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IPL पर शुरू हुआ बड़ा विवाद, स्टार क्रिकेटर ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, जानें पूरा माजरा

Metroheadlines अप्रैल 2, 2026 0

 

IPL 2026: फिटनेस टेस्ट में फेल होने के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने नुवान तुषारा को NOC नहीं दी.

नुवान RCB टीम में शामिल हैं, उन्होंने इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

 

इंडियन प्रीमियर लीग का 19वां संस्करण (IPL 2026) शुरू हो गया है, सभी 10 टीमें अपना पहला मैच खेल चुकि है. डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है. लेकिन टीम में शामिल श्रीलंकाई खिलाड़ी नुवान तुषारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण RCB के साथ नहीं जुड़ पाए हैं. उन्होंने अब इस मामले में adalat से हस्तक्षेप की मांग की है.

 

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने फिटनेस टेस्ट में असफल रहने के कारण नुवान तुषारा को एनओसी नहीं दिया है. 31 साल के नुवान को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने खरीदा था. नुवान ने कोलंबो जिला न्यायालय में मामला दायर किया है और मांग की है कि बोर्ड को एनओसी जारी करने का आदेश दिया जाए. 9 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई होगी.

 

श्रीलंका की लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नुवान ने दलील दी है कि उनका श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के साथ कॉन्ट्रैक्ट 31 मार्च को समाप्त हो गया था, वह नहीं चाहते कि इस कॉन्ट्रैक्ट को आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने बोर्ड को बता दिया कि वह अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर को समाप्त करना चाहते हैं. उनका मानना है कि इस स्थिति में SLC के एनओसी नहीं देने के फैसले को अदातल को रद्द करना चाहिए. बता दें कि श्रीलंका बोर्ड ने नेशनल टीम में चयन के लिए फिटनेस टेस्ट पास करना अनिवार्य कर दिया है.

 

 

RCB ने 1.6 में खरीदा था

 

नुवान तुषारा ने कहा कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने इस तरह के फिटनेस स्तर पर उन्हें पहले खेलने की इजाजत दी थी. तुषारा को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2025 में 1.6 करोड़ रुपये में खरीदा था. 2025 में वह आरसीबी के लिए सिर्फ एक मैच में खेले. इससे पहले उन्होंने 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए 7 मैच खेले थे. नुवान ने आईपीएल में कुल 8 मैच खेले, जिसमें उनके नाम 9 विकेट हैं.

 

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित 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  IPL 2026 Opening Ceremony: आईपीएल के 19वें संस्करण का पहला मैच RCB और SRH के बीच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 28 मार्च को होगा. इस बार ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन नहीं होगा.   आईपीएल 2026 का पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच 28 मार्च को होगा. ये मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा. इस बार आईपीएल का उदघाटन समारोह नहीं होगा. बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने इसकी पुष्टि की है.   पिछले साल 4 जून को आरसीबी की विक्ट्री परेड के दौरान एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी. उनके प्रति सेंसिटिविटी, याद और सम्मान दिखाते हुए बीसीसीआई ने ओपनिंग सेरेमनी नहीं करने का फैसला किया है. पिछले साल आरसीबी ने पंजाब किंग्स को हराकर अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था.     BCCI ने की पुष्टि   बीसीसीआई ने शनिवार, आईपीएल के पहले मैच से पूर्व कोई सेलिब्रेशन नहीं करने का फैसला किया है. हालांकि बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया कि बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग कॉउंसिल आईपीएल 2026 की ग्रैंड क्लोजिंग सेरेमनी की प्लानिंग कर रही है.   टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए देवजीत सैकिया ने कहा, "पिछले साल 4 जून को हुई दुखद घटना की वजह से, IPL 2026 के शुरू होने वाले दिन कोई फॉर्मल फंक्शन नहीं होगा. बीसीसीआई कोई कल्चरल इवेंट ऑर्गनाइज नहीं कर रहा है."   बीसीसीआई आईपीएल फाइनल वाले दिन ग्रैंड क्लोजिंग सेरेमनी की प्लानिंग कर रहा है. बता दें कि आईपीएल 2026 का फाइनल 31 मई को खेला जाएगा. 10 टीमों वाली इस लीग के लिए बीसीसीआई ने अभी सिर्फ 20 मैचों के शेड्यूल का एलान किया है.   पिछले संस्करण में एक भव्य ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन हुआ था, जिसमें शाहरुख खान श्रेया घोषाल, करन औजला और दिशा पटानी ने परफॉर्म किया था.       RCB vs SRH मैच में बारिश की संभावना   शनिवार, 28 मार्च को बेंगलुरु में बारिश की संभावना बनी रहेगी. मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मैच के दौरान बारिश की संभावना 10 से 15 प्रतिशत है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस बार डिफेंडिंग चैंपियन बनकर लीग में हिस्सा ले रही है, टीम ने पिछले संस्करण में अपना पहला खिताब जीता था.

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PSL में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर सस्पेंस:BCB बोला-सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही पाकिस्तान जाएंगे प्लेयर्स; सुरक्षा कारणों से फैसला

  पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी अब सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगी। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया है।     पहले बोर्ड ने 6 खिलाड़ियों को NOC दिया था। इनमें मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन एमोन (लाहौर कलंदर्स), शोरीफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन (पेशावर जाल्मी) शामिल हैं।   PSL 26 मार्च से 3 मई तक खेला जाना है, लेकिन अब खिलाड़ियों के पाकिस्तान जाने से पहले सरकार से अनुमति ली जाएगी।   अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बनी वजह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के क्रिकेट ऑपरेशंस चेयरमैन नजमुल आबेदीन ने कहा कि मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव की वजह से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर रिस्क है।   उन्होंने बताया,'आम तौर पर हमें सरकार से पूछने की जरूरत नहीं पड़ती। हम एनओसी देते हैं, खिलाड़ी जाकर खेलते हैं और वापस आ जाते हैं। लेकिन अभी स्थिति अलग है, इसलिए हम सरकार से चर्चा करेंगे।'   सरकार तय करेगी कि पाकिस्तान जाना सुरक्षित है या नहीं नजमुल आबेदीन ने आगे कहा कि बोर्ड के लिए वहां की जमीनी हकीकत को समझना मुमकिन नहीं है। यह काम सरकार का है। उन्होंने कहा,'सरकार को वहां की सुरक्षा स्थिति के बारे में बेहतर जानकारी होगी।   अगर सरकार हमें हरी झंडी देती है और कहती है कि यात्रा करना सुरक्षित है, तभी खिलाड़ी वहां जाएंगे। सैद्धांतिक रूप से हमने एनओसी देने का फैसला किया है, लेकिन सब कुछ उस समय के हालात पर निर्भर करेगा।'     बांग्लादेश ने पाकिस्तान को घरेलू तीन वनडे मैचों की सीरीज में 2-1 से हराया।   न्यूजीलैंड सीरीज के लिए कैंप मिस करेंगे खिलाड़ी   अगर सरकार से मंजूरी मिल जाती है, तो PSL खेलने वाले 6 खिलाड़ी न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज के तैयारी कैंप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।   न्यूजीलैंड की टीम 13 अप्रैल को बांग्लादेश दौरे पर आ रही है, जहां उसे 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेलने हैं। वनडे सीरीज 17 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि टी-20 सीरीज 27 अप्रैल से 2 मई के बीच खेली जाएगी।   वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन को देखते हुए आंशिक एनओसी BCB ने खिलाड़ियों को आंशिक NOC जारी किया है ताकि वे न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध रहें। बांग्लादेश इस समय ICC वनडे रैंकिंग में नौवें नंबर पर है और अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने की कोशिश में है। पाकिस्तान को 2-1 से हराने के बाद बांग्लादेश की नजरें अब न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर अपनी रैंकिंग सुधारने पर हैं।   -----------------------------   नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण IPL 2026 से बाहर:CSK ने रिप्लेसमेंट जारी नहीं किया, फ्रेंचाइजी ने 2 करोड़ रुपए में खरीदा था   5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण IPL 2026 से बाहर हो गए हैं। फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने बताया कि 31 साल के एलिस IPL से बाहर हो चुके हैं, हालांकि उनके रिप्लेसमेंट को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है

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