West Asia Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति अपने ही बुने जाल में फंसते हुए ईरान युद्ध में नजर आ रहे हैं. वह ईरान की तरफ से बिछाई बिसात की 'ढाई चाल' में फंस गए हैं. इनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना, खाड़ी देशों में अमेरिकी कार्रवाई से हड़कंप और एक जो महत्वपूर्ण हैं, कि ईरान ने सीधे तौर पर इस युद्ध में अमेरिका को निशाने पर लेते हुए, उसके अन्य देशों में मौजूद एयरबेस को निशाना बनाया है.
इसके अलावा एक तरफ अमेरिका पर युद्ध के दौरान पड़ा आर्थिक बोझ है, तो दूसरी तरफ ईरान भी किसी तरह से पीछे हटने को तैयार नहीं है. सहयोगी देशों ने भी उनका साथ देने से साफ इनकार कर दिया है, इनमें फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, स्पेन जैसे नाटो सदस्य देश शामिल हैं. इसके अलावा लगातार अमेरिका का मिसाइल भंडार भी कम हो रहा है. अमेरिका इस युद्ध में रोजाना 1 अरब डॉलर खर्च कर रहा है. पांचवे हफ्ते में ही इस युद्ध में अमेरिका के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.
भले ही ट्रंप ने 2 अप्रैल को दी अपनी स्पीच में जंग खत्म न होने की बात साफगोई से कही हो, और कहा हो कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी है, लेकिन अमेरिका युद्ध में हर मोर्चे पर कमजोर पड़ता हुआ दिख रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा है कि हम अपने टारगेट को पूरा करने के लिए अभियान जारी रखेंगे. अमेरिका अपने सभी लक्ष्य को जल्द पूरा करने की राह पर है. इसके अलावा उन्होंने आने वाले हफ्तों ईरान पर कड़ा प्रहार करने की धमकी दी है. साथ ही कहा है कि वह ईरान को वापस पाषाण युग (Stone Age) में ले जाएंगे. जहां वे वास्तव में थे.
ईरान की 'ढाई चाल' जिसमें अमेरिका पूरी तरह घिर गया?
ईरान पर अमेरिकी और इजरायल की तरफ से 28 फरवरी को की गई संयुक्त कार्रवाई में भले ही देश ने सुप्रीम लीडर को खो दिया था, लेकिन उसके बाद खामेनेई के लड़ाकों ने हर कदम फूंक-फूंककर रखा. सबसे पहले ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाले जहाजों पर रोक लगाते हुए, रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया था. इससे वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति पर असर पड़ा, और पूरी दुनिया की लगभग सभी देशों की अर्थव्यवस्था डगमगा गई. दुनिया में तेल आपूर्ति का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रमुख रास्ता है.
इस स्थिति में ईरान ने मित्र देशों जिनमें भारत, रूस, चीन शामिल हैं, उनके लिए इस रास्ते को बंद नहीं किया. वहीं दुश्मन देशों के लिए इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया. इस रास्ते से लगभग 20% तेल दुनिया के देशों में भेजा जाता है. ईरान ने इस रास्ते से निकलने वाले जहाजों से टोल वसूलने की भी घोषणा की है.
अमेरिकी कार्रवाई से खाड़ी देशों में हड़कंप, बढ़ा सुरक्षा का खतरा
युद्ध के बाद से खाड़ी देशों में संघर्ष बढ़ गया. इन देशों में यूएई, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत जैसे देश शामिल हैं. ईरान से सीधे हमले का इन देशों को खतरा है. यूएई और बहरीन की इंडस्ट्रियल साइट दांव पर है. इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से इन देशों पर वैश्विक तेल आपूर्ति का असर सीधे तौर पर पड़ा है. खाड़ी देशों की सबसे प्रमुख चिंताएं एल्युमिनियम संयंत्र और बहरीन हमले में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है.
इसके अलावा ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है. इन देशों का भरोसा भी अमेरिका पर कम हुआ है. यह सभी देश अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. इसके अलावा यूएई में मौजूद प्रवासी कामगारों का भी खतरा बढ़ गया है. यूएई पर इस युद्ध का काफी असर पड़ा है. खाड़ी के देश खुलकर इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते हैं. वह युद्ध में ईरान की आक्रमक कार्रवाई को लेकर इंटरनेशनल कम्युनिटी से गुहार भी लगा रहे हैं.
अमेरिका एयरबेस को बनाया निशाना, सैन्य क्षमता को बनाया नुकसान
इसके अलावा ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका को इस युद्ध में अपना दुश्मन मानकर उसके अन्य देशों में मौजूद एयरबेस को निशाना बनाया है. इनमें ईरान ने यूएई में प्रिंस सुल्तान एयरबेस समेत कई अन्य अमेरिकी ठिकानों को निशाने पर लिया है. इनपर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इनमें अमेरिका का महत्वपूर्ण E-3 AWACS विमान नष्ट किया है. लगभग 12 अमेरिकी सैनिक इन हमलों में घायल हुए हैं. इसके अलावा यूएई में अलधाफरा एयरबेस और कतर में अल उदीद एयरबेस को भी ईरान ने निशाना बनाया है. इनपर भी करीबन 10 से 12 सैनिक घायल हुए हैं.
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए. नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं. लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. 41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.
Middle East Conflict: ईरान ने अमेरिका को पूरी तरह से जंग की बिसात पर घेर दिया है. ईरान ने अमेरिका इस युद्ध में काफी नुकसान तो पहुंचाया, साथ ही ट्रंप के मंसूबों को अभी तक कामयाब नहीं होने दिया West Asia Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति अपने ही बुने जाल में फंसते हुए ईरान युद्ध में नजर आ रहे हैं. वह ईरान की तरफ से बिछाई बिसात की 'ढाई चाल' में फंस गए हैं. इनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना, खाड़ी देशों में अमेरिकी कार्रवाई से हड़कंप और एक जो महत्वपूर्ण हैं, कि ईरान ने सीधे तौर पर इस युद्ध में अमेरिका को निशाने पर लेते हुए, उसके अन्य देशों में मौजूद एयरबेस को निशाना बनाया है. इसके अलावा एक तरफ अमेरिका पर युद्ध के दौरान पड़ा आर्थिक बोझ है, तो दूसरी तरफ ईरान भी किसी तरह से पीछे हटने को तैयार नहीं है. सहयोगी देशों ने भी उनका साथ देने से साफ इनकार कर दिया है, इनमें फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, स्पेन जैसे नाटो सदस्य देश शामिल हैं. इसके अलावा लगातार अमेरिका का मिसाइल भंडार भी कम हो रहा है. अमेरिका इस युद्ध में रोजाना 1 अरब डॉलर खर्च कर रहा है. पांचवे हफ्ते में ही इस युद्ध में अमेरिका के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. भले ही ट्रंप ने 2 अप्रैल को दी अपनी स्पीच में जंग खत्म न होने की बात साफगोई से कही हो, और कहा हो कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी है, लेकिन अमेरिका युद्ध में हर मोर्चे पर कमजोर पड़ता हुआ दिख रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा है कि हम अपने टारगेट को पूरा करने के लिए अभियान जारी रखेंगे. अमेरिका अपने सभी लक्ष्य को जल्द पूरा करने की राह पर है. इसके अलावा उन्होंने आने वाले हफ्तों ईरान पर कड़ा प्रहार करने की धमकी दी है. साथ ही कहा है कि वह ईरान को वापस पाषाण युग (Stone Age) में ले जाएंगे. जहां वे वास्तव में थे. ईरान की 'ढाई चाल' जिसमें अमेरिका पूरी तरह घिर गया? ईरान पर अमेरिकी और इजरायल की तरफ से 28 फरवरी को की गई संयुक्त कार्रवाई में भले ही देश ने सुप्रीम लीडर को खो दिया था, लेकिन उसके बाद खामेनेई के लड़ाकों ने हर कदम फूंक-फूंककर रखा. सबसे पहले ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाले जहाजों पर रोक लगाते हुए, रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया था. इससे वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति पर असर पड़ा, और पूरी दुनिया की लगभग सभी देशों की अर्थव्यवस्था डगमगा गई. दुनिया में तेल आपूर्ति का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रमुख रास्ता है. इस स्थिति में ईरान ने मित्र देशों जिनमें भारत, रूस, चीन शामिल हैं, उनके लिए इस रास्ते को बंद नहीं किया. वहीं दुश्मन देशों के लिए इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया. इस रास्ते से लगभग 20% तेल दुनिया के देशों में भेजा जाता है. ईरान ने इस रास्ते से निकलने वाले जहाजों से टोल वसूलने की भी घोषणा की है. अमेरिकी कार्रवाई से खाड़ी देशों में हड़कंप, बढ़ा सुरक्षा का खतरा युद्ध के बाद से खाड़ी देशों में संघर्ष बढ़ गया. इन देशों में यूएई, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत जैसे देश शामिल हैं. ईरान से सीधे हमले का इन देशों को खतरा है. यूएई और बहरीन की इंडस्ट्रियल साइट दांव पर है. इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से इन देशों पर वैश्विक तेल आपूर्ति का असर सीधे तौर पर पड़ा है. खाड़ी देशों की सबसे प्रमुख चिंताएं एल्युमिनियम संयंत्र और बहरीन हमले में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है. इन देशों का भरोसा भी अमेरिका पर कम हुआ है. यह सभी देश अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. इसके अलावा यूएई में मौजूद प्रवासी कामगारों का भी खतरा बढ़ गया है. यूएई पर इस युद्ध का काफी असर पड़ा है. खाड़ी के देश खुलकर इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते हैं. वह युद्ध में ईरान की आक्रमक कार्रवाई को लेकर इंटरनेशनल कम्युनिटी से गुहार भी लगा रहे हैं. अमेरिका एयरबेस को बनाया निशाना, सैन्य क्षमता को बनाया नुकसान इसके अलावा ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका को इस युद्ध में अपना दुश्मन मानकर उसके अन्य देशों में मौजूद एयरबेस को निशाना बनाया है. इनमें ईरान ने यूएई में प्रिंस सुल्तान एयरबेस समेत कई अन्य अमेरिकी ठिकानों को निशाने पर लिया है. इनपर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इनमें अमेरिका का महत्वपूर्ण E-3 AWACS विमान नष्ट किया है. लगभग 12 अमेरिकी सैनिक इन हमलों में घायल हुए हैं. इसके अलावा यूएई में अलधाफरा एयरबेस और कतर में अल उदीद एयरबेस को भी ईरान ने निशाना बनाया है. इनपर भी करीबन 10 से 12 सैनिक घायल हुए हैं.
US Iran conflict: मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान ज्यादा लंबा नहीं चलेगा. US Iran conflict: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिका ने पहली बार साफ संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान ज्यादा लंबा नहीं चलेगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यह ऑपरेशन “महीनों नहीं, बल्कि हफ्तों” में खत्म हो सकता है और इसके लिए जमीनी सेना उतारने की जरूरत नहीं पड़ेगी. फ्रांस में जी7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद रुबियो ने कहा कि अमेरिका अपने तय लक्ष्यों को समय से पहले या उसके आसपास हासिल कर सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कुछ अमेरिकी सैनिकों को इलाके में तैनात किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर विकल्प खुले रहें. मरीन और एयरबोर्न सैनिकों की तैनाती शुरू अमेरिकी विदेश मंत्री ने भले ही जमीनी युद्ध से इनकार किया हो, लेकिन पेंटागन ने हजारों मरीन और एयरबोर्न सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजना शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, सैनिकों का पहला दल इसी मार्च के अंत तक एक बड़े एम्फीबियस जहाज के जरिए पहुंचने वाला है. इससे यह आशंका बढ़ गई है कि अगर हालात बिगड़े तो जंग जमीनी स्तर तक फैल सकती है. ट्रंप का अल्टीमेटम, 10 दिन की डेडलाइन इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस जंग को जल्द खत्म करने के संकेत दे रहे हैं. उन्होंने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 10 दिन की नई समय सीमा दी है. साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर ऊर्जा ढांचे पर हमला किया जा सकता है. ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव भी भेजा है, जिसमें यूरेनियम संवर्धन रोकने और मिसाइल कार्यक्रम सीमित करने जैसी शर्तें शामिल हैं. ईरान ने बातचीत से किया इनकार हालांकि तेहरान ने अब तक इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि हमलों के बीच बातचीत करना अस्वीकार्य है और ईरान इसका भारी जवाब देगा. इस जंग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान में अब तक 1900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 20 हजार से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. वहीं अमेरिका के 300 से ज्यादा सैनिक घायल हुए हैं और 13 की मौत हो चुकी है.
यूपी के चंदौली में बनौली खुर्द के पास बन रहे आरओबी की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जहां पूरा स्लैब अचानक जमींदोज हो गया. राहत की बात रही कि मजदूर बाल-बाल बच गए. मामले में डीएम ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सेतु निगम पर FIR दर्ज कराई है. Uttar Pradesh News: चंदौली जिले के सदर तहसील अंतर्गत बनौली खुर्द गांव में बुधवार देर रात निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का स्लैब ढलाई के दौरान गिर गया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-गया रेल रूट पर सेतु निगम द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य के समय अचानक शटरिंग डिसबैलेंस होने से पूरा ढांचा ढह गया. घटना के वक्त वहां मौजूद मजदूर खतरे को भांपकर भाग निकले, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. अब जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और एसपी आदित्य लांगहे ने मौके का निरीक्षण कर सेतु निगम के खिलाफ एफआईआर, जेई को सस्पेंड और प्रोजेक्ट मैनेजर पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं. लापरवाही पर डीएम का हंटर, FIR के आदेश हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कार्यदायी संस्था सेतु निगम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही संबंधित जेई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा प्रोजेक्ट मैनेजर और एई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. डीएम ने इस पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर से कराने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके. मजदूरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा ठेकेदार प्रदीप कुमार के अनुसार, रात में ढलाई के दौरान नीचे लगी शटरिंग अचानक बैठ गई. पास के खेतों में पानी भरे होने के कारण जमीन नरम हो गई थी, जिससे शटरिंग का संतुलन बिगड़ गया. जब स्लैब धीरे-धीरे नीचे आने लगा, तो वहां काम कर रहे मजदूरों ने देख लिया और तुरंत वहां से भाग खड़े हुए. इस वजह से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. हालांकि, इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विपक्ष ने सरकार को घेरा, ट्वीट कर साधा निशाना इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस ने इस हादसे की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर ट्वीट कर सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है. विपक्ष ने निर्माणाधीन पुल के गिरने को भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का नमूना बताया है. फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.