इवेंट में फ्रेंचाइजी के कुछ रिटायर्ड दिग्गज जैसे सुरेश रैना और डीजे ब्रावो समेत अन्य खिलाड़ियों भी चेपॉक स्टेडियम में मौजूदा टीम के साथ नजर आए. सीएसके के कुछ खिलाड़ियों ने मैदान पर ट्रेनिंग की और फिर मजेदार क्रिकेट सेशन जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया. इसके बाद, जब सीएसके के साथ जुड़े नए खिलाड़ी संजू सैमसन मैदान में आए, तब भी जोरदार तालियों और चीयर्स की आवाज सुनाई दी. आईपीएल का लगातार 19वां सीजन खेलेंगे धोनी महेंद्र सिंह धोनी 44 साल के उम्र में आईपीएल का अपना 19वां सीजन खेलने जा रहे हैं. भले ही धोनी अपने आईपीएल करियर के अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन सीएसके के लिए आज भी वो उतने ही जरूरी हैं, जितना पहले थे. हर साल की तरह इस बार भी सवाल उठ रहे हैं कि धोनी कितने समय तक सीमित बल्लेबाजी भूमिका में इस लीग में खेलते रहेंगे. चेन्नई के लिए खेल चुके पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा का मानना है कि इस बार धोनी आईपीएल करियर को अलविदा कह सकते हैं. रॉबिन उथप्पा ने धोनी के संन्यास को लेकर दिया बयान रॉबिन उथप्पा ने धोनी के संन्यास को लेकर कहा, ‘आईपीएल 2026 शायद उनका पीली जर्सी में ये आखिरी साल हो सकता है. मुझे लगता है कि इस साल वे मेंटर-कम-प्लेयर की भूमिका निभाएंगे, मुझे नहीं लगता कि वे नंबर सात पर बल्लेबाजी करेंगे. मुझे लगता है कि वे नंबर आठ पर बल्लेबाजी करेंगे. धोनी जानते हैं कि वे धीरे-धीरे बाहर हो रहे हैं, इसलिए खुद को टीम से अलग करना चाहते हैं. मुझे लगता है कि वे ऐसा करेंगे. तभी हम रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी की असली क्षमता देख पाएंगे. उसे कुछ साल दें. अगर वे काम नहीं करता, तो टीम में संजू सैमसन है, जो कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.’