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नेपाल में कांग्रेस-वामपंथी पार्टियों का सफाया:चार साल पुरानी पार्टी RSP ने 36 सीटें जीतीं, 83 पर बढ़त; बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना तय

Metroheadlines मार्च 7, 2026 0

नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 165 सीटों पर शुरुआती रुझान आ चुके हैं। रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 

 

RSP ने अब तक 42 सीटें जीत ली हैं, जबकि 78 सीटों पर आगे चल रही है। यह पार्टी सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी। 

 

पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली झापा-5 सीट पर बालेन शाह से 40 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। उन्हें सिर्फ 15,409 हजार वोट मिले हैं, जबकि बालेन शाह को 55,934 वोट मिल चुके हैं। ओली ने झापा-5 सीट से 2017 और 2022 का चुनाव जीता था।

 

नेपाल में 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि किसी पार्टी को वोट देती है। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं।

 

इसमें भी बालेन शाह की RSP आगे है। चुनाव आयोग के अनुसार अब तक RSP को 54.8 प्रतिशत वोट मिले हैं।

 

पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 5 मार्च को हुए चुनाव में 58% लोगों ने वोट डाले। वोटों की गिनती पूरी होने में 3 से 4 दिन लगने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी करने की कोशिश की जाएगी।

 

नेपाल में 2 तरीके से सांसदों का चुनाव

 

नेपाल में चुनाव की व्यवस्था मिश्रित चुनाव प्रणाली पर आधारित है। यानी यहां दो तरीकों से सांसद चुने जाते हैं- सीधे चुनाव से और पार्टी को मिले कुल वोट के हिसाब से।

 

सीधा चुनाव (फर्स्ट पास्ट द पोस्ट)

 

संसद की 275 में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। हर इलाके (निर्वाचन क्षेत्र) में लोग अपने उम्मीदवार को वोट देते हैं। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है।

 

वोट % के आधार पर सीटें (प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन)

 

बाकी बची 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि किसी पार्टी को वोट देती है। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं।

 

इस सिस्टम का मकसद यह है कि छोटे दलों और अलग-अलग सामाजिक समूहों को भी संसद में जगह मिल सके और कोई एक पार्टी पूरी तरह हावी न हो।

 

नेपाल चुनाव के अबतक के नतीजे…

 

 

 

पार्टी जीत बढ़त
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 42 78
नेपाली कांग्रेस 6 6
CPN-UML 2 9
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) 2 7
अन्य 1 5

 

नेपाल चुनाव से जुड़ीं 3 तस्वीरें…

 

नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर नारे लगाते हुए।

 

नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर नारे लगाते हुए।

 

नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर इकट्ठा हुए।

 

नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर इकट्ठा हुए।

 

नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘घंटी’ को बजाते हुए।

 

नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘घंटी’ को बजाते हुए।

 

 

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

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नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा वॉट्सएप:सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; वेब वर्जन हर 6 घंटे में लॉग-आउट होगा

केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के तहत फोन में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉग-आउट हो जाएगा।   समझिए क्या है नया नियम और आप पर कैसे होगा असर?   1. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा? जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगा।     2. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया? केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी।     3. मार्च के बाद यूजर्स को क्या करना होगा? यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग ऐप काम करना बंद कर सकता है।     4. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है? इंडस्ट्री एसोसिएशन IAMAI ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉग-आउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा जो काम के लिए वॉट्सएप वेब पर निर्भर हैं। साथ ही उन परिवारों को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं।     5. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी? केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक ​​कंपनियों को ​120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।     ज्यातिरादित्य सिंधिया ने दो अन्य मामलों पर भी जानकारी दी…   1. स्टारलिंक की लॉन्चिंग     सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' के बारे में सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने अभी तक सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामने जरूरी डेमो पूरे नहीं किए हैं। कंपनी को यह दिखाना होगा कि वह भारतीय सीमाओं के बाहर इंटरनेट एक्सेस बंद कर सकती है। जरूरत पड़ने पर नेटवर्क पर कंट्रोल दे सकती है।     2. BSNL अफसर का मामला     हाल ही में BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे का एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था। इसमें उनकी सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों का इंतजाम करने को कहा गया था। सिंधिया ने कहा कि इस मामले में 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया गया है। 21वीं सदी के भारत में ऐसा आदेश जारी होना कतई मंजूर नहीं है। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे। विवादों के बीच मंत्री सिंधिया ने ये भी बताया कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिलहाल आर्थिक रूप से बेहतर कर रही है और कंपनी "हेल्दी कैश फ्लो" जेनरेट कर रही है।     नॉलेज पार्ट: क्या है सिम बाइंडिंग?     सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ 'लॉक' कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा।

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

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नेपाल में कांग्रेस-वामपंथी पार्टियों का सफाया:चार साल पुरानी पार्टी RSP ने 36 सीटें जीतीं, 83 पर बढ़त; बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना तय

नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 165 सीटों पर शुरुआती रुझान आ चुके हैं। रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।    RSP ने अब तक 42 सीटें जीत ली हैं, जबकि 78 सीटों पर आगे चल रही है। यह पार्टी सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी।    पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली झापा-5 सीट पर बालेन शाह से 40 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। उन्हें सिर्फ 15,409 हजार वोट मिले हैं, जबकि बालेन शाह को 55,934 वोट मिल चुके हैं। ओली ने झापा-5 सीट से 2017 और 2022 का चुनाव जीता था।   नेपाल में 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि किसी पार्टी को वोट देती है। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं।   इसमें भी बालेन शाह की RSP आगे है। चुनाव आयोग के अनुसार अब तक RSP को 54.8 प्रतिशत वोट मिले हैं।   पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 5 मार्च को हुए चुनाव में 58% लोगों ने वोट डाले। वोटों की गिनती पूरी होने में 3 से 4 दिन लगने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी करने की कोशिश की जाएगी।   नेपाल में 2 तरीके से सांसदों का चुनाव   नेपाल में चुनाव की व्यवस्था मिश्रित चुनाव प्रणाली पर आधारित है। यानी यहां दो तरीकों से सांसद चुने जाते हैं- सीधे चुनाव से और पार्टी को मिले कुल वोट के हिसाब से।   सीधा चुनाव (फर्स्ट पास्ट द पोस्ट)   संसद की 275 में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। हर इलाके (निर्वाचन क्षेत्र) में लोग अपने उम्मीदवार को वोट देते हैं। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है।   वोट % के आधार पर सीटें (प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन)   बाकी बची 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि किसी पार्टी को वोट देती है। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं।   इस सिस्टम का मकसद यह है कि छोटे दलों और अलग-अलग सामाजिक समूहों को भी संसद में जगह मिल सके और कोई एक पार्टी पूरी तरह हावी न हो।   नेपाल चुनाव के अबतक के नतीजे…       पार्टी जीत बढ़त राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 42 78 नेपाली कांग्रेस 6 6 CPN-UML 2 9 नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) 2 7 अन्य 1 5   नेपाल चुनाव से जुड़ीं 3 तस्वीरें…     नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर नारे लगाते हुए।     नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर इकट्ठा हुए।     नेपाल के आम चुनाव के नतीजों की घोषणा के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) के समर्थक चुनाव आयोग के बाहर पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘घंटी’ को बजाते हुए।    

Metroheadlines मार्च 7, 2026 0

भारत विरोधी ओली 4000 वोटों से पीछे:बालेन शाह से अपने गढ़ में मिल रही हार, 4 साल पुरानी पार्टी RSP सबसे आगे

ईरान बोला-अमेरिका ने भारत के गेस्ट शिप पर हमला किया:उन्हें करारा जवाब देंगे; अमेरिकी संसद में ईरान पर हमला रोकने वाला प्रस्ताव फेल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना डेंजर जोन! 1.5 करोड़ बैरल तेल यहीं से होता है सप्लाई, भारत-चीन का बड़ा नुकसान क्यों?

अफगानिस्तान का पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर हमला:तालिबान के मंत्री बोले- हमने डूरंड लाइन पार की, PAK का दावा- 400 अफगान लड़ाके मारे

  फगानिस्तान का पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर हमला? डूरंड लाइन पार करने का दावा, पाकिस्तान बोला- 400 अफगान लड़ाके मारे     दक्षिण एशिया में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद अब खुली सैन्य झड़पों में बदलता दिखाई दे रहा है। ताजा घटनाक्रम में अफगान तालिबान के एक मंत्री ने दावा किया है कि उनकी सेनाओं ने डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान के रणनीतिक महत्व के Noor Khan Airbase पर कार्रवाई की।   वहीं पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि इस ऑपरेशन को नाकाम कर दिया गया और करीब 400 अफगान लड़ाकों को मार गिराया गया। दोनों देशों के दावों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।     क्या है नूरखान एयरबेस?   रावलपिंडी में स्थित नूरखान एयरबेस पाकिस्तान के सबसे अहम सैन्य अड्डों में गिना जाता है। यह न केवल वायुसेना का प्रमुख केंद्र है, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजधानी इस्लामाबाद के नजदीक है।   किसी भी संभावित हमले या घुसपैठ की खबर ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है।     तालिबान मंत्री का बड़ा बयान   अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज Taliban के एक वरिष्ठ मंत्री ने दावा किया कि उनकी फोर्सेज ने विवादित डूरंड लाइन पार कर “रक्षात्मक कार्रवाई” की।   मंत्री के मुताबिक, यह कदम पाकिस्तान की ओर से सीमा पर लगातार हो रही गोलाबारी और कथित घुसपैठ के जवाब में उठाया गया। उन्होंने कहा कि “अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता और सीमा सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।”   हालांकि, इस दावे के समर्थन में अभी तक स्वतंत्र रूप से कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।   पाकिस्तान का पलटवार और 400 लड़ाकों के मारे जाने का दावा   पाकिस्तानी सेना ने अफगान दावे को “भ्रामक और अतिरंजित” बताया है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, अफगान सीमा से बड़ी संख्या में सशस्त्र लड़ाकों ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसे नाकाम कर दिया गया।   पाकिस्तान ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में लगभग 400 अफगान लड़ाके मारे गए। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक संभव नहीं हो पाई है।   विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में हताहतों का दावा असाधारण है और इसकी पुष्टि के लिए सैटेलाइट इमेज, अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट या स्वतंत्र मीडिया जांच की आवश्यकता होगी।     डूरंड लाइन विवाद: जड़ में पुराना तनाव   अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव का प्रमुख कारण डूरंड लाइन है। 1893 में ब्रिटिश भारत और अफगान अमीर के बीच खींची गई इस सीमा को पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है, लेकिन अफगानिस्तान ने ऐतिहासिक रूप से इसे मान्यता नहीं दी।   तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। सीमा पर बाड़ लगाने, चेकपोस्ट निर्माण और सैन्य तैनाती को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार झड़पें हो चुकी हैं।     हालिया घटनाक्रम: तनाव क्यों बढ़ा?   विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के महीनों में:   सीमा पार आतंकी गतिविधियों के आरोप टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) की सक्रियता सीमा चौकियों पर गोलीबारी शरणार्थी मुद्दा इन सभी कारणों ने दोनों देशों के रिश्तों को और बिगाड़ा है।   पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन से उसके खिलाफ हमले होते हैं। वहीं तालिबान सरकार कहती है कि वह किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं होने देगी।     क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव   यदि यह संघर्ष बढ़ता है, तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया पर पड़ सकता है। चीन, जो पाकिस्तान का करीबी सहयोगी है, स्थिति पर नजर रखे हुए है। अमेरिका और नाटो बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान की स्थिरता पहले ही सवालों के घेरे में है। मध्य एशिया के देश भी संभावित अस्थिरता को लेकर चिंतित हैं। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से संयम बरतने और संवाद के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।     सैन्य विश्लेषण: क्या संभव है एयरबेस पर हमला?   सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि नूरखान एयरबेस जैसे हाई-सिक्योरिटी ठिकाने पर सीधे हमले की संभावना बेहद जटिल होती है। ऐसे ठिकानों पर: मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट रडार विशेष कमांडो तैनाती जैसी व्यवस्थाएं होती हैं।   यदि कोई घुसपैठ हुई भी हो, तो वह सीमित स्तर पर रही होगी। बड़े पैमाने के हमले की पुष्टि के लिए विश्वसनीय साक्ष्य आवश्यक हैं।     क्या बढ़ सकता है संघर्ष?   वर्तमान हालात में तीन संभावनाएं सामने आती हैं:   सीमित झड़पें और बयानबाजी – तनाव कुछ दिनों में कूटनीतिक बातचीत से शांत हो सकता है। सीमा पर लगातार सैन्य कार्रवाई – दोनों ओर से जवाबी हमले जारी रह सकते हैं। पूर्ण सैन्य टकराव – यह स्थिति बेहद गंभीर होगी और क्षेत्रीय अस्थिरता को जन्म दे सकती है। फिलहाल दोनों देशों ने आधिकारिक रूप से युद्ध की घोषणा नहीं की है, लेकिन बयानबाजी तीखी होती जा रही है।     नागरिकों पर असर सीमा के आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। कई गांवों से अस्थायी पलायन की खबरें सामने आई हैं। व्यापार और ट्रांजिट मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा।

Metroheadlines मार्च 2, 2026 0

अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमला किया, कई शहरों में धमाके:सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह भेजे गए; अमेरिका से बातचीत के बीच अटैक !

मोदी इजराइल के होलोकॉस्ट मेमोरियल पहुंचे:हिटलर शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी; राष्ट्रपति से मिले, डिफेंस डील संभव

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